Thursday, April 5, 2018

इनेलो के प्रत्येक सदस्य को अपनी विरासत और संस्कृति पर गर्व है - अशोक अरोड़ा 



चंडीगढ़, 5 अप्रैल: इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने मुख्यमंत्री एवं उनके एक सहयोगी मंत्री के गरिमाविहीन बयानों की कड़ी निंदा की है जिनमें हरियाणा के एक मुख्य राजनैतिक दल और उसके नेताओं के प्रति अनर्गल बातें कही गई हैं। अशोक अरोड़ा ने कहा कि यह विडंबना है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक तरफ तो संस्कारों की बातें करती है और दूसरी तरफ अपने प्रतिद्वंदियों के प्रति गरिमाविहीन टिप्पणियां करती है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का यह कहना कि इनेलो एक सड़कछाप पार्टी है, उनकी अपनी विकृत सोच का परिणाम है। अशोक अरोड़ा ने याद दिलाया कि यह वही पार्टी है और इसके सदस्य उस विरासत के वास्तविक हकदार हैं जिसके द्वारा  न केवल हरियाणा का गठन किया गया बल्कि उसके हितों की रक्षा हेतु हर प्रकार की कुर्बानियां भी दीं। इनेलो और उसके प्रत्येक सदस्य को अपनी इस विरासत और संस्कृति पर गर्व है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इनेलो वही पार्टी है जिसके कंधे पर चढ़कर भाजपा ने अनेक बार सत्ता के गलियारों में भी अपने कदम रखे हैं। हरियाणा के समस्त इतिहास में पिछले विधानसभा चुनाव में ही पहली बार भाजपा अपने बलबूते पर सत्ता में आई है परंतु इस अल्पकाल में ही वह सत्ता के मद में इतना चूर हो गई है कि उसके मुख्यमंत्री ने गरिमा त्यागने के साथ-साथ अनर्गल प्रलाप भी करना शुरू कर दिया है। उनकी टिप्पणी उनके अहंकार की गवाही ही देती है।
अशोक अरोड़ा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का बयान भाजपा की मानसिकता को दिखलाने वाला इकलौता उदाहरण नहीं है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा भी जिस प्रकार की बेबुनियाद और अपमानजनक टिप्पणी इनेलो के युवा सांसद के प्रति की है, वह न केवल निंदनीय है बल्कि उससे यह भी स्पष्ट हो रहा है कि जैसे-जैसे वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है वैसे-वैसे भाजपा को भी दीवारों पर लिखी भविष्यवाणी भी स्पष्ट दिखाई दे रही है। अपनी होने वाली हार की आशंका से ही बौखलाए भाजपा के वरिष्ठ नेता इस प्रकार की अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष ने यह भी कहा कि वह अनिल विज के मुख्यमंत्री न बनने के दुख को समझते हैं और अब यह देखते हुए कि विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है और उनके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को अपनी गद्दी से हिलाना असंभव लगने लगा है इसलिए हताशा की भावना से जूझते हुए वह अपना मानसिक संतुलन भी खोते दिखाई दे रहे हैं। इस असंतुलित मानसिक अवस्था से पीडि़त राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अपनी मानसिक अवस्था को दूसरों में भी देखने लगे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अनुशासन और संस्कारों की दुहाई देने वाली भाजपा अपने इन वरिष्ठ नेताओं के मानसिक स्वास्थ्य लाभ के लिए भी किसी शिविर का आयोजन करेगी।

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