Tuesday, May 15, 2018

कच्चे तेल के दाम बढ़ने पर अभय चौटाला ने बीजेपी की निंदा की 


चंडीगढ़ : नेता विपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने को लेकर भाजपा सरकार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा जिस प्रकार सरकार आए दिन दाम बढ़ा रही है उससे तो यह लगता है कि भाजपा को जनता को परेशान करने में विकृत सुख मिलता है। उन्होंने सरकार पर देश की जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि साल 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने तेल के बढ़ते दामों को मुद्दा बनाकर जनता को विश्वास में लिया था लेकिन उसके पश्चात सत्ता हासिल करने पर अब तक दस बार दामों में वृद्धि कर चुकी है। यह जनता के साथ विश्वासघात है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने के लिए झूठ का सहारा लिया नहीं तो जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम होने के बावजूद भी इसका लाभ जनता को नहीं मिला।
नेता विपक्ष ने याद दिलाया कि मई 2014 में कच्चे तेल की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल थी और तब पैट्रोल का दाम 71.41 और डीजल 55.49 रुपए प्रति लीटर था। उस वक्त पट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.48 और डीजल पर 3.56 रुपए प्रति लिटर था। वहीं पेट्रोल पर वेट 20 प्रतिशत और डीजल पर 12.07 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि अब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटे हैं। आज कच्चा तेल 76.64 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से मिल रहा है लेकिन उस पर जो उत्पाद शुल्क है सरकार द्वारा बढ़ाकर पेट्रोल पर 19.48 और डीजल पर 15.33 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। वहीं हरियाणा में पेट्रोल पर वैट 26.25 प्रतिशत और डीजल पर 17.22 प्रतिशत के हिसाब से जनता से वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बात से साफ जाहिर होता है कि केंद्र व प्रदेश की सरकार जनता के राहत नहीं देना चाहती वो केवल चुनावी वादे के तौर पर इस बात को मुद्दा तो बना सकती है लेकिन अपनी कही बात पर अमल नहीं कर सकती। 
अभय सिंह चौटाला ने सरकार को याद दिलाया कि सरकारों का काम जनता को लूटकर सरकारी खजाना भरना नहीं होता बल्कि सरकारी सहायता से जनता को राहत देना होता है। आज तेल दामों में हुई वृद्धि को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीें लगता की सरकार किसी भी तरह से जनता को राहत देने के मूड में है। क्योंकि प्रदेश सरकार चाहती तो केंद्र द्वारा बढ़ाए गए दामों का राज्य उत्पाद शुल्क और वैट घटाकर कम कर सकती थी। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह लोगों को राहत देने के लिए उत्पाद शुल्क और वैट की दरों में कटौती करे।

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