Wednesday, October 4, 2017

यमुनानगर में कार्यकारिणी बैठक में इनेलो ने की सरकार की निंदा 


चंडीगढ़, 4 अक्टूबर: यमुनानगर में इंडियन नेशनल लोकदल की कार्यकारिणी की बैठक में सरकार की जनविरोधी नीतियों, दादूपुर-नलवी नहर परियोजना को समाप्त करने के निर्णय के साथ किसानों का शोषण करने वाली प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था बारे चर्चा करते हुए निंदा की है। इनेलो ने दादूपुर-नलवी नहर परियोजना को खर्चे और लाभ के अनुपात के आधार पर रद्द करने के निर्णय को नकारते हुए कहा कि जनहित और विशेषकर किसानों के हितों को देखते हुए केवल खर्चे और लाभ को मापदण्ड नहीं बनाया जा सकता। प्रस्ताव में याद दिलाया गया कि हरियाणा का दक्षिणी भाग पहले ही पानी के मामले में डार्कजोन घोषित किया जा चुका है और समूचा उत्तरी हरियाणा विशेषकर अम्बाला, कुरुक्षेत्र तथा यमुनानगर जिलों को क्रिटिकल जोन की श्रेणी में रखा गया है। यदि इस स्थिति से निकट भविष्य में नहीं निपटा गया तो इस क्षेत्र में न केवल सिंचाई एक बड़ी चुनौती बनेगी बल्कि लोगों को पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं होगा। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए इनेलो ने अपने प्रस्ताव में सरकार से इस योजना को रद्द कर और अधिग्रहित भूमि को डी-नोटिफाई कर उन किसानों से पुन: ब्याज समेत मुआवजे की रकम को वापस लेने के निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि इस परियोजना को पूरा करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। 


एक दूसरे प्रस्ताव में इनेलो ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को किसान एवं कामगार विरोधी बताते हुए उसकी निंदा की है और मांग की है कि उसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। इस फसल बीमा योजना में अनेक त्रुटियां हैं जिनके कारण किसानों को हानि होती है। इस योजना के तहत खरीफ की केवल कपास, धान और मक्का और रबी की गेहूं, जौ, सरसों और चना को ही शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त योजना के तहत किसान की भूमि एकड़ या हेक्टेयर को इकाई मानने के बजाय समूचे गांव को इकाई बनाया गया है। इस कारण बीमा योजना करवाने के बाद भी किसान को तभी अपनी फसल की भरपाई प्राप्त होती है यदि समूचे गांव की फसल को हानि पहुंची हो। 
प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि इसके अतिरिक्त इस योजना के तहत सरकार द्वारा केवल बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है जो कि इस तथ्य से स्पष्ट हो जाता है कि किसानों के खातों में से सरकार द्वारा बीमा कंपनियों को हरियाणा तथा केंद्रीय सरकार के हिस्से सहित कुल मिलाकर लगभग 108 करोड़ रुपए जमा करवाए गए। जबकि बीमा कंपनियों द्वारा किसानों को लगभग 51 करोड़ रुपए का मुआवजा ही दिया गया। विडंबना यह है कि वर्ष 2016-17 में प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि का लगभग 72 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। इस तथ्य से स्पष्ट हो जाता है कि फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों के खाते से बीमा के लिए रकम काटने का कोई औचित्य नहीं है और इससे मात्र बीमा कंपनियों को ही लाभ पहुंचाया जा रहा है। 
प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि वर्ष 2016 की खरीफ फसल में समूचे देश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर 17,184.79 करोड़ रुपए बीमा के लिए प्रीमियम वसूला गया जबकि मुआवजा लगभग 6808 करोड़ रुपए ही दिया गया। इस प्रकार इस योजना से बीमा कंपनियों को लगभग 10376 करोड़ रुपए का लाभ सरकार द्वारा पहुंचाया गया। प्रस्ताव में मंडियों में फसल की खरीद में हुए घोटालों की भी घोर निंदा की गई और मांग की गई कि गत वर्ष धान और बाजरा की खरीद में लगभग दस हजार करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई थी जिसकी जांच की मांग इनेलो ने पहले भी की थी और उसे वह फिर दोहराती है।
इनेलो की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के एक अन्य प्रस्ताव में अपराधों पर भाजपा सरकार द्वारा अंकुश न लगा पाने की भी निंदा की गई। प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा सरकार के तीन वर्ष के शासनकाल में हर चार घंटे में महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना घटती है और दो घंटे में बलात्कार का सफल प्रयास होता है। इसके अतिरिक्त एक दिन में तीन हत्याएं और प्रत्येक 10 घंटे में एक अपहरण की घटना घटती है। 
पिछले तीन वर्षों में कानून और व्यवस्था इतनी लचर हो चुकी है कि केवल पिछले दो वर्षों में ही राज्य से अभी तक 3500 बच्चे गायब हो गए हैं जिन्हें पुलिस ढूंढने में असफल रही है। जाहिर है इससे समूचे प्रदेश में असुरक्षा का वातावरण छाया हुआ है। इनेलो ने अपने प्रस्ताव में अगस्त महीने से लेकर सितम्बर के अंत तक घटी कुछ प्रमुख अपराध की घटनाओं का भी विवरण दिया जिनमें प्रमुख हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे द्वारा एक आईएएस अधिकारी की बेटी के साथ छेड़छाड़ के मामले सहित गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में एक मासूम बालक की हत्या का भी जिक्र किया गया। प्रस्ताव में यह भी मांग की गई कि सरकार महिलाओं, स्कूली छात्र एवं छात्राओं व आम आदमी के जानमाल की सुरक्षा तुरंत सुनिश्चित करे।

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