Thursday, July 13, 2017

एफएसए के खेल में बिजली की दरें बढ़ाने की फिराक में सरकार - अभय सिंह चौटाला
चंडीगढ़, 13 जुलाई: नेता विपक्ष एवं इनेलो के वरिष्ठ नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार एफएसए (फ्यूल सरचार्ज एडजेेस्टमेंट) के खेल में बिजली की दरें बढ़ाना चाहती है, यदि सरकार ने बिजली की दरें बढ़ाकर प्रदेश की जनता की जेबों पर डाका डालने का काम किया तो इनेलो इस फैसले को बर्दाश्त नहीं करेगी।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सरकार यह कह रही है कि उन्होंने एफएसए घटा दिया है और पहली जुलाई से 37 पैसे प्रति यूनिट ही एफएसए लिया जाएगा। हैरानी होती है जब अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में डीजल, कोयले के दाम घटे हैं और केंद्र सरकार भी दावा करती है कि अब कोयले की क्वालिटी में भारी सुधार हुआ है और बिजली उत्पादन सस्ता हुआ है। खुद केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल यह कहते हैं कि पहले से बिजली बहुत सस्ती हो गई है। अब जब बिजली सस्ती हुई है तो एफएसए किस बात का? यह तो वैसे ही खत्म हो जाना चाहिए।
नेता विपक्ष ने कहा कि हरियाणा तो वैसे भी ज्यादातर बिजली बाहर से प्राइवेट बिजली कंपनियों से खरीदती है तो एफएसए लेने का सवाल ही पैदा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब सरकार बिजली की दरों में वृद्धि कर व एफएसए कम बताकर लोगों की आंखों में धूल झोंकना चाहती है, जिसे इनेलो सहन नहीं करेगी।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली वैसे ही नहीं मिलती, मुश्किल से दो घंटे बिजली रहती है, ऊपर से सरकार कहती है कि बिजली उनके पास सरप्लस है तो फिर यह सरप्लस बिजली गांवों में क्यों नहीं दी जाती? सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के पास 10963 मेगावाट बिजली का प्रबंध है और सरकार दावा करती है कि उनको 8000 से 8500 मेगावाट बिजली की जरूरत है तो ऐसे में 2500 से 3000 मेगावाट बिजली सरप्लस है। यह सरप्लस बिजली तुरंत ग्रामीण क्षेत्र में दी जाए।
नेता विपक्ष ने कहा कि सरकार बगैर बिजली लिए इन कई प्राइवेट बिजली कम्पनियों को कई हजार करोड़ रुपए फिक्स चार्ज के नाम का दे रही है तो इस बिजली का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि आज 37286 किसान ट्यूबवैल के लिए बिजली का कनेक्शन मांग रहे हैं, उनको डार्क जोन का बहाना बनाकर बिजली कनेक्शन देने के लिए मना कर दिया जाता है और उनकी लाखों रुपए सिक्योरिटी सरकार सालों से लिए हुए है। सरकार बिजली उपभोक्ताओं को महंगी बिजली देकर, बिजली कम्पनियों को फायदा पहुंचाना चाहती है।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सरकार को प्राइवेट बिजली कंपनियों की तो फिक्र है लेकिन ग्रामीणों और किसानों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने बिजली की दरें बढ़ाई तो इनेलो इसके खिलाफ सडक़ों पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेगी।

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