Monday, July 17, 2017

नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने पीएम को लिखा पत्र, कहा पंजाब के कुछ राजनैतिक दल एसवाईएल के मुद्दे को उठाकर राजनैतिक वातावरण बिगाड़ने का प्रयास कर रहे है   


चंडीगढ़, 14 जुलाई: विपक्ष के नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर उनका ध्यान पंजाब में कुछ राजनैतिक दलों द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की उल्लंघना करते हुए वहां के राजनैतिक वातावरण को बिगाडऩे का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के तीन न्यायधीशों की बेंच द्वारा सुनी जा रही हरियाणा की उस याचिका की ओर ध्यान दिलाया जिसमें सतलुज-यमुना लिंक नहर को बनवाने बारे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदेश दिए गए थे। अपने आदेश में विद्वान न्यायधीशों ने कहा कि जब वह न्यायालय किसी डिक्री के आदेश देता है तो उसका सम्मान और पालन भी होना चाहिए। किन्तु यह देखते हुए कि दोनों राज्यों के बीच किसी समझौते पर पहुंचने के लिए आपसी बातचीत चल रही है तो न्यायालय ने उन्हें किसी समझौते पर पहुंचने के लिए कुछ समय दिया है। न्यायालय ने यह भी कहा कि यह देखते हुए हुए कि नदी जल विवाद और एसवाईएल का निर्माण न्यायालय के विचाराधीन है, इसलिए ऐसे समय में पंजाब और हरियाणा दोनों को यह निर्देश दिया जाता है कि उनके राज्यों में इस विषय को लेकर कोई आंदोलन न हो। इसके अतिरिक्त न्यायालय ने देश के नागरिकों को उनके उस कर्तव्य का भी ध्यान दिलाया जिसका पालन उन्हें उस स्थिति में करना चाहिए जब कोई विवाद का विषय न्यायालय के विचाराधीन होता है। नेता विपक्ष ने प्रधानमंत्री को यह जानकारी भी दी कि दोनों राज्यों के एडवोकेट जनरलों ने यह विश्वास दिलाया है कि सर्वोच्च न्यायालय के इन निर्देेशों बारे पूरी जानकारी अपनी-अपनी राज्य सरकारों को दे दी जाएगी। 
नेता विपक्ष ने इस संदर्भ में कहा कि उन्हें खेद है कि जैसे ही सर्वोच्च न्यायालय ने इस प्रकार के निर्देश दिए, वैसे ही पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने एक सार्वजनिक बयान देकर कह डाला कि पंजाब हरियाणा को एक भी बंूद पानी नहीं देगा। पंजाब के एक अन्य विपक्षी दल, लोक इंसाफ पार्टी ने भी यह घोषणा कर दी है कि एसवाईएल नहर बनाने की स्थिति में वह जेल भरो आंदोलन प्रारम्भ करेगी।
चौधरी अभय सिंह चौटाला ने यह भी कहा कि इन बातों को देखते हुए यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि पंजाब में सर्वोच्च न्यायालय मान-सम्मान और अधिकारों को चुनौती देने के लिए कमर कसे हुए हैं। इसके विपरीत हरियाणा में सभी राजनैतिक दल इस बात पर सहमत हैं कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई डिक्री का तुरंत पालन होना चाहिए। नेता विपक्ष ने यह चिंता भी प्रधानमंत्री को जताई कि पंजाब में कुछ राजनैतिक दलोंं द्वारा इस क्षेत्र के वातावरण को बिगाडऩे का प्रयास किया जा रहा है। परंतु सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार पंजाब में शांति बनाए रखने का दायित्व पंजाब के मुख्यमंत्री का है। इस निर्देश को ध्यान में रखते हुए चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री पर दबाव बनाएं ताकि कोई ऐसा कदम पंजाब में न उठाया जाए जिसकी विपरीत प्रतिक्रिया हरियाणा में हो।

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