Wednesday, August 9, 2017

सुभाष बराला को सभी पदों से इस्तीफा देना चाहिए : दिग्विजय चौटाला




चंडीगढ़ : इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा नेता सुभाष बराला को तुरंत प्रभाव से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और विधायक के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि पीडि़ता वर्णिका कुंडू के केस में जांच प्रभावित न हो। क्योंकि पीडि़ता के बयान से जाहिर है कि चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन ने घटनाक्रम की रात तक सही दिशा में कार्रवाई की लेकिन अगली सुबह राजनैतिक दबाव के चलते इस पूरे घटनाक्रम को गुमराह करने का काम बराला ने किया है। जिसके चलते आरोपी विकास बराला को जमानत पर रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि विकास बराला के तुरंत जमानत मिलना उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के नारे लगाते हैं।
इनसो नेता ने कहा कि जब पीडि़ता खुद कह रही है कि आरोपी ने उनकी गाड़ी का पीछा कर खिडक़ी खोलने का प्रयास किया गया और यह प्रयास उनको अगुवा करने की नाकाम कोशिश थी। तो क्यूं नहीं आरोपी पर अपहरण के प्रयास की धारा के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई। इस केस में राजनैतिक हस्तक्षेप का होना शर्मनाक है। हम सब जानते हैं कि पुलिस की लिखी पहली कार्रवाई से ही केस का रुख तय होता है और आरोपी के पिता के प्रभाव के कारण पुलिस ने कार्रवाई में ढील बरती है। 
उन्होंने कहा कि बीते दिनों अमित शाह हरियाणा में नैतिकता और संस्कृति की डींगें हांक रहे थे, अब जब उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के बेटे पर नैतिकता को तार-तार करने के आरोप लगे हैं। उन्होंने बताया कि नैतिकता की कसौटी पर पूरी तरह से असफल होने वाले सुभाष बराला अपने परिवार में अकेले नहीं हैं। अभी कुछ समय पूर्व ही उनके भाई के पोते के विरुद्ध हरियाणा के ही एक थाने में एक नाबालिग लडक़ी को अपहरण करने की शिकायत दर्ज की गई थी। दूसरे शब्दों में तो यह लगता है कि इस परिवार का पूरा तानाबाना और प्रवृत्ति ही बिगड़ी हुई है। भाजपा हाईकमान को उन्हें प्रदेशाध्यक्ष के पद से बर्खास्त कर देना चाहिए, साथ ही विधायक पद से भी हटा देना चाहिए। 
उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इस मामले से दूर रहना चाहिए और किसी भी तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। क्योंकि इस मामले की जांच उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती बल्कि उनके किसी भी बयान का इस मामले की जांच पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी संज्ञान कराया कि आने वाली 20 अगस्त तक प्रदेश में छात्र संघ चुनाव की बहाली की घोषणा कर दें नहीं तो 21 अगस्त को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में इनसो अनिश्चितकालीन तालाबंदी करेगी।

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