Wednesday, April 19, 2017

पिरथला हलके के कार्यकर्ताओं ने जंतर मंतर पर दिया धरना, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी



इनेलो एसवाईएल के मुद्दे पर आरपार की लड़ाई लड़ेगी और जब तक नहर का निर्माण शुरू नहीं किया जाता तब तक इनेलो अपना आंदोलन जारी रखेगी। यह बात इनेलो नेताओं ने बुधवार को जंतर-मंतर पर इनेलो की ओर से दिए जा रहे अनिश्चितकालीन धरने को सम्बोधित करते हुए कही। इनेलो नेताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और भाजपा सरकार पर हरियाणा के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। आज इनेलो नेता देवेंद्र सिंह चौहान व पूर्व विधायक राजेंद्र बिसला के नेतृत्व में फरीदाबाद जिले के पिरथला हलके के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और सरकार से एसवाईएल के अधूरे निर्माण को जल्द से जल्द पूरा करवाए जाने की मांग की।
धरने में रामजीत भाटी हलका अध्यक्ष, रूपचन्द लांबा, शशिबाला तेवतिया, देवेन्द्र तेवतिया, पवन रावत, अरविन्द भारद्वाज, नछत्तर सिंह मल्हान, कुणाल गहलावत, ठाकुर राजाराम, जगजीत जौर, प्रेम सिंह धनखड़, सन्तोष शर्मा, घासीराम भड़ाना, दुर्गपाल रावत, रविंदर पाराशर, अमर सिंह दलाल, सचिन कौशिक, बोधराज रावत, धर्मबीर कालीरामण, बच्चू सिंह तेवतिया, महाशय इन्दर देव, सावित्री तंवर, अनिल खुटेला, नाहर सिंह धारीवाल, देवी सिंह लांबा, मास्टर अमीचंद, प्रसादी लाल, सोहन लाल तंवर, श्रीपाल, सतप्रकाश, जगमोहन तेवतिया, राजबीर सिंह, मनमोहन अलावलपुर, प्रेम देवी, माया, रेखा, बबिता, ठाकुर प्रताप सिंह, मोनू डागर, सोनू, सुमन मलिक, रचना, शिव देवी, हीरावती, रामदेवी, कांता, ब्रजवती, होरी लाल, महताब सिंह जवान, रत्न सिंह, शिव चरण, कर्मचारी नेता शीलकराम भी मौजूद थे और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नारायण पीडी अग्रवाल ने भी धरनास्थल पर आकर प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया और इनेलो की मांगों का समर्थन किया।
इनेलो नेताओं ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार इस मामले में गम्भीरता दिखाने की बजाय मामले को लटकाने के लिए मात्र टालमटोल का रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि हरियाणा किसी से खैरात नही मांग रहा बल्कि अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आने के बाद उसको मिले अपने हिस्से का पानी मांग रहा है। इनेलो नेताओं ने कहा कि आज हरियाणा के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बावजूद इस नहर के अधूरे निर्माण को पूरा न करना न सिर्फ हरियाणा के साथ घोर अन्याय है बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं का हनन और सर्वोच्च न्यायालय की भी अवमानना है। इनेलो नेताओं ने कहा कि एसवाईएल का निर्माण पूरा होने से जहां हरियाणा को अपने हिस्से का पूरा पानी मिल पाएगा वहीं प्रदेश की प्यासी धरती खुशहाल होगी और लोगों को पीने के पानी के लिए आ रही दिक्कतें भी दूर हो जाएंगी। इनेलो नेताओं ने कहा कि आज अलग राज्य बनने के 50 साल बाद भी हरियाणा को अपने जायज हिस्से का पानी पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। 
इनेलो नेताओं ने कहा कि स्व. जननायक चौधरी देवीलाल के संघर्ष के बलबूते पर ही हरियाणा अलग राज्य के तौर पर अस्तित्व में आया था और उन्होंने ही एसवाईएल का निर्माण कार्य करवाने में अहम भूमिका निभाई। इनेलो नेताओं ने कहा कि चौधरी देवीलाल की नीतियों पर चलते हुए इनेलो प्रमुख चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने हरियाणा के हिस्से का पानी प्रदेश में लाने और एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में जोरदार पैरवी की और उसी का नतीजा था कि एसवाईएल पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हरियाण के पक्ष में आया। उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों तक केंद्र व प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें थी और उन सरकारों ने एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने में कोई दिलचस्पी लेना तो दूर इस पर एक शब्द तक नहीं बोला। इनेलो नेताओं ने कहा कि अब पिछले अढाई सालों से प्रदेश व केंद्र में भाजपा की सरकार है और नहर के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने की जिम्मेदारी भी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले अनुसार केंद्र सरकार पर है। इसलिए इस नहर को केंद्र जल्द पूरा करवाए अन्यथा इनेलो प्रदेश का हक पाने के लिए हर बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार है और संघर्ष निरंतर जारी रखेगी।

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