Tuesday, April 3, 2018

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर प्रदेश को चलाने में पूरी तरह से असमर्थ - अभय चौटाला

 
चंडीगढ़, 3 अप्रैल : नेता विपक्ष अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया है कि भारत बंद के दौरान जब शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन हो रहा था तो उसे हरियाणा सरकार द्वारा जानबूझ कर हिंसात्मक मोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि इस भारत बंद का आहवान सभी दलित संस्थाओं द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में भाजपा सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों के विरूद्ध अत्याचारों की रोक के कानून के विरूद्ध प्रभावी ढंग से पैरवी न करने के विरोध में किया गया था। उस कानून द्वारा दलित समाज को अत्याचारों के विरूद्ध सुरक्षा प्रदान की गई थी परंतु अब सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पश्चात दलितों के विरूद्ध अत्याचार एवं हिंसा बढ़ने की आषंका हो गई है।
अभय सिंह चौटाला ने दावा किया है कि हरियाणा में भारत बंद पूर्णतः शांतिपूर्वक था और दलित समाज की संस्थाएं अपने प्रजातांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करते हुए विरोध प्रदर्षन कर रही थी। परंतु हरियाणा सरकार एक बार फिर अपने कर्तव्य पालन में चूक कर गई और प्रदर्शनकारियों में असमाजिक तत्वों को शामिल होने से रोकने में असमर्थ रही। 
नेता विपक्ष ने कहा कि पूरे प्रकरण से भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी ढंग से जानबूझ कर पैरवी नहीं की क्योंकि वह मूलरूप से आरक्षण विरोधी रही है। एक लम्बे समय से सार्वजनिक तौर से भाजपा के अनेक नेता और उनके संरक्षक आरक्षण का विरोध कर रहे है और इसे समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। आरक्षण के विरोध में योजनाबद्ध तरीके से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोई आष्चर्य नहीं की अपनी इस दलित विरोधी मानसिकता के कारण भाजपा सरकार ने सार्वेच्च न्यायालय में दलितों को सुरक्षा देने वाले कानून के पक्ष में ठोस पैरवी नहीं की। 
अभय सिंह चौटाला ने भाजपा की दलित विरोधी नीति को ओर स्पष्ट करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में कमजोर पैरवी के बाद भाजपा सरकार प्रतिकूल निर्णय आने के बाद न्यायालय में पुनर्विचार याचिका में भी जानबूझ कर देरी की ताकि सर्वोच्च न्यायालय को यह संदेष दिया जा सके कि पुनर्विचार याचिका की सुनवाई में तत्परता की कोई आवश्यकता नहीं है। इस याचिका को दायर करने में सरकार द्वारा जानबूझ कर साजिष के तहत देरी की गई।
नेता विपक्ष ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार कानून व्यवस्था को बनाए रखने में निरंतर असफल होती रही है। जब भी इसे किसी भी कारणवष जनाक्रोष का सामना करना पड़ता है तब यह हमेषा जनता के आक्रोष व भावनाओं की गहराई को समझने में असमर्थ रही है और फिर जब असमाजिक तत्व उसका लाभ उठाते हैं तो सरकार नई स्थिति से निपटने में बिल्कुल असहाय हो जाती है। यही कारण है कि अपने शासनकाल में खट्टर सरकार की असफलताओं के कारण राज्य को बार-बार हिंसा का सामना करना पड़ा है। इस सच्चाई को देखते हुए अभय सिंह चौटाला ने मांग की कि चूंकि यह सिद्ध हो चुका है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर प्रशासन को चलाने में पूरी तरह से असमर्थ हैं, इसलिए उन्हें स्वेच्छा से अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए।     

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