Friday, April 14, 2017

इनेलो कार्यकर्ताओं ने लिया सामाजिक सौहार्द बनाने का संकल्प


हिसार : समाज के सभी वर्गों के हितों के लिए कार्य करना ही बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर को सच्ची श्रदांजली होगी। यह बात इनेलो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बहादुर सिंह नायक ने कही। वे शुक्रवार को देवीलाल सदन मे बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर की 126 वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के प्रभारी के तौर पर इनेलो कर्तकर्ताओ को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इनेलो अनुसूचित प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष डॉ सत्यनारायण मंगाली ने की, वहीं इनेलो जिला अध्यक्ष राजेंद्र लितानी कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। इससे पूर्व इनेलो कार्यकर्ताओ ने डॉ भीम राव अम्बेडकर की मूर्ति पर पुष्प व माल्यार्पण करके उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी और उनके दिखाये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को इनेलो जिला अध्यक्ष राजेंद्र लितानी, इनेलो विधायक रणवीर गंगवा, वेद नारंग, अनूप धानक, राष्टीय सचिव चतर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सतवीर वर्मा व विक्रांत बागड़ी ने भी सम्बोधित किया। 


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी बहादुर सिंह नायक ने कहा कि जननायक चौधरी देवी लाल भी बाबा साहब अम्बेडकर की जीवन शैली से बड़े प्रभावित थे। उन्होंने भी अपने जीवन में बाबा साहब से प्रेरणा लेकर समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए कार्य किये। यंहा तक कि जब वे देश के उप प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने बाबा साहब को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिलवाने में अहम भूमिका निभाई। इनेलो नेता नायक ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समता, समानता और स्वाधीनता का नारा देकर शोषित व वंचित समाज को ऊपर उठाने का भरसक प्रयास किया। उनके बनाए गए संविधान के कारण ही आज भारत को विश्व का सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश होने का गौरव प्राप्त है। हमें ऐसे महापुरुष के दिखाए मार्ग पर चलने का प्रण लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से सभी को समान अधिकार दिलाए। विशेष तौर पर महिलाओं व शोषित समाज के उत्थान के लिए किए गए कार्यों के लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होनें कहा कि आज हमें उनके सिद्धांतों को अपनाने की जरूरत है, तभी हम जात पात व भेदभाव को जड़ से खत्म कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी जाति व समाज के नहीं होते, बल्कि वे पूरे देश के पूजनीय होते हैं।  उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने हमेशा से ही शोषित व वंचित वर्ग को ऊपर उठाने का भरसक प्रयास किया। उन्होनें शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करोÓ का  नारा देकर एक अलग क्रांति की शुरूआत की थी, जो आज के दौर में भी पूरी तरह से प्रासंगिक है। बाबा साहब अम्बेडकर ने पीडि़त, उपेक्षित, महिलाओं आदि को शिक्षा, आरक्षण, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर अधिकार देते हुये मजबूत किया। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं व नागरिकों से आह्वान किया कि वे वे डॉ. अंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चलते हुए देश व प्रदेश के विकास में अपना सहयोग दें। इस मौके पर हरफूल खान भट्टी, राज सिंह मोर, सतबीर सिसाय, सजन लावट, सतपाल सरपंच, भागीरथ नम्बरदार, डॉ उमेद खन्ना, सतबीर मुंगेरिया, राज कुमार बाल्मिकी, डॉ राज कुमार दिनोदिया, सत्यवान बिछपड़ी, ललिता टाक, श्रवण बागड़ी, मुकेश डुलक्च, शंकर गहलोत, पोटु राम बाल्मिकी, रणधीर पुनिया, कैप्टेन छाजू राम, एड़वोकेट मनदीप बिश्नोई, राजेश बिल्लू, पिरथी सिंह डाबला, रामफल गुराना, नफे सिंह देवां, रवि नागर, गुलाब सिंह खेदड़, कृष्ण खरकड़ी, रामदिया, जगन बाल्मिकी,मास्टर दलबीर सहित बहुत से कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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