Thursday, April 6, 2017

इनेलो ने एसवाईएल को लेकर जंतर-मंतर पर शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना


नई दिल्ली : एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाए जाने की मांग को लेकर इनेलो की ओर से जंतर-मंतर पर अनिश्चिकालीन धरना शुरू किया गया। धरने को इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने सम्बोधित किया और एसवाईएल का निर्माण तुरंत शुरू किए जाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, यूपी की तर्ज पर हरियाणा सहित पूरे देश के किसानों के कर्जे माफ किए जाने की मांग की। चौधरी अभय सिंह चौटाला व पार्टी के अन्य नेताओं ने किसानों की मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे तामिलनाडु के किसानों की मांगों का भी समर्थन करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि वे उनके मुद्दे को न सिर्फ संसद में उठाएंगे बल्कि प्रधानमंत्री व तामिलनाडु के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन मांगों को तुरंत स्वीकार किए जाने का भी आग्रह करेंगे। नेता प्रतिपक्ष के अलावा धरने में प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा, पूर्व कृषि मंत्री जसविंदर सिंह संधू व पार्टी के अन्य विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने भी हिस्सा लिया। इनेलो नेता ने सरकार से आग्रह किया कि जब तक स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं हो जाती तब तक किसानों को प्रति एकड़ 25 हजार मुआवजा दिया जाए। 


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इनेलो की ओर से आज जंतर-मंतर पर सांकेतिक धरना शुरू किया गया है और कल से नियमित रूप से इनेलो कार्यकर्ता अलग-अलग हलके वाइज रोजाना धरने में शामिल हुआ करेंगे। उन्होंने कहा कि हररोज धरने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता जिनमें अशोक अरोड़ा, रामपाल माजरा, जसविंदर सिंह संधू, सतबीर सिंह कादियान व गोपीचंद गहलोत शामिल हैं। वे भी धरने में शामिल हुआ करेंगे। इसके अलावा रोजाना पार्टी का एक विधायक भी धरनास्थल पर मौजूद रहेगा और हर हफ्ते पार्टी का एक सांसद भी धरने में शामिल होकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ इस मांग को लागू करने की मांग किया करेगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब तक एसवाईएल का निर्माण शुरू नहीं हो जाता तब तक इनेलो कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर अपना धरना शामिल रखेंगे। उन्होंने तामिलनाडु के किसानों के धरने को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब उत्तरप्रदेश में भाजपा सरकार किसानों के कर्जे माफ कर सकती है तो फिर हरियाणा सहित देश के अन्य राज्यों के किसानों के साथ भेदभाव क्यूं किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि आज कर्ज में डूबा किसान आत्महत्या करने को मजबूर है और जब तक किसानों को स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट अनुसार फसलों के लाभकारी मूल्य नहीं मिल जाते तब तक किसानों की आर्थिक हालत में सुधार नहीं हो सकता और किसान इसी तरह आए दिन आत्महत्या करने के लिए मजबूर होते रहेंगे। इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश के किसानों के साथ पिछले लोकसभा व विधानसभा चुनाव में वायदा किया था कि भाजपा की सरकार बनते ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर किसानों को उनकी फसलों के लागत मूल्य के साथ 50 प्रतिशत मुनाफा दिया जाएगा। अब केंद्र व प्रदेश में सरकार बनने के बाद सरकार इस वायदे को पूरा करने की बजाय आनाकानी कर रही है। उन्होंने सरकार से तुरंत ही वायदा पूरा करने और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पूरा करने की मांग दोहराई। 


एसवाईएल के मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों की लड़ाई लडऩे में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सीएम एसवाईएल के मुद्दे पर अभी तक प्रधानमंत्री से समय नहीं ले पाए हैं और जब उन्होंने इस बात को लेकर सीएम को कमजोर कहा तो उन्हें बहुत तकलीफ हुई। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे व्यक्ति को लम्बे समय तक प्रदेश में राज करने का मौका मिला तो अब तक हरियाणा जो देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता था, वह निश्चित तौर पर देश के पिछड़े राज्यों में शामिल हो जाएगा। इनेलो नेता ने कहा कि सरकार हरियाणा के लोगों की अनदेखी करे तो इसे उनकी पार्टी बर्दास्त नहीं करेगी और प्रदेश के अधिकारों के लिए 100 फीसदी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि हम संवैधानिक तरीके से इस लड़ाई को लड़ रहे हैं और संविधान के दायरे में रहकर लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार को नहर का निर्माण करने के लिए मजबूर करेंगे। उन्होंने कहा कि आज जो राजनेता एसवाईएल को लेकर अखबारी बयानबाजी कर रहे हैं अगर वास्तव में वे प्रदेश का हित चाहते हैं तो उन्हें भी इस लड़ाई में हमारे साथ आकर शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो प्रदेश के हितों की लड़ाई नहीं लड़ सकते मात्र अखबारी बयानबाजी का काम करते हैं, श्रेय उन्हें नहीं बल्कि संघर्ष करने वालों को हमेशा मिला करता है।

1 comment: