Tuesday, February 28, 2017

धरने पर बैठे जाट आंदोलनकारियों बारे अभय चौटाला के काम रोको प्रस्ताव पर बुधवार को विस में होगी चर्चा

चंडीगढ़, 28 फरवरी: प्रदेशभर में पिछले एक महीने से धरने पर बैठे आंदोलनकारियों के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला व अन्य विधायकों द्वारा दिए गए काम रोको प्रस्ताव पर बुधवार को विधानसभा में चर्चा होगी। मंगलवार को शून्यकाल शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष ने यह मुद्दा उठाया और विधानसभा अध्यक्ष से उनके द्वारा दिए गए काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा करवाए जाने की मांग की। जाट आरक्षण मामला न्यायिक प्रक्रिया में होने के कारण स्पीकर ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा करवाए जाने पर असमर्थता जताते हुए कहा कि अगर प्रस्ताव की शब्दावली में कुछ संशोधन कर दिया जाए तो सदन में इस पर चर्चा करवा ली जाएगी। शुरुआती गतिरोध के बाद सदन की कार्रवाई आधे घंटे के लिए स्थगित की गई और स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष सहित विपक्षी विधायकों को अपने चैंबर में आने का निमंत्रण दिया ताकि प्रस्ताव की शब्दावली को लेकर आपसी सहमति बनाई जा सके और इस पर चर्चा हो सके। आधे घंटे बाद जब सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई तो विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को सूचित किया कि नेता प्रतिपक्ष सहित तीन सदस्यों द्वारा इस मुद्दे पर दिए गए काम रोको प्रस्ताव पर बुधवार को सदन में चर्चा होगी। इससे पहले सदन में मंगलवार को शून्यकाल दौरान नेता प्रतिपक्ष ने जब ये मुद्दा उठाया उस समय मुख्यमंत्री सदन में मौजूद नहीं थे। नेता प्रतिपक्ष ने सीएम को सदन में बुलाने और उनकी ओर से वक्तव्य दिए जाने की मांग की।
शून्यकाल  में नेता प्रतिपक्ष ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमने इस मुद्दे पर एक काम रोको प्रस्ताव दे रखा है और इस पर तुरंत चर्चा करवाई जाए। इनेलो नेता ने कहा कि प्रदेशभर में जगह-जगह हजारों लोग पिछले एक महीने से धरने पर बैठे हैं और इनमें किसी एक जाति के नहीं बल्कि 36 बिरादरी के लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उन लोगों को धरने पर बैठने के लिए सरकार की तरफ से मजबूर किया गया। इनेलो नेता ने कहा कि ने कहा कि पिछले साल प्रदेश में हुए हिंसक आंदोलन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के घर पर एक बैठक हुई जिसमें आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को दस-दस लाख रुपए व नौकरी देने, दर्ज मुकदमे वापिस लेने और जेलों में बंद लोगों को छोडऩे सहित सात मांगें मंजूर की गई। आंदोलन समाप्त करवाने के लिए हुई उस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री के अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश प्रभारी अनिल जैन सहित सरकार के अनेक प्रमुख प्रतिनिधि शामिल थे। सरकार द्वारा मांगें मंजूर करने के बाद उन्हें लागू न करने को लेकर उन लोगों को जून महीने में फिर धरने पर बैठने को मजबूर किया गया और जून में आश्वासन दिए जाने के बावजूद अभी तक मांगें लागू न होने के चलते उन लोगों को जगह-जगह हजारों की संख्या में धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आंदोलन को करीब एक महीना हो गया लेकिन सरकार के किसी प्रतिनिधि ने इसे सुलझाने का प्रयास नहीं किया। पिछली बार कुछ शरारती तत्वों व राजनेताओं ने प्रदेश को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले को ज्यादा समय तक लटकाए रखने से फिर कहीं ऐसे हालात न पैदा हो जाएं, इस बात की सबको चिंता है लेकिन सरकार इस मामले में गम्भीर नहीं है। वे लोग शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री या कोई मंत्री धरनास्थल पर मामला सुलझाने नहीं गया। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि सत्तापक्ष से एक प्रतिनिधि धरने पर गया था जहां उसे विरोध सहना पड़ा। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर सदन में आकर सरकार का पक्ष रखने की भी मांग की। इनेलो नेता के अलावा कांग्रेसी विधायकों ने भी कहा कि उन्होंने भी इस मुद्दे पर काम रोको प्रस्ताव दे रखे हैं और पूरा प्रदेश जानना चाहता है कि सरकार की इस बारे में क्या सोच है और पिछली बार जो समझौता हुआ था वह किन बातों पर हुआ था और उसे लागू क्यों नहीं किया गया।
मामले में हस्तक्षेप करते हुए संसदीय कार्य मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि पिछली बार जो घटनाएं घटी थी उसकी विपक्षी सदस्यों सहित सभी ने निंदा की थी और अब विपक्षी नेताओं में उन धरनों में शामिल होने को लेकर होड़ लगी हुई है। निर्दलीय विधायक जयप्रकाश ने भी चर्चा में भाग लेते हुए बाढड़ा से भाजपा विधायक के आंदोलनकारियों के धरने में शामिल होने का उल्लेख किया। विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल ने इसमें हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मामला चूंकि न्यायिक प्रक्रिया में है, इसलिए इन प्रस्तावों में अगर संशोधन करके दोबारा प्रस्तुत किया जाता है तो जरूर चर्चा करवाई जाएगी। इसी के चलते सदन की कार्रवाई आधे घंटे के लिए स्थगित की गई और जब सदन की कार्रवाई पुन: शुरू हुई तो सदन को सूचित किया गया कि इस मुद्दे पर बुधवार को चर्चा होगी।
सरस्वती नदी को लेकर सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच हुई हल्की नोकझोंक

चंडीगढ़, 28 फरवरी: हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को सरस्वती नदी और एसवाईएल के मुद्दे पर जहां सत्तापक्ष और विपक्ष में हल्की-फुल्की नोंकझोंक होती रही वहीं कई बार हंसी के फुव्वारे भी छूटते रहे। राज्यपाल के अभिभाषण पर सत्तापक्ष की ओर से डॉ. अभय सिंह यादव व पवन सैनी द्वारा रखे गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जब भाजपा विधायकों ने सरस्वती नदी का उल्लेख किया तो शिक्षा व संसदीय कार्यमंत्री रामबिलास शर्मा व विपक्ष के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक हुई। भाजपा विधायक ने सरस्वती नदी को लेकर जब सरकार की सराहना करते हुए काफी लम्बे चौड़े दावे किए तो नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरस्वती के नाम पर सरकार द्वारा लोगों के बीच गलतफहमी पैदा की जा रही है। इनेलो नेता ने कहा कि वे पिछले दिनों इलाहाबाद गए तो उन्हें बताया गया कि यहां गंगा, यमुना और सरस्वती नदी का संगम होता है और दूसरी तरफ भाजपा नेता कह रहे हैं कि वे जमीन खोदकर नीचे से सरस्वती नदी को प्रकट करने में लगे हुए हैं।
इनेलो नेता ने कहा कि नहरों और खालों की खुदाई तो होती है लेकिन लोगों में इस बात को लेकर उत्सुकता है कि क्या नदी खोदकर भी पानी निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि नदियों में पानी पहाड़ों से आता है और धीरे-धीरे आगे बढ़ते-बढ़ते लुप्त हो जाता है। जब यह सरस्वती नदी हरियाणा से होकर बाडमेर होकर पाकिस्तान की तरफ इसरो के नक्शे अनुसार जाती हुई दिखाई दे रही है तो फिर इलाहाबाद में संगम कैसे हुआ? उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने भी सरस्वती की उच्चा समाणा से लेकर पिपली तक 63 किलोमीटर खुदाई की शुरुआत करने की बात कही थी लेकिन उसमें आज तक पानी नहीं आया अब मौजूदा सरकार 32 किलोमीटर में जमीन खोदकर सरस्वती प्रकट करने की बात कर रही है। 
इस पर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि देश में कुछ बातें सांकेतिक होती हैं और सांकेतिक तौर पर पवित्र भाव से गंगा को भी करीब सौ जगह माना जा रहा है। आदिबद्री से निकलने वाली सरस्वती का ऊपर का प्रवाह समाप्त होने के बाद भी नीचे से धारा चलती रहती है। कृषि मंत्री की बातों से विपक्ष ने असहमति जताई तो संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि सरस्वती हरियाणा में भी आती है और आगे हनुमानगढ़ से होते हुए बाडमेर की तरफ जाकर पाकिस्तान की तरफ भी जाती है और घूमकर अन्य स्थानों पर भी चलती है। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि  संसदीय कार्यमंत्री को बात घुमानी बहुत आती है। इस बीच हुई हल्की-फुल्की टीकाटिप्पणी से सदन में हंसी के फव्वारे छुटते रहे। शिक्षा मंत्री ने पलटते हुए कहा कि ये सभी बातें उन्होंने स्व. जननायक चौधरी देवीलाल से सीखी हैं और वे पूरे सदन को निमंत्रण देना चाहते हैं कि वे 32 किलोमीटर में बहती इस गंगा के सभी सदस्यों के दर्शन भी करवाएंगे और जो स्नान करना चाहेंगे उन्हें स्नान भी करवाएंगे।
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष ने विस अध्यक्ष से जानना चाहा कि उनकी पार्टी के सदस्यों ने प्रदेश से जुड़े अनेक अहम मुद्दों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दे रखे हैं और इन पर कब चर्चा करवाई जाएगी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल ने सदस्यों को सभी ध्यानाकर्षण प्रस्तावों की स्थिति बताते हुए कहा कि इनमें से कुछ प्रस्ताव सरकार के पास टिप्पणी के लिए भेजे गए हैं। जबकि कुछेक अभी विचाराधीन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ प्रस्ताव अति महत्व के न होने के कारण उन्हें नामंजूर कर दिया गया है क्योंकि सदस्यों को राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर बोलने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। नेता प्रतिपक्ष ने घग्गर में हो रहे अवैध खनन के मामले में व्यापक भ्रष्टाचार की जांच करवाने और इस बारे दिए गए  प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि खुदाई के लिए जिन जेसीबी मशीनों के नम्बर दिए गए हैं उनमें से अनेक नम्बर किसी मोटरसाइकल या स्कूटी के निकले हैें जिससे साफ है कि बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। इसलिए इस मामले में दिए गए प्रस्ताव को मंजूर कर चर्चा करवाई जाए। इनेलो विधायक परमेंदर ढुल द्वारा एक्सटेंशन लेक्चरार के धरने के मुद्दे को लेकर दिए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को स्पीकर द्वारा नामंजूर किए जाने की सूचना देने पर विधायक ढुल ने इसे बेहद अहम मुद्दा बताते हुए इसे स्वीकार किए जाने का आग्रह किया।
इससे पहले भाजपा विधायकों द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण पर रखे गए धन्यवाद प्रस्ताव में जैसे ही उन्होंने एसवाईएल का उल्लेख करते हुए कहा कि 2004 में स्पीकर सहित भाजपा के छह विधायकों ने इस्तीफे दिए थे तो इनेलो विधायक दल के उपनेता जसविंदर संधू ने कहा कि एसवाईएल पर जितना काम हुआ वह ज्यादातर चौधरी देवीलाल के कार्यकाल में हुआ और यह बात हरियाणा विधानसभा की कार्रवाई में दर्ज है और पूर्व सीएम बंसीलाल ने भी सदन में इस बात को खुले मन से स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि अब इनेलो विधायक 23 फरवरी को जब नहर खुदाई के लिए पंजाब की ओर कूच कर रहे थे तो हरियाणा सरकार ने बैरिकेट्स लगाकर रोकने का काम किया। उन्होंने इनेलो सरकारों द्वारा इस दिशा में किए गए कामों का भी उल्लेख किया। इस बीच सत्तापक्ष के सदस्यों ने कहा कि इनेलो विधायकों को प्रोत्साहित करने के लिए भाजपा के अम्बाला विधायक असीम गोयल ने तो वहां दूध-जलेबी का लंगर भी लगाया था। इस बीच सत्तापक्ष व विपक्ष में हल्की नोकझोंक भी हुई और रानियां से इनेलो विधायक रामचंद कम्बोज सत्तापक्ष को चुनौती देते नजर आए। नलवा के विधायक रणबीर गंगवा ने सत्तापक्ष के दावों का विरोध करते हुए कहा कि एसवाईलए के मुद्दे पर प्रधानमंत्री तो हरियाणा के सीएम को मिलने का समय नहीं नहीं दे रहे। सरस्वती व राखीगढ़ी संग्रहालय के मुद्दे पर सत्तापक्ष व कांग्रेस सदस्यों के बीच भी हल्की-फुल्की नोंकझोंक हुई।
विधानसभा में गूँजा मेवात क्षेत्र का पीने के पानी का मुद्दा

विधानसभा में विधानसभा-सत्र के दौरान नूँह से इनेलो विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने हरियाणा सरकार को घेरते हुए मेवात क्षेत्र के लिए पीने के पानी की रेनीवैल परियोजना को लेकर प्रश्न पूछा जिस पर हरियाणा सरकार ने इस परियोजना को विचाराधीन बताया। विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी आज मेवात क्षेत्र में पीने का पानी नहीं है। रैनीवेल परियोजना चौटाला सरकार में विशेष तौर पर मेवात क्षेत्र के लिए बनाई गई थी लेकिन कांग्रेस सरकार में रेनीवैल परियोजना से छेड़छाड़ की गई तथा इसे लागू करने में भारी घोटाला हुआ। रेनीवैल के पानी का मैन बूस्टिंग स्टेशन मेवात के हूँचपुरी गाँव में बनना था लेकिन कांग्रेस सरकार ने उसे कोंडल में शिफ्ट कर दिया, जहाँ से मेवात क्षेत्र को पीने के पानी की अधूरी सप्लाई हो रही है, जिससे चौटाला साहब की रेनीवैल परियोजना पूरी नहीं हो सकी और मेवात के 125-150 गाँव आज भी प्यासे हैं। उन्होंने कहा कि रेनीवैल परियोजना इन गाँवों में कागजों में पूरी हुई दिखाई गई है लेकिन मौके पर पाईप भी नहीं बिछे तथा चैंबर भी नहीं बनें, जबकि उनका भुगतान कर दिया गया है। यह सब कांग्रेस राज में कुछ विधायकों और कांग्रेसी नेताओं की मिली भगत से हुआ।
हुसैन ने विधानसभा में सरकार को घेरा और कहा कि यह विषय टालने वाला नहीं है। इनेलो गाँवों को 10-12 साल पहले पानी मिलना चाहिए था, लेकिन यहाँ के लोग आज भी प्यासे हैं। इसलिए सरकार इस योजना को आज ही मँजूर करे। 
हुसैन के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को मँजूरी दे दी और कहा कि 3 वर्ष में यह काम पूरा कर दिया जाएगा। हुसैन ने सरकार से यह भी मांग की कि जब तक यह परियोजना चालू नहीं होती तब तक टैंकरों से इन गाँवों को पानी पँहुचाया जाए, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया।
उल्लेखनीय है कि इनेलो विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन जब से विधायक बनें हैं मेवात में पीने के पानी के लिए दिन-रात लगे हुए थे। उनकी विधानसभा में मांग पर विधानसभा ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 14 फरवरी 2015 को श्रीमति संतोष सारवान की अध्यक्षता में विधानसभा कमेटी ने जिसके सदस्य विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन भी हैं ने मेवात का दौरा किया था। कमेटी ने मेवात में पीने के पानी की बदहाल व्यवस्था को खुद देखा था तथा विधानसभा में रिपोर्ट पेश की थी। विधायक चौ0 ज़ाकिर हुसैन पूरी मेवात के लिए पीने के पानी की माँग कर रहे हैं। आज विधानसभा में हुसैन द्वारा पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका के 80 गाँवों व फिरोजपुर झिरका शहर में पेयजल की समस्या उठाने पर  जनस्वास्थ्य मंत्री डाॅ0 बनवारी लाल ने यह कहकर उन्हें टालना चाहा कि ज़ाकिर हुसैन नूँह विधानसभा से विधायक हैं इसलिए वे नूँह की चिंता करें। इस पर विधायक चौ0 ज़ाकिर हुसैन ने उन्हें करारा जवाब देते हुए कहा कि वह पूरी मेवात की 36 बिरादरी के चौधरी हैं, इसलिए उनकी सारी मेवात की समस्याओं की जिम्मेदारी है। विधायक व मंत्री का बीच-बचाव करते हुए मंत्री  श्री रामविलास शर्मा व संसदीय मंत्री ने कहा कि विधायक चौ0 ज़ाकिर हुसैन व उनके दादा जी चौ0 मो0 यासीन खाँ व उनके पिता चौ0 तय्यब हुसैन मेवात के सर्वो मान्य नेता हैं तथा  पूरे देश की मेवात की 36 बिरादरी के चौधरी हैं, इसलिए वे पूरे मेवात की समस्याओं व प्रगति को लेकर विधानसभा में मुद्दों को उठाते हैं।
विधायक दौलतपुरिया ने विधानसभा में उठाया जिला मुख्यालय पर सरकारी कॉलेज का मुद्दा, शिक्षा मंत्री ने की इसी सत्र में मांग पूरी करने की घोषणा

फतेहाबाद : बरसों से जिला मुख्यालय में सरकारी कॉलेज बनाए जाने की मांग आखिरकार अब पूरी होती दिखने लगी है। विधानसभा में समय-समय पर इस मुद्दे को सरकार के समक्ष रखते रहे इनेलो विधायक बलवान दौलतपुरिया ने बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में एक बार फिर जिला मुख्यालय फतेहाबाद में सरकारी कॉलेज खोले जाने की बात मजबूत तरीके से रखी। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार से सवाल किया कि हर जिला मुख्यालय पर सरकारी कॉलेज खोले जाने का प्रावधान है, फिर ऐसे में फतेहाबाद जिला मुख्यालय पर कॉलेज खोले जाने के प्रति सरकार गंभीर क्यों नहीं है। इनेलो विधायक के इस सवाल को विधानसभा में इनेलो विधायकों के अलावा कुछ अन्य विपक्षी विधायकों का भी समर्थन मिला। विधायक दौलतपुरिया के इस सवाल के जवाब के दौरान शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार इसी सत्र में फतेहाबाद में सरकारी कॉलेज खोले जाने पर गंभीरता से विचार करते हुए इसे अमली जामा पहनाएगी और अगले कुछ माह में ही फतेहाबाद में कॉलेज का शिलान्यास भी कर दिया जाएगा। 
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी इनेलो विधायक बलवान दौलतपुरिया ने कुछ माह पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हरियाणा आगमन अवसर पर भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्षी रखी गई मांंगों में फतेहाबाद में सरकारी कॉलेज खोले जाने की मांग को प्रमुखता से रखा था। प्रदेश की भाजपा सरकार के बजट सत्र 2017-18 के शुरू होने से पहले ही स्थानीय विधायक ने अपने क्षेत्र की इस मांग को फिर से मजबूत तथ्यों के साथ रखने की तैयारी कर ली थी। बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को प्रश्रकाल में बलवान दौलतपुरिया ने सरकार के समक्ष फतेहाबाद में कॉलेज खोले जाने की मंशा पर सवाल उठाए और क्षेत्र में शिक्षा सत्र को सुधारने के लिए इसे एक अहम जरूरत करार दिया। विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर घेरे जाने उपरांत शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश के 15 जिला मुख्यालयों पर अब तक सरकारी कॉलेज खोले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि फतेहाबाद जिला मुख्यालय में सरकार इसी बजट वर्ष के दौरान सरकारी कॉलेज का शिलान्यास करवाएगी। इनेलो विधायक दौलतपुरिया द्वारा रखी गई फतेहाबाद क्षेत्र की इस अहम मांग पर सरकार की मुहर लगने से इनेलो विधायकों ने इस मुद्दे पर एक तरह से नैतिक जीत दर्ज की है। साथ ही विधायक के इस प्रयास से क्षेत्र में उनके व्यक्तित्व ग्राफ को भी बढ़ौतरी मिलेगी।

Monday, February 27, 2017

एसवाईएल पर 15 मार्च को संसद का घेराव और जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेगी इनेलो: अभय चौटाला


चंडीगढ़ : एसवाईएल के मुद्दे पर इनेलो ने 15 मार्च को संसद का घेराव करने और जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने अपने सांसदों व विधायकों सहित सोमवार को पटियाला जेल से रिहा होने के बाद चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि एसवाईएल पर इनेलो निर्णायक संघर्ष करेगी और आंदोलन की अगली रूपरेखा का ऐलान भी 15 मार्च को किया जाएगा। पानी के मामले में हरियाणा के हितों की निरंतर अनदेखी हो रही है और पिछले 50 सालों से इस पर राजनीति कर रहे हैं। इनेलो नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में यह फैसला हुआ था कि एसवाईएल के मुद्दे पर सभी को मिलजुल कर लडऩा चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री ने एसवाईएल पर गंभीरता न दिखाते हुए प्रदेश के पक्ष को कमजोर कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पिछले साढे तीन महीने से एसवाईएल जैसे अहम मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मिलने का समय तक नहीं ले पाए और जो सीएम प्रधानमंत्री से मिलने का समय न ले पाए ऐसे कमजोर सीएम को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष के अलावा इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, हिसार से इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला, राज्यसभा सांसद रामकुमार कश्यप, पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा, जसविन्द्र संधु, परमेंद्र ढुल, अर्जुन चौटाला सहित पार्टी के सभी सांसद, विधायक, पूर्व विधायक व वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
इनेलो नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि हमने पीएम से मिलने के लिए समय मांगा हुआ है और अगर 15 मार्च तक प्रधानमंत्री हमें मिलने के लिए समय नहीं देंगे तो हम न सिर्फ जंतर मंतर पर प्रदर्शन व संसद का घेराव कर सरकार को ज्ञापन व चेतावनी देंगे बल्कि प्रदेशभर के 6843 गांवों की पंचायतों द्वारा एसवाईएल पर उन्हें सौंपे गए प्रस्ताव भी सौंपने का काम करेंगे। नेता प्रपितक्ष ने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति प्रदेश के हितों की रक्षा नहीं कर सकता और राज्य की जनता के साथ न्याय नहीं कर सकता ऐसे सीएम के साथ वे न तो प्रधानमंत्री से मिलने जाएंगे और भविष्य में इनेलो ऐसे कमजोर व्यक्ति के साथ कभी खड़ी नहीं होगी। इनेलो नेता ने कहा कि पार्टी ने अपनी जिम्मेदारी समझकर इस लड़ाई को लडऩे का काम किया है और जब तक एसवाईएल का निर्माण होकर पानी नहीं आ जाता तब तक  चाहे इनेलो को धरने-प्रदर्शन करने पड़ें, गिरफ्तारियां देनी पड़ी या बड़ी से बड़ी कुर्बानी देनी पड़े तो भी इनेलो इससे पीछे नहीं हटेगी। इनेलो नेता ने कहा कि जब 23 फरवरी को प्रदेश के लाखों लोग अम्बाला में एकत्रित होकर प्रदेश के हितों की लड़ाई के लिए केंद्र पर दबाव बनाने और एसवाईएल की खुदाई करने के लिए पंजाब की ओर कूच कर रहे थे तो उस समय प्रदेश की सरकार ने जगह-जगह बाधाएं खड़ी करने का काम किया। उन्होंने कहा कि सरकार से मदद की उम्मीद थी लेकिन सरकार ने न सिर्फ तीन जगह बैरिकेट्स लगाए बल्कि उन्हें रोकने का भी प्रयास किया। 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इनेलो कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं जिन्होंने हरियाणा सरकार की तमाम बाधाएं तोडक़र पंजाब की ओर कूच किया और वहां पर हमें रोकने के लिए पंजाब बार्डर पर ऐसी बैरिकेटिंग की गई थी जैसे पाकिस्तान के साथ युद्ध चल रहा हो। इनेलो कार्यकर्ता न सिर्फ पंजाब में दाखिल हुए बल्कि वहीं धरने पर बैठ गए कि वे एसवाईएल की खुदाई के बिना नहीं लौटेंगे। इसके बाद पंजाब पुलिस ने इनेलो के वरिष्ठ नेताओं जिनमें सांसद, विधायक व पूर्व विधायक भी शामिल थे, को गिरफ्तार कर पटियाला जेल भेज दिया और अब अपने आप ही उन्होंने रिहा करने का निर्णय लिया। इससे पहले एसवाईएल खुदाई को लेकर पिछले चार दिनों से पटियाला जेल में बंद इनेलो नेताओं को आज सुबह रिहा कर दिया गया और वे दो बसों में सवार होकर पटियाला से सीधे चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में इनेलो जिंदाबाद के गगनभेदी नारों के बीच पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि उनमें से न तो किसी ने जमानत करवाई है औरन ही कोई कमजोरी दिखाई है। बल्कि हमने खुले रूप से पंजाब सरकार को कह दिया था कि हम जमानत नहीं करवाएंगे। उन्होंने कहा कि अब तक देश में इमरजेंसी सहित हुए अनेक राजनीतिक आंदोलनों में गिरफ्तार हुए कांग्रेस, भाजपा व आरएसएस के लोगों ने तो जमानत करवाने या माफी मांगने का काम किया है लेकिन इनेलो के किसी कार्यकर्ता ने जमानत की अर्जी नहीं दी। 
इनेलो नेता ने कहा कि इनेलो विधानसभा के बजट सत्र में प्रदेश से जुड़े सभी अहम मुद्दे उठाएगी और सरकार से हर सवाल का जवाब तलब करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व भाजपा के जिन नेताओं ने सुर्खियां बटोरने के लिए उन पर कटाक्ष किया है उनका जवाब भी सदन में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये लोग हरियाणा के विरोधी हैं और इन्हें हरियाणा के हितों से कोई सरोकार नहीं है। वे मात्र अखबारी सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसी हल्की बयानबाजी करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वे एसवाईएल, जाट आरक्षण, शिक्षक भर्ती, सरकारी खरीद में घोटाले, नौकरियों में धांधली, किसानों की दुर्दशा व बिजली-पानी संकट जैसे सभी अहम मुद्दों पर विधानसभा में सरकार को घेरेंगे। उन्होंने कहा कि एसवाईएल के लिए उनकी पार्टी कोई भी बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटेगी। इनेलो नेता ने कहा कि सरकार में बैठे लोग फैसले कुछ लेते हैं और उन्हें परवान चढ़ाने की बजाय बाद में उनसे पीछे हट जाते हैं। ऐसे में ये लोग भरोसे के लायक नहीं हैं।

चौ. ओमप्रकाश चौटाला पंहुचे कार्यकर्ताओं से मिलने नूँह के यासीन मेव डिग्री कॉलेज


हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व इनेलो सुप्रीमों चौ0 ओमप्रकाश चौटाला इतवार को जिला मेवात के दौरे पर मेवातवासियों से मिलने यासीन मेव डिग्री कॉलेज, नूँह में पँहुचे। पूर्व मुख्यमंत्री का पँहुचनें का कार्यक्रम 1 बजे का था लेकिन वे देरी से पँहुचे। रास्ते में जगह जगह कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत करने के कारण लोगों को अपने नेता के दीदार करने के लिए कई घंटे का लंबा इंतजार करना पड़ा लेकिन पूरे दिन लोग भूखे-प्यासे कार्यक्रम में बैठे ही रहे। जैसे ही रात को चौ0 ओमप्रकाश चौटाला का काफिला यासीन मेव डिग्री कॉलेज में दाखिल हुआ तो इनेलो कार्यकर्ताओं का हुजूम अपने नेता को देखने के लिए उमड़ पड़ा और जोर-जोर से जिंदाबाद के नारों से पूरा नूँह शहर गूँजने लगा। सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री ने मरहूम चौधरी मो0 यासीन खाँ व मरहूम चौ0 तय्यब हुसैन की मज़ार पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 
उन्होंने कार्यकर्ताओं का अपने चिर परिचित अंदाज में हाल चाल पूछा और कहा कि वे अल्लाह ताला/ भगवान की कृपा तथा आपकी दुआओं से बिल्कुल ठीक हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बीमारी का इलाज दुनिया के किसी भी डाॅक्टर या वेद के पास नहीं है बल्कि उनकी बीमारी का इलाज इनेलो के निष्ठावान,कर्मठ कार्यकर्ताओं के पास है। आप लोग यह ना सोचें कि मैं अस्वस्थ हूँ। जेल के अन्दर रहकर भी मैं किसी भी तरह की दिक्कत महसूस नहीं कर रहा हूँ। 
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इनेलो पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी रही है और इनेलो ने कभी जाति,धर्म,व्यक्ति विशेष तौर पर काम नहीं किया है। इनेलो सुप्रीमों ने देरी से आने का कारण बताते हुए कहा कि वह लंबे समय बाद सूबे के कार्यकर्ताओं से रूबरू हो रहे हैं और कार्यकर्ताओं के उत्साह के आगे उनके निर्धारित समय में देरी हुई है। 
उन्होंने कहा कि सत्ता व धन के लालची कुछ नेता कांग्रेस सरकार बनती देख पहले इनेलो से कांग्रेस में चले गए थे तथा बाद में भाजपा सरकार बनती देख भाजपा में चले गए थे। ऐसे नेता अब समझने लगे हैं कि अगली सरकार इनेलो की होगी । ऐसे में वे आपके पास आएँगे परंतु आप लोग उनकी सिफारिश में बिल्कुल उनके पास ना आएँ। ऐसी काली भेडौं के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।  उन्होंने कहा कि अपने शासनकाल में उन्होंने कभी पार्टी गत कारणों से किसी का नुकसान नहीं किया परंतु पिछले बारह वर्षों में उनका अनुभव कड़ा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि वे चाहे खुद कितनी भी तकलीफें उठा लें परंतु लोगों को दिक्कत नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि आने वाली सरकार इनेलो की होगी तथा अबकी बार सरकार आने पर आप लोगों की सात पीढ़ियों का जुगाड़ कर दुँगा। इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि वह धर्म जाति के आधार पर न बंटकर संगठन मजबूत व पार्टी की सदस्यता बढाने के लिए भी मिलकर काम करें और साथ ही दावा कर कहा कि आने वाली सरकार भी उनकी पार्टी की ही रहेगी।
नूँह से इनेलो विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने लोगों का इतनी भारी तादाद में पंहुचने पर धन्यवाद करते हुए कहा कि खासतौर पर जब वे जेल में थे और आप लोगों ने अपनी जिम्मेदारियाँ बखूबी निभाई इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को मुबारकबाद दी।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मास्टर बदरुद्दीन, विधायक चौ0 ज़ाकिर हुसैन के सुपुत्र चौधरी ताहिर हुसैन एडवोकेट, किशोर यादव, हरीश मलिक, हाजी सुबराती खान, गणेश अरोड़ा,लाला वेद, सरोज, बानों, हितेश देशवाल,विजय डागर, अल्ली प्रधान,राकेश देशवाल, हरीश शर्मा, हाजी अब्दुल्ला,साकिर इनसो, इब्राहीम पहलवान, डाॅ0 हनीफ, अकबर अली, नासिर हुसैन, निसार पहलवान, वसीम अकरम आदि हजारों इनेलो नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
जलयुद्ध को मिली सफलता से कांग्रेसी-भाजपा नेता बौखलाए, कर रहे हैं अनापशनाप बयानबाजी -  दुष्यंत चौटाला



चंडीगढ़ : इनेलो संसदीय दल के नेता दुष्यंत चौटाला ने कांग्रेस व भाजपा के उन सभी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें छोटी सोच वाले लोग बताया जिन्होंने उनके व दिग्विजय के 23 फरवरी को जलयुद्ध के मौके यूएसए की ऐरिजोना असेंबली के सम्मान समारोह गए होने के कारण तरह-तरह के सवाल उठाए थे। इनेलो सांसद ने आज चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अमेरिका के एरिजोना राज्य की असेंबली ने अपने बजट सत्र के पहले दिन उन्हें भारत के सबसे युवा सांसद और राष्ट्रीय खेल संगठन का सबसे युवा अध्यक्ष होने के नाते उन्हें सम्मान प्रदान किया। ऐरिजोना की असेंबली ने उन्हें नवम्बर 2016 में यह सम्मान प्रदान करने के लिए आमंत्रित किया था और उन्होंने यह निमंत्रण स्वीकार कर उन्हें सूचित भी कर दिया था। इनेलो सांसद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला जी के नेतृत्व में चलाए गए जलयुद्ध कार्यक्रम की तैयारियों में उन्होंने व इनसो अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने न सिर्फ निरंतर भाग लिया था बल्कि इस कार्यक्रम की सफलता के लिए लोगों को आमंत्रित करने के वास्ते उन्होंने विभिन्न गांवों, कस्बों व वार्डों में कार्यकत्ताओं की बैठकें भी आयोजित की थी। युवा इनेलो व इनसो के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता जलयुद्ध कार्यक्रम में पूरी तरह शामिल थे। इस कार्यक्रम को मिली सफलता से  कांग्रेस व भाजपा नेताओं की नींद हराम हो गई है। इनेलो सांसद ने सीएम को अक्षम मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि वे प्रदेश में चल रहे आंदोलन को सुलझाने में सक्षम नहीं हैं और प्रदेश के हालात फिर बिगड़े तो इसके लिए सीएम जिम्मेदार होंगे।
हिसार से इनेलो सांसद ने कहा कि प्रदेश के प्रधानमंत्री जब अन्य देशों में जाते हैं और वहां पर उनके सम्मान में सांसद खड़े होकर उनका अभिवादन करते हैं तो इस पर भारतीय होने के नाते प्रत्येक देशवासी को गर्व होता है। इनेलो सांसद ने कहा कि उन्हें जो मान-सम्मान मिला उससे प्रत्येक देशवासी व प्रदेशवासी का सम्मान हुआ है और युवा वर्ग इससे बेहद उत्साहित है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह कहते हैं कि इनेलो का चश्मा धुंधला पड़ गया है लेकिन प्रदेश को जलवाकर खुद पूर्व मुख्यमंत्री से अपना चश्मा तो काला कर लिया है। इनेलो सांसद ने कहा कि जो लोग इनेलो के जलयुद्ध पर सवाल खड़े कर रहे हैं उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए क्योंकि इनेलो ने प्रदेशवासियों को साथ लेकर पंजाब में जाने और एसवाईएल की खुदाई के लिए जेलों में जाने की चुनौती तो स्वीकार की जबकि कांग्रेस और भाजपा के नेता तो मात्र अपने ड्राइंग रूम में बैठकर बयानबाजी करने और अखबारी सुर्खियां बटोरने के प्रयासों में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा नेताओं को भी चाहिए था कि वे भी इनेलो के साथ एसवाईएल की लड़ाई में शामिल होकर 23 फरवरी को खुदाई के लिए आगे आते लेकिन उन्हें तो टीवी पर बयान देने से ही फुर्सत नहीं है। इनेलो सांसद ने कहा कि चौधरी ओमप्रकाश चौटाला का परिवार पूरी तरह एकजुट है और चौटाला साहब परिवार व पार्टी के मुखिया हैं और वे हम सबको जो भी जिम्मेदारी सौंपते हैं तो उस जिम्मेदारी को परिवार के सभी सदस्य व पार्टी नेता एकजुट होकर निभाते आ रहे हैं। 
सवालो के जवाब में सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में हालात फिर खराब हो रहे हैं और मुख्यमंत्री व सरकार इस बारे में केवल मूकदर्शक बने हुए हैं। इनेलो सांसद ने कहा कि पिछले साल सरकार केसाथ हुए समझौते को लागू करने की मांग को लेकर पिछले एक महीने से आंदोलन कर रहे जाट आरक्षण आंदोलनकारियों से सीएम को स्वयं बातचीत करके मसले का हल निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में अगर कोई दुर्घटना होती है या प्रदेश के हालात फिर खराब होते हैं तो इसके लिए सीधे तौर पर प्रदेश सरकार के साथ-साथ राज्य के गृहमंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री स्वयं जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि पिछली बार प्रदेश में जब हालात खराब हुए थे तो मुख्यमंत्री उससे निपटने में पूरी तरह से विफल साबित हुए थे। उस समय मैंने खुद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की थी और प्रदेश के खराब हो रहे हालात के बारे में उन्हें जानकारी दी थी। इनेलो सांसद ने सरकार की उस मंशा पर भी सवाल उठाए जिसमें सरकार ने प्रदेश के वित्त मंत्री के घर पर लगी आगजनी की घटनाओं की जांच सीबीआई के हवाले कर दी गई है जबकि उस आंदोलन के दौरान मारे गए 31 युवकों के मामलों की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी गई। उन्होंने सरकार की नीयत व मंशा पर भी सवाल उठाए और कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया।
इनेलो सांसद ने कहा कि एसवाईएल का सबसे ज्यादा निर्माण कार्य चौधरी देवीलाल की सरकार में हुआ और इनेलो प्रमुख चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की जोरदार पैरवी के चलते सर्वोच्च न्यायालय से हरियाणा के पक्ष में फैसला आया। भूपेंंंद्र हुड्डा दस साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे इस दौरान केंद्र व प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी लेकिन उन्होंने नहर निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाया। अब इस नहर का केंद्र से निर्माण करवाने की बजाय भाजपा नेता अपनी विफलता छुपाने के लिए इनेलो पर हल्की टिप्पियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसवाईएल जैसे बेहद अह्म मुद्दे पर मुख्यमंत्री अब तक पीएम से मिलने का समय तक नहीं ले पाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास दिल्ली को जाने वाले पानी की मुनक हैड वाली चाबी है और अगर सीएम इस चाबी घुमा देते तो उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने का समय भी तुरंत मिल जाता। पत्रकार सम्मेलन में इनेलो नेता एमएस मलिक, बीडी ढालिया, राम सिंह बराड़, एनएस मल्हान, प्रवीण आत्रेय, राम नारायण यादव व एडवोकेट रविंद्र ढुल भी मौजूद थे।
झूठी घोषणा कर के शहीदों की शहादत का अपमान कर रही प्रदेश सरकार - हैप्पी 

रोहतक : प्रदेश सरकार के मुखिया खट्टर आज घोषणा सरकार के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। पिछले वर्ष अक्टूबर माह में जम्मू काश्मीर के माछिल सेक्टर में पाकिस्तानी फायरिंग में शहीद हुए कुरुक्षेत्र के रहने वाले 18 सिख रेजिमेंट के सिपाही मनदीप की शहादत के बाद मुख्यमंत्री खट्टर ने शहीद के घर जाकर परिजनों के मध्य घोषणाओं की लड़ी लगा दी थी। सरकार के मुखिया खट्टर ने स्वयं शहीद मनदीप के परिजनों को मुआवजे के रूप में पचास लाख रूपये, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था लेकिन पाँच माह बीतने के बाद जब शहीद मनदीप के परिजनों का भरोसा टूटने लगा तो उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली से खफा होकर प्रधानमंत्री कार्यालय से गुहार लगाने का काम किया था जिसके बाद एकाएक आज प्रदेश सरकार सोई हुई नींद से जागी है और उन्होंने एक घोषणा पर अमल करते हुए केंद्र सरकार के दबाव से पचास लाख रूपये की मुआवजा राशि जारी कर दी है। जांगड़ा ने कहा कि सरकार को चाहिए की तुरन्त प्रभाव से बाकी बची घोषणा पर भी अमल करे। उक्त बातें इनेलो प्रवक्ता हैप्पी जांगड़ा ने आज जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रदेश सरकार पर लगाते हुए कही।
प्रवक्ता हैप्पी जांगड़ा ने कहा की प्रदेश सरकार के मुखिया और सत्ता में बैठे सहयोगी मंत्रीगण शहीदों की शहादत का सम्मान करने की बजाय झूठी घोषणाएं कर के वीर जवानों की शहादत का मजाक उड़ाने का काम कर रहे हैं। सिपाही का कोई धर्म, मजहब, कोई जाती-पाती नही होती। वीर जवान अपने प्राणों का बलिदान देकर राष्ट्र धर्म को निभाने का काम करता है लेकिन आज की मौजूदा प्रदेश सरकार शहीद के परिजनों की भावनाओं से खिलवाड़ करने का काम करती है। 
जांगड़ा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर गम्भीर आरोप जड़ते हुए कहा कि पिछली घोषणाओं की पूर्ति न करने वाली बीजेपी सरकार के मुखिया मनोहर लाल खट्टर ने कल एक बार फिर से नारनौल में शहीद मेजर सतीश दहिया के घर पर आयोजित शोक सभा में पहुँच कर फिर से घोषणाओं की बरसात करने का काम किया है। जांगड़ा ने कहा कि सीएम खट्टर ने वीर शहीद मेजर सतीश दहिया के घर पर की घोषणा करते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार शहीद के परिजनों को पचास लाख रूपये सांत्वना रूप में, शहीद की धर्मपत्नी को सरकारी नौकरी, शहीद के गांव को जाने वाली मुख्य सड़क का पुनर्निर्माण कर मार्ग का नाम शहीद मेजर सतीश दहिया के नाम पर करने व राजकीय कॉलेज का नाम शहीद के नाम पर करने की घोषणा की है। इनेलो प्रवक्ता हैप्पी जांगड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार शहीद के परिजनों के लिए जो भी घोषणा करती है उसे बिना एक पल की भी देरी किये तुरंत प्रभाव से लागू करने का काम करे। बीजेपी सरकार को चाहिए की शहीदों की शहादत का सम्मान करे और शहीद सिपाही मनदीप और शहीद मेजर सतीश दहिया के परिजनों से किये प्रत्येक वादे को पूरा करते हुए उनकी शहादत का मान बढ़ाने का काम करे अन्यथा झूठी घोषणाएं कर के शहीदों की पवित्र आत्मा व उनके परिजनों का मजाक उड़ाना बन्द कर दे। इनेलो प्रवक्ता हैप्पी जांगड़ा ने कहा कि यदि सरकार नही चेती तो युवा इनेलो कार्यकर्ता सड़क पर उतरने को मजबूर हो जायेंगे और जिला उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंप कर प्रदेश सरकार की गलत, दोगली और दोहरी नीतियों का पर्दाफाश करने का काम करेंगे।
प्रदेश से जुड़े सभी मुद्दों को इनेलो प्रमुखता से बजट सत्र में उठाएगी

चंडीगढ़, 25 फरवरी: इनेलो सोमवार से शुरू हो रहे हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में प्रदेश से जुड़े हुए सभी अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी ताकि प्रदेश के लोगों की भावनाओं से सदन को अवगत करवाने के साथ-साथ इन मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो सके। जींद से इनेलो विधायक डॉ. हरिचंद मिड्ढा व सिरसा के विधायक मक्खन लाल सिंगला ने एक संयुक्त बयान में कहा कि प्रदेश से जुड़े अहम मुद्दों को प्रमुख से सदन में उठाने के लिए इनेलो विधायकों ने कई ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और 400 से ज्यादा अहम सवाल विधानसभा सचिवालय को सौंपे हैं ताकि इन पर चर्चा हो सके। इसके अलावा पार्टी कुछ प्रमुख मुद्दों पर विधानसभा सचिवालय को काम रोको प्रस्ताव भी सौंपने जा रही है। इनेलो विधायकों ने कहा कि एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाए जाने, जाट आरक्षण आंदोलन के बाद सरकार द्वारा आंदोलनकारियों के साथ की गई बातचीत में स्वीकार की गई मांगों को लागू किए जाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को वादा करने के बाद भी अभी तक लागू न किए जाना, प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति, बिजली-पानी संकट, फसल बीमा योजना, धान घोटाला, प्रदेश में फैले व्यापक भ्रष्टाचार, बढ़ती महंगाई व प्रदेश के अहम पदों पर बाहरी लोगों की नियुक्तियों सहित अन्य सभी प्रमुख मुद्दों को भी इनेलो विधायक विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे।
इनेलो विधायकों ने बताया कि पिछले चुनाव के समय भाजपा ने लोगों के साथ अनेक वायदे किए थे लेकिन वे वायदे अभी तक भी लागू नहीं किए गए। जिनमें बुढ़ापा सम्मान पेंशन 2000 रुपए महीना दिए जाने, युवाओं को छह हजार व नौ हजार रुपए महीना बेरोजगारी भत्ता देने, कर्मचारियों की वेतनमान विसंगतियां दूर किए जाने, कर्मचारी वर्ग को पंजाब के समान वेतनमान व भत्ते दिए जाने, गेस्ट टीचरों व कम्प्यूटर टीचरों सहित अन्य कर्मचारियों को पक्का किए जाने, किसानों को उनकी फसलों के लागत मूल्य के साथ-साथ 50 फीसदी मुनाफा देकर कृषि उपजों के दाम दिए जाने सहित अनेक प्रमुख वायदे भाजपा ने चुनाव से पहले किए थे जिनमें से कोई भी चुनावी वायदा भाजपा ने पूरा नहीं किया है बल्कि भाजपा सरकार वादों के विपरीत काम कर रही है। इनेलो विधायकों ने कहा कि किसानों को उनकी फसलों के भाव स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट अनुसार देने की बजाय उन्हें लागत मूल्य तो क्या एमएसपी से भी कम भाव दिया जा रहा है। 
इनेलो विधायकों ने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है किसानों को धान व बाजरे के न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की बजाय एमएसपी से करीब अढाई सौ से तीन सौ रुपए प्रति क्विंटल कम भाव दिया जा रहा है और किसानों के खातों से फसल बीमा योजना के नाम पर जबर्दस्ती पैसे काटकर सरकार द्वारा अपनी चहेती कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। इनेलो विधायकों ने बताया कि पार्टी की ओर से अनेक प्रमुख मुद्दों पर विधानसभा सचिवालय को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी सौंपे जा चुके हैं जिनमें घग्गर नदी में अवैध खनन होने, नोटबंदी से प्रदेश के लोगों विशेषकर किसानों को हुई परेशानी और उन्हें समय पर खाद, बीज व अन्य सामग्री उपलब्ध न हो पाना, लोगों की बढ़ती समस्याओं को निपटाने में सीएम विंडो के पूरी तरह विफल रहने, पानी की समस्या चिंताजनक होने, एजुसेट प्रणाली के तहत स्कूलों में लगाए गए टर्मिनल में से आधे से ज्यादा बंद होने, प्रदेश में भारी मात्रा में गौ तस्करी होने और कुछ अवांछनीय लोगों द्वारा इसे गैर-कानूनी तौर पर इसे पैसे कमाने का धंधा बनाने, दादरी क्षेत्र के अनेक गांवों में जलभराव से हजारों एकड़ कृषि भूमि में सेम की समस्या पैदा होने, बिजली वितरण कंपनियों में कथित चोरी से प्रदेश को करोड़ों का नुकसान होने, विभिन्न विभागों को आबंटित बजट का पूरा खर्च न होने, सरकारी स्कूलों की बेहद खराब स्थिति के चलते अनेक स्कूलों के बंद होने के कगार पर पहुंचने और सरकारी खरीद में अनियमितताओं सहित अनेक प्रमुख मुद्दों को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय को सौंपे जा चुके हैं ताकि इन मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो सके।
इनेलो विधायकों ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर चर्चा के अलावा प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से पार्टी के विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी दिक्कतों और समस्याओं को सदन के समक्ष रखने के अलावा प्रदेश से जुड़े अहम मुद्दों को भी सदन में उठाएंगे। इनेलो विधायकों ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह से विफल हो चुकी है और लोगों का ध्यान अपनी विफलताओं से हटाने के लिए प्रदेश का आपसी भाईचारा तोडऩे और लोगों को आपस में लड़ाने में लगी हुई है। इनेलो विधायकों ने कहा कि  आज प्रदेश की आर्थिक हालत बेहद खराब है और प्रदेश दिवालिएपन के कगार पर है। प्रदेश पर कर्ज का बोझ निरंतर बढ़ रहा है और सरकार कर्जे की किस्तें चुकाने और कर्जे का ब्याज चुकाने के लिए भी कर्ज ले रही है। एक तरफ प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और दूसरी तरफ झूठी वाहवाही लूटने और लोगों का ध्यान सरकारी विफलताओं से हटाने के लिए आए दिन सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए के विज्ञापनों पर पैसा बेवजह पानी की तरह बहाया जा रहा है। इनेलो विधायकों ने कहा कि आज प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है और  हर कोई अपने आपको असुरक्षित व असहाय मान रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निरंतर बिजली की कीमतों में भारी बढ़ौतरी किए जाने और नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों पर तरह-तरह की शर्तें लगाए जाने से आम लोगों को बेहद परेशानी भुगतनी पड़ रही है। इन सभी मुद्दों को इनेलो आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाएगी और सरकार से इन मुद्दों पर जवाब मांगेगी।
बजट से पहले अब तक का श्वेत पत्र जारी करे भाजपा- बिश्नोई

हिसार : जिस प्रकार भाजपा सरकार ने अपना पहला बजट पेश करने से पहले श्वेत पत्र जारी करके प्रदेश के आर्थिक हालात बताये थे और कहा था कि उन्हें 81000 करोड़ रूपये का कर्ज विरासत में मिला है, उसी प्रकार अब जब भाजपा सरकार का लगभग आधा कार्यकाल बीतने को है तो भाजपा को अपना मौजूदा बजट पेश करने से पहले एक श्वेत पत्र पेश करना चाहिए। इनेलो जिला प्रवक्ता एड़वोकेट मनदीप बिश्नोई ने भाजपा सरकार से इस बारे में मांग करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार को श्वेत पत्र के माध्यम से जनता को बताना चाहिये कि 81000 करोड़ रूपये के कर्ज में से कुछ कर्ज उतरा या नहीं। साथ ही पिछले बजट में जो प्रावधान रखे गए थे उनको लेकर कितना काम हुआ ताकि प्रदेश की जनता को हकीकत का पता चल सके। प्रदेश की 65 प्रतिशत आबादी युवा है , उनके  रोजगार के लिए कितने साधन मुहैया करवाये  गये। वहीं हैपेनिंग हरियाणा के नाम पर प्रदेश के खजाने से करोड़ों रुपए तो खर्च किए गए परन्तु जो 5 लाख करोड़ रुपये के एम ओ यू किये गए थे, उन पर कितना काम हुआ और कितना निवेश प्रदेश में हुआ। साथ ही साथ कृषि को लेकर पिछले बजट में रखे गए प्रावधानों पर क्या कार्यवाही हुई। इनेलो प्रवक्ता ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर सरकार श्वेत पत्र जारी करे तो जनता को हकीकत का पता चल जायेगा, क्योंकि आज हरियाणा प्रदेश का कर्ज 81000 करोड़ से बढ़कर 140000 करोड़ रूपये हो चुका है। युवाओ को रोजगार के नाम पर केवल सब्ज बाग़ दिखाये जा रहे, हैपेनिंग हरियाणा के माध्यम से एक पैसे का निवेश प्रदेश में नहीं हुआ। प्रदेश के हालत बद से बदतर हो गए है।
एस वाई एल को लेकर इनेलो अपना संघर्ष जारी रखेगी

हिसार : एसवाईएल को लेकर प्रदेश के भाजपा व कांग्रेस के नेता अपनी ही पार्टी के केन्दीय नेतृत्व के दबाव में प्रदेश के किसानों के हितों की बलि देने में लगे है। उनके इन कदमों की कड़ी आलोचना करते हुए इनेलो के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर वर्मा, पूर्व आईपीएस राज सिंह मोर,  हिसार हलका अध्यक्ष सजन लावट, हलका नारनौंद अध्यक्ष सतबीर सिसाय, नलवा के अध्यक्ष सतपाल सरपंच, उकलाना के हलका अध्यक्ष रणधीर पूनियां,  कैप्टेन छाजू राम ने इन भाजपा व कांग्रेस नेताओं को जयचंद की संज्ञा दी है। इनेलो नेताओ ने कहा कि एसवाईएल के मुद्दे को लेकर जहां पंजाब की सभी राजनैतिक पार्टियां एक मत है, वहीं हरियाणा प्रदेश के भाजपा व कांग्रेस नेता एसवाईएल के लिए इनेलो द्वारा उठाये गये कदम की आलोचना कर रहे है। ऐसा करके वे अपने ही प्रदेश के किसानों के साथ खिलवाड़ करने में लगे है। उन्होंने कहा कि इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने सुप्रीम कोर्ट का फाइनल फैसला नवम्बर 2016 में आने के बाद से ही इसे जोर शोर से उठाते हुए प्रधान मंत्री व मुख्यमंत्री से इस पर जल्द कदम उठाने के लिए कहा। परन्तु न तो मुख्यमंत्री तथा न ही प्रधानमंत्री इसको लेकर गम्भीर दिखे। इसके उलटा भाजपा व कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के सामने पंजाब के नेता लगातार एसवाईएल का पानी हरियाणा को न देने की बात सरेआम कहते थे और आज भी कहते है। परंतु प्रदेश भाजपा व कांग्रेस के नेताओ को तो जैसे सांप सूंघ गया हो कि वे अपने ही नेतृत्व से इस बारे में बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। इन नेताओं को इनेलो के जल युद्ध पर टिका टिप्पणी करने की बजाए साथ देना चाहिए ताकि केंद्र सरकार व पंजाब सरकार पर दबाव बन सके और इस दबाव में हरियाणा प्रदेश की प्यासी धरती को उसके हक का पानी मिल सके। इनेलो नेताओ ने आगे कहा कि इनेलो नेताओ का एसवाईएल के लिए जेल जाना व्यर्थ नहीं जायेगा, उनके इस कदम से आज प्रदेश का किसान एसवाईएल को लेकर लामबन्ध होना शुरू हो गया है। एसवाईएल के संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक प्रदेश को पानी नहीं मिल जाता।

इनेलो ने कांग्रेस-भाजपा नेताओं के एसवाईएल पर दिए गए बयानों को उनकी हताशा व बौखलाहट बताया

इनेलो ने कांग्रेस व भाजपा नेताओं द्वारा एसवाईएल की खुदाई को लेकर दिए गए बयानों की तीखी आलोचना करते हुए इसे कांग्रेस व भाजपा नेताओं की हताशा व बौखलाहट बताते हुए कहा कि इनेलो को इस मुद्दे पर प्रदेशभर से मिले व्यापक जनसमर्थन को दोनों दलों के नेता पचा नहीं पा रहे हैं और हताशा व निराशा में तंज कसने वाली हल्की टिप्पणियां करके हरियाणा के हितों को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं हरियाणा पूर्व शहरी विकास मंत्री सुभाष गोयल, पूर्व स्पीकर सतबीर सिंह कादियान, पूर्व मंत्री मोहम्मद इलियास, पूर्व मंत्री जगदीश नैयर, जींद के विधायक डॉ. हरिचंद मिड्ढा, सिरसा के विधायक मक्खन लाल सिंगला व पूर्व विधायक रावबहादुर सिंह ने एक संयुक्त बयान में कहा कि एसवाईएल हरियाणा की जीवनरेखा है और इस नहर के निर्माण को लेकर उनकी पार्टी न सिर्फ केंद्र पर निरंतर दबाव बनाए रखेगी बल्कि बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने में भी पीछे नहीं हटेगी। इनेलो नेताओं ने कहा कि हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी व प्रदेश भाजपाध्यक्ष सुभाष बराला के अलावा कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर व कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के इस संबंध में दिए गए बयान पूरी तरह से इन नेताओं की निराशा, हताशा व बौखलाहट को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हित में जहां सभी पार्टियां एकजुट हैं वहीं हरियाणा के हित में कांग्रेस भाजपा खुद तो कुछ करती नहीं और इनेलो करती है तो इनको भारी तकलीफ हो रही है। इनेलो नेताओं ने जलयुद्ध के प्रथम चरण को सफल बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं व प्रदेशवासियों का आभार जताया है।
इनेलो नेताओं ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय चौटाला के नेतृत्व में पार्टी की ओर से शुरू किए गए जलयुद्ध का कदम पूरी तरह से प्रदेश हित में उठाया गया कदम है और इनेलो के सांसद, विधायक व अन्य वरिष्ठ नेता प्रदेश हितों के लिए ही जेल गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर एसवाईएल का पानी लाने के लिए इनेलो नेताओं को बार-बार जेल भी जाना पड़ा तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे और बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने के लिए भी हर समय तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता व मंत्री उनकी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ, पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा और अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ तो बोलने का साहस नहीं जुटा पा रहे जो निरंतर यह कह रहे हैं कि पंजाब एक बूंद पानी भी हरियाणा को नहीं देगा और इस मामले में वे निरंतर चुप्पी साधे हुए हैं। इसी तरह पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह द्वारा बार-बार यह कह रहे हैं कि पंजाब एक बूंद भी पानी हरियाणा सहित किसी अन्य राज्य को नहीं दिया जाएगा, इस बारे में हरियाणा के कांग्रेसी नेता उनका विरोध जताना तो दूर बल्कि पूरी तरह से न सिर्फ चुप्पी साधे हुए हैं। दूसरी तरफ हरियाणा के हितों की बलि चढ़ाने वाले हरियाणा के कांग्रेसी विधायक और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता तो पंजाब विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस द्वारा जारी किए गए उस घोषणा पत्र के रिलीज करने वालों में भी शामिल थे जिसमें ये कहा गया था कि पंजाब हरियाणा सहित किसी भी अन्य राज्य को एक बूंद भी पानी नहीं देगा। 
इनेलो नेताओं ने कहा कि इनेलो द्वारा शुरू किए गए जलयुद्ध को हरियाणा की जनता ने न सिर्फ सराहा है बल्कि प्रदेश के किसान, मजदूर व व्यापारी सहित हर वर्ग में इसकी प्रशंसा हो रही है और लोगों को एक उम्मीद बंधने लगी है कि आखिर इनेलो के संघर्ष से अब प्रदेश को पानी मिलने का रास्ता साफ हो ही गया है। इनेलो नेताओं ने कहा कि आज हरियाणा की सत्ता में बैठे भाजपा के लोग तो प्रदेश हित में संघर्ष करना तो दूर बोलने से भी गुरेज कर रहे हैं और एसवाईएल के मुद्दे पर पिछले साढे तीन महीने से प्रधानमंत्री से मिलने तक का समय नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूपेंंद्र हुड्डा दस साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने इस मामले में कोई कदम उठाना तो दूर बल्कि पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी। अब इनेलो द्वारा दिखाए गए साहस से न सिर्फ हरियाणावासियों को निरंतर धमकाने का प्रयास कर रहे पंजाब कांग्रेस सहित अन्य दलों के पंजाब के नेताओं को एक करारा संदेश चला गया है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी यह मुद्दा पूरी तरह से उभरकर केंद्रीय बिन्दु के तौर पर सामने आया है जिससे पूरे देश को ये पता चल गया है कि पानी के मामले में हरियाणा के साथ पिछले 50 सालों से न सिर्फ निरंतर अन्याय हो रहा है बल्कि कांग्रेस व भाजपा नेता सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हरियाणा के हक में आने के बावजूद उसे पानी से वंचित रखने के लिए निरंतर साजिश रचने में लगे हुए हैं। इनेलो नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो गई है और इनेलो को मिले व्यापक जनसमर्थन से बौखलाहट में लोगों का ध्यान हटाने के लिए हल्के स्तर की बयानबाजी पर उतर आई है।
इनेलो नेताओं ने कहा कि किरण चौधरी आज यह दावा कर रही है कि एसवाईएल की खुदाई का सबसे ज्यादा काम स्व. बंसीलाल के कार्यकाल में हुआ था। उन्होंने कांग्रेस नेत्री को सलाह दी कि वे हरियाणा विधानसभा का दिसम्बर 1991 का खुद रिकार्ड चेक कर लें जिसमें बंसीलाल ने खुद स्वीकार किया था कि एसवाईएल का सबसे ज्यादा निर्माण कार्य स्व. जननायक चौधरी देवीलाल के कार्यकाल में हुआ था। बंसीलाल ने यह भी कहा था कि वे चाहे देवीलाल के राजनीतिक विरोधी हैं इसके बावजूद सच्चाई को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि हुड्डा प्रदेशवासियों को यह भी बता दें कि एसवाईएल का फैसला हरियाणा के पक्ष में आने के बावजूद उन्होंने अपने दस साल के कार्यकाल में इसके निर्माण के लिए क्या कदम उठाए और क्यों चुप्पी धारण किए रखी? हालांकि केंद्र में भी कांग्रेसी सरकार थी और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले अनुसार इस नहर के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने की जिम्मेदारी केंद्र पर थी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर किसी भी अदालत का इस दौरान कोई स्थगन आदेश भी नहीं था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक रणदीप सुरजेवाला भी प्रदेशवासियों को यह बता दे कि उन्होंने पंजाब कांग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र जारी किया था या नहीं जिसमें कहा गया था कि पंजाब एक बूंद पानी भी हरियाणा सहित किसी अन्य राज्य को नहीं देगा।
दुष्यंत चौटाला को अमेरिका के एरिजोना राज्य में मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान



दुष्यंत चौटाला संयुक्त राज्य अमेरिका के एरिजोना राज्य की कॉर्परेशन कमिशन में सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बने हैं। इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला को सबसे युवा सांसद और खेल महासंघ का सबसे युवा अध्यक्ष बनने पर गत दिवस अमेरिका के एरिजोना राज्य में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया। एरिजोना कपास व संतरे का सबसे बड़ा उत्पादक है। 



इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने उन्हें यह सम्मान प्रदान करने के लिए एरिजोना निगम आयोग के कंजर्वेटिव अध्यक्ष श्री टॉम फोर्सेस सहित उनके सभी साथियों व एरिजोना निवासियों का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान पाकर वे बेहद गौरवान्वित हैं और ये सम्मान उनका नहीं बल्कि प्रत्येक भारतीय, प्रत्येक हरियाणवी व हिसार के सांसद होने के नाते उस संसदीय क्षेत्र के हर व्यक्ति का सम्मान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भारत व एरिजोना के बीच और ज्यादा व्यापार व तकनीक आदान-प्रदान बढ़ेगा जिससे दोनों देशों को भारी लाभ होगा। इस अवसर पर सभागार में मौजूद सभी वरिष्ठ लोगों ने दुष्यंत चौटाला का अपनी सीटों पर खड़े होकर स्वागत किया। एरिजोना निगम आयोग के कंजर्वेटिव अध्यक्ष श्री टॉम फोर्सेस ने युवा सांसद का स्वागत करते हुए कहा कि इससे युवा वर्ग को प्रेरणा मिलेगी और उन्हें युवा सांसद को सम्मानित करते हुए गर्व महसूस हो रहा है। इस मौके पर उनके सम्मान में एक पार्टी का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर दुष्यंत चौटाला के साथ इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला भी मौजूद थे।
'दिशा' की मीटिंग में शामिल करें सड़कों की दशा - दुष्यंत चौटाला

चरखी दादरी : हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने भिवानी जिला प्रशासन को कहा है कि मार्च महीने में होने वाली दिशा की मीटिंग में सड़कों की दशा को भी शामिल किया जाए । जिला उपायुक्त भिवानी को भेजे पत्र में सांसद चौटाला ने सिलसिलेवार कई गांवों की सड़कों का जिक्र करते हुए सरकार की पोल खोली है ।
सांसद दुष्यंत चौटाला ने पत्र में कहा है कि पिछले दिनों वे बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र के आधा दर्जन गांव में गए थे। वहां पर सड़कों को देख कर ऐसा लगा कि सड़क में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों में सड़क हैं।सांसद चौटाला ने लिखा है कि कलियाणा गांव को जाने वाली सारी सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में खनन कार्य चालू है और इन सड़कों पर भारी वाहन बहुत चलते हैं लेकिन इसके बावजूद न तो खनन विभाग और ना ही पीडब्ल्यूडी विभाग इन सड़कों की सुध ले रहा है ।सांसद ने पत्र में यह भी लिखा है कि क्या खनन विभाग की यह जिम्मेदारी नहीं बनती कि इस एरिया की सड़कों को बनाया जाए।  इस संबंध में दिशा की मीटिंग में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। श्री चौटाला ने कलियाणा के साथ-साथ माई कला गांव के जाने वाली सड़कों की दशा का भी जिक्र किया है और मार्च माह में होने वाली दिशा की मीटिंग में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिला उपायुक्त को लिखे पत्र में सांसद ने कहा कि कलियाणा गांव में तो दो रुपए प्रति मटका के हिसाब से पानी खरीदकर ग्रामीण पी रहे हैं जो कि बेहद चिंताजनक है। श्री चौटाला ने उपायुक्त को लिखा है कि इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगकर दिशा की मीटिंग में प्रस्तुत किया जाए।
इनेलो सांसद ने बडराई गांव के बुजुर्गों को सतनाली से पेंशन लाने का मामला भी दिशा की मीटिंग में शामिल करने को कहा है ।उन्होंने बताया कि बडराई के बुजुर्गों को गांव में बैंक न होने के कारण सतनाली जाकर पेंशन लेनी पड़ रही है। इसके अतिरिक्त बिलावल, बडराई तथा कलियाणा गांव में स्टेडियम बनाने की मांग का मामला भी दिशा की मीटिंग में रखने को कहा है। बडराई गांव के स्कूल को अपग्रेड करने तथा हुई गांव के युवाओं की जिम की मांग को भी पूरा करने के लिए दिशा में की मीटिंग में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। विदित रहे कि पिछले वर्ष से केंद्र सरकार ने जिलेभर के विकास कार्यों की निगरानी के लिए लोकसभा सांसद की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है और हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला भिवानी जिले की इस कमेटी में को- चेयरमैन हैं।
कांग्रेस- भाजपा कर रही है किसानों के साथ धोखा - डाबड़ा
हिसार : इनेलो किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्ण सिंह डाबड़ा ने भाजपा व कांग्रेस पर किसानों के साथ धोखा करने के आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ही राष्ट्रिय पार्टियां सुप्रीम कोर्ट की आड़ लेकर किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। इनेलो कार्यकर्ताओ ने नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में क़ानून के दायरे में रहकर भाजपा की गूंगी बहरी सरकार को जगाने का प्रयास किया है। और अगर अब भी सरकार नहीं जागी तो इनेलो कार्यकर्ताओ का ये प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
पूर्व विधायक डाबड़ा ने कहा कि एस वाई एल हरियाणा प्रदेश के किसानों के लिये जीवन रेखा है और प्रदेश का इस पर पूरा हक है, प्रारम्भ से ही इनेलो इस मुद्दे को लेकर गम्भीर रही   है। प्रदेश के बंटवारे के बाद 11 वर्षो तक कांग्रेस सरकार मौन रही। बाद में 1977 में देवीलाल इस प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने इस दिशा में कदम उठाते हुए नहर के लिए पंजाब में भूमि अधिग्रहण के लिए कदम उठाये। बाद की कांग्रेस सरकार ने इस मामले को उलझा दिया। 2002 में औम प्रकाश चौटाला के प्रयासों से सुप्रीम कोर्ट का फैसला प्रदेश के हक में आया तो तत्कालीन पंजाब कांग्रेस सरकार ने इसको लेकर रिव्यु याचिका डाली उसे भी मात्र 2 वर्षो में ही सुप्रीम कोर्ट से ख़ारिज करवा दिया। आज भी माननीय सुप्रीम कोर्ट 2002 व 2004 के फैसलों को लागू करने की बात कह रही है। जिसमे साफ साफ लिखा है कि नहर का निर्माण केंद्र सरकार करवाएगी। परन्तु केंद्र की सरकारों ने इस पर एक कदम भी नही बढ़ाया।  अगर भाजपा व कांग्रेस इसको लेकर गम्भीर होती तो कैप्टेन अमरेंद्र सिंह ने जब जल समझौते को रद्द किया तो प्रदेश के किसी कांग्रेस नेता ने इसका विरोध नहीं तथा न ही कांग्रेस हाई कमान ने उन पर देश के संघीय ढांचे को बिगाडऩे को लेकर कोई कार्यवाही की। उसी प्रकार अब जब प्रकाश सिंह बादल ने एस वाई एल की जमीन को डी नोटिफाई किया तो भाजपा ने न तो उनसे समर्थन वापिस लिया जब कि प्रदेश भाजपा के नेता भी उनके साथ मंच साँझा करते रहे। इनेलो नेता ने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि कल के प्रदर्शन से शायद केंद्र सरकार की नींद खुले और प्रदेश के किसानों को एस वाई एल का पानी मिल सके।
एस वाई एल पर इनेलो को मिले समर्थन से आदमपुर विधायक का मानसिक संतुलन बिगड़ा- बिश्नोई

हिसार : पिछले लगभग 3 महीनों से ज्यादा समय से इनेलो ने एस वाई एल को लेकर जल युद्ध का एलान किया हुआ है, जिसे पुरे प्रदेश में किसानों का भरपूर समर्थन मिल रहा है, जिसका परिणाम था कि वीरवार को अम्बाला में पहुंची लाखों की भीड़ थी। इससे आदमपुर के कांग्रेस विधायक अपना आपा खो बैठे है और इनेलो की संघर्षपूर्ण लड़ाई को लेकर व अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के लिए अनर्गल बातें कर रहे है। इनेलो जिला प्रवक्ता एडवोकेट मनदीप बिश्नोई ने आदमपुर विधायक कुलदीप बिश्नोई के द्वारा इनेलो नेता अभय चौटाला पर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैए यह बात कही। उन्होंने कहा कि गुमराह करना तो आदमपुर विधायक व उनके परिवार का काम है , जिन्होंने पिछले लगभग 10 वर्षो तक आदमपुर की जनता को गुमराह किया और अब भी कर रहे है।
एडवोकेट बिश्नोई ने कहा कि इनेलो जननायक चौधरी देवीलाल के द्वारा बनाई गयी पार्टी है जिसने सदैव संघर्ष के रास्ते को चुना है। जब 1982 में उनके साथ राजनैतिक धोखा हुआ तब भी उन्होंने दोबारा से संघर्ष का रास्ता चुना और पहले प्रदेश से और बाद में देश से कांग्रेस को रुखसत कर दिया था। उन्ही की नीतियों पर चलते हुए औम प्रकाश चौटाला, अजय सिंह चौटाला, अभय सिंह चौटाला व युवा सांसद दुष्यंत चौटाला हमेशा जनता के मध्य रहते है और चौपाल से लेकर संसद तक जनता के हको की पैरवी करते है। उन्होंने कहा कि 1982 से पहले हरियाणा प्रदेश में भृस्टाचार का नामोनिशान नहीं था परंतु 1982 से 1987 तक यह अपने चरम पर था। बिश्नोई ने कहा कि जब 2005 में कांग्रेस हाइकमान ने आदमपुर विधायक के परिवार को हरियाणा प्रदेश को लूटने का लाइसेंस नहीं दिया तो उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को 10 वर्ष तक गुमराह किया और बाद में उसी राहुल गांधी की गोदी में जाकर बैठ गए, जिसे वो पानी पी पी कर कोसते थे। हिसार लोकसभा की जनता ने 2014 के लोकसभा चुनाव में उनको आइना दिखा दिया था और 2019 में आदमपुर की जनता भी वही करने का मन बना चुकी है।
भाजपा और कांग्रेस के नेता सेंक रहे रोटियाँ, एसवाईएल से नही कोई सरोकार - हैप्पी जांगड़ा



रोहतक : एसवाईएल के मुद्दे पर कल हुई घटनाक्रम के बाद प्रदेश में सियासत लगातार गर्माती जा रही है जहाँ बीजेपी और कांग्रेस ने इस महज स्टंट बताया है वहीं इनेलो रोहतक के प्रवक्ता ने भी अब बीजेपी और कांग्रेस के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। आज जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इनेलो प्रवक्ता हैप्पी जांगड़ा ने सत्ताधारी पार्टी भाजपा और हरियाणा में आपसी फूट के लिए सदा चर्चा में रहने वाली कांग्रेस पर हल्ला बोल कर उक्त दोनों पार्टियों के नेताओं पर तंज कसा है। प्रवक्ता हैप्पी जांगड़ा ने अपने वक्तव्य में कहा कि एसवाईएल के मुद्दे पर कांग्रेस एवं भाजपा के नेता गलत ब्यानबाजी कर अपनी अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने में लगे हैं। दोनों ही पार्टियों के नेताओं को हरियाणा के हितों से कोई सरोकार नही रह गया है महज अपने स्वार्थ की पूर्ति हेतु राजनीती कर रहे हैं दोनों दल। 
हैप्पी जांगड़ा ने कहा कि हरियाणा प्रदेश कृषि प्रधान क्षेत्र है। हरियाणा की ज्यादातर आबादी गांव में बसती है। उन्होंने कहा की हरियाणा का किसान अपनी मेहनत से जाना जाता है। खेत में हल जोतने से लेकर तपती दोपहरी में गेहूँ काटने तक एक किसान को क्या क्या करना पड़ता है ये वही समझ सकता है जिसने खेत क्यार का काम किया हो। खेती के लिए पानी कितना आवश्यक है ये उस किसान को भली भाँति मालूम है जिसे उसके हिस्से का नहरी पानी भी समय पर ना मिलता हो। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष के नेताओं को मालूम ही नही की किसान की मूलभूत जरूरतें क्या हैं और किन साधनों से किसान की समस्या को दूर किया जा सकता है। उन्होंने भाजपा को शहरी पार्टी का दर्जा दिया। 
हैप्पी जांगड़ा ने कोंग्रेस और भाजपा नेताओं के उन बयानों को हास्यपद बताते हुए कहा कि बीजेपी और कांग्रेस नेताओं में मानसिक कमजोरी तो शुरू से ही थी पर अब उनमे शारीरिक कमजोरी भी आ गयी है। उन्होंने दोनों दलों के नेताओं पर ताना मारते हुए कहा कि यदि उन्होंने भी थोड़ी बहुत हिम्मत की होती और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में नहर खुदाई हेतू बाजार से कस्सी खरीद कर इनेलों के वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं की फ़ौज का अनुसरण करते तो इस बात में कतई दौराय नही की हरियाणा के हिस्से का पानी कल ही हरियाणा के किसानों को मिल जाता लेकिन वास्तविकता यह है कि कांग्रेस और भाजपा नेता अंदरूनी रूप से खोखले हो चुके हैं और उन्हें अपने जाथर का पता लग चुका है। इसलिए वे केवल ब्यानबाजी कर अपना अपना राग अलाप रहे हैं।
हैप्पी जांगड़ा ने कहा कि इनेलो नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा कल दी गयी गिरफ़्तारी ने देश के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने का काम किया है। हरियाणा ही नही पुरे देश में जब जब राजनैतिक इतिहासकार आपसी चर्चा करेंगे तब तब इनेलो नेताओं व कार्यकर्ताओं की फ़ौज को जहाँ उनके साहस, कथनी और करनी एक सामान व हरियाणा के किसान वर्ग की हितैषी पार्टी रूप में जाना जायेगा तो वहीं भाजपा और कांग्रेस को हरियाणा के इतिहास की सबसे मुर्ख व कमजोर पार्टी के तौर पर याद रखा व जाना जायेगा।
इनेलो प्रवक्ता हैप्पी जांगड़ा ने कहा कि हमारे नेताओं की गिरफ्तारी जाया नही जायेगी। इनेलो अपने मकसद में कामयाब रही है और हमारा उद्देश्य हरियाणा के हिस्से का एसवाईएल नहर का पानी लाना है जिसे हम हर हाल में पूरा करेंगे। उन्होंने इनेलो नेता अभय सिंह, अशोक अरोड़ा, रामपाल माजरा, गोपीचंद गहलोत व सतीश नांदल जैसे सरीखे नेताओं की तुलना वीर शहीद-ए-आजम भगत सिंह व उनके साथियों से करते हुए कहा की जब अंग्रेज् हुकूमत का राज था और गोरी सरकार हिंदुस्तानियों पर जोर जुल्म कर रही थी तब भगत सिंह व साथियों द्वारा अंग्रेजी हुकूमत जो आँखों से अंधी और कानों से बहरी थी उनकी  अदालत में देसी बम फोड़ कर अंग्रेजी सरकार को जड़ से हिला दिया था और जिसका नतीजा यह रहा था कि जेल जा कर भी क्रन्तिकारी सोच के धनी भगत सिंह व साथियों ने देश के युवाओं पर ऐसा प्रभाव डाला था जिस से अंग्रेज् सरकार को अपना बोरिया बिस्तर बाँध कर अपने देश लौटना पड़ा था। ऐसा ही नजारा कल की घटना में देखने को मिला जब हरियाणा के किसानों की लड़ाई लड़ने और केंद्र व प्रदेश सरकार को कुम्भकर्णी नींद से जगाने के लिए इनेलो नेताओं व कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ़्तारी दे दी। जांगड़ा ने कहा कि यदि सरकार अब भी नही जागी तो इनेलो पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी कुर्बानी देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि हरियाणा व पंजाब की जेलें थोड़ी पड़ जाएगी यदि इनेलो कार्यकर्ता अगर बिफर गया तो किसी के रोके नही रुकेगा।

Thursday, February 23, 2017

एसवाईएल की खुदाई खातिर पंजाब में दाखिल होने पर अभय चौटाला समेत इनेलो के 75 नेता गिरफ्तार


एसवाईएल की खुदाई के लिए जा रहे इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा के अलावा पार्टी के 15 विधायकों और दो सांसदों समेत 75 वरिष्ठ नेताओं को आज पंजाब पुलिस ने शंभू बैरियर के पास गिरफ्तार करके पटियाला जेल भेज दिया। गिरफ्तारी देने वाली इनेलो की महिला कार्यकर्ताओं को मौके पर ही जमानत दे दी गई जबकि पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने चेतावनी देकर पंजाब सीमा से वापिस लौटा दिया। इससे पहले अम्बाला अनाज मंडी में बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए इनेलो कार्यकर्ताओं व प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इनेलो हर हाल में एसवाईएल का पानी हासिल करने के अलावा अगली लड़ाई राजधानी चंडीगढ़ के लिए भी लड़ेगी क्योंकि शाह आयोग चंडीगढ़ को हिंदी भाषी क्षेत्र पहले ही मान चुका है। उन्होंने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सहित कई अन्य नेताओं पर जानबूझकर माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब के जो राजनेता लोगों को उकसाने का काम कर रहे हैं हरियाणा में अब लोग न सिर्फ उनका डटकर विरोध करेंगे बल्कि प्रदेश में आने पर उनकी गाडिय़ों की हवा निकालकर अपने विरोध का भी अहसास करवाएंगे।


गिरफ्तार किए गए इनेलो नेताओं में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला, प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा, पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत, इनेलो विधायक दल के उपनेता जसविंदर सिंह संधू, विधायक जाकिर हुसैन, रणबीर सिंह गंगवा, परमिंद्र ढुल, राजदीप फोगाट, बलवान दौलतपुरिया, पिरथी सिंह नम्बरदार, वेद नारंग, रामचंद कम्बोज, ओमप्रकाश बरवा, अनूप धानक, नसीम अहमद, प्रो. रविंद्र बलियाला, केहर सिंह रावत, पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी, रणबीर मंदौला, रामफल कुंडू व तेजबीर सिंह सहित पार्टी के अन्य सभी प्रमुख नेता व पदाधिकारी भी शामिल हैं। अम्बाला सब्जी मंडी में विशाल जनसभा के बाद अभय चौटाला के नेतृत्व में इनेलो कार्यकर्ता व प्रदेशवासी एसवाईएल की खुदाई के लिए पंजाब सीमा की ओर चल पड़े। इस दौरान हरियाणा पुलिस ने कई जगह बैरिगेटस लगा रखे थे लेकिन उन सबको हटाते हुए इनेलो कार्यकर्ता आगे बढ़ते गए और पंजाब सीमा में प्रवेश कर गए। वहां पंजाब पुलिस ने उन्हें बार-बार धारा 144 लागू होने और आगे न आने की चेतावनी दी लेकिन वे एसवाईएल की खुदाई के लिए जाने की जिद करने लगे। वहां इनेलो कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कार्यकर्ताओं से शांति व संयम बनाए रखने और संविधान का सम्मान करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों में रहकर अपना प्रदर्शन करने और देश व प्रदेश का माहौल बिगाडऩे का प्रयास कर रहे लोगों से सावधान रहने का आह्वान किया।


इनेलो नेता ने कहा कि पिछले डेढ महीने के दौरान उन्होंने प्रदेशभर में जलयुद्ध के अंतर्गत हर हलके से लेकर स्थानीय स्तर पर जो बैठकें की उससे न सिर्फ एसवाईएल का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उभरकर सामने आया बल्कि पूरे देश को यह भी पता चल गया है कि एसवाईएल के मामले में हरियाणा के साथ ज्यादती हो रही है। वहां बरिकेटस के समक्ष धरने पर बैठे इनेलो कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए इनेलो नेता ने कहा कि उनके जलयुद्ध की पहली सफलता कल उस समय मिल गई जब सर्वोच्च न्यायालय ने पंजाब को अदालती फैसला लागू करने और एसवाईएल का निर्माण करवाए जाने के आदेश दिए हैं और अब इनेलो कार्यकर्ता तो पंजाब सरकार से अदालती फैसले का सम्मान करने और नहर निर्माण के लिए कार सेवा करके पंजाब को सहयोग देने के लिए ही एसवाईएल की खुदाई के लिए जा रहे हैं। एसवाईएल की खुदाई के लिए अभय चौटाला व अन्य नेता ट्रैक्टरों में सवार होकर गए। जिस ट्रैक्टर में नेता प्रतिपक्ष सवार थे उसको प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा चला रहे थे और उनके साथ रामपाल माजरा सहित अन्य नेता भी मौजूद थे। जबकि दूसरे ट्रैक्टर को पूर्व कृषि मंत्री जसविंदर संधू व एक अन्य ट्रैक्टर के पूर्व विधायक निशान सिंह चला रहे थे। इसी तरह पार्टी के अन्य कार्यकर्ता व नेता भी ट्रैक्टरों पर सवार थे और उनके पीछे-पीछे पार्टी के अन्य नेता व कार्यकर्ता भी ट्रैक्टरों व अपनी गाडिय़ों के साथ-साथ पैदल भी कंधों पर कसियां रखकर पंजाब की ओर कूच कर रहे थे। जिन्हें पंजाब सीमा में दाखिल होने पर गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। 


इससे पहले अम्बाला सब्जी मंडी में इनेलो की ओर से एक विशाल जनसभा की गई जिसमें महिलाओं सहित भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और कांग्रेस व भाजपा पर एसवाईएल के नाम पर राजनीति करने और दोहरी भाषा बोलने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष ने सिलसिलेवार उन सभी बातों का भी ब्यौरा दिया कि किस तरह से चौधरी देवीलाल ने हिंदी क्षेत्र के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और संघर्ष का रास्ता अपना हरियाणा को अलग राज्य बनवाया। उन्होंने बताया कि एसवाईएल का जो भी निर्माण कार्य हुआ वो चौधरी देवीलाल की सरकार में हुआ और चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की सरकार की जोरदार पैरवी से एसवाईएल को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हरियाणा के पक्ष में आया जबकि कांग्रेस व भाजपा ने इस मामले में हमेशा अड़चनें पैदा करने का प्रयास किया। इनेलो नेता ने भाजपा सरकार द्वारा किसानों को धान व बाजरे के साथ-साथ फसल बीमा योजना के नाम पर लूटने और प्रदेश के खजाने को फिजूलखर्ची में लुटाने के आरोप लगाते हुए एक साजिश के तहत जाट आंदोलन के दौरान प्रदेश का भाईचारा तोडऩे और लोगों को जातपात के नाम पर बांटने के प्रयासों का आरोप लगाया। उन्होंने दोहराया कि इनेलो ने सदभावना बैठकों के जरिए फिर से आपस में जोडऩे और भाईचारा बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व आरएसएस के जो लोग हरियाणा अलग राज्य बनाए जाने का विरोध करते थे वहीं बाद में सर्वेसर्वा बनने का ढोंग करने लगे।


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इनेलो अपने हिस्से का सतलुज नदी से मिलने वाले 38 लाख एकड़ फीट पानी का अपना हिस्सा मांग रहा है जो कि बंटवारे के समय आज से 50 साल पहले ही हरियाणा को मिल जाना चाहिए था। इनेलो नेता ने कैप्टन अमरेंदर पर आरोप लगाया कि उन्हीं की वजह से 2002 में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हरियाणा के पक्ष में आने के बावजूद और 2004 में पंजाब की पुनर्विचार याचिका रद्द होने के बाद 12 साल तक प्रदेश को सिर्फ इसलिए पानी नहीं मिल पाया क्योंकि कैप्टन अमरेंदर सिंह ने पंजाब विधानसभा में नदी जलसमझौते रद्द करने वाला एक ऐसा असंवैधानिक बिल पारित कर दिया जो  न सिर्फ संविधान का उल्लंघन था बल्कि देश के संघीय ढांचे को भी तोडऩे वाला था। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि संविधान व अदालत की दुहाई देने वाले पंजाब के नेता आज खुद संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इनेलो नेता ने कहा कि हरियाणा ने पंजाब को हमेशा बड़ा भाई माना है और पंजाब को भी बड़े भाई की भूमिका खुले मन से निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के नेताओं को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हुए एसवाईएल नहर का निर्माण करवाकर अपने छोटे भाई हरियाणा को उसके हिस्से का पानी तुरंत देना चाहिए। 
इनेलो नेता ने कहा कि पंजाब अगर एसवाईएल का निर्माण करवाने का काम करता है तो वे पंजाब के लोगों और वहां के राजनेताओं का भी खुले मन से स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कोई हरियाणा के हितों पर डाका डालने अथवा हरियाणा के लोगों को धमकाने का प्रयास करेगा तो उसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। इनेलो नेता ने कहा कि इनेलो हमेशा संविधान व सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करता रहा है और वे लोकतांत्रित तरीके से अपनी हर लड़ाई संविधान के दायरे में रहकर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने संविधान की धज्जियां उड़ाने का काम किया और यहां तक कहा कि वे सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को भी नहीं मानते उनके खिलाफ इनेलो सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना का मामला भी सबूतों सहित अदालत में दायर करेगी ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।


इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने हरियाणा के गठन व एसवाईएल के निर्माण में चौधरी देवीलाल की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि कैप्टन अमरेंदर सिंह के ताजा बयानों से हरियाणावासियों को सम्मान को ठेस पहुंची है और उन्हें हरियाणा के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने अन्न पैदा करने व देश की सीमा की रक्षा करने में हरियाणावासियों के योगदान का भी उल्लेख किया। जनसभा को पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा, सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, गोपीचंद गहलोत सहित अनेक प्रमुख नेताओं ने संबोधित किया और मंच का संचालन इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. केसी बांगड़ ने किया। इनेलो के अम्बाला जिलाध्यक्ष शीशपाल व मक्खन सिंह लबाणा ने नेता प्रतिपक्ष को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया और जनसभा में आई भारी भीड़ ने एसवाईएल निर्माण में नेता प्रतिपक्ष को दोनों हाथ खड़े कर हर प्रकार का सहयोग देने का भरोसा दिलाया। आज लोगों का जोश और उत्साह देखते ही बनता था और राष्ट्रीय राजमार्ग व पंजाब हरियाणा सीमा पर हजारों की संख्या में दोनों तरफ सुरक्षा बलों के जवान तैनात होने के बावजूद इनेलो कार्यकर्ता सभी सीमाएं लांघते हुए पंजाब सीमा में प्रवेश कर गए थे।  गायक कर्मवीर फौजी ने जलयुद्ध पर एक गीत गाकर भीड़ का उत्साह बढ़ाने का काम किया। इनेलो के घोषणा के चलते आज राष्ट्रीय राज मार्ग आम वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद था और इनेलो कार्यकर्ताओं की गाडिय़ों को भी जगह-जगह पर रोका जा रहा था ताकि वे रैलीस्थल पर न पहुंच पाएं। इस सबके बवजूद भारी संख्या में इनेलो कार्यकर्ता न सिर्फ जनसभा में पहुंचे बल्कि अभय चौटाला के नेतृत्व में खुदाई के लिए भी पंजाब सीमा में दाखिल हुए।

Wednesday, February 22, 2017

23 फरवरी का इनेलो का पूर्व घोषित कार्यक्रम पूरी तरह कायम है - अभय चौटाला

चंडीगढ़, 22 फरवरी: इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि इनेलो अपने 23 फरवरी के पूर्व घोषित कार्यक्रम पर पूरी तरह कायम है और पार्टी कार्यकर्ता गुरुवार को बड़ी संख्या में अम्बाला सिटी नई सब्जी मंडी में एकत्रित होंगे। इनेलो नेताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट एसवाईएल के निर्माण को लेकर पहले ही हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है और अब फिर सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि अदालती फैसले का सम्मान होना चाहिए और उसे लागू किया जाए। इनेलो नेताओं ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने पंजाब को नहर बनाने के लिए साफ तौर पर कह दिया है और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता व हरियाणावासी तो नहर निर्माण में पंजाब की मदद करने और कार सेवा करने ही जा रही है। इनेलो नेताओं ने कहा कि एसवाईएल हरियाणा की जीवनरेखा है और हरियाणा सिर्फ अपने हिस्से का पानी मांग रहा है जो उसे पंजाब-हरियाणा राज्यों के बंटवारे के बाद मिला था और एसवाईएल के मुकम्मल होने से ही वह पानी हरियाणा में आ सकता है। 
इनेलो नेताओं ने कहा कि 23 फरवरी के पूर्व घोषित कार्यक्रम के लिए पार्टी की ओर से सभी तैयारियां मुकम्मल हो चुकी हैं और प्रदेशभर के लोगों में एसवाईएल खुदाई के लिए भारी जोश और उत्साह पाया जा रहा है और बड़ी संख्या में इनेलो कार्यकर्ता और हरियाणावासी गुरुवार को सुबह राजपुरा रोड अम्बाला शहर स्थित नई अनाज मंडी में पहुंचेंगे और वहां से एसवाईएल की खुदाई के लिए पंजाब सीमा की ओर कूच करेंगे। इनेलो नेताओं ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा एसवाईएल पर राजनीति कर रहे हैं और उन्हें प्रदेश के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एसवाईएल निर्माण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला इनेलो प्रमुख चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की जोरदार पैरवी के चलते 2002 में हरियाणा के पक्ष में आ गया था और सर्वोच्च न्यायालय ने पंजाब को एसवाईएल का निर्माण करने के आदेश दिए थे। 2004 में इस फैसले को चुनौती देने वाली पंजाब सरकार की पुनर्विचार याचिका भी सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दी और उस समय पंजाब में कैप्टन अमरेंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने नदी जल समझौते रद्द करने वाला एक असंवैधानिक बिल पंजाब विधानसभा से पारित करके मामले को फिर लटकाने का प्रयास किया। इस बिल को भी राष्ट्रपति के संदर्भ पर सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय असंवैधानिक बता चुका है और अब सर्वोच्च न्यायालय के फैसले अनुसार इस नहर के अधूरे निर्माण को पूरा करने की जिम्मेदारी केंद्र की सरकार पर है। इनेलो नेताओं ने कहा कि प्रदेश व केंद्र में दस साल तक कांग्रेस की सरकार रही लेकिन एसवाईएल के निर्माण के लिए कोई कदम उठाना तो दूर इसकी चर्चा तक नहीं की गई। अब पिछले अढाई साल से केंद्र व हरियाणा में भाजपा की सरकार है और इस दौरान भाजपा पंजाब सरकार में भी हिस्सेदार रही, इसके बावजूद हरियाणा के हितों की रक्षा के लिए और सर्वोच्च न्यायालय का फैसला लागू करवाने के लिए कहीं कोई प्रयास नहीं किया गया।
इनेलो नेताओं ने कहा कि एसवाईएल के मुद्दे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी और उस बैठक में यह तय किया गया था कि सीएम के नेतृत्व में प्रदेश के सभी दल प्रधानमंत्री से मिलकर उन्हें एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने का आग्रह करेंगे लेकिन पिछले तीन महीने से मुख्यमंत्री इस बारे में पीएम से मिलने का समय तक नहीं ले पाए। इनेलो नेताओं ने कहा कि हमने तो पहले ही सरकार से कहा था कि सरकार 22 फरवरी तक इस नहर का निर्माण शुरू करवाए अन्यथा प्रदेशवासियों को साथ लेकर इनेलो इसकी खुदाई शुरूकरेगी। उन्होंने कहा कि आज भी पंजाब व हरियाणा में कांग्रेस व भाजपा के नेता एसवाईएल को लेकर दोहरी भाषा बोल रहे हैं जिससे साफ है कि इन दोनों राजनीतिक दलों का हरियाणा के हितों से कोई वास्ता नहीं है और मात्र इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। इनेलो नेताओं ने कहा कि हरियाणा का निर्माण पंजाब में से ही हुआ है और बंटवारे में हरियाणा को अपने हिस्से का जो पानी मिला है उसे ही लाने के लिए हरियाणावासी पिछले 50 सालों से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज एसवाईएल का पानी आने से न सिर्फ प्रदेश के लोगों को पीने के लिए पानी मिल पाएगा बल्कि प्रदेश की बंजर भूमि भी खुशहाल हो जाएगी। उन्होंने पंजाब के विभिन्न राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करें और एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने में सहयोग दें।
इनेलो हर हाल में करेगी एसवाईएल की खुदाई - दौलतपुरिया


फतेहाबाद : इनेलो विधायक बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि जल युद्ध के तहत नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के आह्वान पर 23 फरवरी को जिला फतेहाबाद से 20 हजार से अधिक लोग अंबाला पहुंचेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब और हरियाणा सरकार चाहे किसी भी तरह की बंदीशे लगा ले, इनेलो के आह्वान पर प्रदेश की जनता एसवाईएल की खुदाई जरूर शुरू करेगी, इसके लिए चाहे उसे किसी भी तरह का बलिदान तक क्यों न देना पड़े। वे बुधवार को अपने अनाज मंडी स्थित कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों को एसवाईएल खुदाई कार्यक्रम की तैयारियों बाबत चर्चा कर रहे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें आश्वस्त किया कि अंबाला में 23 फरवरी को जिला फतेहाबाद की भागीदारी अग्रणी रहेगी।
विधायक दौलतपुरिया ने कहा कि एसवाईएल भाजपा, कांग्रेस व अन्य दलों के लिए राजनीतिक मुद्दा हो सकता है, लेकिन जननायक स्व. ताऊ देवीलाल के आदर्शों पर चल रही इनेलो के लिए यह हरियाणा की जीवनरेखा से जुड़ा अहम सामाजिक मुद्दा है। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों का आह्वान किया कि उन्हें भी दलगत राजनीति से उपर उठकर 23 फरवरी को एसवाईएल खुदाई अभियान में भागीदारी जरूर करनी चाहिए। एसवाईएल का पानी हरियाणा प्रदेश को मिलना ही चाहिए, यह निर्णय माननीय सुप्रीम कोर्ट तक दे चुकी है, बावजूद इसके केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार इस निर्णय को लागू करवाने में असफल रही है। ऐसे में इनेलो ने शीर्ष नेता अभय चौटाला के नेतृत्व में एक संकल्प लिया है कि जब तक हरियाणा को उसके हक का पानी नहीं मिल जाता, पार्टी का एक-एक कार्यकत्र्ता जल युद्ध के तहत हर तरह के आंदोलन का हिस्सा बनने को तैयार रहेगा। उन्होंने चेताया कि यदि हरियाणा को उसका हक एसवाईएल के पानी के रूप में नहीं मिला तो माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लागू करवाने के लिए इनेलो प्रदेश के साथ लगती दिल्ली की सीमा सील करने जैसा कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगी। इस अवसर पर उनके साथ शहरी प्रधान पवन चुघ, हलकाध्यक्ष भरत सिंह परिहार, दरेश खान सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी व कार्यकत्र्ता उपस्थित थे।
जलयुद्ध में हिसार से 1300 गाडिय़ों में जाएंगे हजारों युवा, महिलाएं व किसान - लितानी

हिसार, 22 फरवरी : इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष राजेंद्र लितानी ने कहा कि इनेलो का जलयुद्ध अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। गुरुवार को हिसार के सातों विधानसभा क्षेत्रों से 1300 गाडिय़ां में हजारों की तादाद में युवा, महिलाएं, पुरुष व किसान एसवाईएल की खुदाई करने के लिए अंबाला पहुंचेगे। लितानी बुधवार को यहां ताऊ देवीलाल सदन में समीक्षा बैठक के दौरान हलकाध्यक्षों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उक्त कार्यक्रम की सभी तैयारियों को जायजा लिया और पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
लितानी ने कहा कि एसवाईएल हरियाणा की जीवनरेखा है और अलग राज्य बनने के बावजूद पिछले 50 सालों से हरियाणा को अपने हिस्से का अभी तक पानी नहीं मिल पा रहा और प्रदेश की धरती आज भी प्यासी है। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला भी इस संबंध में हरियाणा के पक्ष में आ चुका है। प्रदेश के लोगों को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले अनुसार उनके हिस्से का पानी दिलाने के लिए इनेलो अपनी प्रदेशवासियों के प्रति जिम्मेदारी निभाने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा किसी से किसी का कोई हक नहीं छीनना चाहता बल्कि अपने हिस्से का पानी मांग रहा है। इसलिए प्रदेश के सभी किसानों को भी आगे आकर इनेलो के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए इस अभियान को सफल बनाना चाहिए। उन्होनें पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में अंबाला शहर की नई सब्जी मंडी में एकत्र होने का आहवान किया। इस मौके पर हलकाध्यक्ष सजन लावट, सतबीर सिसाय, सत्यवान बिछपड़ी, रणधीर पूनिया, भागीरथ नंबरदार, सतपाल सरपंच, राव इंद्र फौजी, राजीव शर्मा, राजेंद्र चुटानी, युवा जिलाध्यक्ष अमित बूरा व कैप्टन छाजूराम सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। 

Tuesday, February 21, 2017

कांग्रेस-भाजपा दोगली नीति छोड़ एसवाईएल के लिए इनेलो के साथ आएं - अभय चौटाला

 
इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा सरकार में बैठे लोगों को आज हरियाणा के हितों से कोई सरोकार नहीं है। एसवाईएल के मुद्दे पर जहां भाजपा का चेहरा बेनकाब हुआ है वहीं पर कांग्रेस का भी दोहरा चरित्र हरियाणावासियों के सामने आ गया है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तंज कसते हुए अभय चौटाला ने कहा कि हुड्डा एसवाईएल मुद्दे पर मेरा नाम लेकर नोटंकी करने की बात कहते हैं जबकि मैंने पहले भी भूपेंद्र हुड्डा सहित प्रदेश के सभी सांसदों व विधायकों को पत्र लिखकर राजनीति से ऊपर उठकर इस मामले में मिलकर 23 फरवरी को नहर खुदाई करने का न्यौता दिया था और आज भी मैं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को निमंत्रण देता हूं कि अगर वो हरियाणा प्रदेश के लोगों के हितैषी हैं तो अपने कांग्रेस के सभी साथियों को लेकर 23 फरवरी को अंबाला में आए और हमारे साथ नहर खुदाई में शामिल हों। उन्होंने आज कैथल में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस की नीयत तो पंजाब मैनिफैस्टो जारी करते हुए ही साफ हो गई थी जब कैथल के कांग्रेसी विधायक रणदीप सिंह सुर्जेवाला की उपस्थिति में पंजाब का पानी पंजाब के वास्ते वायदा किया गया था।


इसी बीच नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला व इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने मंगलवार को जलयुद्ध के लिए शुरू किए गए जनसंपर्क अभियान के अंतिम दौर में आज कैथल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व अम्बाला में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित कर 23 फरवरी को लेकर तैयारियों का जायजा लिया और कार्यकर्ताओं से ज्यादा से ज्यादा संख्या में नहर खुदाई के लिए गुरुवार को अम्बाला शहर की नई सब्जी मंडी में एकत्रित होने का आह्वान किया। इनेलो नेताओं ने कहा कि एसवाईएल हरियाणा की जीवनरेखा है और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बावजूद अभी तक नहर की खुदाई न होना न सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना है बल्कि पंजाब के नेता निरंतर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को भी निरंतर ठेस पहुंचा रहे हैं। इनेलो नेताओं ने कहा कि हरियाणा किसी से किसी का कोई हक नहीं छीनना चाहता बल्कि अपने हिस्से का पानी मांग रहा है जिस पर सर्वोच्च न्यायालय भी हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है। इनेलो नेता ने कहा कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह आज दूसरों को संविधान की नसीहत देते हैं जबकि सबसे पहले पंजाब विधानसभा में नदी जल समझौते रद्द करने वाला असंवैधानिक बिल पारित करके कांग्रेसी नेता ने ही संविधान की धज्जियां उड़ाने का काम किया था।


इनेलो नेता ने कहा कि हम निश्चित तौर पर लाखों कार्यकत्र्ताओं के साथ नहर की खुदाई करने जाएंगे और यदि वहां पर कोई विषम परिस्थिति पैदा होती है तो कांग्रेस व भारतीय जनता पार्टी और पंजाब के राजनीतिक दलों के लोग इस बात के लिए बड़े जिम्मेवार होंगे। उन्होंने एक ओर जल समझौते की बात याद करवाते हुए कहा कि कावेरी जल समझौता इस देश में हुआ था, तमिलनाडू और कर्नाटक का आपसी समझौता था उसमें भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था उसके बावजूद तमिलनाडू की सरकार ने पानी में रूकावट बनने की कोशिश की लेकिन किसान के लिए ही नहीं बल्कि पानी हर इंसान के लिए जरूरी है। इस पानी की लड़ाई के लिए वहां तो 240 लोगों ने बलिदान दिया था लेकिन हरियाणा में उससे कहीं ज्यादा लोग भी बलिदान देने को आज तैयार बैठे है। अगर किसी ने रोकने, जबदस्ती करने की कोशिश की तो उसका खमियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।


उन्होंने कहा हम कोई भी ऐसा असंवैधानिक कदम नहीं उठाएंगे जिसकी वजह से लोगों के सामने कोई दिक्कत व परेशानी आएं। हम अपना अधिकार मांगने जा रहे हैं। हम अपने अधिकार की लड़ाई लड़ेंगे, हमें अपने अधिकार लेने आते हैं अगर कोई हमारे अधिकारों पर डाका डालेगा तो उसको उसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने केंद्र व पंजाब सरकार से मांग करते हुए कहा कि हरियाणा के हिस्से का 38 लाख एकड़ फुट पानी जो बंटवारे में आया है उसे हरियाणा को देने का कार्य जल्द से जल्द करना चाहिए। कैथल व कुरुक्षेत्र की बैठक में नेता प्रतिपक्ष के अलावा इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा, पूर्व मंत्री सुरेंद्र मोहन, पूर्व विधायक बूटा सिंह सहित पार्टी के अनेक नेता व कार्यकर्ता भी मौजूद थे। यमुनानगर की बैठक में अभय सिंह चौटाला व अशोक अरोड़ा के अलावा पूर्व विधायक दिलबाग सिंह, पूर्व विधायक ईश्वर पलका, जाहिद खान, अश्वनी दत्ता, दलमीरा राम सैनी, राज कुमार बुबका, चरण सिंह, राज कुमार सैनी, सेवा सिंह, राम पल, डिप्टी मेयर अजय बिल्लू, मधु सूदन शर्मा, राजिंदर बजाज, गुरजिंदर खेड़ी, गुरप्रीत सिंह चावला, जसबीर, बिट्टू, इंदर मोहन पप्पी, जरनैल सिंह पंजेटा, कमल कंबोज, राम चंद्र जग्गा, सुरेश बुडिय़ा, माणिक बुडिय़ा व रंजीत सिंह भी उपस्थित थे। अम्बाला की बैठक में नेता प्रतिपक्ष व अशोक अरोड़ा के अलावा अशोक शेरवाल, जिलाध्यक्ष शीशपाल जंधेड़ी, पूर्व विधायक राजबीर बराड़ा, जगमाल सिंह रौलों, मक्खन सिंह लबाणा, अमरेंदर सिंह सोंटा, सुरजीत सिंह सोंडा, हरपाल कम्बोज व शम्मी सोंडा सहित पार्टी के अनेक प्रमुख नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

इनेलो विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने जनसंपर्क अभियान के तहत कई गाँवों का दौरा किया


सभी गाँवों में विधायक चौ0 ज़ाकिर हुसैन का फूलमालाएँ डालकर व पगड़ी बाँधकर शानदार स्वागत किया गया। लोगों में इनेलो विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन के प्रति भारी जौश व उत्साह देखने को मिला।
विधायक चौ0 ज़ाकिर हुसैन ने गाँववासियों द्वारा किए गए शानदार स्वागत का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपका यह प्यार व सम्मान मुझे मरहूम चौ0 तय्यब हुसैन साहब के समय से ही बढ़ चढकर मिलता रहा है। 
ज़ाकिर हुसैन ने भाजपा व कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस व भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। पहले तो प्रदेश को कांग्रेस ने जमकर लूटा और अब भाजपा लूटने का काम कर रही है। आज प्रदेश के लोग चारों तरफ त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। भाजपा ने झूठ बोलकर लोगों से वोट लेने का काम किया।
हुसैन ने कहा कि उन्होंने विधानसभा के अंदर व बाहर खेलरत्न चौ0 अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में मेवात क्षेत्र की माँगें व समस्याएँ जोरदार तरीके से उठाईं तथा उन्हें विधानसभा की कमेटी की बैठकों तथा इनेलो की रैलियों में भी रखा और सरकार के साथ पुरजोर तरीके से इन माँगों की पैरवी की,जिससे उन्होंने सरकार से कुछ माँगें मनवाने में सफलता प्राप्त की और मुख्यमंत्री ने स्वंय चंडीगढ़ व नूँह रैली में उनकी मँजूरी की घोषणा की,लेकिन भाजपा व कांग्रेस के कुछ नेताओं को मेवात का विकास नहीं भा रहा है,क्योंकि भाजपा के कुछ नेता पूर्व मंत्री आफताब अहमद के समर्थक हैं। और वे नहीं चाहते कि जिन कार्यों को आफताब अहमद अपने मंत्रीतत्वकाल  में असंभव बताते थे, वे कार्य अब विपक्ष में होते हुए भी इनेलो विधायक चौ0 ज़ाकिर हुसैन के प्रयासों से क्यों संभव हो रहे हैं? वो नहीं चाहते कि इसका श्रेय उन्हें मिले। इसके अनेकों उदाहरण प्रमुखतः हैं:- 1. मुख्यमंत्री द्वारा मेवात विकास बोर्ड की बैठक में 4 अप्रैल 2016 को हैवी ड्राईविंग लाईसेंस के नवीनीकरण को मँजूर होने के बाद भी आज हैवी ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण क्यों नहीं हो रहा है? 2. नूँह सब-ब्रांच/ नूँह डिस्ट्रीब्यूटरी के किनारों को उठाने के लिए हरियाणा सरकार ने 12 दिसंबर 2015 को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करके 2 करोड़ 83 लाख की मँजूरी प्रदान की थी,  जिसका राज्यपाल की स्वीकृति के बाद टेंडर भी हो गया था। इससे 36 बिरादरी के लगभग 50-55 गाँवों की सिँचाई के लिए फायदा होगा। जिला इसकी मँजूरी की घोषणा मुख्यमंत्री ने 23 अक्तूबर को नूँह विकास रैली में की थी लेकिन इस पर अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है और इसमें कुछ नेताओं द्वारा अड़चनें की जा रही हैं, जिससे पूरे इलाके में काफी रौष है। 


विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने खुलासा किया कि भाजपा नेता नूँह ड्रैन में घासेड़ा के निकट मँजूरशुदा क्राॅस रेगुलेटर का काम रुकवाना चाहते हैं,जबकि इसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी। इसका काम अब शुरू भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष का यह आरोप निराधार है कि इससे सिर्फ मेव बाहूल्य गाँवों को फायदा है। हुसैन ने कहा कि मेवात में हिन्दू-मुसलमान मिल जुलकर रहते हैं गाँवों कि स्थिति भी ऐसी है। नूँह ड्रैन पर छपेड़ा,खेड़ली दौसा,कुतुबगढ़,मेलावास, मानूवास,भिरावटी, कालियाकी, सिलानी आदि अनेक हिन्दु बाहूल्य गाँव स्थित है,जिन्हें क्राॅस रेगुलेटर की स्थापना से बहुत फायदा होगा। हुसैन ने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष को यह बातें शोभा नहीं देती। वे मुख्यमंत्री की विकास घोषणा को पूरा करवाए ना कि रुकवाऐं। अभी सिँचाई के क्षेत्र में बहुत से काम होने हैं जैसे: दुबालू व उलेटा माईनर जल्द खोली जानी चाहिए।  
श्री हुसैन ने कहा कि वे झूठ व धोखे की राजनीति नहीं करते। उनका राजनीति का मकसद धन कमाना नहीं बल्कि 36 बिरादरी की सेवा करना है। मेरे लिए विधायक व सांसद बनना बहुत छोटी चीज है। मेवात की 36 बिरादरी ने चौधर की पगड़ी बाँधकर जो सम्मान दिया है वो मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
उन्होंने कहा कि अगर इंसान की नीयत जनहित के कार्य करने की हो तो, कोई भी कार्य असंभव नहीं है। आपका यह बेटा और भाई विपक्ष में रहते हुए भी खेलरत्न चौ0 अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में आपकी माँगों को लगातार मँजूर करा रहा है। आपके इस बेटे और भाई ने ठान रखी है कि मेवात के विकास के लिए वे मरते दम तक लड़ाई लड़ेंगे तथा इस लड़ाई में उन्हें अपनी जान भी देनी पड़ी तो उसे देने से भी वो पीछे नहीं हटेंगे।
श्री हुसैन ने कहा कि हरियाणा में इनेलो सुप्रीमो चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में सरकार बनने पर मेवात में सरकारी नौकरियाँ इस तरह लगेंगी जैसे ड्रैनों में पानी आया है। उन्होंने कहा कि पूर्व परिवहन मंत्री अपने शासनकाल में कहा करते थे कि ड्रैनों में पानी छोड़ने का कोई कानून नहीं है। लेकिन आज हमारी ड्रैन लबालब भरी हुई हैं, यह भी आप लोगों की दुआओं व मेरे द्वारा किए गए संघर्ष से संभव हुआ है।
उन्होंने कहा कि चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में उन्होंने विधानसभा के अंदर तथा बाहर मेवात की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया है। उन्होंने लोगों से वादा किया कि वे नूँह विधानसभा ही नहीं बल्कि पूरी मेवात क्षेत्र के विकास व बेरोजगारी को दूर करने के लिए दिन-रात लड़ाई लड़ेंगे। इसकी प्रेरणा उन्हें उनके पिता मरहूम चौधरी तय्यब हुसैन साहब से मिली है। आपका यह बेटा और भाई आज आपसे वादा करके जा रहा है कि इनेलो की सरकार बनने पर मेवात के युवाओं को सरकारी नौकरियाँ अन्य जिलों की तुलना में दोगुनी लगेंगी तथा विकास के मामले में मेवात जिला किसी भी जिले से पीछे नहीं रहेगा।
विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन, जिलाध्यक्ष मास्टर बदरुद्दीन,इनेलो नेता किशोर यादव ने लोगों को 23 फरवरी को इस्लामपुर जिला अंबाला में एस वाई एल की खुदाई के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में पँहुचनें का निमंत्रण भी दिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता किशोर यादव,हाजी सुबराती,संतलाल सरपंच,श्री चंद सरपंच कुर्थला, देवी सिँह प्रधान, रणजीत नंबरदार, ब्रह्मा पंडित, धर्मेंद्र सरपंच,मास्टर दयानंद,अजमत सरपंच बसई, हाजी शौकत सरपंच, आसफ अली सरपंच,हाजी अब्दुल्ला सरपंच, हाजी शोकत, मौ0 खाँ सरपंच,अल्ली प्रधान,शहनाज हुसैन घासेड़ा, असगर हुसैन,हरीश शर्मा,जयपाल सिंह कुर्थला,हितेश आटा,नयपाल आटा, वहीद सरपंच महरोला,पहलू कंवरसीका,हाजी आसम रायसीका,ताहिर ऊदाका,रुक्कू ऊदाका,झड़मल, जाकिर भड़ंगाका, लियाकत सरपंच, हाजी शौकत, जफरूद्दीन बाबूपुर,शमसुद्दीन,हाजी शम्मी,जुहुर खाँ नंबरदार आदि गणमान्य व्यक्तियों के अलावा सैंकड़ों गाँव की महिलाएँ व बच्चे मौजूद थे।