Monday, May 15, 2017

एसवाईएल व बिजली-पानी संकट को लेकर गुहला हलके के इनेलो कार्यकर्ताओं ने दिया धरना


गुहला चीका , 15 मई : इनेलो की ओर से एसवाईएल को लेकर शुरू किए गए हलकास्तरीय धरनों के अंतर्गत सोमवार को कैथल जिले के गुहला हलके के इनेलो कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और एसवाईएल के अधूरे निर्माण को जल्द से जल्द पूरा करने और प्रदेश में व्यापक बिजली-पानी संकट का समाधान किए जाने की मांग को लेकर स्थानीय प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। धरने का नेतृत्व पूर्व विधायक बूटा सिंह, जिलाध्यक्ष कंवरपाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह हल्काध्यक्ष व साहिब सिंह संधू ने किया। धरने में  प्रेम कुमार गुज्जर हल्काध्यक्ष कैथल व सरपंच जसविंदर सिंह सहित पार्टी के अनेक प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। इनेलो नेताओं ने कहा कि एसवाईएल का पानी हरियाणा में आने पर प्रदेश को खुशहाल बनाने का काम करेगा और खेतों के साथ-साथ आम लोगों के पीने की प्यास भी बुझ पाएगी। 
इनेलो नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्र व प्रदेश की सरकार पर हरियाणा विरोधी रवैया अपनाने और प्रदेश के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इनेलो नेताओं ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हरियाणा के पक्ष में आने के बावजूद नहर का निर्माण कार्य पूरा न होना प्रदेश के साथ भारी अन्याय होने के साथ-साथ संविधान व सर्वोच्च न्यायालय की भी अवमानना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा अपने हिस्से का पानी लेने के लिए पिछले 50 सालों से निरंतर संघर्षरत है और स्व. जननायक चौधरी देवीलाल ने ही एसवाईएल का निर्माण कार्य शुरू करवाया था और इस नहर की पंजाब क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण करने बारे सरकारी खजाने से पैसा भी उन्होंने जारी किया था। यह बात स्व. पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल ने भी विधानसभा में स्वीकार की थी कि एसवाईएल का सबसे ज्यादा निर्माण कार्य चौधरी देवीलाल के समय में हुआ। उन्होंने कहा कि इनेलो प्रमुख चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की जोरदार पैरवी के चलते 2002 में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला एसवाईएल को लेकर हरियाणा के पक्ष में आया। इसके बाद कांग्रेस निरंतर इसके निर्माण में अडग़े लगाती रही और ऐसे प्रयास करती रही ताकि प्रदेश को उसके हिस्से का पानी न मिल पाए। 


इनेलो नेताओं ने कहा कि अब एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने की मांग को लेकर इनेलो ने आंदोलन छेड़ रखा है और एसवाईएल का कार्य शुरू होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है और केंद्र सरकार ने अपनी किसी एजेंसी से एसवाईएल का निर्माण पूरा करवाना है। इनेलो नेताओं ने कहा कि आज केंद्र व हरियाणा दोनों जगह भाजपा की सरकार है और अदालत के फैसले को तुरंत लागू करवाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पहले दस साल तक केंद्र व हरियाणा में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन इस नहर के निर्माण को लेकर कांग्रेस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब दोनों जगह भाजपा की सरकारें हैं और भाजपा भी इस नहर के निर्माण को लेकर कोई गम्भीरता नहीं दिखा रही। 
इनेलो नेताओं ने प्रदेश में इस समय भारी बिजली-पानी संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि आज किसान को खेतों के लिए तो दूर पीने के लिए भी पानी नहीं मिल रहा और पानी खरीदकर अपना काम चलाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जोहड़ सूख जाने की वजह से मवेशियों को भी भारी दिक्कत आ रही है। उन्होंने सरकार से तुरंत बिजली-पानी का प्रबंध करने और लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था करने के साथ-साथ मवेशियों के लिए जोहड़ों में भी पानी का समूचित बंदोबस्त करने की मांग की।

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