Friday, May 11, 2018

छात्र संघ चुनाव पर सरकार जल्द श्वेत पत्र जारी करे - दिग्विजय चौटाला 


चंडीगढ़: हरियाणा में छात्र संघ चुनाव की बहाली का 20 फरवरी, 2018 में  झूठा आश्वासन देकर (प्रति संलग्न) प्रदेश सरकार ने छात्रों के साथ विश्वासघात करती नजर आ रही है। यह बात आज यहां हुई प्रैसवार्ता में इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कही। उन्होंनेे मांग की कि इस मद्दे पर सरकार जल्द ही श्वेत पत्र जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट करे नहीं तो इनसो जुलाई में शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से असहयोग आंदोलन करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन की वजह से अगर छात्रों की शिक्षा में कोई व्यवधान होता है तो पूर्णरूप से उसके लिए सरकार जिम्मेवार होगी।
इनसो राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इनसो ने 20 फरवरी 2018 को सरकार के लिखित आश्वासन पर अपना अनशन स्थगित कर दिया था लेकिन चार सप्ताह में छात्र चुनाव की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेवारी जिस कमेटी को सौंपी गई उसने दो माह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी अपनी रिपोर्ट पेश नहीं की, जो सरकार की चुनाव न करवाने की मंशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की नियत में खोट नहीं होता तो इनसो की शर्तों के अनुसार प्रदेश के आम बजट में इन चुनावों के लिए बजट की घोषणा की जानी चाहिए थी और सभी विश्वविद्यालयों के कैलेंडर में चुनाव की तारीखें घोषित होती। 
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि वादाखिलाफी भाजपा की फितरत बन गया है नहीं तो अब तक तीन सदस्यीय चुनाव निगरानी कमेटी का गठन हो चुका होता। अपने लिखित आश्चासन पर खरा न उतरकर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वो इस शैक्षणिक सत्र में चुनाव नहीं करवाएगी लेकिन इनसो बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और जननायक चौधरी देवीलाल की विचारधारा का संगठन है जो उनके बोलने और चुनाव लड़ऩे के अधिकार के सपने को कभी टूटने नहीं देगा। इनसो नेता ने यह भी कहा कि सरकार शिक्षा के अधिकार की तो बात करती है लेकिन विश्वविद्यालयों में न तो दाखिला सीटों में बढ़ोतरी की गई है और न ही स्टाफ पूरा है। इसलिए इनसो सरकार से मांग करती है कि इस सत्र में 20 प्रतिशत दाखिला सीटों की वृद्धि की जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र उच्च शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला ले पाएं। वहीं स्टाफ की कमी पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नियमित भ्रांतियां करना भूल गई है लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव में अगर इनेलो-बसपा गठबंधन की सरकार बनती है तो इस कमी को दूर किया जाएगा साथ ही अनुबंध के आधार पर नियुक्त लोगों को पक्का किया जाएगा ताकि प्रदेश में शिक्षा का स्तर सुधारा जा सके।

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