Tuesday, April 3, 2018

अनुभवहिन भाजपा की वजह से आंदोलन को मजबूर जन प्रतिनिधि - दौलतपुरिया


फतेहाबाद : इनेलो विधायक बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि इसे प्रदेश की भाजपा सरकार कीअनुभवहीनता ही कहा जाएगा कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जनता द्वारा चुने हुए सरपंच जैसे जन-प्रतिनिधि भी धरना आदि के जरीये आंदोलन करने को मजबूर हो गए है। साथ ही यह भी बेहद शर्मनाक व अफसोस की बात है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सरपंचों को बातचीत के नाम पर चंडीगढ़ बुलाकर उनसे गलत व्यवहार किया। उन्होंने धरनारत सरपंचों-ग्राम सचिवों को इनेलो व व्यक्तिगत तौर पर अपना समर्थन देते हुए आश्वस्त किया कि वे उनके साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होने देंगे और उनके संघर्ष की लड़ाई में यदि उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए लाठी-गोली खाने तक की भी नौबत आई तो वे सबसे आगे रहेंगे। इससे पूर्व हिसार रोड़ पर स्थित बीडीपीओ कार्यालय प्रांगण में जारी धरने को समर्थन देने पहुंचे इनेलो विधायक बलवान सिंह का धरनारत सरपंचों, ग्राम सचिवों ने आभार जताते हुए उन्हें भी अपनी मांगों से अवगत करवाते हुए उनसे उनकी मांग विधानसभा में उठाने की बात कही।
बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि यह भाजपा सरकार की तानाशाही व विकास विरोधी मानसिकता का परिचायक है कि वो सरपंचों व ग्राम सचिवों को ई-प्रणाली के नाम पर बेवजह परेशान कर रही है। जब चुने गए जनप्रतिनिधि ही धरने पर बैठने को मजबूर हो जाएं तो खट्टर सरकार के लिए इससे ज्यादा शर्म की बात क्या होगी। मुख्यमंत्री का जनप्रतिनिधियों से ऐसा रूखा व गलत व्यवहार निंदनिय है, इसके लिए सीएम को अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त करते हुए धरने पर बैठे सरपंचों और ग्राम सचिवों की मांगों को तुरंत मानना चाहिए। दौलतपुरिया ने कहा कि ई-प्रणाली में खामियों की भरमार है, जिसकी वजह सेे न केवल जनप्रतिनिधियों को दिक्कत होगी बल्कि गांव का विकास भी प्रभावित होगा। वैसे ही ये सरकार विकास व जनहितेषी कार्यों को तवज्जों नहीं देती, अब वो सरपंचों व ग्राम सचिवों को भी उलझा कर गांवों के विकास को रोकना चाहती है। सरपंच और ग्राम सचिव एक दूसरे के पूरक हैं और उनके बिना गांव का विकास मुश्किल है। पंचायतें प्रजातंत्र की नींव होती हैं और कोई भी फैसला हो वह पंचायतें ही लागू करती हैं। उन्होंने कहा सरपंच व ग्राम सचिव सीएम के बुलावे पर गए थे लेकिन, ग्राम सचिवों पर सरकार ने जो कार्रवाई की उससे वो अपने आप को अपमानित महसूस कर रहे हैं। इनेलो विधायक ने कहा कि निलंबित किए ग्राम सचिवों को तुरंत बहाल किया जाए व हरियाणा पंचायती राज एक्ट को पूर्ण रूप से लागू किया जाए। यदि ऐसा न हुआ तो इनेलो सुप्रीमो औमप्रकाश चैटाला के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष अभय चैटाला के नेतृत्व में सरपंचों व ग्राम सचिवों को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएगी। इस अवसर पर उनके साथ जिला प्रधान बलविन्द्र कैरों, वरिष्ठ नेता मोलू राम रूहलानियां, हलकाध्यक्ष भरत सिंह परिहार, शहरी प्रधान पवन चुघ, युवा नेता सतेन्द्र श्योराण, विकास मेहता आदि उपस्थित थे।

No comments:

Post a Comment