Wednesday, September 13, 2017

खट्टर सरकार से प्रदेश का हर वर्ग परेशान:अभय सिंह चौटाला

सरकारी संरक्षण प्राप्त लोग ऐलनाबाद में कर रहे है नशे का कारोबार


सिरसा, 13 सितम्बर: तीन साल पहले बनी हरियाणा की खट्टर सरकार से आज प्रदेश का हर वर्ग दुखी और परेशान है, यही कारण है कि रोजाना कोई ना कोई वर्ग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए उतरता हुआ दिखाई देता है। प्रदेश के किसान की स्थिति आज दयनीय है और किसान की तबाह फसल का हाल जानने के लिए ना तो कोई अधिकारी उनके पास आ रहा है और ना ही वो बीमा अधिकारी जिन्होंने किसान की फसल का बीमा किया था। ये बात नेता प्रतिपक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला ने ऐलनाबाद हल्का के गांव में आत्माराम गोदारा के निवास स्थान पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नही है,जिसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रदेश की बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि आज हालात ये है कि सरकार से संरक्षण प्राप्त लोग ना केवल ऐलनाबाद हल्का में अवैध शराब का कारोबार कर रहे है बल्कि इस क्षेत्र में स्मैक और चीटा जैसे नशीले पदार्थों की लत भी युवाओं को लगाकर नशे का कारोबार कर रहे है ताकि उनका जीवन नशे में डूबकर रह जाएं। अभय चौटाला ने कहा कि मैं इस पूरे मामले को लेकर सिरसा के पुलिस अधीक्षक से मिलूंगा और उन्हें सारी जानकारी तथ्यों के साथ देकर, ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग करूंगा। अभय चौटाला ने कहा पूरे प्रदेश के साथ-साथ ऐलनाबाद क्षेत्र के गांवों की हालत ये है कि यहां तो बिजली है और ना पानी। फसलें तबाह हो रही है और युवा बेरोजगार बैठे हुए है। उन्होने कहा कि किसान की हालत का यही से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसान ने जब नरमा की बिजाई करनी शुरू की थी तो नरमा का भाव 6500 रूपये था और जब बाजार में बेचने के लिए जा रहा है तो उसे 4000-4500 रूपये भाव मिल रहा है। उन्होने कहा कि किसान को उसकी लागत ही पूरी नही हो पा रही है और जिन बीमा कंपनियों ने बीमा के नाम पर किसानों से 500-500 रूपये लिए थे वो भी उनकी खराब फसलों का हाल जानने के लिए आ रहे है। उन्होने कहा कि सरकार को चाहिए कि किसान की फसल का न्यूनतम मूल्य तय करें ताकि किसान को उसकी फसल का पूरा भाव मिल सके। उन्होने ई-ट्रेडिंग पर बोलते हुए कहा कि यह सरकार किसान और व्यापारियों की दुश्मन न.1 है। इस प्रक्रिया के कारण किसानों की फसल का पैसा सीधा उनके खातों में आएगा, जिससे उनका जो भी लोन, बिजली बिल इत्यादि है सब खुद ही बैंक से कट जाया करेगें और किसान की फसल का पैसा इन्ही चीजों में समाप्त हो जाएगा। इस प्रक्रिया के कारण आढ़तियों के व्यापार पर भी खासा असर पड़ेगा।

No comments:

Post a Comment