Tuesday, April 4, 2017

हरियाणा के किसानों के भी कर्जे तुरंत माफ करे भाजपा सरकार - अभय चौटाला

चंडीगढ़ : इनेलो ने भाजपा सरकार से हरियाणा के किसानों के साथ भेदभाव न करने और उनके भी तमाम कर्जे तुरंत माफ किए जाने की मांग की है। इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने उत्तरप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा वहां के 2 करोड़ 15 लाख किसानों के एक लाख रुपए तक के फसली कर्जे व सात लाख किसानों के एनपीए कर्जे माफ किए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि हरियाणा में भी भाजपा की सरकार है और भाजपा को हरियाणा के किसानों के साथ भेदभाव वाली नीति नहीं अपनानी चाहिए और तुरंत किसानों सहित गरीब, मजदूरों, अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्ग सहित कमेरे वर्ग सहित सभी लोगों के कर्जे अविलम्ब माफ किए जाने की मांग की। इनेलो नेता ने कहा कि आज प्रदेश में किसानों की हालत बेहद खराब है और सरकार द्वारा किसानों के साथ किए गए वायदे पूरे न करने से किसान निरंतर कर्जे के बोझ तले दबा जा रहा है और कर्जे में डूबे किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। ऐसे में हरियाणा की भाजपा सरकार को प्रदेश के किसानों व कमेरे वर्ग को कर्जे के बोझ से उभारने के लिए तुरंत उनके तमाम कर्जे माफ करने चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि स्वर्गीय जननायक चौधरी देवीलाल ने 1987 में हरियाणा का मुख्यमंत्री बनते ही प्रदेश के किसानों व गरीब वर्गों के कर्जे माफ किए थे और फिर 1989 में देश का उप-प्रधानमंत्री बनकर पूरे देश के किसान, मजदूर, दलित, पिछड़े, कमजोर, गरीब व कमेरे वर्ग के लोगों के कर्जे माफ करके उन्हें राहत प्रदान की थी। इनेलो नेता ने कहा कि अगर हरियाणा की भाजपा सरकार किसानों के कर्जे तुरंत माफ नहीं करती तो प्रदेश के किसानों को लगेगा कि उनके साथ भाजपा सरकार न सिर्फ भेदभाव कर रही है बल्कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट देकर उसकी सरकार बनाने की उन्हें सजा दी जा रही है। इनेलो नेता ने कहा कि उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा 2.15 करोड़ लघु व सीमांत किसानों का एक लाख रुपए तक का कर्जा माफ करने और सात लाख किसानों जो कर्जा नहीं चुका पा रहे उनके एनपीए कर्जे सहित वहां की सरकार पर कुल 36, 359 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार आए दिन कभी सरस्वती के नाम पर कभी स्वर्ण जयंती के नाम पर तो कभी किसी अन्य नाम पर प्रदेश के खजाने से करोड़ों रुपए मात्र अपनी झूठी वाहवाही पर लुटा रही है। ऐसे में सरकार को सरकारी खजाने का पैसा फिजूलखर्ची पर लुटाने की बजाए किसानों को राहत देने में खर्च करना चाहिए। इससे न सिर्फ किसानों को कर्जे के बोझ से मुक्ति मिलेगी बल्कि किसान, मजदूर व कमेरे वर्ग की क्रय शक्ति भी बढ़ेगी जिससे न सिर्फ प्रदेश में व्यापार व उद्योग धंधे प्रफुल्लित होंगे बल्कि सरकारी खजाने में भी ज्यादा राजस्व आएगा। इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा को एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए बल्कि तुरंत हरियाणा के किसानों के कर्जे माफ करने की घोषणा करनी चाहिए।
इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा ने पिछले विस चुनाव के समय देश के साथ-साथ हरियाणा के किसानों से भी उनकी फसलों के लाभकारी मूल्य देने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर किसानों को उनकी लागत के साथ 50 प्रतिशत मुनाफा देने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने का वादा किया था। आज प्रदेश में भाजपा सरकार बने हुए अढाई साल से ज्यादा समय हो गया है इसके बावजूद स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर किसानों को लागत के साथ 50 प्रतिशत मुनाफा देना तो दूर लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा बल्कि पिछले अढाई सालों से किसानों के धान, बाजरा व सरसों की फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी कम में बेचने को मजबूर किया जा रहा है। इनेलो नेता ने कहा कि दिन-रात मेहनत करके देश का पेट भरने वाले किसान को इतनी मेहनत के बावजूद मात्र दाल-रोटी भी नसीब नहीं होती और उसे बच्चों सहित भूखे पेट सोने को मजबूर होना पड़ता है। इनेलो नेता ने कहा कि आज किसान की हालत इतनी दयनीय हो गई है कि उसे कर्जे के बोझ के कारण आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ता है और किसानों द्वारा आत्महत्याएं करने की घटनाओं में निरंतर बढ़ौतरी हो रही है। इनेलो नेता ने कहा कि अगर हरियाणा की भाजपा सरकार ने तुरंत किसानों के कर्जे माफी की घोषणा न की तो यह बात पूरी तरह से साफ हो जाएगी कि हरियाणा की सरकार न सिर्फ किसान विरोधी है बल्कि उसे प्रदेश के किसानों की कोई चिंता नहीं है और भाजपा पूरी तरह भेदभाव की नीति अपना रही है।

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