Friday, May 12, 2017

एसवाईएल व बिजली-पानी संकट को लेकर शाहबाद हलके के इनेलो कार्यकर्ताओं ने दिया धरना


शाहाबाद, 12 मई: एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने और प्रदेश में बिजली-पानी संकट को लेकर इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा के नेतृत्व में कुरुक्षेत्र जिले के शाहबाद विधानसभा क्षेत्र के इनेलो कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को धरना दिया और प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर एसवाईएल का निर्माण तुरंत शुरू करने और प्रदेश में बिजली-पानी के संकट का फौरी समाधान किए जाने की मांग की है। धरने में अशोक अरोड़ा के अलावा कुलदीप मुलतानी जिला प्रधान, बूटा सिंह लुखी प्रदेश महासचिव, रामकरण काला, डॉ. संतोष दहिया, अमनदीप कंबोज, संदीप बाल्मीकि, समीर राणा, रणबीर किरमिच, रणधीर मथाना, धर्म सिंह कड़ामी, पुष्पराज, धर्म सिंह ढांडा, मोहित सैनी, जोगध्यान, सतपाल खरींडवा, रामस्वरूप चोपड़ा सहित पार्टी के अनेक प्रमुख नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे। इनेलो कार्यकर्ताओं ने सरकार पर प्रदेश के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। 
धरने को सम्बोधित करते हुए इनेलो प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि एसवाईएल पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हरियाणा के पक्ष में आने के बावजूद अभी तक नहर का निर्माण कार्य न होना न सिर्फ हरियाणा के हितों पर कुठाराघात है बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की भी अवमानना है। उन्होंने कांग्रेस व भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दस साल प्रदेश व केंद्र में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन इस नहर के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने में कांग्रेस ने कोई दिलचस्पी नहीं ली बल्कि समय-समय पर इसके निर्माण में अड़चनें पैदा करने के प्रयास किए। उन्होंने कहा कि अब पिछले अढाई सालों से हरियाणा व केंद्र में भाजपा की सरकार है और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले अनुसार नहर के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर है। इसके बावजूद भी भाजपा सरकार नहर का निर्माण शुरू करवाने की बजाय मामले में टालमटोल का रवैया अपना रही है। 


इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एसवाईएल पर कांग्रेस व भाजपा दोनों ही दोहरी भाषा बोल रहे हैं और अपने आपको राष्ट्रीय दल कहलाने वाली दोनों पार्टियां आज तक इस मामले पर अपना राष्ट्रीय स्तर पर स्टेंड स्पष्ट नहीं कर पाए हैं। इनेलो नेता ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस व भाजपा के नेता अलग भाषा बोलते हैं और हरियाणा के लोगों को बहकाने के लिए अलग भाषा बोली जाती है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल हरियाणा की जीवनरेखा है और इस नहर के माध्यम से हरियाणा अलग प्रदेश बनने पर उसके हिस्से में आया अपना पानी प्रदेश में लाना चाहता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा किसी से कोई खैरात नहीं मांग रहा बल्कि अपने हिस्से का पानी मांग रहा है और इस बारे में सर्वोच्च न्यायालय भी दो बार हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है। इनेलो नेता ने कहा कि एसवाईएल का पानी हरियाणा में लाने के लिए उनकी पार्टी कोई भी बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटेगी।
अशोक अरोड़ा ने प्रदेश में व्यापक बिजली-पानी संकट के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आज खेतों में सिंचाई के लिए पानी मिलना तो दूर लोगों को पीने के पानी की भी दिक्कत आ रही है और जोहड़ों में पानी न होने से पशुधन पर गहरा संकट छा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार कई-कई घंटे घोषित कट लगा रही है और दिन में अनेक बार अघोषित कट लगने से लोगों का जीना दूभर हो गया है। उन्होंने सरकार से तुरंत शहरी व सभी ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी भेदभाव चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध करवाने और पानी के संकट का समाधान तुरंत किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर एसवाईएल का पानी प्रदेश में आ जाता है तो न सिर्फ किसानों के खेतों को पानी मिल पाएगा बल्कि लोगों के पीने के पानी की समस्या भी स्थायी तौर पर हल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली-पानी संकट से परेशान प्रदेश की जनता आए दिन सडक़ों पर धरने लगाकर रोष प्रदर्शन कर रही है लेकिन सरकार पर इनका कोई असर नहीं हो रहा बल्कि सरकार लोगों को बहकाने के लिए आए दिन कभी गीता जयंती तो कभी स्वर्ण जयंती के नाम पर और कभी अप्रवासी सम्मेलन तो कभी सरस्वती जयंती के नाम पर प्रदेश के लोगों की खूनपसीने की कमाई को पानी की तरह बहा रही है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार पूरी तरह से हर मोर्चे पर फेल हो गई है और समाज का हर वर्ग सरकार से बेहद दुखी और परेशान है। इस धरने को पार्टी के अन्य नेताओं ने भी सम्बोधित किया और भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए।

No comments:

Post a Comment