Monday, April 10, 2017

भूपेंद्र हुड्डा को बचाने के लिए भूमि घोटाले की जांच सौंपी गई सीबीआई को - अभय चौटाला


भाजपा और कांग्रेस की आपसी मिलीभगत के कारण ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद सिंह हुड्डा के भूमि घोटालों की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। भाजपा सरकार मामले को लंबा खींच कर हुड्डा को बचाने में लगी हुई है। यह आरोप नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने आज कुरुक्षेत्र में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए लगाया। इस अवसर पर इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व मंत्री जसविंद्र सिंह संधू, जिला प्रधान कुलदीप सिंह मुलतानी, माया राम चंद्रभानपुरा, नरेंद्र शर्मा निंदी, नितिन भारद्वाज लाली, मनोज कौशिक, सुभाष मिर्जापुर, सतबीर शर्मा सहित अनेक इनेलो नेता उपस्थित थे। 
अभय चौटाला ने बताया कि कांग्रेस के शासनकाल में इनेलो ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भूमि घोटालों से संबंधित 400 पेज की चार्जशीट तत्कालीन राज्यपाल को सौंपी थी। उसके पश्चात प्रदेश में भाजपा की सरकार आने पर इनेलो के कहने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जांच का काम विजिलेंस विभाग को दिया। विजिलेंस विभाग ने एफआईआर दर्ज की। इस शिकायत में किसी जांच की जरूरत नहीं थी, क्योंकि दस्तावेज ही पुख्ता सबूत थे। सरकार को चाहिए था कि हुड्डा को तुरंत गिरफ्तार करती, लेकिन सरकार ने हुड्डा को गिरफ्तार करने की बजाये जांच का काम सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई ने इस मामले में शत प्रतिशत वही एफआईआर दर्ज की है, जो विजिलेंस ने की थी। उन्होंने कहा कि इस मामले को सीबीआई के पास भेजने की कोई जरूरत नहीं थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सीबीआई की जांच में लगभग दो से तीन वर्ष का समय लग जाता है। भाजपा सरकार ने मामले को लंबी खींच कर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बचाने के लिए मामला सीबीआई को दिया है। उन्होंने कहा कि हुड्डा के खिलाफ एक मामले में ही एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि अन्य घोटालों पर भाजपा सरकार चुप्पी साधे हुए है। इस प्रकार भाजपा और कांग्रेस के बीच मिलीभगत साबित होती है। 
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि इनेलो ने 400 पेज की जो शिकायत राज्यपाल को सौंपी थी, उसमें कुरुक्षेत्र में हुए लगभग 500 करोड़ के भू घोटाले का भी जिक्र था। उन्होंने बताया कि भूपेंद हुड्डा ने कुरुक्षेत्र पिपली रोड पर कार्मिशयल सैक्टर बनाने के लिए लगभग 20 वर्ष पूर्व अधिकृत की गई जमीन को च_ा को लाभ पहुंचाने के लिए रिलीज कर दिया था। इस अधिकृत जमीन के अधिकतर किसानों ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से पैसे भी ले लिए थे। जब च_ा की जमीन को रिलीज किया गया तो अन्य किसानों ने भी अपनी जमीन रिलीज करने की मांग की। जिस पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने यह प्रस्तावित कार्मिशयल सैक्टर रद्द कर दिया, जिस पर बाद में जिला कांग्रेस के तत्कालीन प्रधान ने अवैध कालोनी काटी और उसके पश्चात इस नेता ने भाजपा का झंडा लगाकर इस भूमि पर अवैध रूप से मॉल बनाकर बेच दिया। इस अवसर पर अभय चौटाला तथा अशोक अरोड़ा ने बताया कि कैग की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रस्तावित कार्मिशियल सेक्टर को रद्द करने से सरकार को लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 
15 मई से पोल खोलेंगे भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत की - अभय चौटाला ने बताया कि इनेलो ने 15 मई से 15 जून तक पूरे प्रदेश के प्रत्येक गांव और वार्ड में जाकर भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत की पोल खोलने का फैसला लिया है। इस अवधि के दौरान इनेलो के नेता और कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा की मिलीभगत की पोल खोलकर जनता को सचेत करेंगे। इसी के साथ साथ 14 अपै्रल को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पार्टी जिला स्तर पर मनाएगी।  
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एसवाईएल के पानी को लेकर इनेलो ने जहां जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर रखा है और उससे पहले 15 मार्च को संसद का घेराव किया था। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हरियाणा के हितों के लिए दिल्ली सरकार पर दबाव बनाने हेतु इस आंदोलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, लेकिन दोनों दल कन्नी काट गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांगे्रस और भाजपा एसवाईएल के मुद्दे पर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। जब तक एसवाईएल में पानी नहीं आता, तब तक इनेलो का जंतर मंतर पर धरना जारी रहेगा। 

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