Monday, September 4, 2017

प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर कायम करने में सरकार नाकाम- अभय सिंह चौटाला

25 सितम्बर की रैली का कार्यकर्ताओं को दिया न्यौता


फतेहाबाद: नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर कायम करने के मामले में प्रदेश सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है। प्रदेश में एक नहीं बल्कि तीन बार बड़ी हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सरकार केवल मात्र इन हिंसक वारदातों को देखने के अलावा कुछ भी नहीं कर पाई है। ऐसे में सीएम मनोहर लाल खट्टर को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। वह सोमवार को जाट धर्मशाला में इनेलो कार्यकर्ताओं की एक मीटिंग को संबोधित कर रहे थे।


उन्होंने कहा कि ताजा मामले में डेरामुखी प्रकरण को लेकर जो हिंसा हुई, उसमें सरकार की सबसे बड़ी चूक रही है। 25 अगस्त को प्रदेश में जो ताण्डव हुआ उसके लिए पूरी तरह से सरकार ही जिम्मेदार रही है। उन्होंने कहा कि जब कोर्ट ने यह कह दिया था कि पंचकूला में एकत्रित हो रहे डेरा समर्थकों को धारा 144 लागू करके उनको समझाकर अथवा अन्य तरीके से उनके घर भेजा जाए तो सरकार ने इस दिशा में कोई कदम क्यों नहीं उठाया ? पंचकूला में सरकार ने लॉ एंड ऑर्डर व संविधान की जमकर धज्जियां उड़ाई और नतीजा यह रहा कि दर्जनों लोग अपनी जान गवां बैठे और करोड़ों रूपए की सम्पत्ति की हानि हुई। उन्होंने कहा कि इससे भी शर्मनाक बात यह रही कि इस मामले में सीएम ने भी झूठ बोलकर अपने पद की गरिमा का हनन किया। सीएम ने इस प्रकरण पर यह कहा कि उनको कोर्ट से आदेश था कि डेरामुखी को अदालत में पेश किया जाए, जबकि कोर्ट ने तो लॉ एंड ऑर्डर का हवाला दिया था। वहीं इस सरकार के मंत्री तो डेरा समर्थकों को पंचकूला में पहुंचने पर कह रहे थे कि डेरा समर्थकों पर धारा 144 लागू नहीं होती, यह हमारे मेहमान हैं और हम उनके खाने-पीने व सोने का प्रबंध कर रहे हैं। एक ओर पंचकूला में भय का माहौल था और सरकार के मंत्री शर्मनाक बयान देते फिर रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे पहले जाट आंदोलन के दौरान भी सरकार ने प्रदेश को जलने के लिए छोड़ दिया।


 आज अगर 10-12 लोग प्रदेश में कहीं भी एकत्रित हो जाते हैं और कोई अराजकता की अफवाह फैला देता है तो लोग तुऱंत अपने शटर गिरानेे शुरू कर देते हैं तथा बाजार व सड़कें सुनसान हो जाती हैं। इसका कारण यह है कि जनता को सरकार पर कोई विश्वास नहीं कि वह उनके जान व माल की रक्षा कर सकेगी। इस सरकार ने जानबूझकर प्रदेश का भाईचारा समाप्त करने की कोशिश की और प्रदेश में 35 और 36 जाति के नारे लगने लगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश को जातियों में बांटना चाहती थी, लेकिन इनेलो ने सदभावना दिवस मनाकर पूरे एक साल तक सभी प्रदेशवासियों को एकजुट करने का प्रयास किया और इसमें सफलता भी हासिल की। उन्होंने कहा कि आज भाजपा व कांग्रेस में कोई भी नेता अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है और दोनों पार्टियों में भगदड़ का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 25 सितम्बर को जननायक ताऊ देवीलाल की जयन्ती पर भिवानी में सम्मान दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस रैली की तैयारियों में अभी से जुट जाएं और लाखों की संख्या में रैली में भाग लेकर पुरानी रैलियों के रिकार्ड तोड़ दें तथा सरकार को दिखा दें कि हरियाणा में इनेलो ही सबसे मजबूत पार्टी है। इस अवसर पर सांसद चरणजीत रोड़ी, जिला प्रभारी स.निशान सिंह, विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, रविन्द्र बलियाला, रणसिंह बेनीवाल, जिला प्रधान बलविन्द्र कैरों, युद्धवीर सिंह आर्य, कुलजीत कुलडिय़ा, मोलूराम रूल्हानिया, जगदीश झाझड़ा, भरत सिंह परिहार, बीकर सिंह हड़ोली, हरि सिंह डांगरा, सुरेन्द्र लेगा, विद्या रत्ति, सरोज सांगा, सुमनलता सिवाच, बलदेव कसवां, होशियार सिंह, पूर्ण नारंग, धर्मपाल कंबोज, पवन चुघ, राकेश सिहाग, सतपाल सिद्धू, अजय संधू, जतिन खिलेरी, राणा जोहल, विकास मैहता, मनोज धारसूल, विनीत विश्नोई, कंवलजीत सिंह बिट्टा, अनिल भाटिया, यशपाल यश तनेजा, कुलदीप सैनी, सन्नी खुराना, अनिल नहला, रमेश  लाली, हरबंस खन्ना, पप्पू ओड, मा.गुलाब सुण्डा, गुरविन्द्र दरियापुर्र, अशोक बाघला, बजरंग तरड़, भागीराम सोनी, कुलीवंत सवणा, सुभाष गुज्जर, सुक्खा सिंह सरपंच, रामचंद्र पालसर, सतबीर दहमन सहित अनेक इनेलो नेता उपस्थित थे। 

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