Friday, September 30, 2016

आतंंकवाद के खिलाफ देश का हर नागरिक कड़ी कार्रवाई के पक्ष में है : कर्नल छिल्लर
चंडीगढ़, 30 सितंबर: इनेलो पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व विधायक कर्नल रघुबीर सिंह छिल्लर ने भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि ऐसा कर सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जबाव दिया है। इस ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक ने यह साबित कर दिया है कि हमारे बहादुर जवानों का मनोबल दूसरे देशों की सेना से कहीं ज्यादा एवं बेहतरीन है और हमेशा रहेगा। हमें अपनी सेना पर गर्व है और हम सेना के बहादुर जवानों के जज्बे को सलाम करते हैं। सेना ने हमेशा ही देश के लिए प्राणों का बलिदान दिया है और सेना का हर जवान इसके लिए हमेशा तैयार है। कर्नल रघुबीर सिंह ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान से भारतीय राजदूत वापस बुलाने सहित सभी संधियों को रद्द करनेे और वैश्विक स्तर पर पाक को अलग-थलग करने के लिए सभी संभावित कार्रवाई करने की भी मांग की है।
 कर्नल छिल्लर ने कहा कि आतंंकवाद के खिलाफ देश का हर नागरिक कड़ी कार्रवाई के पक्ष में है तथा भारतीय सेना ने कड़ी कार्रवाई कर जता भी दिया है। पीओके में चल रहे आंतकी कैंपों को चिह्ंित कर नष्ट करना चाहिए ताकि आंतकियों व आतंकवाद को कड़ा संदेश दिया जा सके। इनेलो पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार पाकिस्तान के राजदूत को तुरंत वापस भेजने, भारतीय राजदूत को वापस बुलाने व जल और व्यापार सहित अन्य सभी समझौतों को रद्द कर पाक को घुटने टेकने पर मजबूर करे तथा सेना पीओके में चल रहे आतंकियों के ट्र्रेनिंग कैंपों को तबाह करना निरंतर जारी रखें। आज देश का हर नागरिक हमारी सेना के बहादुर जवानों के साथ खड़ा है। 

Thursday, September 29, 2016

पहली अक्तूबर को जींद में होगी इनेलो राज्य कार्यकारिणी की बैठक

इनेलो राज्य कार्यकारिणी की बैठक शनिवार 1 अक्तूबर को जींद में होगी। बैठक की अध्यक्षता इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा करेंगे। सफीदों रोड जींद में होने वाली इस बैठक में पार्टी के सभी विधायक, सांसद, पूर्व विधायक, प्रदेश व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, जिला-हलका व शहरी प्रधान और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रदेश व जिला संयोजक हिस्सा लेंगे। बैठक में करनाल रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को बधाई देने के साथ-साथ सरकार द्वारा किसानों के खातों से फसल बीमा योजना के नाम पर जबर्दस्ती काटी गई राशि और किसानों को धान व बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने और पार्टी की ओर से प्रदेश के सभी 90 हलकों में शुरू की जाने वाली बैठकों को लेकर व्यापक विचारविमर्श कर आगामी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
हिसार ब्लाक समिति के चेयरमैन बने बलजीत मंगाली


हिसार, 29 सितम्बर : सरकार के तमाम अलोकतांत्रिक हथकंडो के बावजूद भी उसे हिसार ब्लॉक समिति -एक के चेयरमैन के चुनाव में मुंह की खानी पड़ी। इनेलो विधायक रणवीर गंगवा ने चेयरमैन पद के लिए हुए चुनाव के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज के चुनाव के बाद बीजेपी को सीख लेनी चाहिए, उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से बीजेपी सरकार ब्लॉक समिति हिसार -एक के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के चुनाव को स्थगित करवाती आ रही थी। गौरतलब है कि यह चुनाव तीन बार स्थगित किया जा चूका है। इनेलो विधायक गंगवा ने ब्लॉक समिति के सभी सदस्यों को सरकार के खिलाफ एकजुटता रखने के साथ साथ नवनियुक्त चेयरमैन बलजीत मंगाली को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने बार बार चुनाव को स्थगित करके सदस्यो को प्रलोभन देकर उनका ईमान खरीदने की कोशिश की परन्तु सदस्यो ने जागरूक प्रतिनिधि की जिम्मेदारी निभात्र  हुए सरकार को उसकी हैसियत दिखा दी। बरवाला से इनेलो विधायक वेद नारंग ने कहा कि आज की जीत सभी सदस्यों की भाईचारे की जीत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज के परिणाम से शायद बीजेपी को अक्ल आ जाये और आने वाले समय में वो जनता से किये गए अपने वायदों को पूरा करे। नारंग ने कहा कि अगर अब भी सरकार के लोग नही सुधरे तो ब्लॉक व गाँव स्तर पर सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करेंगे। इस मौके पर नव नियुक्त चेयरमैन बलजीत मंगाली ने कहा कि ब्लॉक समिति के सदस्यो ने निर्विरोध तरीके से  उन्हें चुनकर जो सम्मान उन्हें दिया है, वे इसके लिए उनके आभारी है ।जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गयी है वे इसको निभाने में अपनी तरफ से कोई कोर कसर नही छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वे इनेलो के सिपाही है, जननायक चौधरी देवी लाल की नीतियों में विश्वास रखते है। चौधरी औम प्रकाश चौटाला के नेतृत्व व युवा सांसद दुष्यंत चौटाला व विधायक रणवीर गंगवा के मार्गदर्शन में पूरे ब्लॉक के विकास कार्य बिना किसी भेदभाव के करवाएंगे। इस मौके पर इनेलो जिला अध्यक्ष राजेंद्र लितानी, विधायक अनूप धानक, पूर्व विधायक पूर्ण सिंह डाबड़ा, शीला भ्याण, सतपाल सरपंच, सत्यवान बिछपड़ी, डॉ सत्य  नारायण मंगाली, एडवोकेट मनदीप बिश्नोई, डॉ महेंद्र गंगवा, राम चन्द्र गंगवा, किताब सिंह देवा व ब्लॉक समिति हिसार के सदस्यों सहित सैंकड़ो की संख्या में इनेलो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रास चुनाव धांधली के मामले में चुनाव आयोग ने सीईओ को दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवाने को कहा


चंडीगढ़, 28 सितंबर: भारतीय चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव के दौरान पेन बदलने और इसके चलते 12 वोट रद्द होने के मामले में हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी व जालसाजी का मामला दर्ज करवाए जाने के आदेश दिए हैं। इसमे कहा गया है कि इस मामले में जनप्रतिनिधि कानून व भारतीय दंड सहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करवाई जाए ताकि चुनाव प्रकिया दौरान डियूटी पर तैनात व अन्य लोगों जो कथित तौर पर पैन बदलने के लिए जिम्मेदार हैं, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सके। चुनाव आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव को भी चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी व विधानसभा सचिव आरके नांदल के खिलाफ इस मामले में डियूटी में गम्भीर कोताही बरतने और उनके सुपरवाईजरी कंट्रोल मे कमी के चलते अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है। चुनाव आयोग ने कहा कि निर्वाचन अधिकारी ने वोटों की गिनती शुरू करवाने की इजाजत लेने से पहले आयोग से तथ्य छुपाए और अपनी रिपोर्ट में भी चुनाव प्रक्रिया के दौरान एक अन्य पैन मिलने जैसे गम्भीर मामले का उल्लेख तक नहीं किया।
चौधरी अभय सिंह चौटाला ने बुधवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग को इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाए जाने की मांग करते हुए पत्र लिखा था और अब आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आपराधिक मामला दर्ज करवाए जाने की हिदायत दी है। इनेलो नेता ने कहा कि रास चुनाव के षडयंत्र में कांग्रेस व भाजपा की मिलीभुगत से प्रजातंत्र का गला घोंटा गया और प्रदेश कलंकित हुआ। आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा कि रास चुनाव के लिए जारी किए गए पत्र में कहा गया था कि निर्वाचन अधिकारी मतदाताओं को मतपत्र के साथ बैंगनी रंग की स्याही वाला पैन  उपलब्ध करवाएगा और उसी पेन से मतपत्र पर निशान लगाया जाएगा। लेकिन चुनाव के दिन रिटर्निंग अधिकारी ने आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए मतपत्र के साथ बैंगनी स्याही वाला पैन देने की बजाय उस पैन को एक डोर के साथ बांधकर वोटिंग वाले हिस्से में रखवा दिया। ये सीधा-सीधा चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों की जानबूझकर उल्लंघना करने का मामला है। इस बारे में आयोग ने 18 अगस्त को निर्वाचन अधिकारी से जवाब मांगा था कि उन्होंने अपने स्तर पर चुनाव प्रक्रिया को क्यूं बदला? लेकिन निर्वाचन अधिकारी द्वारा इस बारे में 22 अगस्त को दिए गए जवाब में इस मुद्दे को स्पष्ट नहीं किया गया। 
आयोग ने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में निर्वाचन अधिकारी के 30 जून को सीईओ को लिखे पत्र में कहा है कि जब चुनाव प्रक्रिया चल रही थी तो क्रम संख्या 10 पर वोट डालने आए विधायक सुभाष बराला ने कहा कि वोटिंग वाले हिस्से में एक पैन डोर के साथ बंधा हुआ है और एक अन्य बालपैन और रखा हुआ है जो कि निर्वाचन अधिकारी व सहायक निर्वाचन अधिकारी द्वारा वहां रखे गए बालपैन को वहां से हटा दिया गया और मतदाताओं से कहा गया कि बैंगनी रंग के पैन से ही मतपत्रों पर निशान लगाए जाएं जो कि वहां पर बंधा हुआ है। यह बात वीडियोग्राफी को गहराई से देखने पर भी साफ नजर आती है कि भाजपा विधायक श्रीमती रोहिला रेवड़ी क्रम संख्या 7 पर वोट डालने आई और अपने साथ एक पैन लेकर आई थी। रोहिता रेवड़ी के बाद क्रम संख्या 8 पर भाजपा विधायक श्रीमती कविता जैन और क्रम संख्या 9 पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल वोट डालने आए। उनके बाद वोट डालने आए भाजपा विधायक सुभाष बराला ने वहां एक अन्य पैन होने की बात नोटिस में लाई और उसके बाद वोटिंग वाले हिस्से से वो अतिरिक्त पैन हटा दिया गया और सहायक निर्वाचन अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई कि वे वोटिंग वाले हिस्से की नियमित रूप से निगरानी करें और ये बात वीडियो ग्राफी से भी साफ झलकती है। चुनाव आयोग ने कहा कि निर्वाचन अधिकारी ने न तो यह घटना आयोग के नोटिस में लाए और न ही मतदान दिवस की रिपोर्ट के फारमेट में इसका उल्लेख किया और न ही मतगणना की इजाजत मांगते समय आयोग के पास इसका कोई उल्लेख किया गया। यह मामला चुनाव आयोग से तथ्यों को सीधे-सीधे छुपाने का है। चुनाव आयोग ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान परिसर और चुनाव से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए निर्वाचन अधिकारी ओवरऑल प्रभारी होता है। इसलिए आयोग यह मानता है कि निर्वाचन अधिकारी आरके नांदल जो कि हरियाणा विस के सचिव भी हैं, ने अपनी ड्यूटी निभाने में गम्भीर कोताही बरती और ये उनके सुपरवाइजरी नियंत्रण की भी कमजोरी है जिसके चलते मतदान वाले हिस्से में अनधिकृत पैन पाया गया और एक अन्य अनधिकृत कथित पैन का इस्तेमाल हुआ जिसके चलते 12 मतपत्र गिनती के दौरान अलग स्याही के होने से रद्द किए गए। इसलिए आयोग ने चाहा है कि आरके नांदल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्य सचिव व सीईओ को लिखे कथित पत्र की प्रतियां भी पत्रकारों को सौंपी।
अभय चौटाला ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर रास चुनाव के नतीजे बदलने का अपराधिक षडय़ंत्र रचने वालों के खिलाफ आयोग की ओर से पुलिस के पास अपराधिक मामला दर्ज करवाए जाने की मांग करते हुए कहा था कि ये मामला सिर्फ एक प्रत्याशी की हार जीत का न होकर उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस का शिकार भारतीय लोकतंत्र व हरियाणा की जनता हुई है जिन्हें अपनी इच्छा अनुसार रास के लिए अपना प्रतिनिधी चुनने के अवसर से वंचित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि इस षडय़ंत्र से न सिर्फ भारतीय लोकतंत्र की साख को क्षति पंहुची है, बल्कि ये भारतीय संविधान पर भी आघात है।
उपायुक्तों के माध्यम से भेजे जाने वाले ज्ञापन राज्यपाल तक पहुंचते ही नहीं, अधिकारी पूरी तरह बेलगाम : नेता प्रतिपक्ष



चंडीगढ़, 28 सितंबर: इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला  ने भाजपा सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज प्रदेश की मंडियों में करीब 30 फीसदी से ज्यादा धान की फसल आ चुकी है और सरकारी खरीद न होने के कारण किसानों को 200 से 250 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर धान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा किसानों का बाजरा भी एमएसपी पर न खरीदने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को करीब 400 रुपए प्रति क्विंटल कम मूल्य पर अपना बाजरा बेचना पड़ा। इनेलो नेता ने कहा कि आज प्रदेश के अधिकारी इतने बेलगाम हो गए हैं कि जिला उपायुक्तों के माध्यम से जो भी मांग पत्र महामहिम राज्यपाल के पास भेजने के लिए सौंपे जाते हैं वे मांग पत्र अधिकारी आगे राज्यपाल को भेजते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो ने जनवरी 2015 से अगस्त 2016 तक राज्यपाल को 11 ज्ञापन भेजे थे जो कि आरटीआई में हुए खुलासे से पता चला कि पिछले डेढ साल के दौरान राज्यपाल को उपायुक्तों के माध्यम से कोई भी ज्ञापन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी द्वारा दिए गए ज्ञापनों को लेकर यह हालत है तो आम आदमी द्वारा राज्यपाल के नाम जिलों से भेजे गए ज्ञापनों की क्या हालत होगी, सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। पत्रकार सम्मेलन में पार्टी के अनेक विधायक व प्रमुख नेता भी मौजूद थे। 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि करनाल रैली की सफलता से यह बात साफ हो गई है कि प्रदेश के लोगों में भाजपा सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा है और लोगों की सारी उम्मीदें अब इनेलो से ही हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक तरफ जहां सरकार ने किसानों के खाते से फसल बीमा योजना के नाम पर 300 करोड़ रुपए जबर्दस्ती काट लिए वहीं मंडियों में 30 फीसदी धान आने के बावजूद अभी तक न तो कोई जे फार्म कटा है और न ही मार्केट कमेटियों को मार्केट फीस के तौर पर कोई राशि मिली है। जिससे साफ है कि किसानों से औने-पौने दामों पर धान खरीदकर रख ली गई है और अब इसके जे फार्म सरकारी खरीद शुरू होने के बाद एमएसपी पर जारी कर रकम का एक बड़ा हिस्सा कुछ लोगों की जेबों में चला जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली तारीख को इनेलो राज्य कार्यकारिणी की बैठक जींद में रखी गई है जिसमें किसानों के मुद्दों सहित सभी मुद्दों पर पार्टी पदाधिकारियों की राय लेकर आगे आगामी कार्रवाई की जाएगी और इनेलो इन मुद्दों पर सभी 90 हलकों में भी जाएगी। 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि स्वर्ण जयंती योजना के नाम पर सरकार ने 500 करोड़ रुपए का बजट रखा है लेकिन कल हुई बैठक के लिए मात्र एक दिन पहले फोन पर सूचना दी गई और कहीं बैठक का कोई एजेंडा भी नहीं भेजा गया जिसके चलते 80 प्रतिशत सदस्य इस बैठक में नहीं आ पाए। इनेलो नेता ने कहा कि एक  नवम्बर से सरकार स्वर्ण जयंती कार्यक्रम शुरू करने जा रही है और दूसरी तरफ यह कहती है कि पूर्व विधायकों की राय जानने के लिए नवम्बर के आखिरी हफ्ते में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।  उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि जिलास्तर पर खेल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे लेकिन ऐसे कार्यक्रम तो जिलों के हर स्कूलों व कॉलेजों में निरंतर चलते ही रहते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि  बैठक में प्रोटोकॉल की भी ध्यान रखा गया और पूर्व उपराज्यपाल श्रीमती चंद्रावती को ऐसी पंक्ति में बैठा दिया गया जो उनकी गरीमा के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा कि लगता है सरकार स्वर्ण जयंती के नाम पर 500 करोड़ रुपए के बजट से अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने की फिराक में है।
सवालों के जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री कहा करते थे कि कोई एक जवान का सिर कलम करेगा तो 10 सिर लेकर आएंगे लेकिन आज 56 इंच की छाती व एक के बदले 10 सिर वाले बयानों से भाजपा पूरी तरह बेनकाब हो गई है। उन्होंने भाजपा पर हमेशा जातपात के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि डिंगरहेड़ी के नाबालिक दोहरे गैंगरेप व दोहरे हत्याकांड के मामले को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा इसे मामूली घटना कहना पूरे समाज को अपमानित करने वाली बात है और सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की नारे की भी पोल खोलती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को शायद अपने पद की गरिमा का भी ध्यान नहीं जो उन्होंने डिंगरहेड़ी मामले में ऐसा गैर जिम्मेदाराना बयान दिया। 
इनेलो नेताओं ने कहा कि इनेलो की करनाल रैली को विफल करने के लिए सरकार ने जानबूझकर 25 सितम्बर को पंचायत उपचुनावों की घोषणा की लेकिन इसके बावजूद प्रदेश की जनता ने रैली में रिकार्ड तोड़ भागीदारी पर सरकार को जवाब दे दिया। एक अन्य सवाल के जवाब में इनेलो नेता ने कहा कि सरकार पूरी तरह से आरएसएस के एजेंडे को लागू करने में लगी हुई है और अब पंचायतों की जमीन आमदनी वाला पैसा जो पहले पंचायत खाते में रहता था अब उन्हें भी बीडीओ के पास मंगवाए जाने लगा है। कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी द्वारा एचसीएस भर्ती को लेकर दिए गए बयान पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सांसद एक जाति विशेष के खिलाफ केवल जहर उगलने के लिए मौके की ही तलाश में रहते हैं। उन्होंने कहा कि कल को भाजपा सांसद यह भी मांग कर सकते हैं कि साक्षी मलिक द्वारा रियो में जीते गए ओलंपिक पदक की भी जांच करवाई जाए।   उन्होंने सरकार द्वारा आए दिन की जा रही नई-नई घोषणाओं पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की जगमग गांव योजना और गोद लिए हुए गांव की योजना पहले से ही बुरी तरह विफल हो चुकी है।

Wednesday, September 28, 2016

सोशल मीडिया पर भी रही इनेलो की रैली सुपरहिट - दुष्यंत चौटाला
इनेलो ने करनाल में आयोजित रैली को इस बार फेसबुक पर लाइव देश व प्रदेश की राजनीति में एक इतिहास बना डाला। यह पहला मौका था जब किसी भी राजनैतिक रैली को देश में फेसबुक पर लाइव किया गया हो। सद्भावना और सम्मान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह रैली देश-विदेश में 10 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची। इतना ही नहीं यू-टयूब पर भी इस रैली का पूरा लाइव किया गया जिसे हजारों लोगों ने देखा। रैली में 103 टै्रक्टरों के साथ पहुंचने वाले इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला के शो का भी फेसबुक पर लाइव किया गया था जोकि 4 लाख 70 हजार लोगों तक पहुंचा। इसके अलावा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस रैली को फेसबुक पर बहुप्रचारित किया। सोशल मीडिया के माध्यम से रैली को अधिक अधिक लोगों तक पहुंचाना सांसद दुष्यंत चौटाला की हसरत थी। 
आंकड़ों के अनुसार इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला के फेसबुक पेज से यह रैली लगभग 6 लाख 33 हजार लोगों तक पहुंची। डा. अजय सिंह चौटाला के पेज से 2 लाख 40 हजार लोगों तथा इंडियन नेशनल लोकदल के फेसबुक पेज से लगभग एक लाख 9 हजार लोगों तक यह रैली पहुंची। नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला के फेसबुक पर भी हजारों की संख्या में विभिन्न तस्वीरों को पंसद किया गया और कमेंट्स किए। इसके अलावा फेसबुक पेज पर 360 डिग्री के व्यू से विभिन्न प्रकार की तस्वीरें पोस्ट की गई जिसमें रैली के हर कोने को दिखाया गया। इस तस्वीरों को लाइक करने वालों की संख्या करीबन 3 लाख है। 
यू-टयूब पर इस रैली का लगातार 4 घंटे 42 मिनट तक लाइव किया गया और 17 हजार लोगों ने यू टयूब पर इसे देखा।सांसद दुष्यंत चौटाला का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस रैली को बहुत रिस्पांस मिला और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर जननायक स्व. देवीलाल जयंती पर आयोजित सदभावना एवं सम्मान दिवस समारोह करीबन 18 लाख तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी इनेलो की करनाल सुपरहिट रही।

Tuesday, September 27, 2016

आने वाले समय में इनेलो रैली की सफलता प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभायेगी

गुड़गांव, 27 सितम्बर : करनाल पंहुचकर सद्भावना सम्मान दिवस समारोह को सफल बनाने के लिए प्रदेश व विशेषकर गुड़गांव के कार्यकर्ताओं का हार्दिक धन्यवाद व आभार। उक्त शब्द इंडियन नैशनल लोकदल के वरिष्ठ नेता एंव पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचन्द गहलोत ने प्रैस के नाम जारी अपने बयान में कहे। उन्होंने कहा कि लाखों की संख्यां में इनेलो कार्यकर्ता व जननायक चौ0 देवीलाल जी के अनुयायी वहां पंहुचकर यह साबित कर दिया कि भाजपा जा रही है व इनेलो आ रही है। उन्होंने कहा कि इस रैली से एक बात साबित हो गई है कि प्रदेश का हर वर्ग आज वर्तमान भाजपा सरकार से भारी परेशान है। श्री गहलोत ने कहा कि आज विरोधी भी यह बात निजी बातचीत में मानते हैं कि इनेलो के जनाधार में न सिर्फ निरन्तर भारी बढौतरी हो रही है बल्कि रैली ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये। उन्होंने कहा कि इनेलो हर वर्ष चौ0 देवीलाल जी का जन्मदिन पर सम्मान दिवस रैली करती आयी है लेकिन इनेलो सुप्रीमो चौ0 ओम प्रकाश चौटाला व पार्टी के प्रधान महासचिव डॉ0 अजय सिहं चौटाला की गैर हाजिरी में उमड़े जैनसैलाब ने यह साबित कर दिया की इनेलो कार्यकर्ता चटटान की तरह मजबूत हैं और पार्टी संगठन की मजबूती के लिए जी जान से जुटे हुए है। उन्होंने कहा कि करनाल की रैली ने प्रदेश की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा है और आने वाले समय में इनेलो की इस रैली की सफलता प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभायेगी। उन्होंने कहा कि इसकी अपार सफलता के लिए इंडियन नैशनल लोकदल के सभी वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एंव कार्यकर्ता बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि ठीक इसी तरह इनेलो कार्यकर्ता गांव गांव व घर-घर जाकर मेहनत करें और वह दिन दूर नहीं जब आपके समनों की अपनी इनेलो की सरकार होगी और प्रदेश फिर से चंहुमुखी विकास की आरे अग्रसर होगा।

स्वर्ण जयंती समारोह के लिए बुलाई गई बैठक में इनेलो नेताओं ने दिए अनेक अहम सुझाव

चंडीगढ़, 27 सितंबर: इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने प्रदेश के स्वर्ण जयंती समारोह समीति की पहली बैठक में हरियाणा को नई पहचान देने वाले किसानों व जवानों सहित समाज के सभी वर्गों को विशेष प्रोत्साहन देने, हरियाणा के अलग राज्य के रूप में गठन के लिए लड़ाई लडक़र इसे अलग राज्य का दर्जा दिलवाने वाले प्रमुख नेताओं को सम्मान देने और प्रदेश की संस्कृति एवं सभ्यता को बढ़ावा देने वाले लोगों को भी सम्मान दिए जाने की मांग की है। आज राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की स्वर्ण जयंती मनाए जाने के लिए गठित कमेटी की बैठक में इनेलो की ओर से प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा के अलावा विधायक दल के उपनेता व पूर्व कृषि मंत्री जसविंदर सिंह संधू, विधायक परमेंद्र ढुल व राज्यसभा सांसद रामकुमार कश्यप और अकाली दल की ओर से विधायक बलकौर सिंह ने हिस्सा लिया और सरकार को स्वर्ण जयंती समारोह आयोजन के लिए अनेक अह्म सुझाव देने के साथ-साथ यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस आयोजन को लेकर गम्भीर नहीं है और बैठक के माध्यम से केवलमात्र खानापूर्ति की जा रही है। 
अशोक अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश की स्वर्ण जयंती मनाने के लिए इतनी महत्वपूर्ण बैठक के लिए सूचना मात्र एक दिन पहले दिए जाना सरकार की न सिर्फ असंवेदनशीलता को दर्शाता है बल्कि केंद्र सरकार में भाजपा के सात मंत्री जो इस कमेटी के सदस्य हैं और भाजपा के अनेक सांसदों व विधायकों का इस मीटिंग में न आना यह दर्शाता है कि सरकार और भाजपा इस मामले में कितनी गम्भीर है? श्री अरोड़ा ने कहा कि बैठक के लिए सभी सदस्यों को कम से कम एक हफ्ता पहले सूचना दी जानी चाहिए ताकि वे ठोस सुझावों व पूरी तैयारी के साथ बैठक में आ सके। इनेलो नेता ने कहा कि प्रमुख नेताओं के अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रम लगे होते हैं, अगर मात्र एक दिन पहले सूचना मिलेगी तो उनका बैठक में आना सम्भव नहीं हो पाता। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष ने बैठक के बाद वहां मौजूद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि संयुक्त पंजाब में मौजूदा हरियाणा क्षेत्र की नौकरियों, विकास व रोजगार और बिजली पानी जैसे मामलों में निरंतर अनदेखी होती थी। इस अनदेखी के खिलाफ चौधरी देवीलाल जैसे अनेक नेताओं जिनमें पंडित भगवतदयाल शर्मा, प्रो. शेर सिंह, राव विरेंद्र सिंह, चौधरी सुल्तान सिंह, बलवंत राय तायल, चंद्रभान गुप्ता, चौधरी रिजक राम, चौधरी पीर चंद व चौधरी दल सिंह इत्यादि अनेक नेताओं ने न सिर्फ आवाज बुलंद की बल्कि अलग प्रदेश के लिए संघर्ष में योगदान दिया और उन्हीं की लड़ाई के बलबूते हरियाणा अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। श्री अरोड़ा ने कहा कि जैसे सेना में शहीद होने वाले सैनिकों को उनके योगदान के लिए मरणोपरांत भी अशोक चक्र, परमवीर चक्र, महावीर चक्र व शौर्य चक्र इत्यादि देकर सम्मानित किया जाता है उसी तरह हरियाणा को अलग राज्य बनवाने वाले नेताओं जो आज जीवित हैं, उनके साथ-साथ जो अब इस दुनिया में नहीं रहे उन्हें भी सम्मानित किया जाना चाहिए। 
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा अलग राज्य बनने के बाद पिछले 50 सालों में प्रदेश ने भारी तरक्की की है और इसमें सबसे बड़ा योगदान प्रदेश के किसान, मजदूर व जवान का रहा है। आज जहां हरियाणा खेती में पहले स्थान पर है और देश का अन्न भण्डार भरने में अहम योगदान दे रहा है वहीं हरियाणा को यह भी गौरव हासिल है कि देश की सेना का हर दसवां जवान हरियाणा से है और देश की सीमाओं के लिए अपनी जानें कुर्बान करने में कहीं पीछे नहीं है। इसलिए इस गोल्डन जुबली वर्ष में प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले किसानों व जवानों को प्रोत्साहन देकर सम्मानित करना चाहिए और किसानों को विशेष बोनस इत्यादि दिया जाना चाहिए। इनेलो नेताओं ने कहा कि प्रदेश की संस्कृति, सभ्यता और कला को बढ़ावा देने वाले हरियाणवी कलाकार महावीर गुड्डू, जगबीर राठी, पे्रम देहाती जैसे अनेक कलाकार हैं, जिन्हें सम्मान दिया जाना चाहिए, तभी गोल्डन जुबली समारोह मनाने का फायदा है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए इनेलो नताओं ने कहा कि बैठक में सरकार का गोल्डन जुबली वर्ष मनाने को लेकर कहीं कोई ठोस विजन नजर नहीं आया और सरकार को कुछ ऐसे बड़े, ठोस व महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए ताकि आने वाले लम्बे समय तक लोगों के मन पर गोल्डन जुबली वर्ष की छाप रह सके।
सांसद दुष्यंत चौटाला ने भी जताया प्रदेशवासियों का आभार

इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने भी करनाल कीं सद्भावना सम्मान दिवस रैली को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं का आभार जताया है । इनेलो सांसद ने कहा कि लाखों की भीड़ ने वहां पहुंचकर यह साबित कर दिया कि भाजपा जा रही है और इनेलो आ रही है । उन्होंने कहा कि इस भीड़ से एक बात साबित हो गई है कि प्रदेश का हर वर्ग भाजपा सरकार से भारी परेशान है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने घर-घर, गांव-गांव, गली-गली जाकर लोगों को इस रैली में आने  का न्योता दिया था और उन्हीं की बदौलत यह रैली़ सफल हुई है। इनेलो सांसद ने कहा कि इसकी सफलता के लिए इनेलो के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं । उन्होंने कहा कि ठीक इसी तरह इनेलो कार्यकर्ता गांव-गांव व घर-घर जाकर मेहनत करें और वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश में इनेलो की सरकार होगी।
अभय चौटाला व अशोक अरोड़ा ने करनाल रैली की सफलता का श्रेय प्रदेशवासियों व कार्यकर्ताओं को दिया

चंडीगढ़, 26 सितंबर: इनेलो ने करनाल में स्वर्गीय जननायक चौधरी देवीलाल व बाबा साहेब की जयंती पर आयोजित सद्भावना सम्मान दिवस रैली में उमड़े जनसैलाब और रैली की रिकॉर्डतोड़ सफलता के लिए प्रदेश की जनता का आभार जताते हुए रैली की कामयाबी का श्रेय प्रदेशवासियों व पार्टी कार्यकत्र्ताओं को देते हुए उन्हें बधाई दी है। इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला व प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि करनाल में उमड़े जनसैलाब से एक बात पूरी तरह से साफ हो गई है कि आज प्रदेश की जनता पूरी तरह इनेलो के साथ है और भाजपा सरकार से बेहद निराश और परेशान हैं। उन्होंने कहा कि रैली में लोगों का जोश और उत्साह देखने लायक था और वक्ताओं के भाषण के दौरान तालियों की गडग़ड़ाहट के बीच निरंतर इनेलो जिंदाबाद, चौटाला जिंदाबाद के नारे गूंजते रहे। इनेलो नेताओं ने कहा कि रैली में जहां सभी नेताओं ने जननायक चौधरी देवी लाल व बाबा साहेब डा. भीम राव अंबेडकर को श्रद्वासुमन अर्पित किए वहीं समाज के हर जाति व धर्म के लोगों ने जात पात से ऊपर उठकर रैली में पहुंच कर उन लोगों को भी करारा जवाब दे दिया जो प्रदेश के भाईचारे को तोडऩे, समाजिक सद्भाव को बिगाडने और लोगों को आपस में लडवाने के षडयंत्र करने में लगे हुए थे।
श्री अरोड़ा ने कहा कि रैली में पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह के भाई, उत्तरप्रदेश सरकार में मंत्री व प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल यादव, जनता दल यू के राष्ट्रीय प्रवक्ता व प्रधान महासचिव केसी त्यागी, जनता दल एस के नेता व पूर्व सांसद संतोष भारतीय और जनतादल के सांसद व प्रमुख दलित नेता आरपी सिंह सहित देशभर से पहुंचे अनेक प्रमुख नेताओं ने जहां लोगों से इनेलो व चौधरी देवीलाल परिवार का मजबूती से साथ देने का आह्वान किया वहीं रैली में उमड़े जनसैलाब को लेकर इनेलो नेताओं की पीठ भी थपथपाई। श्री अरोड़ा ने कहा कि रैली में उमड़े अपार जनसैलाब ने उन लोगों को भी करारा जवाब दे दिया है जो इनेलो के जनाधार व अस्तित्व पर सवाल खड़ा किया करते थे। उन्होंने कहा कि जात-पात, धर्म-मजहब से ऊपर उठकर रैली में प्रदेश के हर क्षेत्र से लोगों ने बढ़-चढक़र भाग लिया और युवाओं व महिलाओं की रैली में हाजिरी भी विशेष उल्लेखनीय थी। उन्होंने कहा कि इस रैली की अभूतपूर्व सफलता से जहां इनेलो कार्यकर्ताओं में नए जोश व उत्साह का संचार हुआ है वहीं यह भी साफ हो गया है कि प्रदेशवासियों की सारी उम्मीदें पूरी तरह से इनेलो पर है और राज्यवासी यह मानते हैं कि केवल इनेलो ही लोगों के हितों की रक्षा करने में सक्षम है। 
करनाल रैली ने भीड़ व हाजिरी के लिहाज से न सिर्फ पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए बल्कि एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया। उन्होंने कहा कि इनेलो के आह्वान पर सद्भावना सम्मान दिवस रैली में उमड़े लाखों लोगों के जनसैलाब ने यह बात पूरी तरह साफ कर दी कि सरकार हर मामले में पूरी तरह विफल हो चुकी है और लोग इस सरकार से बेहद नाराज हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को झूठे वायदों के बलबूते सत्ता हथियाने वाली सरकार को सबक सिखाने के लिए उचित अवसर की तलाश में है। उन्होंने कहा कि करीब पांच घण्टे चली इस रैली में लोगों का आना सुबह से ही शुरू हो गया था और रैली समाप्त होने तक लोगों का आना निरंतर जारी था। उन्होंने कहा कि रैली के लिए चुना गया करनाल का सबसे बड़ा मैदान भी छोटा पड़ गया और पूरा शहर जहां इनेलोमय नजर आया वहीं करनाल को आने वाली सभी सडक़ों पर रैली के वाहनों के कारण कई-कई किलोमीटर लम्बे जाम लगे रहे और रैली स्थल से कई गुणा ज्यादा लोग रैली से बाहर थे और जाम के कारण लाखों की संख्या में लोग रैली तक पहुंच भी नहीं पाए। 
चौधरी अभय सिंह चौटाला व अशोक अरोड़ा ने कहा कि आज विरोधी भी यह बात निजी बातचीत में मानते हैं कि इनेलो के जनाधार में न सिर्फ निरंतर भारी बढ़ौतरी हो रही है बल्कि रैली ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। उन्होंने कहा कि इनेलो हर साल चौधरी देवीलाल के जन्म दिवस पर सम्मान दिवस रैली करती आई है लेकिन इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला व पार्टी के प्रधान महासचिव डॉ. अजय सिंह चौटाला की गैर हाजिरी में उमड़े जनसैलाब ने यह साबित कर दिया कि इनेलो कार्यकत्र्ता चट्टान की तरह मजबूत हैं और पार्टी संगठन की मजबूती के लिए जी-जान से जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि करनाल की रैली ने प्रदेश की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा है और आने वाले समय में इनेलो की इस रैली की सफलता प्रदेश की राजनीति में अहम् भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि रैली की सफलता से विरोधियों की नींद हराम हो गई है और इनेलो कार्यकत्र्ताओं का हौंसला सातवें आसमान पर है। 
दुष्यंत चौटाला के ट्रैक्टर काफिले ने रोकी सीएम सिटी की रफ्तार


सीएम सिटी करनाल की रफ्तार रविवार को कुछ समय ठहरी सी नजर आई। हिसार लोकसभा से देश के सबसे युवा सांसद दुष्यंत चौटाला ने जब सद्भावना रैली में घरौंडा हलके से 103 टै्रक्टरों के काफिले के साथ जैसे ही शहर में प्रवेश किया, पूरा शहर जैसे थम सा गया। करीब चार किलोमीटर लंबे इस ट्रैक्टर ट्रालियों के इस काफिले में शामिल महिलाएं, युवा, बच्चे, बुजुर्गों की भीड़ से एकबारगी कर्ण नगरी की यातायात व्यवस्था बुरी तरह से लडख़ड़ा गई। इस दौरान इनेलो के युवा वालंंटियरों ने ट्रैफिक पुलिस का सहयोग करते हुए इस व्यवस्था को संभाला।
यह पहला मौका था जब सीएम सिटी में ट्रैक्टर-ट्रालियों का इतना बड़ा काफिला शहर से गुजरा। सांसद चौटाला खुद ट्रैक्टर चलाते हुए इस काफिले का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान उनका जगह जगह पर जोरदार स्वागत हुआ। काफिले में शामिल युवाओं के ‘ताऊ देवीलाल अमर रहे’ जैसे गुंजायमान नारों से पूरा शहर ताऊमय नजर आया। महिलाओं ने जगह जगह पर इस काफिले को रोककर सांसद दुष्यंत चौटाला को दूध पिलाते हुए अपना आशीर्वाद दिया। रैली में घरौंडा हलके से आई हजारों महिलाएं जहां हरे सलवार सूट पहनेे हुए ताऊ देवीलाल पर रचित गीत गाते हुए लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही थी, वहीं युवाओं ने हरी टोपी व टीशर्ट व बुजुर्गों ने हरी पगड़ी के साथ इस काफिले की शोभा बढ़ाई। सांसद चौटाला ने रैली स्थल पर पहुंचते ही सबसे पहले जननायक ताऊ देवीलाल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
महिलाओं ने सांसद दुष्यंत का काफिला रूकवाकर पूछा कि उनके दादा जी और पिता जी कैसे हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा प्रदेश उनकी तरफ एक आशा भरी नजर से देख रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे जल्द ही लोगों के बीच में होंगे।
देवीलाल के जन्मदिवस पर करनाल में इनेलो की रिकार्ड तोड़ रैली, भीड़ व हाजिरी ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़े


करनाल, 25 सितम्बर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र की भाजपा सरकार पर किसान हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के समय भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और किसानों को लागत के साथ 50 फीसदी मुनाफा जोडक़र देने के नाम पर वोट लिए लेकिन सरकार बनने के बाद किसान के नाम पर वोट लेने वाले भाजपा नेता किसान को ही पूरी तरह से भूल गए हैं। चौधरी देवीलाल के जन्म दिवस पर करनाल में आयोजित राज्यस्तरीय विशाल सद्भावना सम्मान सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला, उत्तरप्रदेश सरकार में मंत्री व समाजवादी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल यादव और जनता दल (यू) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी व सांसद आरपी सिंह ने चौधरी देवीलाल व बाबा साहेब को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि आज देश में तीसरी ताकत की जरूरत है और नीतीश कुमार से इस मामले में अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया।


विभिन्न नेताओं ने कहा कि कांग्रेस से नाराज लोगों ने देश की सत्ता भाजपा को सौंप दी लेकिन अब वे भाजपा से पूरी तरह से निराश हो चुके हैं। ऐसे में लोग देश में तीसरी ताकत की ओर उम्मीदभरी नजरों से देख रहे हैं। नीतीश कुमार व शिवपाल यादव ने कहा कि आज कष्ट के दौर में उनकी पार्टियां और बिहार व उत्तरप्रदेश की जनता इनेलो नेतृत्व व पार्टी नेताओं के पूरी तरह साथ है। सभी नेताओं ने मंच पर रखी चौधरी देवीलाल व बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। रैली ने भीड़ व हाजिरी के लिहाज से सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं और करनाल का सबसे बड़ा मैदान भी भीड़ के समक्ष छोटा पड़ गया।


तालियों की गडग़ड़ाहट के बीच चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस व भाजपा ने मिलकर जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश के भाईचारे को तोडऩे का षड्यंत्र रचा जिसके चलते 31 बेकसूर युवकों को मौत के घाट उतार दिया गया और प्रदेश में करोड़ों रुपए की सम्पत्ति का नुकसान हुआ। इनेलो नेता ने कांग्रेस पर भी सत्ता से जाते-जाते आधे अधूरे दस्तावेजों पर पांच जातियों के वोट हासिल करने के लिए आरक्षण दे दिया जो कि सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीयत में खोट था और प्रदेश के भाईचारे को तोडऩे के लिए साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर को आग के हवाले किया गया और अगर साजिश न होती तो पहली बार आगजनी के बाद पुलिस बंदोबस्त करती लेकिन वहां तीन बार आग लगाई गई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इनेलो प्रमुख के निर्देश पर प्रदेश में फिर से भाईचारा कायम करने के लिए सभी हलकों में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 125वीं जयंती को समर्पित सदभावना बैठकें आयोजित की गई और अब चौधरी देवीलाल के जन्म दिवस को भी सद्भावना सम्मान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। रैली की सफलता इनेलो नेताओं के चेहरे से साफ झलक रही थी।


ओमप्रकाश चौटाला जिंदाबाद के नारों के बीच इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा प्रदेश के भाईचारे को तोडऩे में लगी हुई है और बिहार में जहां पिछड़ी जाति के मुख्यमंत्री को भाजपा पचा नहीं पाई और वहां भाजपा ने पिछड़ों का विरोध किया वहीं उत्तरप्रदेश में यादवों का, महाराष्ट्र में मराठों का, गुजरात में पट्टीदार पटेलों का विरोध करने के साथ-साथ हरियाणा में भी जाट व अन्य जातियों के बीच खाई पैदा करने के लिए लोगों के भाईचारे को तोडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब चौधरी देवीलाल के नेतृत्व में देश में बदलाव लाया गया तो उस समय नीतीश कुमार उनके साथ थे और आज कांग्रेस व भाजपा से लोग बेहद दुखी हैं और तीसरा नेतृत्व कहीं दिखाई नहीं दे रहा इसलिए देवीलाल की नीतियों पर चलने वाले और समाजवादी व लोहिया और चौधरी चरण सिंह की नीतियों पर भरोसा रखने वाले एक जगह इक_े होने चाहिए और देश में तीसरी ताकत की जरूरत को पूरा करने के लिए नीतीश कुमार अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष ने चौधरी देवीलाल के जन्म दिवस पर इनेलो प्रमुख चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की ओर से भेजा गया एक पत्र भी पढक़र सुनाया जिसमें चौधरी देवीलाल द्वारा किए गए कामों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि चौधरी देवीलाल के आदर्श महात्मा गांधी, जयप्रकाश व नेल्सन मंडेला थे और आज लोग भाजपा सरकार से बेहद दुखी हो चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष ने किसानों के खातों से फसल बीमा योजना के नाम पर काटे गए पैसे जब तक सरकार किसानों को वापिस नहीं देगी तब तक इनेलो चैन से नहीं बैठेगी।


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चौधरी देवीलाल के साथ बिताए अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि चौधरी साहब का बिहार के समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर से बेहद व्यक्तिगत लगाव था। छोटी उम्र में कर्पूरी ठाकुर के निधन से जब वहां पार्टी को लगा कि हम अनाथ हो गए हैं तब चौधरी देवीलाल न सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं को ढांडस बंधाया बल्कि मेरे हलके में किसान रैली आयोजित कर न सिर्फ हमारी पीठ थपथपाई बल्कि हमारी मदद भी की। उस समय मैं विधायक होने के साथ-साथ युवा लोकदल का अध्यक्ष भी था। उन्होंने चौधरी देवीलाल व बाबा साहेब को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि जब वे देश के उपप्रधानमंत्री बने तो उन्होंने मुझे अपने साथ राज्यमंत्री बनने का अवसर दिया और मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। वे हर समय किसानों के हक में बोलते व सोचते थे। लेकिन मौजूदा सरकार किसानों के नाम पर वोट लेकर किसानों को पूरी तरह से भूल गई है। किसानों ने नरेंद्र मोदी की बात पर भरोसा करके सोचा था कि उनका कष्ट वाला समय अब शायद खत्म हो जाएगा लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद अब तक रबी व खरीफ की फसलों के पांच बार न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए गए लेकिन उनमें किसान के लागत मूल्य के साथ 50 फीसदी मुनाफा देना तो दूर जितनी वृद्धि पहले होती आई थी उससे भी कहीं कम थी। उन्होंने कहा कि आज कहते हैं कि पांच साल में किसानों की आमदनी दुगुनी कर देंगे। लेकिन किया वायदा निभाने में तो वक्त नहीं लगना चाहिए आज किसान बेहद परेशान है और कर्जे के बोझ तले दबा किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। उन्होंने नई टेक्रोलॉजी के नाम पर जैनेटिक मोडिफिकेशन के दावों को बीज उत्पादक बड़ी-बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को फायदा पहुंचाने का अभियान बताते हुए कहा कि कुदरत के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए अन्यथा इससे परेशानियां और ज्यादा बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि बीटी बैंगन, बीटी सरसों, बीटी मक्का इत्यादि की क्या जरूरत है।


नीतीश कुमार ने कहा कि वे बतौर कृषि मंत्री भी इस बात के खिलाफ रहे हैं और अब उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर भी इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जब बीटी काटन आया था तो कहा गया था कि इसे कीड़ा नहीं लगेगा लेकिन आज नतीजे सबके सामने हैं। उन्होंने हरियाणा में आरक्षण आंदोलन के दौरान घटी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वो दौर बीत गया और अब आपसी प्रेम-प्यार और  सामाजिक सौहार्द बनाए जाने की जरूरत थी। उन्होंने लोगों से साम्प्रदायिक शक्तियों और आपसी भाईचारे को तोडऩे वालों को करारा जवाब देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस समय बिहार चम्पारण सत्याग्रह की 100वीं वर्षगांठ और श्री गुरु गोविंद सिंह जी के 350वें जन्म दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवसर पर बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई है जिससे घरेलू हिंसा और लड़ाई झगड़ों के मामलों में काफी कमी आई है। उन्होंने हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी शराबबंदी लागू किए जाने की वकालत की। बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि करनाल का यह शहर दानवीर कर्ण की भूमि है और कर्ण बिहार में रहते थे और वहीं दान किया करते थे। उनका हरियाणा के साथ विशेष लगाव रहा है और देश में पहली हरितक्रांति लाने का श्रेय पंजाब व हरियाणा वासियों को  जाता है। उन्होंने कहा कि पहले लोग अच्छे दिनों के नाम पर बहक गए थे और अब सच्चाई सामने आने से लोग सबकुछ समझने लगे हैं। इसलिए उन्हें उम्मीद है कि हरियाणा में आने वाला समय निश्चित तौर पर इनेलो का है। और उन्होंने कहा कि आज मुश्किल की इस घड़ी में हरियाणा की जनता पूरी तरह से इनेलो नेताओं के साथ खड़ी है। नीतीश कुमार के भाषण के दौरान चौधरी देवीलाल अमर रहे, ओमप्रकाश चौटाला जिंदाबाद व इनेलो जिंदाबाद के गगनभेदी नारे निरंतर लगते रहे।
चौधरी देवीलाल अमर रहे के नारों के बीच उत्तरप्रदेश के मंत्री व समाजवादी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल यादव ने चौधरी देवीलाल को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि 1989 में उन्हें सर्वसम्मति से देश का प्रधानमंत्री चुन लिया गया था लेकिन उन्होंने अपना वचन निभाते हुए अपना प्रधानमंत्री पद का ताज वीपी सिंह के सिर पर रखकर पार्टी की एकजुटता के लिए उपप्रधानमंत्री बनना स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल उनके नेता व आदर्श थे और इन्हीं आदर्शों से हमें प्रेरणा मिली है। उन्होंने देश को साम्प्रदायिक शक्तियों से खतरा बताते हुए उत्तरप्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार द्वारा लोकहित में किए गए कामों का भी उल्लेख किया और हरियाणा की भाजपा सरकार को भ्रष्टाचार की सूचक बताया। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में किसान व गरीब को लूटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश में किसानों को नहर व ट्यूबवैल का पानी बिल्कुल मुफ्त मिलता है। उन्होंने देशभर में चौधरी देवीलाल, लोहिया व चौधरी चरण सिंह के आदर्शों को मानने वालों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि जब-जब वे सब एक हुए हैं तो देश में किसान, मजदूर व कमेरा वर्ग खुशहाल हुआ है। उन्होंने कहा कि वे संकट की घड़ी में पूरी तरह से चौधरी देवीलाल के परिवार के साथ हैं और हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खड़े मिलेंगे।


तालियों की गडग़ड़ाहट के बीच जनता दल यू के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी दलित नेता व जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव सांसद आरपी सिंह, पूर्व सांसद संतोष भारतीय, इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, सांसद दुष्यंत चौटाला, पूर्व कृषि मंत्री जसविंदर संधू, इनसो अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला, पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा सहित पार्टी के अनेक नेताओं ने जनसभा को सम्बोधित किया और चौधरी देवीलाल बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए आज की विशाल रैली के लिए आयोजकों को बधाई दी। अशोक अरोड़ा ने भाजपा सरकार को हर मोर्च पर विफल बताते हुए कहा कि सरकार ने अपना कोई भी चुनावी वायदा पूरा नहीं किया। सांसद दुष्यंत चौटाला ने भाजपा पर युवाओं से धोखा करने का आरोप लगाते हुए युवा वर्ग से एकजुट होने और आने वाले समय में भाजपा को करारा सबक सिखाने का आह्वान किया। इनेलो नेताओं ने नीतीश कुमार व शिवपाल यादव सहित सभी मेहमानों को हरी पगड़ी पहनाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मंच का संचालन इनसो के राष्ट्रय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला व इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. केसी बांगड़ ने किया। रैली में पार्टी के सभी पदाधिकारी, सांसद, विधायक, पूर्व विधायक व वरिष्ठ नेता मौजूद थे और प्रदेश के सभी हलकों से भारी संख्या में लोगों ने रैली में हिस्सा लिया। इस अवसर पर चौधरी देवीलाल पर डॉ. अजय सिंह चौटाला द्वारा लिखी गई एक पुस्तिका ‘दादा की कहानी- पोते की जुबानी’ का विमोचन किया गया। इनेलो महासचिव अशोक शेरवाल व कुसुम शेरवाल ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा देकर मुख्यातिथि व इनेलो नेताओं को सम्मानित किया। रैली का इनेलो की ओर से फेसबुक पर लाइव प्रसारण भी किया गया जिसे लोगों द्वारा काफी सराहा गया।
इनेलो की करनाल रैली पर प्रदेश की नजरें, नीतिश, शिवपाल सहित अनेक नेता पंहुचेगे
पूरे प्रदेश की नजरें रविवार को करनाल में होने वाली इनेलो की रैली पर लगी हुई हैं। रैली के लिए करनाल के सबसे बडे मैदान को चुना गया है। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोडा ने दावा है कि रैली न सिर्फ अभूतपूर्व होगी बल्कि भीड व हाजरी के लिहाज से पिछली सभी रैलियों का भी रिकाडऱ् भी तोडेगी। रैली में बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार व उत्तरप्रदेश सरकार के मंत्री व समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव, जनतादल यू के महासचिव केसी त्यागी, पूर्व सांसद संतोष भारतीय व इनेलो नेताओं सहित देश भर से अनेक प्रमुख नेता भाग लेंगे। रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी नेताओं ने पिछले कुछ दिनों से पूरी ताकत झोंक रखी है। 
अशोक अरोडा ने कहा कि पूर्व उपप्रधानमंत्री स्व. चौधरी देवीलाल के 103 वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में करनाल में आयोजित हो रही सदभावना सम्मान रैली की तैयारियां पार्टी ने पूरी कर ली हैं। रैली के लिए करनाल में 50 एकड़ का मैदान तैयार किया गया है जिसमें वाहनों के पार्किंग की अलग से व्यवस्था की गई है। रैली में भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए करनाल के सैक्टर 33 में लाखों वर्ग फुट पर पंडाल बनाया गया है जिसमें लाखों व्यक्तियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के गृह क्षेत्र में हो रही इस रैली को लेकर इनेलो ने पूरी ताकत झोंक रखी है और किसी प्रकार की कोर कसर नहीं छोड़ी है। वाहनों की पाकिंग से लेकर सडक़ों पर लगने वाले जाम की हर स्थिति से निपटने के लिए जननायक सेवा दल के सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है। रैली को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश व उत्साह का आलम यह है कि पूरा करनाल हरे रंग में रंगा हुआ है और शहर की एंट्री से लेकर रैली स्थल तक हरा ही हरे रंग की लडिय़ां, झंडे व होर्डिंग्स दिखाई देता है। 
इसी बीच इनेलो संसदीय दल के नेता और हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने आज शाम रैली की तैयारियोंं की समीक्षा को लेकर बैठक की और जननायक सेवा दल के युवाओं की डयूटी लगाई गई। उन्होंने कहा कि रैली में पहुंचने वाले लोगों के साथ साथ आम नागरिकों और वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने दावा किया कि इस रैली में लाखों लोगों के पहुंचेंगे और ऐसे में यातायात को सुचारू बनाए उखना इनेलो पार्टी और स्वयं सेवकों की प्राथमिकता रहेगी। 
दो हजार स्वयं सेवकों की लगी डयूटी-करनाल शहर के विभिन्न नाकों और मुख्य सडक़ों पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए दो हजार स्वय सेवकों की डयूटी लगाई गई है। जाम की स्थिति से निपटने के लिए तीन क्रेन व किसी अप्रिय घटना से निपाटने के लिए तीन एम्बूलेंस की व्यवस्था की गई है। शहर में ऐसे 27 प्वांईटों की पहचान की गई है जहां जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने लोगों के पीने के पानी के लिए 20 टैंकर पानी की व्यवस्था की है। 
रैली स्थल पर आने वाले हर व्यक्ति तक रैली स्थल की झलकियां और नेताओं की बात पहुंचे, इसके लिए रैली स्थल पर 12 एचडी हाईटेक एलईडी लगाई गई हैं। इन एलईडी तक हर शॉट पहुंचाने के लिए 20 हाई डेफि नेशन कैमरे लगाए गए हैं। 
हाईटैक कंट्रोल रूम और मीडिया सेंटर-रैली को फेसबुक, वाई-फाई जोन के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जिसमें 20 लोगों की टीम काम करेंगी। 
सद्भावना दिवस के रूप में मनाए जा रही इस रैली में देश के कई राष्ट्रीय नेता पहुंचेंगे। रैली स्थत पर तीन स्टेज बनाए गए हैं एक वाईआईपी स्टेज, दूसरा मीडिया कर्मियों के लिए तथा तीसरा स्टेज सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए बनाया गया है। 

Saturday, September 24, 2016

सरकार द्वारा शहीदी दिवस पर कोई कार्यक्रम आयोजित न करना बेहद शर्मनाक व शहीदों का अपमान है - नेता प्रतिपक्ष


इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने शुक्रवार को नारनौल जिले के नसीबपुर गांव में शहीदी दिवस सम्मेलन को संबोधित करते हुए शहीदों को  श्रद्धासुमन अर्पित किए। इनेलो नेता ने कहा कि पूरा अहीरवाल क्षेत्र व दक्षिणी हरियाणा देश में सबसे ज्यादा कुर्बानियां देने वाले महान शहीदों की जन्म स्थली के तौर पर जाना जाता है। इस मौके पर अनेक पूर्व सैनिक, सैनिक अधिकारी और देश की सीमा की रक्षा करने वाले वीर जवानों के परिवार भी आए हुए हैं। इनेलो नेताओं ने कहा कि 23 सितम्बर को देश के महान योद्धा राव तुलाराम जी ने आखिरी सांस ली थी। 1857 से लेकर कारगिल के युद्ध तक देश के लिए जानें कुर्बान करने वाले बहादुर जवानों की याद में यह दिन शहीदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है। आज राव तुला राम जी की पुण्यतिथि है। अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का डटकर विरोध करने वाले राव तुलाराम ने अंग्रेजों के शोषण का विरोध करते हुए राव गोपालदेव के साथ मिलकर रेवाड़ी तहसील के मुख्यालय पर आक्रमण करके अंग्रेज सरकार का खजाना लूटा था। 1857 में भारत में सबसे अधिक समय तक अंग्रेजों के साथ संघर्ष किया और जोधपुर के राजा से मदद लेकर नसीबपुर में युद्ध लड़ा। सितम्बर 1857 में जनरल शावर्स सेना लेकर रेवाड़ी आया लेकिन राव तुलाराम उससे पहले ही रेवाड़ी छोड़ चुके थे। इनेलो नेताओं ने राव तुलाराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और इस मौके आयोजित हवन में पूर्ण आहुति दी। इस मौके पर पूर्व विधायक राव बहादुर सिंह, पूर्ण सिंह डाबडा, जिलाध्यक्ष सतबीर नौताना व राव होशियार सिंह भी मौजूद थे।
अभय चौटाला ने आज शहीदी दिवस के अवसर पर रेवाड़ी के नाईवाली चौक पहुँचकर शहीद राव तुलाराम की प्रतिमा पर भी पुष्प अर्पित किये। अभय चौटाला ने कहा की बीजेपी सरकार ने शहीदी दिवस पर कोई कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया ये बहुत ही शर्मनाक बात है और शहीदों का अपमान है। पहले तो बीजेपी सरकार ने शहीदी दिवस का कार्यक्रम रेवाड़ी में आयोजित करने की घोषणा की और बाद में उस कार्यक्रम को रद्द कर दे ना यह दर्शाता की शहीदों के प्रति सरकार की  क्या सोच है। इनेलो नेता ने कहा कि अपने आप को राव तुला राम के वंशज बताने वाले राव इंदरजीत सिंह के पास अपने पूर्वजो के लिए ही समय न होना ये दर्शाता है की ये लोग शहीदों के नाम पर केवल वोट मांगते है उनका सम्मान करना इनके दिल में नही है। शहीदों का सम्मान तो देवीलाल परिवार और इनेलो ही करती है जो चाहे सत्ता में हो या विपक्ष में। अभय चौटाला ने आज इनेलो नेत्री कमला शर्मा के घर पहुँच कर उनके बेटे के आकस्मिक निधन पर दुख जताया। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, सुनील चौधरी, डॉ राजपाल यादव, जगदीश प्रसाद डहीनवाल, वरुण गाँधी, राजबीर कालुवास, धर्मपाल देशवाल, मनबीर लाम्बा, सूबे सिंह प्रजापत, संजीव यादव,सुधीर मीरपुर, कांशीराम खिंची, राम प्रकाश, सुरजीत सिंह, रिंकू राव , लक्की, महेंदर सिंह ,नरेश यादव, दीपक सोनी, यशपाल कालड़ा व रजवन्त सिंह डहीनवाल एडवोकेट सहित अनेक इनेलो नेता मौजूद थे।
इनेलो नेताओं ने कहा कि नसीबपुर के युद्ध में हारने के बाद राव तुलाराम भेष बदलकर अफगानिस्तान गए और वे पहले ऐसे क्रांतिकारी थे जिन्होंने विदेशी मदद से भारत को आजाद कराने का प्रयास किया। इन्हीं की नीति को नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने अपनाया। रूस के म्यूजियम में राव तुलाराम द्वारा रूस के जार से मदद लेने तथा जोधपुर के राजा तख्त सिंह, बीकानेर के राजा सरदार सिंह और जयपुर के राजा सवाई मानसिंह के पत्र आज भी उन महान देशभक्तों के देश प्रेम की मिसाल बने हुए हैं। पेचिस के कारण राव तुलाराम 23 सितम्बर 1863 को अपना शरीर त्याग गए लेकिन देश के महान सेनानियों और देशभगत योद्धाओं को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए यह शहीदी दिवस समारोह मनाया जाता है ताकि हम अपने पूर्वजों के जीवन से प्रेरणा लेकर देश व समाज को आगे बढ़ा सकें। अहीरवाल लम्बे समय से अपने शौर्य, परम्परा व बहादुरी के लिए प्रसिद्ध रहा है। वीरों के साथ-साथ यहां का किसान खेती के लिए भी मशहूर है और यह पुरानी कहावत रही है कि ‘अहीर-खेती की तदबीर’। भारतीय सेना में जहां हर दसवां सैनिक हरियाणवी है वहीं शहीदों की सूची में हर पांचवां नाम हरियाणवी सैनिकों का आता है।
इनेलो नेताओं ने कहा कि1999 में लड़ा गया कारगिल युद्ध में इस क्षेत्र केजवानों ने न सिर्फ सबसे ज्यादा अपनी जानें कुर्बान की बल्कि सबसे ज्यादा बहादुरी के पदक भी हरियाणा के वीर सैनिकों को मिले जिनमें महावीर चक्र और वीरचक्र से लेकर सेना मैडल तक शामिल हैं। इनेलो नेताओं ने कहा किउस समय प्रदेश में चौधरी देवीलाल की नीतियों पर चलने वाली  चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की सरकार ने युद्ध में शहीद हुए 158 परिवारों को 10-10 लाख रुपए प्रति परिवार की दर से 15 करोड़ 80 लाख रूपए की राहत राशि, युद्ध में विकलांग हुए 28 सैनिकों को 3 लाख से 6 लाख रुपए तक अनुग्रह राशि और शहीद हुए 65 परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ दो लोगों को एचसीएस जैसे अहम पदों पर भी लगाया गया और 42 पैट्रोल पम्प व 22 गैस एजेंसिया आवंटित करने के अलावा शिक्षण संस्थानों व सडक़ों के नाम शहीद सैनिकों के नाम पर रखे गए। इनेलो नेताओं ने कहा कि चौधरी देवीलाल ने मुख्यमंत्री बनने के बाद शहीदों को सम्मान देने के लिए 23 सितम्बर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था और पिछले कई सालों से इनेलो हर साल इस क्षेत्र में शहीदी दिवस सम्मेलन आयोजित करती आई है। 

चौधरी देवीलाल के जन्मदिवस 25 सितम्बर के लिए विशेष लेख

हरियाणा के निर्माता रहे स्वर्गीय चौधरी देवीलाल सिर्फ  स्वतंत्रता सेनानी, किसानों, गरीबों, मजदूरों और कमेरे वर्ग के मसीहा ही नहीं थे बल्कि एक युगपुरुष थे। उनकी करनी और कथनी में कोई फर्क नहंीं था और वे बेहद संघर्षशील, जुझारू व निर्भीक राजनेता थे जिनकी जड़ें जमीन और देश के आम जनमानस के साथ जुड़ी हुई थी। युगपुरुष, स्वतन्त्रता सेनानी, निर्भीक किसान नेता चौधरी देवी लाल का जन्म, 25 सितम्बर, 1914 को वीरों की धरती हरियाणा के सिरसा जिला के अन्तर्गत गांव तेजाखेड़ा में किसान परिवार में चौधरी लेखराम सिहाग के घर हुआ। चौधरी देवीलाल की प्राथमिक शिक्षा गांव चौटाला में हुई तथा इसके बाद उन्होंने डबवाली के सरकारी स्कूल से मिडल परीक्षा पास की। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिये उन्होंने सन् 1927 में मोगा शहर के एस.डी. स्कूल में प्रवेश ले लिया। यह ऐसा समय था, जब सम्पूर्ण भारतवर्ष में स्वतन्त्रता की लपटें उठ रही थीं। समाचार-पत्रों में देशभक्त मतवालों के किस्से सुर्खियों में छपते थे। लाला लाजपतराय, सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के किस्से समाचार-पत्रों में पढक़र और उनसे प्रेरित होकर चौधरी देवी लाल का किशोर मन राष्ट्र और देश की सेवा की ओर सहज ही आकर्षित होने लगा। फरवरी, 1927 में जब ‘साइमन कमीशन’ भारत आया तो कांग्रेस ने इसके पूर्ण बहिष्कार का फैसला किया था। चौधरी देवीलाल भी अपने को इससे अछूता न रख पाए तथा अपने एक मित्र चौधरी बलबीर सिंह के साथ दिसम्बर, 1929 को लाहौर में कांग्रेस के अधिवेशन में सम्मिलित हुए। उनके स्कूल के  प्रधानाचार्य उनके इस रवैये से काफी नाराज हुए और उन्हें छात्रावास से निकाल दिया गया। परन्तु किशोर देवी लाल अपनी उस जिद पर अटल रहे और बजाय माफी मांगने के परीक्षा दिए बिना ही स्कूल छोड़ दिया क्योंकि उनके सिर पर अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति दिलाने और देश सेवा का जुनून सवार था। वे मात्र 15 वर्ष की आयु में अपने घर वालों को बिना बताये ही आजादी के आन्दोलन में कूद पड़े।
चौधरी देवीलाल एक सशक्त एवं क्रांतिकारी व्यक्तित्व के धनी थे। वे निर्भीक, पराक्रमी, अत्यन्त साहसी और मानवता के पुजारी थे। अन्याय व अत्याचार का मुकाबला करने के लिये वे सदैव तत्पर रहते थे। उन्होंने देश के किसानों के शोषण के विरुद्ध जोरदार आवाज उठाई थी, क्योंकि युग-युग से पीडि़त व शोषित किसान तथा ग्रामीण समुदाय के प्रति उनका असीम प्रेम था। जनता के हक की लड़ाई को वे ‘न्याय-युद्ध’ कहते थे। उनका जीवन खुली किताब था। वे सच्चे अर्थों में गांधीवादी होने के साथ-साथ सरलता, सज्जनता, सादगी, तप और त्याग की प्रतिमूर्ति थे। उनका ग्राम स्वराज और ग्राम पंचायत व्यवस्था में अटूट विश्वास था। वे स्वतन्त्रता संग्राम के नायक होने के साथ-साथ ग्राम स्वराज की लड़ाई लडऩे वाले एक अप्रतिम योद्धा थे। 1987 में दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने देशभर के विपक्षी दलों को कांग्रेस के खिलाफ एक मंच पर इकठ्ठा किया और देश में जनता दल के गठन में अहम् भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से ही 1989 में जनता दल की सरकार बनी और गांधी-नेहरू परिवार के शासन को देश से उखाड़ फैंकने वाले चौधरी देवीलाल को सर्वसम्मति से देश का प्रधानमंत्री चुन लिया गया। जुबान के धनी चौधरी देवीलाल ने अपना वचन निभाते हुए अपना प्रधानमंत्री पद का ताज वीपी सिंह के सिर पर रख दिया। त्याग का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के पद को भी ठुकरा दिया और उप-प्रधान मंत्री बनना स्वीकार किया। यह उनके पचहत्तर वर्ष के राजनैतिक जीवन में नैतिक मूल्यों और आदर्शों की सबसे ऊंची उड़ान थी। अपने संघर्षमय जीवन में चौधरी देवी लाल हार-जीत की परवाह नहीं करते थे। वे सन् 1956 में तत्कालीन संयुक्त पंजाब में मुख्य संसदीय सचिव भी रहे और हरियाणा बनने से पूर्व संयुक्त पंजाब की विधानसभा में उपेक्षित हरियाणा के विकास के लिये अपनी आवाज बुलन्द की। उन्होंने हरियाणा के प्रति हो रहे अन्याय के विरुद्ध श्री गोपीचन्द भार्गव, श्री भीमसेन सच्चर और स. प्रताप सिंह कैरों जैसे दिग्गज मुख्यमंत्रियों से टक्कर ली। उनके ही संघर्ष का परिणाम था कि सन् 1966 में हरियाणा का अलग राज्य के रूप में गठन हुआ जिसकी आज एक अलग पहचान है।
 चौधरी देवीलाल किसानों की लड़ाई वातानुकूलित कमरों में बैठ कर नहीं लड़ते थे। गाँव-गाँव और चौपालों तक उनकी सीधी पहुँच थी इसीलिए उन्हें सम्मानपूर्वक ताऊ के नाम से संबोधित किया जाता था। लोगों के बीच गाँव में चारपाई पर बैठकर हुक्का पीते-पीते  ही वे जन समस्याएं सुनते थे और अधिकांश का मौके पर ही निराकरण कर देते थे। चौधरी देवीलाल को जनतन्त्र के मंच पर लोकप्रियता के लिये लेन-देन, सौदेबाजी और बनावट नहीें आती थी। वे स्पष्ट वक्ता थे और कहा करते थे कि ‘लोक राज, लोक लाज से चलता है।’ लड़ाई तो ‘लुटेरों’ और ‘कमेरों’ के बीच है। इस देश में पूँजीपति, सत्ता से रिश्ता जोडक़र काश्तकारों और गरीब जनता का भरपूर शोषण करते हैं। यह व्यवस्था बदली जानी चाहिए। वे नहीं चाहते थे कि चंद पूँजीपति, गणतन्त्र पर हावी हो जाएं। अत: उन्होंने कभी भी उद्योगपतियों, पूँजीपतियों और साहूकारों से चुनाव हेतु धन लेने की बजाय ‘एक नोट, एक वोट’ का नारा दिया।
चौधरी देवीलाल ने अनुभव किया कि भारत का प्रजातंत्र, नौकरशाही, नवधनवाद, नवसामन्तवाद और संकीर्ण जातिवाद के चंगुल में फंस कर रह गया है। सारा प्रशासन कुछ सुविधा-भोगियों के लिये तथा वर्तमान प्रजातंत्र में प्रजा शब्द अर्थहीन और गौण हो गया है और तन्त्र प्रमुख। हमारी संस्कृति में समाजवाद विद्यमान है- ‘‘न किसी के पास ज्यादा हो न किसी के पास कम’’। किसानों के शोषण का उन्मूलन ही भारत का समाजवाद है। अत: उन्होंने 6 अप्रैल, 2001 को परलोक सिधारने से पूर्व देश के नीतिविदों और राजनेताओं को सावधान किया था कि ‘‘कृषि क्षेत्र की देश की राष्ट्रीय आय में भागीदारी बढ़ाने के लिये गिरते पंूजीनिवेश को रोकना होगा ताकि खेती अलाभप्रद बनकर ही न रह जाये तथा वैश्वीकरण की आंधी में कहीं चौपट ही न हो जाये’’। आपातकाल के दौरान अन्य राष्ट्रीय नेताओं के साथ हरियाणा के सपूत और देश के इस महान् नेता चौधरी देवीलाल व उनके बेटे चौधरी ओमप्रकाश चौटाला को 19 महीने जेल में रखा गया। आपातकाल की समाप्ति के बाद देश में जनता पार्टी का शासन स्थापित हुआ और 21 जून, 1977 को उन्होंने पहली बार हरियाणा के मुख्यमंत्री के पद को सुशोभित किया और 27 जून, 1979 तक इस पद पर बने रहे। दूसरी बार 1987 में वे फिर हरियाणा के मुख्यमंत्री बने और जनता को स्वच्छ प्रशासन दिया। इस छोटी-सी अवधि में उन्होंने ग्रामीण विकास और जनकल्याण की अनेक योजनाएं शुरू कीं। इनमें मैचिंग ग्रांट और गांव-गांव में चौपालों के निर्माण की योजना प्रमुख हैं। उन्होंने अपने चुनावी वादों के दौरान जनकल्याण की जो बातें कही थीं उन्हें पूरा कर एक आदर्श स्थापित किया। ‘भ्रष्टाचार बन्द और बिजली-पानी का प्रबन्ध’, ‘प्रशासन आपके द्वार’, ‘हर खेत को पानी, हर हाथ को काम’, ‘हर तन पै कपड़ा, हर सिर पै मकान’, तथा ‘हर पेट में रोटी, बाकी बात खोटी’, उनके प्रिय नारे थे। उन्होंने पहली बार देशभर में दस हजार रुपये तक छोटे किसानों के ऋण माफ करवाये और हरियाणा में वृद्धों को मासिक वृद्धावस्था सम्मान पेंशन, बेरोजगारों को साक्षात्कार के लिये मुफ्त यात्रा सुविधा, न्यूनतम मजदूरी में बढ़ौतरी, किसानों को बिजली और पानी की निरन्तर आपूर्ति तथा कृषि उत्पादों का उचित मूल्य दिलवाया। केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में उप-प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय कृषि नीति व जल नीति बनाने के लिये सराहनीय भूमिका निभाई। चौधरी देवीलाल को किसानों के मसीहा, महान् स्वतन्त्रता सेनानी, हरियाणा के जन्मदाता, राष्ट्रीय राजनीति के भीष्म पितामह, करोड़ों भारतीयों के जननायक तथा त्याग और संघर्ष के पर्याय के रूप में जाना जाता है। महात्मा गांधी की तरह उनका मानना था कि असली भारत तो गांवों में ही बसता है। जब तक गांवों का आत्मनिर्भर इकाई के रूप में चहुंमुखी विकास नहीं होगा, तब तक गांधी जी के ‘स्वराज’ का सपना पूरा नहीं होगा। वे हमेशा विपक्षी दलों को एकजुट करने में अहम् भूमिका निभाते रहे और देश में सत्ता दलों के नेता उनका भारी सम्मान करते थे। हमें आज एक बार फिर उनकी कमी महसूस होती है। यद्यपि आज वे हमारे मध्य नहीं हैं किन्तु उनके आदर्शमय, त्यागमय व तपोमय जीवन से हम सब भारतवासी युगों-युगों तक प्रेरणा लेते रहेंगे।
25 सितम्बर को पूरा देश चौधरी देवीलाल का 103वां जन्मदिन मना रहा है और हरियाणा के करनाल शहर में राज्यस्तरीय सद्भावना सम्मान दिवस रैली कर उन्हें याद करने के साथ-साथ देशभर में जगह-जगह  समारोह आयोजित कर उन्हें याद किया जा रहा है। आओ हम सब मिलकर महान स्वतंत्रता सेनानी व जननायक के दिखाए रास्ते पर चलते हुए देश व प्रदेश के हित में अपना संघर्ष जारी रखें और उनके अधूरे सपनों को पूरा करें।

- लेखक अशोक अरोड़ा पूर्व स्पीकर एवं अध्यक्ष इनेलो हरियाणा
103 ट्रैक्टरों के साथ पहुंचेगें सांसद दुष्यंत चौटाला

इनेलो संसदीय दल के नेता व रैली के संयोजक दुष्यंत चौटाला जननायक स्व. चौधरी देवीलाल के 103 वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में 103 ट्रैक्टर-ट्राली के काफिले के साथ रैली में पहुंचेगे। इसके लिए घरोंडा हलके में तैयारियां की गई हैं। रैली में ट्रैक्टर लाने को लेकर लोगों में खारा जोश है और घरोंडा हलके के निर्धरित गांव से स्वयं ट्रैक्टर चलतो हुए ट्रैक्टर-ट्रालियों के काफिले का नेतृत्व करते हुए करनाल के सेक्टर 33 में रैली स्थल पर आएंगे। सांसद दुष्यंत चौटाला इस रैली को लेकर करनाल जिले के लोगों को स्वयं न्यौता देने पहुंचे थे। इस दौरान चौ. देवीलाल के अनुयायियों ने ट्रैक्टर के काफिले के साथ रैली में आने की इच्छा दुष्यंत के समक्ष जताई थी।

फेसबुक पर लाईव होगी इनेलो की रैली 

करनाल, 23 सितंबर : अपनी रैलियों के लिए देश भर में चर्चित रहने इनेलो पार्टी इस बार एक नया ट्रेंड शरू करने जा रही है। जननायक स्व. चौ. देवीलाल के जन्म दिवस पर करनाल में 25 सितंबर को आयोजित होने वाली इनेलो की रैली फेसबुक पर लाईव होगी। फेसबुक यूजर्स इस रैली को पल-पल अपने मोबाइल फोन पर भी देख सकेंगे। इनेलो की तकनीकी टीम पूरी तैयार है। फेसबुक लाईव के लिए बाकायदा इनेलो रैली स्थल के हर कोने पर उच्च तकनीकी के अत्याधुधिक कैंमरे लगाने जा रही है और वाई-फाई तकनीक का इस्तेमाल करेगी। पिछले वर्ष इनेलो रोहतक में आयोजित रैली को यू-टयूब पर लाइव कर चुकी है। हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला रैली हाईटेक करने की जिम्मेवारी निभा रहे हैं। लाईव करने के लिए इनेलो दिल्ली से कैमरे सहित अन्य अत्याधुनिक उपकरण मंगवा रही है। दुष्यंत चौटाला का कहना है कि उच्च तकनीक का इस्तेमाल  कर फेसबुक पर रैली स्थल का  हर कोना दिखाई देगा। सांसद दुष्यंत चौटाला का कहना है कि सोशल मीडिया का जमाना है और इस रैली को सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना उनकी प्रबल इच्छा है। वे कहते हैं कि पार्टी  व सभी नेताओं फेसबुक पेज पर इसका लाईव चलेगा। 
ग्राफिक्स होंगे आकर्षण का केंद्र
फेसबुक और यू टयूब पर लाईव के दौरान जननायक स्व. चौधरी देवीलाल की जीवनी और पार्टी तथा अन्य तथ्यात्मक आंकड़ें विभिन्न प्रकार के आकर्षक ग्राफिक्स दिखाए जाएंगे। इसके लिए विशेष रूप से एक हाईटेक टीम रैली स्थल पर काम करेंगी। 
वाई-फाई जोन बनेगा
रैली स्थल पर इस बार लोगों के लिए वाई-फाई जोन बनेगा जहां पर फ्री वाई-फाई की सुविधा मिलेगी। रैली में आने वाले लोग इस वाई-फाई का लाभ उठा सकेंगे। वाइ-फाई बनाने के लिए एक निजी कंपनी से करार किया गया है।
ट्विटर के संदेशों का माइक से प्रसारण
ताऊ तुझे सलाम हैशटैग पर आने वाले संदेश भी रैली में आए लोगों तक पहुंचेगे। यहां प्राप्त होने वाले अच्छे संदेशों को रैली के दौरान माइक पर संदेश भेजने वाले के नाम सहित पढ़ कर सुनाया जाएगा। 

Friday, September 23, 2016

प्रदेश की राजनीति में नया परिवर्तन लाएगी सद्भावना सम्मान दिवस रैली - सतीश नांदल



गढ़ी सांपला किलोई 23 सितम्बर : करनाल में 25 सितम्बर को आयोजित होने वाली इनेलो पार्टी की सद्भावना सम्मान दिवस रैली में लाखों की तादाद में भारत वर्ष के पूर्व उपप्रधानमन्त्री स्वर्गीय जननायक ताऊ देवीलाल के प्रति आपार श्रद्धा प्रकट करने वाले कार्यकर्ता भारी मात्रा में पहुंचेंगे। इतना ही नही दूसरे प्रदेशों से भी  जननायक ताऊ देवीलाल को श्रधांजलि देने वाले करनाल में पहुंचेंगे। देश के दिग्गज नेता सद्भावना सम्मान  दिवस रैली में पूर्व उप.प्रधानमन्त्री जननायक ताऊ देवीलाल व भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के प्रति सच्ची श्रधांजलि अर्पित करेंगे। करनाल रैली प्रदेश की राजनीती में नए आयाम स्थापित करेगी। उक्त विचार सद्भावना सम्मान दिवस रैली के लिए प्रदेश प्रवक्ता रोहतक जिले के अध्यक्ष सतीश नांदल व जिला के प्रभारी व पूर्व कुलपति ब्रिगेडियर ओपी चौधरी ने गढ़ी सांपला किलोई हल्के के गाँवों में रैली का निमन्त्रण देते हुए कहे।
प्रदेश के प्रवक्ता व रोहतक के जिलाध्यक्ष सतीश नांदल ने किलोई हल्के के गांव जसियाए घिलोड कलाए काहनीए रिठालए लाढोतए छोटी मकड़ौलीए बड़ी मकड़ौलीए और धामड़ में रैली का न्यौता देते हुए ग्रामीणों को बताया की लगभग दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान बीजेपी सरकार ने प्रदेश की जनता को राहत पहुँचाने की बजाय सताने का काम किया है। प्रदेश की जनता बीजेपी राज से तंग आ चुकी है। ना तो किसान वर्ग संतुष्ट है और ना ही प्रदेश के आमजनए छात्रए मजदूर वर्ग को प्रदेश सरकार से अभी तक राहत मिली है। समाज का प्रत्येक वर्ग अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। अच्छे दिन आएंगे का वादा कर प्रदेश की सत्ता हथियाने वाली बीजेपी ने चुनावी समय में किये हुए वादों को भुला दिया है। सतीश नांदल ने आज हल्के के 8 गाँवों का दौरा किया व रैली का निमन्त्रण दिया। उन्होंने बताया की करनाल में 25 को होने वाली रैली सद्भावना सम्मान दिवस रैली एक नया इतिहास लिखेगी। पूर्व उप.प्रधानमन्त्री स्वण् जननायक ताऊ देवीलाल व भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अ बेडकर के प्रति देशवासियों में आपार आस्था व श्रद्धा है और इसी विश्वास के साथ जनता भरपूर मात्रा में करनाल पहुंचेगी।

करनाल सद्भावना रैली में 50 हजार से अधिक मुसलमान करेंगे शिरकत: हरफूल खान भट्टी
हिसार, 23 सितंबर : मुस्लिम कल्याण कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष हरफूलखान भट्टी की ओर से जिला स्तर पर बैठक करते हुए समाज के लोगों से चौधरी देवीलाल के 103वीं जन्मदिवस उत्सव पर होने वाली रैली का न्यौता दिया। उन्होंने दावा किया कि इस रैली में समाज के 50 हजार से अधिक व्यक्ति पहुंचेंगे। 
इस मौके पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ताऊ देवीलाल ने मुसलमानों के हित में कई कार्य किए हैं। उन्होंने मुसलमान के सममान में इफ्तियार पार्टियां आयोजित करने की नई परंपरा शुरू करने के साथ साथ बुढ़ापा पेंशन, गरीबों के लिए जच्चा बच्चा के पोषण के लिए विशेष आर्थिक सहायता, मुस्लिम कॉम्यूनिटी सेंटर, चौपालें आदि कई ऐसे कार्य किए, जिनके लिए मुसलमानों के मन में जन नायक के लिए भारी श्रद्धा व सम्मान है। मुस्लिम बहुल मेवात, फरीदाबाद, गुडग़ांव, जीटी रोड समालखां से यमुनानगर तक पानीपत, सोनीपत, करनाल, कालका तक सभी मुसलमानों मेें रैली के लिए भारी उत्साह है। उन्होंने इनेलो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य होने के नाते बताया कि प्रदेश में लाखों लोगों की भीड़ करनाल में दिखाई देगी जो सभी जात पात व महजब की सभी एकता व भाईचारे का संदेश देगी और खट्टर सरकार की किसान, मजदूर, मेहनतकस, कर्मचारी विरोधी नीतियों का खुलासा करेगी और जनहित में सरकार को कार्य करने के लिए करनाल रैली का जनसैलाब मजबूर करेगा। 

रैली की सभी तैयारियां पूरी, इतिहास रचेगी इनेलो की करनाल रैली : दुष्यंत चौटाला


इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सासंद दुष्यंत चौटाला ने आज घरौंडा हल्के के अनेक गांवों का दौरा कर लोगों को करनाल रैली का न्यौता दिया। इनेलो सांसद ने कहा कि 25 सितंबर को करनाल में होने वाली इनेलो की सम्मान दिवस एवं सद्भावना रैली की सभी तैयारियां पूरी हा ेगई हैं और रैली एक नया इतिहास रचेगी। इस मौके पर पूर्व विधायक नरेंद्र सांगवान सहित अनेक नेता भी उनके साथ थे। इधर, इनेलो के जिला जींद के प्रधान कलीराम पटवारी ने कहा किइस रैली में अकेले जींद हलके से 30 हजार से अधिक लोग जाएंगे। पटवारी ने कहा कि यह रैली भाईचारे की मिसाल भी कायम करेगी। इस रैली में सभी जातियों के लोग भाग लेकर जननायक ताऊ देवीलाल को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।
इसी बीच सिरसा में इनेलो नेता जसवीर सिंह जस्सा ने कहा कि 25 सितंबर को इनेलो की ओर से करनाल में ताऊ देवीलाल की जयंती पर आयोजित की जाने वाली सद्भावना रैली की तमाम तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं और यह रैली ऐतिहासिक होगी। जसवीर सिंह जस्सा ने कहा कि इस रैली में सिरसा जिले से सबसे अधिक भागेदारी होगी। फतेहाबाद में इनेलो के जिला प्रधान बलविन्द्र सिंह कैरों ने कहा कि करनाल रैली को लेकर हलके के लोगों में भारी उत्साह है। ग्रामीण दौरों से यह बात साफ निकलकर आई है कि जननायक ताऊ देवीलाल आज भी लोगों के दिलों में राज करते हैं। उन्होंने कहा कि इस रैली को सफल बनाने के लिए इनेलो नेताओं का अभियान जोरों पर है। लोगों के घर-घर जाकर उनको रैली के लिए निमंत्रण दिया जा रहा है। हिसार में इनेलो हलका अध्यक्ष सजन लावट ने शहर में करनाल रैली को लेकर जन संपर्क अभियान दौरान कहा कि करनाल में होने वाले सद्भावना सम्मान दिवस समारोह को लेकर जनता में जबरदस्त उत्साह है। इस मौके पर अमित ग्रोवर, राज कुमार राडा, देवेंद्र सैनी, उदयवीर सैनी, ऋषि खटकड़, अमन शर्मा व सतीश सोनी, सुशील दुग्गल, ईश्वर सोनी सहित दर्जनों इनेलो कार्यकर्ता उपस्थित थे। पूर्व विधायक एवं जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने वीरवार को 25 सितंबर को होने वाली सद्भावना सम्मान दिवस रैली का न्यौता दिया गया और कार्यकत्र्ताओं के साथ ज्यादा से ज्यादा संख्या में रैली में पहुंचने को लेकर रणनीति भी बनाई। 

Thursday, September 22, 2016


इनेलो को तोड़ने की कोशिश ना करे भाजपा - अभय चौटाला 


गुड़गांव : भाजपा की करनी व कथनी में दिनरात का अन्तर है। आज प्रदेश में कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। जाट आरक्षण के दौरान भाजपा ने प्रदेश में आपसी भाईचारे को खराब किया। सरकार ने लैब टेक्नीशियनों को पक्का करने की बात कही थी अब उन्हें सस्पैंड करने की बजाय सरकार को उनसे बात करनी चाहिए। रैली में लाखों की संख्यां में हिस्सा लेकर अपनी श्रद्धा प्रकट करेंगे चौ0 देवीलाल जी के अनुयायी। गुड़गांव से भी हजारों कार्यकर्ता होंगे सम्मिलित। उक्त शब्द इंडियन नैशनल लोकदल के वरिष्ठ नेता एंव विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने आज गुड़गांव में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि जन नायक चौ0 देवीलाल जी के 103 वें जन्मदिवस व संविधान निर्माता डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की 125 वी जयन्ती को सदभावना सम्मान दिवस के रूप में मनायेंगी इनेलो। आगामी 25 सितम्बर को इनेलो द्वारा करनाल के सैक्टर 33 में आयोजित सदभावना सम्मान दिवस रैली अपनी ही रैलीयों का रिकॉर्ड तोड़ेगी। आज भाजपा के मंत्री अनिल विज अधिकारियों को सस्पेंड कर अखबार की सुर्खियों में रहना चाहते है। परन्तु सस्पैंड किये गये अधिकारी मात्र 24 घण्टें में ही बहाल हो जाते है जिससे विज साहब की पोल खुल जाती है। देश व प्रदेश में आज भाजपा के नेता केवल अखबार व टीवी में अपनी फोटो छपवाने का काम करते हैैं। श्री चौटाला ने कहा कि इंडियन नैशनल लोदकल को तोड़ने की कोशिष ना करें भाजपा। अगर इनेलो तोड़ने पर आयेगी तो कहीं की भी नहीं रहेगी भाजपा। अनेक मुददों के सहारे सत्ता में आयी भाजपा ने हरियाणा प्रदेश की जनता के साथ अनेक वायदे किये थे परन्तु आज लगभग 2 साल बीत जाने के बाद भी चुनावी घोषणा पत्र की किसी भी घोषणा को पूरा नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज सरकार सभी विभागों को ऑन लाईन करने की बात करती है। प्रदेश का किसान जिसको कम्प्यूटर का ज्ञान नहीं है वह कहां से अपनी फसल का मोल भाव करेगा व कहां से पैसा लेगा। आज सरकार धान व बाजरे की खरीद की उचित व्यवस्था नहीं कर पा रही व प्रदेश का किसान आज अपनी फसल को मण्डियों में ओने पौने भाव में बेचने को मजबूर हो रहा है। आज प्रदेश में अराजकता का माहौल विद्यमान है। लूटपाट, चोरी, बलात्कार, डकैती व हत्यांऐ आज आम बात हो गई है। सरेआम हो रही हत्याओं को सरकार द्वारा गैंगवार का नाम देकर अपनी जिम्मेदारी से दूर भागने का काम कर रहे है अगर सरकार को लगता है कि ये गैंगस्टर हैं तो उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर गिरफतार करने का काम करना चाहिए। बेटी बचाओ बेटी पढाओं अभियान की शुरूआत करने वाले प्रदेश के मुख्यिा मनोहर लाल द्वारा मेवात के डींगरहेड़ी में हुए दोहरे हत्याकांड व बलात्कार जैसी गंभीर घटना को एक मामूली सी बात कहना बहुत ही शर्मनाक बात है। इससे इनका दोगला चेहरा उजागर होता है। भाजपा व कांग्रेस दोनों की एक ही नीति है कि सत्ता में आने पर हरियाणा को दोनो हाथों से लूटने का काम करती है व प्रदेश की जनता को तबहा व बर्बाद करने का काम करते है इनमें एक नागनाथ व एक सांपनाथ है। इस अवसर पर इनेलो नेता व पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचन्द गहलोत, जिलाध्यक्ष एंव पूर्व विधायक गंगाराम, रमेश दहिया, राजेश सूटा, शैलेश खटाणा, शमशेर कटारिया, महेश चौहान, किशोर यादव, दलबीर धनखड़, कपिल त्यागी, शशी धारीवाल, सुरेन्द्र तंवर, भूपेन्द्र सुखराली, निहाल सिंह धारीवाल, गौरव छौक्कर, प्रदीप जाखड़, जितेन्द्र पंवार, पवन धनकोट, विक्रम कटारिया सहित मुख्य कार्यकर्ता एंव पदाधिकारी उपस्थित थे। 
इतिहास रचेगी इनेलो की करनाल रैली : कलीराम पटवारी

जींद : इनेलो के जिला प्रधान कलीराम पटवारी ने कहा कि 25 सितंबर को करनाल में होने वाली इनेलो की सम्मान दिवस एवं सद्भावना रैली इतिहास रचेगी। इस रैली में अकेले जींद हलके से 30 हजार से अधिक लोग जाएंगे। 
पटवारी ने रैली की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि रैली की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। सभी लोग अपने-अपने वाहनों से रैली में जाएंगे। चारों तरफ हरा रंग ही नजर आएगा। रैली को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। जिला स्तर पर सभी विधायकों व पदाधिकारियों ने अपने-अपने दौरे पूरे करके प्रत्येक गांव व शहर में लोगों को रैली के लिए निमंत्रण दे दिया है। जींद से एक बहुत बड़ा वाहनों का काफिला रवाना होगा। पटवारी ने कहा कि यह रैली भाईचारे की मिसाल भी कायम करेगी। इस रैली में सभी जातियों के लोग भाग लेकर जननायक ताऊ देवीलाल को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। पटवारी ने कहा कि प्रदेश की जनता आज भाजपा की जनविरोधी नीतियों से पूरी तरह से तंग आ चुकी है। जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तभी से कमेरा वर्ग, किसान, व्यापारी, कर्मचारी, दलित एवं पिछड़े सभी वर्गों के लोग इस शासन से हताश व निराश हैं। भाजपा ने सत्ता में आने से पहले अनेक वायदे किए थे लेकिन एक भी वायदा पूरा नहीं किया। इनेलो रैली में भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों की पोल खोली जाएगी।

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ बुरा हाल: कैरों
फतेहाबाद : इनेलो के जिला प्रधान बलविन्द्र सिंह कैरों ने आज यहां कहा कि जननायक ताऊ देवीलाल की जयंति पर करनाल में आयोजित होने वाली सदभावना सम्मान दिवस रैली को लेकर हलके के लोगों में भारी उत्साह है। ग्रामीण दौरों से यह बात साफ निकलकर आई है कि जननायक ताऊ देवीलाल आज भी लोगों के दिलों में राज करते हैं। उन्होंने कहा कि इस रैली को सफल बनाने के लिए इनेलो नेताओं का अभियान जोरों पर है। लोगों के घर-घर जाकर उनको रैली के लिए निमंत्रण दिया जा रहा है। लोगों में इस रैली को लेकर उत्साह की कोई कमी नहीं है और वह 25 सितम्बर का इंतजार कर रहे हैं, ताकि इस रैली में भारी संख्या में बढ़ चढ़कर भाग लेकर अपने प्रिय नेता को सच्ची श्रद्धांजलि देंगे। उन्होंने कहा कि रैली का रंग हर वर्ग पर लगा दिखाई दे रहा है और लोगों की खुमारी इस बात को साबित करती है कि वह प्रदेश में अगली सकरार इनेलो की ही देखना चाहते हैं। कैरों ने कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा सरकार आई है, उसने लोगों को राहत देने की बजाए, उनको आहत किया है। स्वास्थ्य सेवाओं का तो बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि फतेहाबाद जिले में तो अनेक बीमारियां फैली हुई हैं, लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। जिले के अनेक गांवों में कैंसर व हैपेटाइटिस सी की बीमारी से अनेक लोग ग्रस्त हैं, लेकिन सरकार इस ओर कोई कदम नहीं उठा रही है। रतिया में हाल ही में गंदे पेयजल आपूर्ति के कारण दो बच्चों की डायरिया से मौत हो गई, वहीं अनेक बीमार हो गए। सरकार का कोई भी मंत्री इस मामले में अभी तक फतेहाबाद नहीं पहुंचा। इससे साफ है कि सरकार को लोगों की कोई सोच नहीं है। सरकार केवल घर बैठकर सारा तमाशा देख रही है। रतिया में डायरिया से काल का ग्रास बने बच्चों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए व पीडि़तों का मुफ्त ईलाज किया जाए। 

सांसद दुष्यंत चौटाला के प्रयासों से चार गांवों को मिली अतिरक्ति रेल सुविधा


हिसार-सिरसा के बीच चार हाल्ट स्टेशनों पर लुधियाना सिरसा ट्रेन के ठहराव को रेलवे मंत्रलय की मंजूरी मिल गई है और अब न्यौली कलां, खाबड़ा, जोधकां व मेहुवाला गांवों के लोगों के लिए भी रेलगाड़ी रूकेगी। सांसद दुष्यंत ने इस संबंध में रेलवे विभाग को 27 अक्टूबर 2015 को रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखा था। दुष्यंत चौटाला से पिछले वर्ष न्यौली कलां, मेहुवाला एवं जोधकां गांव के लोगों ने मिलकर बताया था कि सिरसा से सुबह 8 बजे जो गाड़ी चलती है उसके बाद करीब आठ घंटे तक इन स्टेशनों पर कोई गाड़ी नहीं रूकती जिसके कारण दैनिक यात्रियों के साथ साथ विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दुष्यंत ने ग्रामीणों की मांग पर बीकानेर रेल मंडल प्रबंधक को पत्र लिखकर न्यौलीकलां, खाबड़ा, जोधकां तथा मेहुवाला हाल्ट स्टेशन पर गाड़ी संख्या 54632/33 के ठहराव का अनुरोध किया था। दुष्यंत चौटाला की इस मांग को अब रेल मंत्रालय ने मान लिया है। केंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु वीरवार को हिसार रेलवे स्टेशन पर इन चारों हाल्ट स्टेशनों पर गाड़ी के ठहराव की घोषणा करेंगे। दुष्यंत चौटाला ने इसके लिए केंद्रीय रेलमंत्री का आभारजताते हुए उम्मीद जताई है कि हिसार लोकसभा क्षेत्र से जुड़ी रेलवे की अन्य मांगों पर अपनी मुहर लगाएंगे। 
हिसार व भिवानी के बीच नई रेलगाड़ी शुरू हो जाएगी। इस गाड़ी संख्या 54634 का मामला हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने बीकानेर मंडल अधिकारियों क साथ बैठक में प्रमुखता से उठाया था और इसे जल्द शुरू करने की मांग की थी। लुधियाना से चलकर हिसार आने वाले रेलगाड़ी हिसार रेलवे स्टेशन पर घंटों खड़ी रहती है और सांसद दुष्यंत चौटाला ने इस बढ़ा कर भिवानी तक चलाने का प्रस्ताव रखा था ताकि यात्रियों को इसका लाभ मिल सके।  सांसद ने केंद्रीय रेलमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि हिसार अग्रोहा, हांसी रोहतक, हांसी-जींद वाया नारनौंद तथा उकलाना-नरवाना इन रेलवे लाइनों पर जल्द से जल्द काम शुरू करवाया जाए। इसके अलावा हिसार-चंडीगढ़ तथा हिसार-गुडग़ांव के लिए भी डेमू ट्रेन चलाई जाए। दुष्यंत ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया है कि ट्रेन संख्या 12801/12802 पुरूषोत्तम एक्सप्रेस जो पुरी से चलकर नई दिल्ली आती है, इस ट्रेन को हिसार तक किया जाए ताकि यहां के लोगों का दक्षिण भारत से भी सीधा जुड़ाव रेलमार्ग से हो जाए। इसके अतिरिक्त दुष्यंत चौटाला हिसार क्षेत्र से जुड़ी 18 अन्य मांगे भी केंद्रीय रेलमंत्री के समक्ष रखेंगे। 

इनेलो नेता ने करनाल रैली का न्यौता दिया 


इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. केसी बांगड ने हल्का असन्ध के दजनों गांव का दौरा किया और सभी गांववासियों को 25 सितम्बर करनाल में होने वाली सदभावना सम्मान दिवस रैली में पहुँचने का निमंत्रण दिया। फतेहाबाद जिले में इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता स. निशान सिंह ने करनाल रैली को लेकर अनेक गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को रैली का न्यौता दिया। इस अवसर पर   हरिसिंह डांगरा, स्वर्ण सिंह पूर्व सरपंच मामूपुर, नौरंगलाल जांगड़ा, मनोज धारसूल, नरेन्द्र सरपंच साधनवास, राममेहर धारसूल, बलवान सिंह धारसूल सहित अनेक इनेलो कार्यकत्र्ता मौजूद थे। इनेलो हलका हिसार के अध्यक्ष सजन लावट ने कार्यकर्ताओ को अलग अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी। इस मौके पर अमित ग्रोवर, रवि आहूजा, सतपाल पानू, राजेंद्र बिश्नोई, राज कुमार राडा, जय सिंह वर्मा, सरदार गुरदीप सिंह चड्डा, अक्षय मलिक , सुमित ग्रोवर, राम कुमार बैनीवाल व श्रवण बागड़ी सहित बहुत से पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे। दादरी में विधायक राजदीप फौगाट ने कहा कि रैली में जनसैलाब उमड़ेगा।

Wednesday, September 21, 2016

 चौ. देवीलाल जयंती समारोह में उमड़ेगा जनसैलाब : राजदीप 


चरखी दादरी : इस माह 25 सितम्बर को जननायक चौ. देवीलाल की जयंती के उपलक्ष्य में करनाल में आयोजित सद्भावना दिवस समारोह को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। यह समारोह पिछले सभी रिकार्ड ध्वस्त करेगा। प्रदेश क कोने-कोने से लाखों लोग स्व. देवीलाल को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह बात इनेलो विधायक राजदीप फौगाट  ने बुधवार को शहर के विभिन्न वार्डों में लोगों को समारोह का न्योता देते हुए कही। विधायक ने कहा कि चौ. देवीलाल के प्रति जन-जन में सम्मान की भावना है।  करनाल में उन्हें नमन करने को भारी जनसैलाब उमड़ेगा। राजदीप फौगाट ने कहा कि भाजपा सरकार भी कांग्रेस की राह पर चलते हुए जनता के हितों पर कुठाराघात कर रही है।  प्रदेश की जनता मूलभूत सुविधाओं को तरस रही है वहीं सरकार के नुमाइंदे हैं कि विकास के दावे कर रहे हैं। शहर के लोग बिजली, पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।  सड़कें गलियां भी जर्जर हाल हैं।
राजदीप ने कहा कि शहरी व ग्रामीण आंचल में विकास को तरस रहे लोग इनेलो की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। भाजपा को जनता के हितों की अनदेखी भारी पड़ेगी। इस अवसर पर  सुभाष डावरा, नितिन जांघु, सत्यवान फौजी, जयसिंह लांबा, बबलू श्योराण, शहरी अध्यक्ष राजेश सोनी, अमित सोनी,  अनिल कुमार, सुरेंद्र गोयल, शमशेर जांगड़ा, संदीप प्रधान, वेदपाल कादियान, कृष्ण रेडियो, पवन डूडी, रमेश वर्मा, राजेंद्र सैनी, नवल सैनी, गुलशन वत्स, बबलू, राहुल कलकल लक्ष्मी बलौदा, मोहन लांबा,  कृष्ण रेडियो, सुरेश कान्हा, पवन डूडी, राजेश एमसी, दीपक वाल्मीकि, रामोतार सोनी, राजू ढिंढोरिया, रतन सरोहा, अजीत सैनी, विनोद सैनी, प्रवीन किटी, तेजपाल फौगाट इत्यादि सहित सभी शहरी कार्यकर्ता मौजूद थे। 
सरकार ने किया किसानों का शोषण: निशान सिंह


फतेहाबाद : इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता स.निशान सिंह ने 25 सितम्बर को करनाल में आयोजित होने वाली सदभावना दिवस रैली को लेकर अनेक गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को रैली का न्यौता दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछली बार किसानों की फसल बीमारियों के कारण खराब हो गई थी। इसके बाद सरकार ने रही सही कसर पूरी कर दी। किसानों की धान को सरकार ने कौडिय़ों के भाव में खरीदा। सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी 250 से 300 रुपए कम खरीदा। उन्होंने कहा कि यही नहीं किसानों के फार्मों पर हस्ताक्षर न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर करवाकर उनका जमकर शोषण किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार अपने आप को किसानों की हितैषी बताती है, लेकिन वास्तव में यह किसानों को बर्बाद करने पर तुली है। अब किसानों पर फसल बीमा योजना की शर्त और थोपी जा रही है। स.निशान सिंह ने कहा कि पूर्व में इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला की सरकार में किसानों का बाजरा सरकारी रेटों पर सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा गया था। लेकिन इस बार बाजरे को लेकर सरकार का रवैया नकारात्मक दिखाई दे रहा है। किसानों का बाजरा औने पौने दामों पर खरीदा जा रहा है। सरकार को चाहिए कि बाजरे के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के हालात काफी बिगड़े हुए हैं। आज व्यक्ति सुबह मीडिया पर देखता है तो रेप, डकैती, फिरौती, गैंग रेप व चोरियों आदि के समाचार ही देखने को मिलते हैं। इस सरकार का अपराधियों पर कोई काबू नहीं है और प्रदेश में अराजकता का माहौल बना हुआ है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया है, लेकिन आज प्रदेश के अधिकांश स्कूलों में अध्यापकों की कमी है, जिससे बेटियां कहां से पढ़ेंगी इसकी जानकारी सरकार दे। इसके अलावा महिला अपराध इतने बढ़ गए हैं कि हमारी बेटियां अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का भी बूरा हाल है और चिकित्सकों की कमी है। उन्होंने कहा कि सरकार अब एक ओर नया कारनामा कर रही है। लेागों के कमर्शियल व डोमेस्टिक बिजली के बिल दुगने तिगुने भेजकर प्रदेश की जनता को परेशान किया जा रहा है। इस अवसर पर  हल्का प्रधान हरिसिंह डांगरा, स्वर्ण सिंह पूर्व सरपंच मामूपुर, नौरंगलाल जांगड़ा, मनोज धारसूल यूथ प्रधान हल्का, नरेन्द्र सरपंच साधनवास, राममेहर धारसूल, बलवान सिंह धारसूल सहित अनेक इनेलो कार्यकत्र्ता मौजुद थे। 
शहीदों को अनुदान नहीं, ईनाम देना चाहिए - अशोक अरोड़ा

जम्मु कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा शहीद किए गए 18 सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अरोड़ा ने कहा कि चुनावों से पहले 56 इंच का सीना बताने वाले प्रधानमंत्री मोदी सैनिकों के शहीद होने पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन शहीद सैनिकों के परिवारों को मुआवजा नहीं ईनाम दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि वे देश के लिए शहीद होने वाले सैनिकों के परिवारों को भरपूर सहायता दे ताकि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकें।
अशोक अरोड़ा ने बिजली के मीटर बाहर लगाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र के लोग समय पर बिजली का बिल भरते हैं, लेकिन सरकार उनके बिजली के मीटर बाहर लगा रही है, जबकि जो लोग बिजली का बिल नहीं भरते उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री कैप्टन अभिन्यु के गांव खांडाखेड़ी तथा पूर्व मु यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गांव किलोई में 40 से 50 करोड़ तक बिजली का बिल बकाया है। इन डिफाल्टरों का खामियाजा कुरुक्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र , अंबाला, यमुनानगर और सिरसा जिलों में बहुत कम बिजली के बिल किसानों व अन्य उपभोक्ताओं की ओर बकाया है, जो बकाया है वह केवल सरकारी विभागों की ओर है। उन्होंने मांग की कि बिल भरने वालों को रियायत दी जाए और डिफाल्टरों के विरुद्ध रिकवरी करने के लिए कार्रवाई की जाए।
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि करनाल में 25 सितंबर को आयोजित होने वाली रैली को लेकर सरकार बौखला गई है। जब इनेलो ने सीएम सिटी में रैली करने का फैसला लिया तो उसके तुरंत बाद चुनाव आयोग ने पंचायतों और नगरपालिकाओं के उपचुनाव व सिरसा नगर परिषद के चुनाव घोषित कर दिए। इतना ही नहीं हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने क्लर्कों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा भी 25 सितंबर केा ही निर्धारित कर दी, ताकि ये लोग रैली में न जा पाएं। अरोड़ा ने दावा किया कि सरकार के बाधा डालने के बावजूद करनाल की रैली एक रिकार्डतोड़ रैली होगी, जिसमें देश की प्रमुख राजनैतिक पार्टियों के नेता जननायक देवीलाल व बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए आएंगे। 


हरियाणा सरकार तुरंत प्रभाव से सरकारी खरीद शुरू करे धान की - अशोक अरोड़ा


कुरुक्षेत्र, 21 सितंबर : इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि धान की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तुरंत प्रभाव से शुरू की जाए। जिला इनेलो कार्यालय में पत्रकार स मेलन को संबोधित करते हुए अरोड़ा ने कहा कि मंडियों में धान की आवक जोर शोर से शुरू हो गई है। धान से मंडियां अटी पड़ी हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने धान की खरीद शुरू नहीं की है, जिस कारण किसानों का धान औने पौने दाम खरीद कर उन्हें लूटा जा रहा है। अरोड़ा ने कहा कि सरकार ने कहा है कि पहले नवरात्रे से धान की खरीद शुरू की जाएगी। सरकार खरीद का मुहूर्त निकलवा रही है, जबकि सरकार को किसानों को सुविधा देते हुए धान की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शुरू कर देनी चाहिए। इस अवसर पर इनेलो हलका प्रधान रणबीर सिंह किरमिच, शहरी प्रधान रामस्वरूप चोपड़ा, युवा इनेलो के प्रदेश सचिव एवं पार्षद नितिन भारद्वाज, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिला संयोजक मास्टर हरि सिंह पांचाल, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठइ के जिला संयोजक चंद्रभान बाल्मीकि, इनेलो के जिला उप्रप्रधान सतबीर शर्मा, इनेलो नेता आजाद सिंह संधू, युवा इनेलो के जिला प्रधान सुनील राणा, सुभाष मिर्जापुर व सतीश रोड़ सहित अनेक इनेलो नेता उपस्थित थे।  
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने 25 सितंबर को जननायक देवीलाल की जयंती के अवसर पर करनाल में आयोजित राज्यस्तरीय स मान दिवस सद्भावना रैली की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार के प्रति हर वर्ग में गहरा रोष है। इसलिए अपना रोष प्रकट करने के लिए और ताऊ देवी लाल व बाबा साहेब डा. अंबेडकर को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए लाखों का जनसमूह करनाल की रैली में उमड़ेगा। इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश का भाईचारा खराब किया। इनेलो ने पूरा वर्ष बाबा साहेब भीमराव की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में सभी 90 हलको के एक-एक बड़े गांव में सदभावना स मेलन आयोजित करके लोगों के बीच आपसी भाईचारा कायम करने का काम किया है और अब करनाल में स मान दिवस सद्भावना रैली आयोजित करके जनता के आपसी भाईचारे को प्रगाढ़ किया जाएगा। 
अरोड़ा ने कहा कि भाजपा से प्रदेश का हर वर्ग दुखी है। कानून व्यवस्था का दिवाला पिट चुका है। कर्मचारी, व्यापारी, किसान, मजदूर सभी सड़कों पर हैं। उन्होंने आढ़तियों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि किसान और आढ़ती का चोली दामन का साथ है, लेकिन भाजपा सरकार इस रिश्ते में खटास पैदा करने का काम कर रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आढ़तियों की मांग को स्वीकार किया जाए। अरोड़ा ने आढ़तियों से  भी अपील की कि वे कोई ऐसा कदम न उठाएं जिससे किसानों का नुकसान हो।