Tuesday, April 11, 2017

एसवाईएल निर्माण को लेकर इनेलो तिगांव हलके के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर दिया धरना


इनेलो की ओर से एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शुरू किए गए अनिश्चितकालीन धरने में मंगलवार को फरीदाबाद जिले के तिगांव हलके के इनेलो कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और एसवाईएल का निर्माण जल्द करवाए जाने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने में राज्यसभा सांसद रामकुमार कश्यप, देवेंद्र सिंह चौहान व पूर्व विधायक राजेंद्र बिसला सहित अनेक प्रमुख नेताओं व कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इनेलो नेताओं ने केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर एसवाईएल के मुद्दे पर ढुलमुल रवैया अपनाने और प्रदेश के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इनेलो नेताओं ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा एसवाईएल के मुद्दे पर गम्भीर नहीं है और मामले को लटकाने के लिए आए दिन नए-नए बहाने तलाश किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हरियाणा के पक्ष में आने के साथ ही केंद्र सरकार को इस नहर का निर्माण कार्य शुरू करवाना चाहिए क्योंकि अदालत ने केंद्र को नहर का निर्माण पूरा करवाने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि केंद्र अपनी जिम्मेदारी निभाने की बजाय प्रदेश के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा है जो कि हरियाणा की जनता किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी और इनेलो के नेतृत्व में निर्णायक संघर्ष करने के मूढ में है।
इनेलो नेताओं ने कहा कि एसवाईएल न सिर्फ हरियाणा की जीवनरेखा है बल्कि इस नहर के अधूरे निर्माण को पूरा करने से ही प्रदेश की बंजर भूमि उपजाऊ हो सकती है और लोगों को पीने के पानी के संकट से उभारा जा सकता है। इनेलो नेताओं ने कहा कि हरियाणा किसी से खैरात नहीं मांग रहा बल्कि अपने हिस्से का पानी मांग रहा है जो कि अलग राज्य बनने पर हरियाणा को अपने हिस्से में मिला था। इनेलो नेताओं ने कहा कि पिछले 50 सालों से हरियाणा को अपने हक के पानी से वंचित किया जा रहा है और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बावजूद नहर का निर्माण न होना न सिर्फ अदालत की अवमानना है बल्कि संविधान पर भी चोट पहुंचाने का प्रयास है। इनेलो नेताओं ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह ने एसवाईएल के निर्माण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हरियाणा के पक्ष में आने के बाद पंजाब विधानसभा से एक ऐसा गैर संवैधानिक कानून पारित किया जिसके अंतर्गत नदी जल समझौते रद्द करने की बात कही गई थी और यह बिल देश के संघीय ढांचे पर प्रहार था।


इनेलो नेताओं ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा नहर के निर्माण में अड़ंगे लगाने का काम किया और जब भी नहर का निर्माण शुरू होने की उम्मीद बनती तो कांग्रेस किसी न किसी तरह इसमें अवरोधक खड़े करने का काम करती रही है। उन्होंने कहा कि दस साल तक हरियाणा व केंद्र में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन कांग्रेस ने नहर के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इनेलो नेताओं ने कहा कि पिछले अढाई साल से हरियाणा व केंद्र में भाजपा की सरकार है और अब भाजपा भी इस मुददे पर टालमटोल का रवैया अपनाए हुए है। इनेलो नेताओं ने कहा कि इनेलो इस मुद्दे पर अब निर्णायक संघर्ष लडऩे के मूढ में है और जब तक नहर का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक इनेलो अपना संघर्ष जारी रखेगी। जंतर-मंतर पर दिए गए धरने में पार्टी के अन्य नेताओं के अलावा कार्यालय सचिव एनएस मल्हान, अरविन्द भारद्वाज, अमर सिंह नरवत, रवीन्द्र पाराशर, प्रेम सिंह धनखड़, जगजीत कोर, सन्तोष शर्मा, घासीराम भड़ाना, अजय भड़ाना, कुणाल गहलावत, प्रदीप चौधरी, सुबोध सिंह, रियासुदीन, बिजेंद्र त्यागी, चुन्नी लाल बांगा, बेगराज नागर, दान सिंह नरवत, रोबिन नरवत, सन्नी पाराशर, प्रीतम, नरेंद्र शर्मा, मो. महमुद्दा लदियापुर, मुकेश यादव, मोनू डागर, मो. इकबाल, रवीन्द्र, अमरपाल, फूल सरपंच व रामकिशन सहित अनेकों इनेलो कार्यकर्ता धरने में शामिल हुए। इस मौके पर पूर्व विधायक स्वामी अग्निवेश ने आज धरने पर आकर इस सतलुज यमुना लिंक नहर को खोदने के लिए दिए जा रहे इनेलो पार्टी के धरने को समर्थन दिया और कहा कि इनेलो प्रदेश के हित में मजबूती से लड़ाई लड़ रही है और इस संघर्ष से निश्चित तौर पर नहर के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने में मदद मिलेगी और प्रदेश की प्यासी धरती नहर बनने से निश्चित तौर पर खुशहाल हो जाएगी।

No comments:

Post a Comment