Tuesday, May 16, 2017

दुष्यंत के पिटारे में सवालों की भरमार, सरकार बेहाल

हिसार : तीन वर्ष पूर्व हिसार से सांसद चुन कर लोकसभा पहुंचे दुष्यंत चौटाला के पिटारे से लोकसभा में सर्वाधिक सवाल निकले हैं। अगर अब तक चली लोकसभा के सभी सत्रों की बात करें तो दुष्यंत चौटाला के सवाल न केवल हरियाणा के भाजपा व कांग्रेस के सभी सांसदों पर भारी पड़ रहे हैं बल्कि लोकसभा में विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सहित अन्य सभी मुद्दों पर होने वाली बहसों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है। 15 वीं लोकसभा का पहला सत्र 1 जून 2014 को शुरू हुआ था और लोकसभा में चले अब तक कुल सत्रों में लोकसभा सत्र का अंतिम दिन 12 अप्रैल 2017 था। 
मुद्दों पर अपने तीखे सवालों से सरकार के पसीने छुड़वाने वाले दुष्यंत चौटाला ने 15 वीं लोकसभा में अब तक 508 सवाल पूछे हैं जबकि करनाल से भाजपा सांसद अश्विनी कुमार 288 सवाल पूछ कर दूसरे नंबर पर और अंबाला से भाजपा सांसद रतनलाल कटारिया सवाल पूछने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं। रतनलाल कटारिया ने अब तक कुल 245 तथा लिखित व मौखिक सवाल लोकसभा में पूछे हैं। रोहतक से कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने लोकसभा में मात्र 50 प्रश्न पूछे हैं। अगर विभिन्न मुद्दों को लेकर लोकसभा में हुई बहस का ट्रैक रिकार्ड देखें तो उसमें भी हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला अव्वल हैं। दुष्यंत चौटाला ने लोकसभा में 172 बहसों में भाग लिया हैं जिनमें सतलुज-यमुना लिंक नहर का निर्माण, किसानों की कर्जमाफी, उनकी फसलों के उचित भाव देने और युवाओं के रोजगार देने की खुल कर वकालत की। अंबाला से सांसद रतनलाल कटारिया 102 बहसों में बोले। कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने केवल 38 बार बहस में हिस्सा लिया।
लोकसभा में प्राइवेट मैंबर बिल के आंकड़ों पर गौर करें तो इसमें भी दुष्यंत चौटाला पहले संबर हैं और उन्होंने 16 प्राईवेट मैंबर बिल लोकसभा के पटल पर रखे। इसके अलावा हरियाणा से किसी भी भाजपा सांसद ने एक भी प्राईवेट मेंबर बिल लोकसभा में नहीं पेश किया। कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने केवल दो प्राईवेट मैंबर बिल लोकसभा में पेश किए। 

सांसद निधि कोष से वाई-फाई के लिए धन आवंटित का प्रावधान करवाने के लिए सांसद दुष्यंत चौटाला ने लोकसभा में लंबी लड़ाई लड़ी। दरअसल दुष्यंत चौटाला ने हिसार लोकसभा के गांव जुगलान में फ्री वाई फाई योजना के लिए सांसद निधि कोष से लाखों रूपये आंवटित कर दी थी परन्तु सरकार ने इसका प्रावधान न होने का हवाला देकर वाई फाई योजना को नामंजूर कर दिया था। यह योजना दो वर्षों तक लटकी रही। सांसद दुष्यंत चौटाला ने हार नहीं मानी और इसके लिए अपनी लड़ाई जारी रखी। उन्होंने इस मुद्दे को लोकसभा से लेकर केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाया और आखिर सरकार ने जुगलान की इस योजना को मंजूरी दी। इतना ही नहीं केंद्र सरकार से सांसद निधि कोष से वाई फाई के लिए धन आवंटित करने का प्रावधान भी कर दिया


सांसद का नाम-------लोकसभा में सांसद द्वारा पूछे गए कुल प्रश्न----बहस की संख्या----प्राईवेट मैंबर बिल
दुष्यंत चौटाला--------------508-------------------172------------------16
अश्विनी कुमार ------------288---------------------6--------------------0
चरणजीत सिंह रोड़ी---------73----------------------9--------------------0
दीपेंद्र हुड्डा---------------50----------------------38-------------------2
धर्मवीर----------------146----------------------9--------------------0
इंद्रजीत सिंह राव-------उपलब्ध नहीं--------------उपलब्ध नहीं------------उपलब्ध नहीं
कृष्णपाल गुर्जर--------उपलब्ध नहीं--------------उपलब्ध नहीं------------उपलबध नहीं
राजकुमार सैनी------------34----------------------22--------------------0
रमेश चंद्र कौशिक---------126----------------------16-------------------0
रतनलाल कटारिया---------245---------------------102-------------------0

स्त्रोत पीआरएसइंडिया, ओआरजी तथा लोकसभा से लिए गए हैं।

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