Tuesday, May 31, 2016

आधी अधूरी रिपोर्ट जारी की, सरकार पूरी रिपोर्ट जारी करे: दुष्यंत चौटाला


गुडगाँव, 31 मई: इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट ऊंगली उठाते हुए कहा कि सरकार ने पूरी रिपोर्ट जारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि रोहतक नेकीराम कॉलेज में छात्रों पर हुई कार्रवाई पर रिपोर्ट में सवाल उठे हैं और मैंने भी लोकसभा में यही कहा था और रिपोर्ट में हमारी बात साबित हो गई। ये केवल डीएसपी स्तर की नहीं बल्कि गृह मंत्रालय के आदेश से कार्रवाई हुई थी। इनेलो सांसद ने कहा कि प्रदेश की छवि खराब होने पर सरकार जिम्मेदार है और मुरथल की रिपोर्ट पर केवल कुछ मीडिया हाउस के कथित आरोपों पर इस रिपोर्ट में कुछ नहीं है। इनेलो सांसद ने गुडग़ांव में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश की छवि खराब होने पर सीधे-सीधे सरकार जिम्मेदार है। लड़सोली गांव की घटना पर भी मैंने लोकसभा में जो कहा था उस पर रिपोर्ट में केवल आधी अधूरी बात कहीं गई है। पुलिस का पक्ष तो बताया गया है लेकिन पीडि़तों की बात नहीं लिखी गई। इनेलो सांसद ने कहा कि आधी अधूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है जबकि महत्वपूर्ण अंश गोपनीय बताकर छुपाने का प्रयास किया गया है और आधी अधूरी रिपोर्ट से प्रदेश का माहौल खराब हो सकता है।
इनेलो सांसद ने कहा कि प्रदेश का माहौल निरंतर खराब हो रहा है और सरकार खुद चाह रही है कि 5 जून से पहले माहौल और ज्यादा बिगड़ जाए। इनेलो सांसद ने कहा कि वे केंद्र सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह करेंगे। इनेलो सांसद ने कहा कि प्रकाश सिंह ने प्रदेश का भ्रमण कर अफवाहों को एकत्रित किया और रिपोर्ट के नाम पर औपचारिकता निभा दी। इनेलो सांसद ने कहा कि वैसे मुझे प्रकाश सिंह की काबलियत पर शक तो नहीं करना चाहिए, लेकिन रिर्पोट देखकर मुझे अब हैरानी हो रही है कि ये साहब यूपी जैसे राज्य के डीजीपी रह चुके हैं। इनेलो सांसद ने कहा कि जो व्यक्ति डीजीपी रहा हो उसे रिपोर्ट में कोई भी बात शामिल करने से पहले उसके तथ्यों को जरूर जांचना चाहिए। उन्होंने प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को भाजपा की कलम व उसके इशारे पर लिखी गई रिपोर्ट बताते हुए इससे विपक्ष की छवि बिगाडने का प्रयास बताया। 
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में एक जगह पर उनके किसी तथाकथित ब्यान का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि तीन बातें सुनी और देखी जाती हैं कि लोहा टाटा का, जूता बाटा का और छोरा जाटा का। हालांकि तीनों चीजों के बारे में चर्चा तो यही और सही मानी जाती रही है, इसके बावजूद वे स्पष्ट करना चाहते हैंकि उन्होंने ऐसा कोई ब्यान आज तक कभी कहीं नहीं दिया। इनेलो सांसद ने सरकार को खुली चुनौती दी कि उन्होंने ऐसा कोई ब्यान किसी सार्वजनिक मंच तो दूर कहीं बंद कमरे में भी दिया हो तो केंद्र व प्रदेश की सरकार उनके खिलाफ  कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे, अन्यथा ऐसी झूठी बातें रिपोर्ट में डालने वालों पर कार्रवाई करे। इनेलो सांसद ने कहा कि उनके नाम से रिपोर्ट में झूठी बातें बेवजह डालने व उनकी सार्वजनिक छवि को बिगाडऩे पर वे प्रकाश सिंह कमेटी व इसके सदस्यों पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। इनेलो सांसद ने कहा कि मेरे नाम से रिपोर्ट में जो स्टेटमेंट दर्ज की गई है वह मेरी नहीं है। अगर सरकार कोई पुख्ता सबूत सामने लाए तो वे हर सजा भुगतने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि झूठे प्लांटड ऑर्टीकल को रिपोर्ट का हिस्सा बनाया गया है तो वे कमेटी और उसके सदस्यों पर न सिर्फ मुकद्दमा करेंगे बल्कि गृह मंत्रालय को भी कोर्ट में ले जाएंगे। उन्होंने सरकार से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की भी मांग की। इनेलो सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रकाश सिंह कमेटी रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, वही कार्रवाई बीजेपी के उन नेताओं के खिलाफ भी होनी चाहिए जिनका इस रिपोर्ट में जिक्र है।
इनेलो की सद्भावना बैठकों का अगला चरण 1 जून को मुलाना हल्के से शुरू होगा

चंड़ीगढ़, 31 मई: इनेलो की ओर से शुरू की गई सद्भावना बैठकों का तीसरा चरण 1 जून को अंबाला जिले के मुलाना हल्के के साहा कस्बे से शुरू होगा। इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा 1 जून को मुलाना हल्के के साहा कस्बे के अलावा यमुनानगर जिले के जगाधरी़ हल्के के गांव पंजेटो में छछरौली रोड़ स्थित ताज पैलेस में सद्भावना बैठकों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा इनेलो नेता 2 जून को कुरूक्षेत्र जिले के लाडवा हल्के के गांव बाबैन में और कैथल जिले के गुहला चीका हल्के के गांव पीढल में, 3 जून को अंबाला जिले के अंबाला सिटी हल्के के गांव मटहेड़ी और कैथल जिले के कलायत हल्के के गांव बालू में, 4 जून को पानीपत जिले के इसराना हल्के के गांव अटावला और सोनीपत जिले के राई हल्के  के गांव नाहरी, 5 जून  को पलवल और गुडग़ाव जिले के बादशाहपुर हल्के के गांव सराय में बैठकें होंगी। यह जानकारी देते हुए इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बताया कि ये बैठकें बाबा साहेब डा. भीम राव अंबेडकर की 125वीं जयंती को समर्पित होंगी।
फिर से प्रदेश के हालात खराब करवाने पर तुली हुई है सरकार-अभय सिंह चौटाला


चंड़ीगढ़, 31 मई: इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश सरकार पर जाट आरक्षण मुद्दे पर गंभीर न होने और जानबुझ कर फिर से प्रदेश के हालात खराब करने का आरोप लगाया है। हरियाणा विधानसभा परिसर में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए इनेलो नेता ने कहा कि पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यता जरूरी करने का बिल विधानसभा में आनन फ ानन में पास करवाने के बाद उसी रात राज्यपाल से भी हाथों-हाथ मुहर लगवा ली गई और सुप्रीम र्कोट से भी सरकार क्लीयर करवा कर लाई। दूसरी तरफ जाट आरक्षण बिल को संविधान के नौंवे अनुछेद में नहीं डाला गया और जब तक लोकसभा का सत्र चल रहा था तब तक करीब डेढ महीना तक इस बिल को राज्यपाल के पास ही अटकाए रखा गया ताकि इनेलो सांसद इस बिल को संविधान के नौंवे अनुछेद में डाले जाने की मांग संसद में न उठा सकें। 
इनेलो नेता ने कहा कि इस मामले में सरकार की नियत ठीक नहीं है, इसलिए आज फिर प्रदेश में टकराव के हालात बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी 5 जून से आंदोलन फिर से शुरू करने की घोषणा कर रहे हैं और प्रदेश में जानबुझ कर फरवरी जैसे हालात बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अदालत में जब इस मामले में स्थगन आदेश जारी हुआ उस समय महाधिवक्ता कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी वहीं अदालत परिसर में मौजूद थे, लेकिन वे वहां चुपचाप बैठे रहे और एक बार भी अदालत से आग्रह नहीं किया कि इस मामले में सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए थोडा समय दिया जाए और स्थगन आदेश जारी करने से पहले सरकार का भी पक्ष सुना जाए। उन्होंने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि इस मामले में सरकार की नियत में खोट है और आगे फिर प्रदेश के हालात खराब हुए तो इसके लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार होगी।
इनेलो ने राज्यसभा चुनाव के लिए निर्दलीय प्रत्याशी आरके आनंद को दिया समर्थन


चंड़ीगढ़, 31 मई: इनेलो ने राज्यसभा चुनाव के लिए निर्दलीय प्रत्याशी आरके आनंद को समर्थन देने का निर्णय लिया है। यह घोषणा इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने निर्दलीय प्रत्याशी आरके आनंद का नामांकन पत्र भरवाने के बाद विधानसभा परिसर में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए की। इनेलो नेता ने कहा कि इनेलो राजनैतिक मामलों की कमेटी (पीएसी) व पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक मेें राज्यसभा चुनावों को लेकर हर प्रकार का निर्णय लेने के लिए इनेलो प्रमुख चौधरी ओम प्रकाश चौटाला को अधिकृ त किया गया था। इनेलो प्रमुख ने अपने निर्णय से हमें अवगत करवा दिया है और पार्टी ने प्रदेश के हितों को मजबूती से राज्यसभा में उठाने में सक्षम पूर्व राज्यसभा सांसद व निर्दलीय प्रत्याशी आरके आनंद को समर्थन देने का निर्णय लिया है। 
सुप्रीम र्कोट के वरिष्ठ अधिवक्ता आरके आनंद हरियाणा के फरीदाबाद जिले के रहने वाले हैं और 2000 से लेकर 2006 तक राज्यसभा में निर्दलीय सांसद रह चुके हैं। इससे पहले आरके आनंद का नामांकन पत्र भरवाने के लिए इनेलो विधायक चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में विधानसभा परिसर में रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय तक उनके साथ गए। इनेलो विधायकों में अभय सिंह चौटाला के अलावा विधायक दल के उपनेता जसविंदर सिंह संधू, परमिंदर सिंह ढुल, रणबीर गंगवा, जाकिर हुस्सैन, नसीम अहमद, डा. हरि चंद मिढ़ा, पिरथी सिंह नंबरदार, नगेंद्र भडाना, केहर सिंह रावत, राजदीप फौगाट, ओम प्रकाश, अनूप धानक, वेद नारंग, मक्खन लाल सिंगला, राम चंद कंबोज, बलवान सिंह दौलतपुरिया, प्रो. रविंदर बलियाला व बलकौर सिंह कालांवाली सहित पार्टी के सभी विधायक व वरिष्ठ नेता शामिल थे।

चौधरी अभय सिंह चौटाला ने पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा ने पहले अपनी पार्टी की ओर से केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह को राज्यसभा प्रत्याशी घोषित किया था और अब अपनी पार्टी से जुड़े हुए सुभाष चंद्रा को भाजपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा है। इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा क ो सुभाष चंद्रा को भाजपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारने की बजाय सीधे-सीधे भाजपा प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्रा इनेलो विधायकों का सर्मथन लेना तो दूर पार्टी के किसी कार्यकर्ता का भी सर्मथन हासिल नहीं कर सकते। इनेलो नेता ने कहा कि अब तक जो हम पर भाजपा की बी टीम होने का आरोप लगाते रहे हैं, अब वे भाजपा की बी टीम बनते हैं या कोई और निर्णय लेते हैं यह पता चल जाएगा। 
सवालों के जवाब में इनेलो नेता ने कहा कि उनकी कांग्रेस के किसी पदाधिकारी से इस मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई है, लेकिन उनकी पार्टी का स्टैंड़ स्पष्ट रहा है कि उनकी पार्टी कांग्रेस या भाजपा के किसी प्रत्याशी को सर्मथन नहीं देगी। पार्टी के पास इतना संख्या बल नहीं है कि अकेले अपने बलबूते पर राज्यसभा सीट जीत सके, इसलिए इनेलो ने निर्दलीय प्रत्याशी आरके आनंद को सर्मथन देने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर सवालों के जवाब में आरके आनंद ने कहा कि वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर राज्यसभा चुनाव लड रहे हैं इसलिए वे इनेलो, कांग्रेस, बसपा व निर्दलीयों सहित प्रदेश के सभी 90 विधायकों से सहयोग व समर्थन मांगेंगे।

Monday, May 30, 2016

सांसद दुष्यंत चौटाला सैनिकों की सुध लेने पहुंचे कारिगल


चंड़ीगढ़, 30 मई: देश के सबसे युवा सांसद दुष्यंत चौटाला भारतीय सैनिकों की सुध लेने और उनकी हौसला अफजाई के लिए देश के दुर्गम इलाके कारगिल पहुुंचे। जम्मू कश्मीर में कारगिल सेक्टर में पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से मात्र 500 मीटर दूर पोस्ट संख्या 43 पर सांसद दुष्यंत चौटाला गए और वहां सैनिकों से मुलाकात कर उनके हौसले को सलाम किया। सांसद दुष्यंत चौटाला ने उन परिस्थितियों को भी महसूस किया जिन चुनौतिपूर्ण मौसम और मुश्किल हालातों का सामना सैनिकों को करना पड़ता है। यहां बता दें कि दुष्यंत चौटाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद इस पोस्ट पर आने वाले 16 वीं लोकसभा के पहले सांसद हैं। इससे पहले यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गए थे। 


इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने अपनी यात्रा के दौरान कारगिल युद्ध स्मारक में भी गए और कारगिल युद्ध में शहीद होने वाले सैनिकों को पुष्पचक्र के माध्यम से श्रद्धाजंलि दी। उनके साथ सीओ पीके सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल विनोद अत्री भी मौजूद थे। यह स्मारक 1999 में हुए कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की याद में बनाया गया है। 1999 में मई और जुलाई के बीच पाकिस्तान के साथ हुए कारिगल युद्ध में 30 हजार से अधिक सैनिकों को आपरेशन विजय में लगाया गया था। इस युद्ध में 527 से अधिक सैनिकों की शहादत( जिसमें से सर्वाधिक शहीद हुए सैनिक हरियाणा से थे) के बाद 26 जुलाई 1999 को पाक सैनिकों द्वारा कब्जाई गई चोटी पर विजय प्राप्त की थी। 


कारगिल पोस्ट पहुंचने पर सीओ पीके सिंह व अधिकारी विनोद अत्री ने दुष्यंत चौटाला की आगवानी की। सांसद दुष्यंत चौटाला वहां चौकी पर तैनात सैनिकों से मिले और उनके अनुभव सांझा किए और उनके जज्बे को सलाम किया। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कारगिल क्षेत्र में तैनात सैनिकों को शत्रु के साथ साथ मौसम के मोर्चे पर भी जंग करनी पड़ती है। प्रतिकूल और हर सेंकड बदलने वाली परिस्थितियां सैनिकों के लिए बड़ी चुनौति हैं। 


भारतीय सैनिकों की यह चौकी ऐसी पर जगह है जोकि दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी जगह है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कारगिल सेक्टर में बेहद दुर्गम क्षेत्र है परन्तु हमारे सैनिक इन चुनौतियों को बखूबी सामना करते हुए हमारे देश की सुरक्षा में हमेशा तैनात रहते हैं। उन्होंने कहा कि हमें देश के सैनिकों पर गर्व है जोकि हमारे कल को सुरक्षित करने के लिए सैनिक देश के लिए अपना आज कुर्बान करने को तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भी भारतीय सेना में तैनात हरियाणा के सैनिकों ने विजय दिलवाने में बड़ी भूमिका निभाई थी और सबसे अधिक संख्या सैनिक में इस युद्ध में देश के लिए काम आए। मैं उन शहीदों और उनके परिजनों को सलाम करता हूं।

Friday, May 27, 2016

तूफान से हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दे सरकार : परमेंद्र सिंह ढुल


चंड़ीगढ़, 26 मई: जुलाना से इनेलो विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने 23 मई को हुए तूफान के कारण जुलाना हलके के गांवों में हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से मुआवजे की मांग की है। उन्होंने वीरवार को महामहिम राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को मुआवजे के लिए ज्ञापन सौंपा। परमेंद्र सिंह ढुल ने कहा कि अचानक आए इस तूफान के कारण जुलाना हलके के दर्जनों गांवों में भारी नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई करना गरीब लोगों के बस की बात नहीं है। इसलिए इन लोगों की जिंदगी को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए सरकार को इनकी मदद करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि गांव निडाना के लोगों ने सामूहिक चंदा इकट्ठा करके गांव में बच्चों के लिए कुश्ती हाल बनाया था। इस तूफान के कारण यह कुश्ती हाल बुरी तरह से तबाह हो गया है। इसी प्रकार ढिगाना गांव के रामकरण का मुर्गी फार्म भी तूफान के कारण तहस-नहस हो गया। उसे लगभग एक करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। 
गांव रामकली, शामलो कलां, बुराडहर, किनाना, बुआना, बराड़ खेड़ा, अनूपगढ़, गतौली आदि गांवों में बड़े पैमाने पर तारों, खंभों व ट्रांसफार्मरों को नुकसान हुआ है, इन गांवों की बिजली व्यवस्था को यथाशीघ्र बहाल करवाया जाए। गांव बराड़ खेड़ा के राजबीर, रणबीर, रामभज, राजेश, काला, धर्मपाल, वजीर, विनोद, रमेश, राजबीर, सुलतान, बलवान, अशोक आदि समेत कुल 40 मकानों को काफी नुकसान हुआ है। इनमें से अधिकतर के 80 प्रतिशत मकानों का नुकसान हुआ है। जुलाना कस्बे में एक कंपनी का टावर मकानों पर गिर गया, इससे भी मकानों को काफी नुकसान हुआ है। गांव निडानी के स्पोट्र्स स्कूल के एक हिस्से में भी छत गिरने से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री से मांग की कि इन गांवों तथा संस्थानों की तुरंत जांच करवाकर नुकसान का आंकलन करवाया जाए और पीडि़त लोगों को यथाशीघ्र मुआवजा राशि वितरित की जाए। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों के सामने भयंकर समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने बिजली व्यवस्था को तुरंत बहाल करने की भी मांग की। इस मौके पर उनके साथ प्रताप लाठर, विश्वनाथ शर्मा, आनंद लाठर, रणधीर चहल, नफे सिंह मलिक, पालाराम मलिक, सतेंद्र ढुल, संजय कुमार, सूरजभान सिहाग, कर्मचंद पहलवान, धर्मबीर मलिक, धमेंद्र सिंहमार, गुरदीप सांगवान आदि भी मौजूद थे। 


बिजली कर्मियों के धरने पर पहुंचे विधायक परमेंद्र ढुल-किया हर आंदोलन साथ देने का वायदा- इनेलो विधायक परमेंद्र सिंह ढुल आज बिजली कर्मचारियों द्वारा दिए जा रहे धरने पर पहुंचे और उनका हर आंदोलन में समर्थन देने का ऐलान किया। ढुल ने कहा कि सरकार जनसरोकार की सभी योजनाओं को बंद करने पर तुली हुई है तथा लोगों को रोजगार देना तो दूर पहले से रोजगार मिले लोगों के रोजगार छीनने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 23 बिजली सब-डिवीजनों को ठेके पर देकर सरकार ने जनता की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। आम जनजीवन की जरुरत की वस्तुओं को यदि ठेके पर दे दिया जाएगा तो लोगों का जीना मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार से बिजली कर्मचारियों की सभी मांगों को मानने की मांग की। 
 सरकारी निर्देशानुसार किसानों को मिले बिना रजिस्ट्ररी लोन : दौलतपुरिया


चंड़ीगढ़, 26 मई: फतेहाबाद से इनेलो विधायक बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि बर्बाद फसलों व अन्य आर्थिक समस्याओं से किसान वर्ग बर्बाद होने के कगार पर है। ऐसे किसानों को राहत के नाम पर सरकार ने फरवरी माह में बिना रजिस्ट्ररी लोन दिए जाने के निर्देश तो जारी किए, लेकिन इन निर्देशों पर साढ़े 3 माह बीत जाने के बाद भी पालना न हो पाना भाजपा सरकार की कार्य कुशलता पर सवालिया निशान लगाता है। वे वीरवार को फतेहाबाद में पहुंचे किसानों को संबोधित कर रहे थे। किसानों को विधायक दौलतपुरिया ने आश्वस्त किया कि यदि जल्द किसानों को बिना रजिस्ट्ररी लोन देने के निर्देशों की पालना न हुई तो इनेलो किसानहित में सडक़ों पर उतर आंदोलन की राह पकडऩे से पीछ़े नहीं हटेगी।विधायक दौलतपुरिया ने बताया कि प्रदेश सरकार की तरफ से 16 फरवरी 2016 को जारी पत्र क्रमांक 3656-स्टर-1-2015/1111 के अनुसार सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए गए थे कि किसानों को बिना किसी रजिस्ट्ररी के लोन दिए जाएं।
 उन्होंने कहा कि बेशक सरकार ने किसानों की हमदर्दी बटोरने के लिए यह पत्र जारी 3 माह पहले जारी कर दिया हो, लेकिन इस पत्र पर जिला प्रशासन ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। जिला प्रशासन की किसान हित में जारी इस तरह के अहम पत्र पर बेरूखी कहीं न कहीं इस बात की तरफ ईशारा करती है कि प्रदेश सरकार और प्रशासनिक अधिकारी केवल मात्र किसानों को लुभावने पत्रों तक ही सीमित रखना चाहती है। दौलतपुरिया ने स्पष्ट तौर पर जिला प्रशासन व सरकार को चेताया कि यदि जल्द से जल्द किसानों को बिना रजिस्ट्ररी लोन देने के निर्देशों को अमलीजामा नहीं पहनाया गया तो उसे इनेलो के कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा और इनेलो पदाधिकारी, कार्यकत्र्ता सडक़ों पर उतर इन निर्देशों को लागू करवाने में अहम कड़ी बनने का काम करेंगे। इस अवसर पर स. राणा जोहल, दलबीर सिंह, बुधराम, रोशन सोनी, महावीर सिंह, साधूराम, आत्माराम, रामेश्वर, संदीप जाखड़ आदि उपस्थित थे। 
सिरसा के थेहड़ वासियों को उजडऩे से बचाने की मांग करते हुए सिरसा से इनेलो विधायक ने सीएम को लिखा पत्र


चंड़ीगढ़, 26 मई: सिरसा से इनेलो विधायक मक्खन लाल सिंगला व इनेलो जिलाध्यक्ष ने ब्यान जारी करते हुए गत दिवस थेहड़ वासियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज व अश्रुगैस छोड़े जाने की कड़ी निंदा की है। विधायक मक्खन लाल सिंगला ने कहा कि उन्होंने थेहड ़ मामले में हस्तक्षेप करने हेतु हरियाणा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है जिसमे उन्होंने थेहड़वासियों को उजडऩे से बचाने की अपील की है। जबकि जैन ने कहा कि सिरसा के सांसद सरदार चरणजीत सिंह रोड़ी ने भी थेहड़ को उजडऩे से बचाने हेतु भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर थेहड़ की सारी स्थिती का वर्णन किया है।  जैन ने कहा कि यदि सरकार थेहड़ पर बसे लोगों को वहां से हटाना चाहती है तो सबसे पहले उन लोगों को रहने हेतु प्लाट दिए जाएं इनेलो नेता ने कहा एक और सरकार सभी को घर देने की बात करती है लेकिन दुसरी और थेहड़ पर बसे लोगों को बेघर करना चाहती है, जो सरकार की करनी और कथनी में अन्तर को दर्शाता है । जिलाध्यक्ष ने कहा कि अब राजनिति करने का वक्त नही है अपितु थेहड़वासियों से सारा शहर सहानूभूति रखते हुए इनके दुख: में शामिल होने का समय है। इनेलो थेहड़वासियों के साथ है और हर समय उनका सहयोग करती रहेगी।
चुनावों में कर्मचारियों से किया वायदा पूरा करे सरकार : जसविंदर संधू

 
चंड़ीगढ़, 26 मई : इनेलो विधायक व पूर्व कृषि मंत्री जसविंदर सिंह सन्धू ने कहा की चुनावों में कर्मचारियों से किये गए वायदों को भाजपा सरकार पूरा करे।  उन्होंने भाजपा सरकार द्वारा 9500 बिजली कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने और सौ फीसदी बिजली बिल वसूली वाले फीडरों को निजी हाथों को सौंपे जाने की निंदा करते हुए कहा कि एक तरफ पांच लाख लोगोंं को रोजगार देने की बात कही जा रही है और दूसरी तरफ दिहाड़ीदार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है। उन्होंने बिजली कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए फीडरों को निजी हाथों में सौंपे जाने का निर्णय लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनेलो कुछ दिन बाद बिजली बिलों में बढौतरी के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन को नए रूप में शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इनेलो अगामी विधानसभा सत्र में बिजली कर्मचारियों की मांगों को उठाएगी और धरने प्रदर्शनों में भी कर्मचारियों के साथ खड़ा होकर सरकार को कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने के लिए मजबूर कर देगी। गौरतलब है की आज बर्खास्त बिजली कर्मचारियों ने पहेवा शहर में प्रदर्शन करते हुए स्थानीय सिंचाई विभाग रेस्ट हाउस में जाकर इनेलो विधायक जसविंदर सिंह संधू को ज्ञापन सौंपा था और इस मौके पर भारी संख्या में बिजली कर्मचारी उपस्थित थे ।
इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की भूपेंद्र सिंह हुड्डा के  ताजा ब्यान की तीखी आलोचना

चंड़ीगढ़, 26 मई : इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को आड़े हाथों लेते हुए उनके ताजा ब्यान की तीखी आलोचना की है। इनसो नेता ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा जाटों को आरक्षण देने के मामले में कभी भी गंभीर नहीं रहे। अगर हुड्डा इस मामले में गंभीर होते तो प्रदेश में जाट आरक्षण को लेकर न तो कोई आंदोलन होता और न ही लोगों को कीमती जानें गंवानी पड़ती और न ही अरबों रूपए की संपति का नुकसान होता। इनसो नेता ने कहा कि आज कोर्ट द्वारा आरक्षण बिल पर अंतरिम रोक लगाये जाने पर भूपिंदर सिंह हुड्डा का यह कहना कि यह हमारे द्वारा बनाये गए बिल की कार्बन कॉपी है, बेहद हास्यस्पद है। इससे यह भी साफ  हो गया कि भूपिंदर सिंह हुड्डा ने खुद अपने समय जाटों को धोखे में रखा और अब इस बिल को कार्बन कॉपी बता रहे हैं। मतलब न तो वो अपने समय में जाटों के प्रति ईमानदार थे और न ही अब हैं। उन्होंने केवल बरगलाने का और भ्रम का सहारा लिया। आज जाट आरक्षण जितना बड़ा विवाद बना है उसके लिए भूपिंदर सिंह हूडा सबसे बड़े दोषी हैं। राज्य की वर्तमान सरकार भी कमोबेश भूपिंदर सिंह हुड्डा के पदचिन्हों पर चल रही है। इनसो नेता ने भाजपा सरकार से आरक्षण के मामले में अपना वादा निभाने के लिए मजबूती से कानूनी पैरवी करने की मांग करते हुए कहा कि अगर कहीं कोई कानूनी या तकनीकी खामी रह गई है तो सरकार उसे भी तुंरत दूर करे ताकि जाटों को आरक्षण मिल सके और हुड्डा सरकार वाली गलतियों को फिर से दोहराया न जा सके । 

Wednesday, May 25, 2016

सोनीपत-गुडग़ांव के भूमि घोटालों में भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ दर्ज हो एफआईआर-नेता प्रतिपक्ष ने सीएम को पत्र लिखा


चंड़ीगढ़, 25 मई: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल को एक और पत्र लिख तत्कालीन हुड्डा सरकार द्वारा सोनीपत व गुड़गांव में किए दो भूमि घोटालों को लेकर भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ सरकारी पद का दुरुपयोग कर निजी लोगों व बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, भ्रष्टाचार व अमानत में खयानत करने जैसी भारतीय दंड सहिंता की विभिन्न धाराओं 406, 409, 420, 467, 468, 469 व भ्रष्टाचार निरोधक कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अपराधिक मामला दर्ज कर तुरंत कार्यवाही किए जाने की मंाग की है। इनेलो नेता ने कहा कि गैर-कानूनी तौर पर भूमि रिलीज करने के ताजा मामले गुडगांव के सेक्टर 16 में शिवदास मल कालड़ा को 1984 में अधिग्रहण की गई जमीन 2005 में रिलीज करने और सोनीपत में 2004 में अधिग्रहण की गई करीब 25 एकड़ जमीन जिसका हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा कब्जा भी ले लिया गया था, को सारे नियम कायदे ताक में रखकर 2007 में रिलीज करने से संबंधित है। नेता प्रतिपक्ष ने आज चंडीगढ़ में एक पत्रकार सम्मेलन कर यह आरोप लगाए। पत्रकार सम्मेलन में पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा, आरएस चौधरी, एमएस मलिक, राम सिंह बराड,़ एनएस मल्हान व प्रवीण आत्रेय भी मौजूद थे। उन्होंने इनेलो द्वारा हुड्डा सरकार के खिलाफ दी गई चार्जशीट पर भी तुरंत कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अब वे हर पखवाड़े तत्कालीन सरकार के अलग-अलग घोटालों को उजागर करते हुए सबूतों के साथ सीएम को पत्र लिखा करेंगे।



नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गुडगांव के सेक्टर 16 में शिवदास मल कालड़ा की एक बीघा 7 बिसबा जमीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा 1984 में अधिग्रहण की गई थी। इस जमीन का हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को 27 जनवरी 1984 को कब्जा भी मिल गया था। इस जमीन के अधिग्रहण को लेकर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका 20 नवंबर 1985 को खारिज कर दी गई थी और भू-मालिकों को सर्वोच्च न्यायालय से भी कोई राहत नहीं मिली। इसके बावजूद इस बेहद कीमती कमर्शियल भूमि को भूपेंद हुड्डा ने सारे नियम कायदों को तोड़ मुख्यमंत्री बनते ही 24 अगस्त 2005 में रिलीज कर दिया। इनेलो नेता ने कहा कि इसी तरह सोनीपत में 2004 में अधिग्रहण की गई एक अनधिकृत कलोनी की करीब 25 एकड़ जमीन जिसका हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा कब्जा भी ले लिया गया था, को सारे नियम कायदे ताक में रखकर 16 जनवरी 2007 को सिद्धार्थ सहकारी हाउस बिल्डिंग सोसाइटी को रिलीज कर दिया गया। हालांकि इस जमीन को अधिग्रहण करने के लिए जब धारा 4 की अधिसूचना जारी की गई उस समय कथित सोसाइटी का इस जमीन पर मालिकाना हक भी नहीं था। उन्होंने कहा कि वैसे भी सरकारी नियम कायदों के अनुसार इन जमीनों को रिलीज नहीं किया जा सकता था।  विभागीय अधिकारी भी इन जमीनों को रिलीज करने के खिलाफ थे और वे फाइलों पर बार-बार जमीनों को रिलीज न करने की दुहाई देते रहे, इसके बावजूद तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने अधिकारियों की राय को दरकिनार कर जमीनें रिलीज कर दी।
इनेलो नेता ने पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि ये मामले भी बिल्कुल वैसे ही हैं और उस फैसले के दृष्टिगत भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के अंतर्गत तुरंत अपराधिक मामला दर्ज किए जाने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ेके ताजा फैसले से इनेलो के उन आरोपों की भी पुष्टि हो गई है कि हुड्डा सरकार किसानों को उनकी जमीनें सरकार द्वारा अधिग्रहण किए जाने का डऱ दिखा कर बिल्डरों के पास कौडिय़ों के दाम में बेचने के लिए विवश करती थी। जब किसान दबाव में आकर अपनी जमीनें बिल्डरों को बेचने के लिए मजबूर हो जाते थे तो उन्हीं जमीनों को बिल्डरों के पास पहुंचते ही न सिर्फ रिलीज कर दिया जाता था, बल्कि उन जमीनों पर प्राइवेट बिल्डरों को लाइसेंस भी दे दिए जाते थे। इनेलो नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने ताजा फैसले को भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार व बिल्डरों के बीच अपवित्र सांठगांठ को कानून का व्यापक दुरुपयोग बताया है। 
इनेलो  ने बर्खास्त किए गए बिजली कर्मचारियों की मांगों का किया समर्थन

इनेलो नेता ने भाजपा सरकार द्वारा 9500 बिजली कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने और सौ फीसदी बिजली बिल वसूली वाले फीडरों को निजी हाथों को सौंपे जाने की भी निंदा करते हुए कहा कि एक तरफ पांच लाख लोगों को रोजगार देने की बात कही जा रही है और दूसरी तरफ दिहाडीदार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है। उन्होंने बिजली कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए फीडरों को निजी हाथों में सौंपे जाने का निर्णय लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनेलो कुछ दिन बाद बिजली बिलों में बढौतरी के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन को नए रूप में शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इनेलो अगामी विधानसभा सत्र में प्रकाश कमेटी की रिर्पोट सदन में रखे जाने व उस पर चर्चा करवाए जाने की मांग करेगी।

Tuesday, May 24, 2016

आंदोलन को शह देने वाले भाजपा नेताओं को बचाने के लिए प्रकाश कमेटी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही-अभय चौटाला 


चंड़ीगढ़, 24 मई: इनेलो के वरिष्ठ नेता व हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक किए जाने और इस बात का भी खुलासा किए जाने की मांग की है कि हरियाणा के किन-किन मंत्रियों व भाजपा विधायकों ने प्रकाश सिंह से मुलाकात कर दबाव डालने का प्रयास किया था।  इनेलो नेता ने कहा की सरकार अपनी नाकामी छिपाने और भाजपा से जुड़े हुए लोगों जोकि प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से इस आंदोलन को हवा देने व प्रदेश को आग के हवाले करने के लिए जिम्मेदार हैं उन्हें बचाने के लिए इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं कर रही। इनेलो नेता ने मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश के 31 लोग बेवजह मारे गए और हजारों करोड रुपए की संपत्ति बर्बाद हुई है, इसलिए प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार बनता है कि वह इन घटनाओं के पीछे कौन से तत्व काम कर रहे थे और उनकी असलियत सामने आ सके। पत्रकार सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, जसविंदर सिंह संधू, वेद सिंह मलिक, रामपाल माजरा, रणबीर गंगवा, आरएस चौधरी, बीडी ढालिया, राम सिंह बराड,़ एनएस मल्हान, कुलभूषण गोयल व प्रवीण आत्रेय भी मौजूद थे।
 इनेलो नेता ने कहा कि सरकार ने डीएसपी व एसडीएम स्तर के 13 अधिकारियों को निलंबित करके उन्हें सजा दी है जबकि उन्हीं जिला मुख्यालयों पर डीसी-एसपी से लेकर कमीशनर व आईजी लेवल के अधिकारी भी तैनात थे।  ऐसे में सरकार को यह बताना चाहिए कि जिन लोगों को निलंबित किया गया है उनके खिलाफ क्या आरोप व सबूत पाएंगे और इस आंदोलन के दौरान मारे गए जिन लोगों को बेकसूर बताते हुए सरकार ने राहत राशि दी है उन्हें किस आधार पर बेकसूर और जिन 22 लोगों को कसूरवार ठहरा कर राहत राशि देने से इंकार किया गया है वे किस तरह से कसूरवार ठहराए गए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इनेलो की मांग पर सरकार ने रिटायर्ड न्यायधीश श्री झा की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग का गठन किया है। ऐसे में जब न्यायिक आयोग का गठन हो गया तो फिर प्रकाश सिंह रिपोर्ट का कोई औचित्य नहीं रह जाता था अब जब सरकार ने उस रिपोर्ट के आधार पर कुछ लोगों को निलंबित किया है और कुछ अन्य के खिलाफ कारवाई की है तो सरकार को यह सार्वजनिक करना चाहिए की प्रकाश कमेटी ने जिन 90 लोगों को जिम्मेवार या दोषी ठहराया है तो उनके खिलाफ क्या आरोप हैं?
इनेलो नेता ने कहा कि अब तो खूद प्रकाश सिंह ने उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की न सिर्फ मांग की है, बल्कि यह भी कहा है की जांच के दौरान सरकार के कई मंत्री और विधायक भी उनसे मिले थे और उनपर काफी दबाव था। नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार से विधानसभा सत्र के लिए तुरंत तारीख तय करने की भी मांग की ताकि विधानसभा सत्र में इस रिपोर्ट पर और जिम्मेवार लोगों के खिलाफ की गई व होने वाली कार्यवाही पर भी व्यापक चर्चा हो सके । इनेलो नेता ने कहा कि सरकार द्वारा यह कहा जा रहा है की रिपोर्ट को हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा जबकि न तो हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को पेश करने के लिए आदेश दिए हैं और न ही इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने पर कोई रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि अदालत तो प्रकाश कमेटी की वैधता और उसके कानूनी अस्तित्व पर भी प्रश्नचिंह लगा चुकी है । अब सरकार इस मामले में जानबूझकर ढुलमुल रवैया अपना रही है। इनेलो नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के पास गृह विभाग का चार्ज भी है और गृहमंत्री होने के नाते वह प्रदेश में घटी इन घटनाओं की जिम्मेवारी से भाग नहीं सकते। सवालों के जवाब में इनेलो नेता ने कहा कि हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज मंत्रिमंडल में काफी वरिष्ट और ईमानदार मंत्री होने के साथ-साथ वे प्रदेश हितों को लेकर चिंतित भी रहते हैं। इसलिए उन्हें लोगों की शंकाओं को दूर करवाने के लिए स्टैंड लेकर प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करवाना चाहिए। 
सवालों के जवाब में इनेलो नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने भूपेंद्र हुड्डा की सरकार द्वारा पिछले 10 सालों के दौरान किए गए घोटालों की जांच की मांग करते हुए राज्यपाल व प्रदेश सरकार 400 पृष्ठों की चार्जशीट सौंपी थी लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। इनेलो नेता ने कहां थी भूपेंद्र हुड्डा आज बदले की कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं जबकि उन्होंने निर्दोष होते हुए भी ओमप्रकाश चौटाला व अजय सिंह चौटाला सहित इनेलो नेताओं को झूठे मामलों में षडयंत्र के तहत फंसाया था। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश में घटी हिंसक घटनाओं के लिए कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा भी बराबर की जिम्मेदार है। इनेलो नेता ने राज्यसभा चुनाव के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि इनेलो राजनीतिक मामलों की कमेटी पीएसी की अगले कुछ दिनों में बैठक करके राज्यसभा चुनाव के बारे में अपनी भावनाओं से इनेलो प्रमुख को अवगत करवाएंगे और इनेलो प्रमुख की अंतिम मंजूरी के बाद ही राज्यसभा चुनाव का फैसला लिया जाए। इनेलो नेता ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने 10 साल तक प्रदेश को दोनों हाथों से लूटा और उनके खिलाफ कार्यवाही करने की बजाए सरकार कुंभकरण की नींद सोई हुई है इसलिए उन्हें बार बार सरकार को चि_ी लिखकर सतर्क करना पड़ता है। इनेलो नेता ने कहा कि वे कल और एक और पत्र लिखकर एक अन्य घोटाले की तरफ सरकार का ध्यान दिलाने के लिए उसे उजागर करेंगे ताकि सरकार घोटालेबाजों के खिलाफ कार्यवाही कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस व भाजपा आपस में अंदरखाने मिले हुए हैं इसीलिए इनेलो की चार्जशीट पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की जा रही।
नैना चौटाला ने मतदाताओं का जताया आभार, डबवाली में इनेलो का वोट प्रतिशत बढ़ा


चंड़ीगढ़, 24 मई : डबवाली से इनेलो विधायक नैना सिंह चौटाला ने नगर परिषद चुनावों में डबवाली के लोगों द्वारा दिए गए सहयोग व समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है। वह नगर परिषद चुनावों में जीतने वाले पार्षदों को बधाई दी और इस चुनाव में इनेलो समर्थित प्रत्याशियों के मुलाकात कर उनकी हौंसला अफजाई की। विधायक नैना चौटाला ने कहा है कि नगर परिषद चुनावों में डबवाली के मतदाताओं ने संकट के दौर से गुजर रही पार्टी को अपना भरपूर समर्थन व सहयोग दिया और पार्टी के साथ खड़े होकर अपनी प्रतिद्धता जाहिर की। इसके लिए वे हमेशा डबवाली के लोगों का आभारी रहेंगी। 
नैना सिंह चौटाला ने चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इन चुनावों में पार्टी समर्थित सात प्रत्याशियों को विजय मिली है। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में इनेलो समर्थित प्रत्याशियों को सबसे अधिक वोट मिले और पार्टी के वोट बैंक में व़द्धि हुई है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद चुनावों में कुल 28053 वोट पड़े जिसमें से अकेले इनेलो पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को सर्वाधिक 10523 वोट मिले जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को 9490 वोट तथा बीजेपी समर्थित प्रत्याशियों को 7254 मत ही मिले। उन्होंने कहा कि हर वार्ड में इनेलो प्रत्याशियों का मुकाबले अन्य दलों से समर्थित प्रत्याशियों से था और 21 में से सात वाडों पर विजयी हासिल करते हुए पहले स्थान पर रही ओर एक वार्ड को छोडक़र बाकी सभी वार्डों पर इनेलो प्रत्याशी पहले या दूसरे स्थान पर रहेे। 
नैना सिंह चौटाला ने वार्ड नंबर एक, दो, तीन, पांच, आठ, नौ, दस, सोलह, सतरह, उन्नीस, बीस व इक्कीस का दौरा किया और मतदाताओं का आभार जताया। उनके साथ हलका प्रधान सर्वजीत मसीतां, महिला विंग की जिला प्रधान कृष्णा फोगाट, नवनिर्वाचित पार्षद पूजा, विकास कुमार, टेकचंद छाबड़ा, प्रवीन सोनी, मनजीत सिंह, रेखारानी शर्मा, आत्माराम,  हरबंस भिटीवाला, सरदार जगरूप सिंह सक्ताखेड़ा, रणबीर सिंह राणा, जगसीर मांगेआना, ब्लॉक समिति सदस्य रणदीप सिंह मटदादू, राकेश शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
सीएम का जुलाना दौरा: खोदा पहाड़ निकली चुहिया


जीन्द, 24 मई 2016 : जुलाना से विधायक परमेन्द्र सिंह ढुल ने प्रदेश के मुख़्यमंत्री मनोहरलाल खटटर की जुलाना रैली में हुई घोषणाओं के पीछे की नीयत को लेकर सवालिया निशान लगाते हुए कहा की सीएम का जुलाना दौरा खोदा पहाड़ निकली चुहिया के समान है। पार्टी कार्यालय जीन्द में बुलाई विशेष प्रैस वार्ता में उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री महोदय की घोषणाओं से प्रतीत होता है की वह सभी हलकों में रैली करने की नीयत से जुलाना में महज़ औपचारिकता पूरी करने आये थे। इस अवसर पर विधायक ढुल ने मुख्यमंत्री से विकास से जुड़े दस महत्वपूर्ण सवाल भी किये।
विधायक ढुल ने कहा की पिछले एक वर्ष से ज्यादा समय से विधानसभा के अन्दर मेरे द्वारा उठाये गए मुद्दों पर सरकार की तरफ से मिले आश्वासनों पर आने वाले खर्च को यदि जोड़ा जाए तो कुल 1000 करोड़ रूपये के लगभग बनता है। मगर इसके विपरीत जुलाना रैली में हुई घोषणा 100 करोड़ भी नहीं। इनमे से अधिकांश काम नियमित बंधे बँधाये प्रशासनिक काम हैं जिन्हे घोषणा के नाम पर पेश किया गया है। उन्होंने कहा की मुख़्यमंत्री की घोषणाओं के बाद भी आमजन के मन में कहीं भी यह विशवास पैदा नहीं हो रहा की जुलाना के साथ सरकारी भेदभाव समाप्त कर दिया गया है। घोषणाओं में जुलाना को उप-मण्डल बनाया जाना, नहरी पानी वितरण का जुलाना में पुनर्गठन, पेयजल किल्ल्त को दूर करने के ठोस आधारभूत सरकारी योजना, खेती के पानी की व्यापक उपलब्धता, टेल पर पानी, सूखे जलघर में पानी पहुंचाना, जोहड़ों की सफाई व पानी की आपूर्ति, कच्चे लिंक मार्गों को पक्का करना, टूटी व अधूरी चौपालों के निर्माण, कच्ची गलियां, रोहतक-जीन्द हाईवे को अमृतसर तक जोड़े जाने, ड्रेनों के पुनर्गठन, जुलाना-मालवी व देवरड़ फाटक पर आरओबी, जुलाना में मल्टी-स्पोर्ट्स स्टेडियम, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, चार पीएचसी के लिए नए भवन आदि का कोई ज़िक्र तक नहीं किया गया। हैरानी की बात है की गर्ल्स कॉलेज तक को भी स्वीकृति नहीं दी गई बल्कि उसे भी मैपिंग के दरमियां बताया गया।  
विधायक ढुल ने कहा की प्रदेश सरकार ने रैली में कुर्सियां भरने के लिए मेम्बरों, सरपंचों व पार्षदों को विकास के लिए ग्रांट देने के नाम पर बुलाया। मगर ग्रांट के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं दी और न ही काम करवाने का कोई ठोस भरोसा दिलाया। इसके विपरीत सदन में सरकार से मेरी मांग थी की सभी गाँवो को विकास के लिए एक से दो करोड़ की विकास राशि स्वीकृत की जाए व इसके साथ ही सभी प्रतिनिधियों को उनके क्षेत्र की आबादी के अनुसार ग्रांट सुनिश्चित की जाए। चाहे वह मेम्बर हो या सरपंच या फिर पार्षद, सभी अपने क्षेत्र की उम्मीदों व मांगों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसे किसी कीमत पर भी अनसुना नहीं होने देना चाहिए। मगर सरकार ने न सिर्फ उनकी मांगों को ठण्डे बस्ते में डाला है बल्कि उनके साथ-साथ आमजन की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ किया है।
विधायक ढुल ने कहा की निडाना हादसे के बाद पीड़ितों से मिलना तो दूर मुख्यमंत्री ने उन्हें राहत प्रदान करने तक की घोषणा नहीं की।वार्ता के दौरान उन्होंने कहा की हैरानी की बात है इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी प्रदेश सरकार ने हल्के में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चितकरने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई है। वर्ल्ड बैंक द्वारा समर्थित व प्रायोजित क्लस्टर योजना पर भी कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। प्रदेश सरकार के पास मौका था की वह आमजन का सरकारी व्यवस्था में पुनः विशवास कायम करती। मगर वर्तमान प्रदेश सरकार को विकास से कोई सरोकार नहीं अपितु सामाजिक तानाबाना बिगाड़ने से है। 
उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री द्वारा की गयी नयी घोषणाओं में उनके मांगपत्र का महज़ पांच फीसदी कार्य स्वीकृत किया गया है। जिनमे से गांव हथवाला का स्टेडियम, गांव हथवाला व ललितखेड़ा में जलघर, गतौली-करेला ड्रेन, निजामपुर-भैरोंखेडा-रामकली ड्रेन, जुलाना गर्ल्स कॉलेज, PWD रेस्ट हाउस, जुलाना में पार्क आदि शामिल है। उन्होंने कहा इनमे अधिकाँश परियोजनाओं को पहले से ही मंजूरी मिली हुई है जबकि कुछ ऐसी योजनाएं हैं जिन्हे पूर्व में रही कांग्रेस सरकार ने सरकारी दुभांत के चलते ड्रॉप कर दिया था। विधायक ढुल ने कहा कीजुलाना के पिछड़ेपन को लेकर कांग्रेस घड़ियाली आंसू बहा रही है। 10 वर्ष तक लगातार प्रदेश की सत्ता पर काबिज़ होते हुए तब उन्हेंजुलाना की याद क्यों नहीं आई जबकि पांच वर्ष तो यहां कांग्रेस विधायक भी था। इसके विपरीत उस दौरान कांग्रेस ने जुलाना का हक़रोहतक में स्थनांतरण करने का काम किया था जिसका मोटा हिस्सा पेयजल तथा खेती के पानी का था।  उसी दौरान हांसी तथा सुन्दर ब्रांचकी क्षमता भी आधी कर दी गई थी। इस मौके पर उनके साथ आनंद लाठर, कैप्टन रणधीर चहल, होशियार सिंह अहलावत, सूरजभान सिहाग, जगदीप बुआना, सतेन्द्र ढुल, संजय कुमार, नफे सिंह मलिक, भुवन गिरी एवं जिला कार्यालय सचिव गुरदीप सांगवान भी मौजूद थे।

इनैलो विधायक परमेन्द्र सिंह ढुल के प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुलाना के विकास को लेकर दस सवाल

  1. पूरी सरकारी व्यवस्था हाथ में होते हुए भी जुलाना को उप-मण्डल का दर्ज़ा क्यों नहीं दिया गया? क्या यह बीजेपी द्वारा क्षेत्र में किये गए चुनावी वायदों के विपरित नहीं है? जुलाना में गर्ल्स कॉलेज के निर्माण को लेकर महज़ मैपिंग का सब्ज़बाग क्यों?
  2. आपकी सरकार द्वारा शवेत पत्र में स्वीकार किया गया था की जुलाना तथा जीन्द जिले को विकास के नज़रिए से सरकारी भेदभाव का शिकार बनाया गया है तो फिर उसे दूर करने के लिए विशेष योजना क्यों तैयार नहीं की जा रही? 5000 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग को नज़रअंदाज़ क्यों किया जा रहा है?
  3. क्षेत्र में पेयजल की भारी किल्ल्त को दूर करने के लिए कोई ठोस व्यापक योजना क्यों नहीं बनाई जा रही? वर्ल्ड बैंक द्वारा वित्तपोषित तीन क्लस्टर योजनाओं को ठण्डे बस्ते में क्यों डाला जा रहा है? उसे स्वीकृत करने में कैसी कठिनाई? 28 में से 26 जलघर सूखे हैं और उनमे पानी पहुँचाने का क्या योजना बनाई है? राजगढ़ और ईगराह गाँव के लिए जलघर क्यों नहीं मंज़ूर किये गए?
  4. जुलाना में नहरी पानी के पुनर्गठन को लेकर विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी क्यों नहीं दी जा रही? कार्यालय जुलाना में ही क्यों नहीं बनाया जा रहा?
  5. जुलाना में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता व विस्तार हेतु ठोस कदम क्यों नहीं उठाये जा रहे? तीन पीएचसी बिना सरकारी भवन के काम कर रही हैं, डॉकटरों के साथ-साथ दवाइयां व उपकरण की कमी, महिला हेल्थ स्पेशलिस्ट, स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स, महिला प्रसूतिशास्री आदि की व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा रही?
  6. निडाना हादसे के बाद पीड़ितों से मिलने क्यों नहीं गए मुख्यमंत्री महोदय? पीड़ितों के परिजनों के साथ अतीत में हुए ऐसे हादसों के लिए राहत प्रदान करने की घोषणा क्यों नहीं की गयी? क्या इस हादसे के लिए सरकारी सुस्ती जिम्मेवार नहीं है?
  7. जीन्द-रोहतक हाईवे के चौड़ाकरण को ड्रॉप क्यों किया गया? योजना के किर्यान्वन में देरी व ढिलाई क्यों बरती जा रही है? योजना के साथ जुड़ चुके जीन्द बाईपास को अधर में क्यों लटकाया जा रहा है?
  8. क्षेत्र की जनता की उम्मीदों के अनुरूप तैयार किये गए व मेरे द्वारा भेजे गए मांगपत्र को घोषणाओं तथा परियोजनाओं के रूप में शामिल क्यों नहीं किया गया जबकि सदन में स्वीकृति भी मिल चुकी थी?
  9. जुलाना व जीन्द के ऐनसीआर में शामिल होने के बावजूद इन क्षेत्रों को विकास की ग्रांट से वंचित क्यों रखा जा रहा है?
  10. प्रदेश सरकार द्वारा रैली में कुर्सियां भरने के लिए मेम्बरों, सरपंचों व पार्षदों को विकास के लिए ग्रांट देने के नाम पर बुलाया गया। मगर ग्रांट के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं दी और न ही काम करवाने का कोई ठोस भरोसा दिलाया गया। क्या सरकार को सभी गाँवो को विकास के लिए एक से दो करोड़ की विकास राशि स्वीकृत नहीं की जानी चाहिए थी? इसके साथ ही सभी प्रतिनिधियों को उनके क्षेत्र की आबादी के अनुसार ग्रांट सुनिश्चित नहीं की जानी चाहिए थी? चाहे वह मेम्बर हो या सरपंच या फिर पार्षद, क्या सभी अपने क्षेत्र की उम्मीदों व मांगों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं?

Monday, May 23, 2016


प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करें सरकार - अभय सिंह चौटाला 


सिरसा : हरियाणा विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता अभय सिंह चौटाला ने प्रकाश सिंह कमेटी की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच कमेटी के चेयरमैन पर मंत्रियों एवं विधायकों के दबाव की चर्चा सार्वजनिक होने पर अब यह भी सार्वजनिक होना चाहिए कि आखिर दबाव डालने वाले मंत्री व विधायक कौन हैं। वे सोमवार को डबवाली रोड स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए सरकार की ओर से गठित प्रकाश सिंह कमेटी के चेयरमैन प्रकाश सिंह द्वारा इस बात का खुलासा किए जाने के बाद अब इस रिपोर्ट को जनहित में सार्वजनिक किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इनेलो ने इस सारे मामले में सरकार को ही इस आगजनी के लिए दोषी बताया था और प्रकाश सिंह कमेटी की ओर से दिए गए इस बयान के बाद कमोबेश सरकार का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। इनेलो नेता ने कहा कि इस रिपोर्ट में 90 अधिकारियों को दोषी माना गया है जबकि धरातल पर केवल 13 अधिकारियों को ही बलि का बकरा बनाया गया है। उन्होंने प्रश्र किया कि जिन जिलों में आगजनी हुई उनमें कमिश्रर, डीसी व आईजी स्तर के अधिकारी भी मौजूद थे मगर उन पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि वास्तव में इस एक सदस्यीय कमेटी के गठन का उद्देश्य सरकार की लापरवाही को ढकना था मगर इस कमेटी के चेयरमैन के बयानों के बाद सारी स्थिति उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ की गई कार्रवाई पर बोलते हुए इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि अभी तो महज 3 मामले ही दर्ज हुए हैं, ऐसे में वे इसे राजनीतिक द्वेष की भावना से की गई कार्रवाई बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों के दर्ज होने के बाद से हुड्डा के बयान से यह साबित होता है सत्ता में आने के बाद से कोई भी कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से ही होती है और ऐसे में कांग्रेस शासन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, डॉ. अजय सिंह चौटाला व शेरसिंह बडशामी के खिलाफ भी की गई कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से की गई थी। उन्होंने कहा कि दो साल पूर्व इनेलो ने महामहिम राज्यपाल को कांग्रेस शासन में हुए घपलों और घोटालों की जांच के लिए 400 पेजों की चार्जशीट सौंपी थी, मगर अभी तक कार्रवाई के लिए भाजपा सरकार केवल और केवल आश्वासन तक ही सीमित है। उन्होंने कहा कि सही मायने में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ जांच करे तो उनके खिलाफ 400 मुकदमे ही दर्ज होने चाहिएं। सिरसा में थेहड़ मोहल्ले के 20 हजार लोगों के सिर से आशियाने छिनने के मामले में इनेलो नेता ने कहा कि ये मुद्दा नया नहीं है। पिछले लंबे समय से अनेक राजनीतिक दलों ने यहां के लोगों को केवल वोटबैंक के लिए ही इस्तेमाल किया है। इस मुद्दे पर इनेलो का स्पष्ट स्टेंड है कि इन लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था सबसे पहले होनी चाहिए। सरकार को इसके लिए जिम्मेदारी के साथ पहलकदमी होनी चाहिए। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि एक ओर प्रदेश सूखे की मार से गुजर रहा है और लोगों को बिजली पानी के घोर संकट का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री प्रदेश में विकास रैलियां कर रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस अवसर पर उनके साथ इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन, सतबीर कड़वासरा आदि मौजूद थे। 
अपनी नाकामी छुपाने के लिए अधिकारियों पर कार्रवाई कर रही सरकार : अशोक अरोड़ा

जींद, 22 मई : इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए अधिकारियों पर कार्रवाई कर रही है। जिस प्रकाश सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, उसकी कोई वैद्यता नहीं है क्योंकि एक अन्य आयोग की अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है। उन्होंने निडाना गांव में मरे 5 जवानों के परिजनों को एक-एक सरकारी नौकरी देने तथा 20-20 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की सरकार से मांग की।
अशोक अरोड़ा निडाना गांव में मरे 5 युवकों के परिजनों को ढांढस बंधाने आए थे। इसके बाद यहां इनेलो कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अरोड़ा ने कहा कि प्रकाश सिंह आयोग की वैद्यता पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भी सवाल उठा चुका है। इसके बावजूद सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए अब अधिकारियों को बलि का बकरा बना रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के मंत्री तथा विधायक भी इस मामले में दोषी हैं क्योंकि यह उनकी सोची-समझी साजिश थी। यदि सरकार को कार्रवाई करनी है तो पहले अपने घर से कार्रवाई शुरु करे। उन्होंने बिजली कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार का काम मुनाफा कमाना नहीं होता लेकिन 23 सब-डिवीजनों के ठेके पर देकर सरकार मुनाफा कमाना चाहती है। बिजली कर्मचारियों की सभी मांगें जायज हैं। इनेलो बिजली कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि सरकार को बिजली में सुधार करना चाहिए तथा हटाए गए कर्मचारियों को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना चाहिए। सरकार लोगों को रोजगार देने की बजाय रोजगार छीनने का काम कर रही है। कैप्टन अजय यादव द्वारा हरियाणा बचाओ संघर्ष समिति बनाने पर अरोड़ा ने कहा कि यह हरियाणा को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष जयहिंद पर हमला बोलते हुए अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी का हरियाणा में कोई वजूद नहीं है। उनके तथा कांग्रेस के किसी नेता की बैठक की बात कहकर आम आदमी पार्टी लोगों को बहकाने का काम कर रही है। इस मौके पर पूर्व मंत्री रामपाल माजरा, जिला प्रधान कलीराम पटवारी, एससी सैल के प्रदेशाध्यक्ष बलदेव वाल्मीकि, विधायक परमेंद्र सिंह ढुल, पृथी नंबरदार, डॉ. हरिचंद मिढ़ा, कैप्टन रणधीर चहल, कुलदीप पिंडारा, नफे सिंह, कुलबीर चहल, वजीर मोहला व गुरदीप सांगवान भी मौजूद थे।

Saturday, May 21, 2016

इनेलो नेता पर हमले के विरोध में एसपी से मिला इनेलो प्रतिनिधिमंडल

फतेहाबाद : बीते दिन युवा इनेलो नेता विकास मेहता पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में शनिवार को विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया इनेलो प्रतिनिधिमंडल के साथ एसपी ओपी नरवाल से मिले। विधायक ने एसपी को सारे मामले की जानकारी दी और उनसे हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ़्तार करने की मांग रखी। एसपी ओपी नरवाल ने विधायक को आश्वासन दिया कि पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। एसपी नरवाल ने आश्वस्त किया कि बहुत जल्द हमलावर पुलिस के शिकंजे में होंगे। इस मौके पर इनेलो प्रतिनिधिमंडल में विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया,बलविंद्र कैरों, कुलजीत कुलडिय़ा, मोलूराम रु ल्हानिया, सुरेंद्र लेगा, अनिल नहला, अजय संध्ुा, कृष्ण मेहता, राणा जोहल,यशपाल यश तनेजा आदि कई इनेलो नेता शामिल रहे। 
प्रकाश सिंह आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करे सरकार- आर्य

हिसार, 21 मई : इनेलो के राष्ट्र्रीय सचिव व हरियाणा लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य युद्धवीर सिंह आर्य ने खट्टर सरकार से प्रकाश सिंह आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। प्रेस को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक न करके सरकार केवल अधिकारियों पर ही कार्यवाही करके प्रदेश की जनता को भर्मित करने का प्रयास कर रही है। इनेलो नेता आर्य ने बताया कि सरकार इस रिपोर्ट को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं करना चाहती क्योंकि इसके सार्वजनिक होने से सरकार की पोल खुलकर सामने आ जायेगी।  जब कि प्रदेश की जनता ने आयोग के सामने पेश होकर अपने बयान दर्ज कराते वक्त दोषी अधिकारियों के साथ साथ बीजेपी व कांग्रेस राज नेताओं के नाम भी इस साजिश में शामिल होना बताया है। रिपोर्ट में सीआईडी की तारीफ़ करते हुए लिखा गया है कि सीआईडी ने समय रहते सरकार को आरक्षण की आड़ में आगजनी होने  की आशंका जाहिर कर दी थी। परन्तु समय रहते इस पर कोई गौर नही किया। अब जब इसके लिए गृह सचिव को निलंबित कर दिया है तो फिर प्रदेश के गृह मंत्रालय को सम्भाल रहे मुख्यमंत्री को भी अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। इसके अलावा इस रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए सरकार के मंत्रियो ने भी अपने शब्द वाणों द्वारा आरक्षण की आग में घी डालने में कोई कोर कसर नही छोड़ी। एक सप्ताह तक हरियाणा जलता रहा और मुख्यमंत्री चुपचाप इसे जलता हुआ देखते रहे।
हिसार की जनता ख़ौफ़ के साये में  और सीपीएस विदेश भ्रमण पर- लावट

हिसार, 21 मई : पिछले कई दिनों से शहर में सिलसिलेवार हो रही आपराधिक घटनाओं से शहर के व्यापारियों के साथ साथ आमजन भी ख़ौफज़़दा है। परन्तु सीपीएस व स्थानीय विधायक  इन सबसे मुंह मोड़कर व जनता को भय के साये में उनके भाग्य पर छोड़कर अपने दोस्तों के साथ विदेश यात्रा पर निकल गए। उनकी इस बात ने साबित कर दिया कि उन्हें जनता से कोई सरोकार नहीं है। यह बात अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के राष्ट्र्रीय उपाध्यक्ष व इनेलो के हलकाध्यक्ष सजन लावट ने कही। उन्होंने कहा कि  शहर के सबसे बड़े बाज़ार राजगुरु मार्किट में लगातार  चोरी की घटनाएं हो रही है, इसके अलावा कांता शर्मा व स्वीटी हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है । यंहा तक कि भाजपा के किसी नेता ने इन घटनाओ का संज्ञान लेकर पीडितो का हाल चाल जानना भी उचित नही समझा, ऊपर से जब शहर के व्यापारी इन घटनाओं के विरोध में धरना प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के आला अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास करते है तो सीपीएस व स्थानीय विधायक उनकी सुरक्षा के लिए कोई बात करने की बजाये इस धरने व विरोध प्रदर्शन को विपक्ष की सुनियोजित योजना व सरकार को बदनाम करने की बात कहकर  उन व्यापारियों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे है। सीपीएस डॉ कमल गुप्ता द्वारा व्यापारियों के द्वारा एक दो चोरियों में ही सारा शहर सिर पर उठा लेने की बात कहने की कड़ी निंदा करते हुए इनेलो नेता लावट ने बताया कि जब कोई संगठन अपनी जायज  बात कहने के लिए स्थानीय विधायक के पास जाते तो वे उन संगठनो के प्रतिनिधियों पर टिका टिपण्णी करते हुए उनका अपमान करने से भी गुरेज नहीं करते। उदाहरण के तौर पर जब पिछले दिनों शहर में स्वर्णकारों का धरना चल रहा था तो पहले तो वे धरने पर नहीं आये जब स्वर्णकार संघ के पदाधिकारी उनसे मिलने उनके निवास पर गए तो उनका अपमान करके उनके धरने को ही अनावश्यक बता दिया। इसी प्रकार जब पिछले दिनों आरक्षण की आग की लपटें हिसार व हांसी में फैल रही थी तब भी स्थानीय विधायक की चुप्पी रहस्यमय थी। उन्होंने कहा कि आज शहर की जनता का भाजपा सरकार से विश्वास उठ चुका है, अगर आने वाले दिनों में इन अपराधिक घटनाओं पर कोई लगाम नही लगाई गई तो पूरा शहर शासन व प्रशासन के विरोध में उठ खड़ा होगा।

Friday, May 20, 2016

पंजाबी गायक अल्फाज ने इनेलो समर्थित प्रत्याशियों के लिए किया चुनाव प्रचार 


चंड़ीगढ़, 20 मई। डबवाली नगर परिषद चुनावों के प्रचार के आखिरी दिन इनेलो ने प्रत्याशियों के समर्थन में पंजाबी पॉप गायक अल्फाज ने वोट मांगे। इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला के साथ पहुंचे अल्फाज ने इनेलो प्रत्याशियों को अधिक से अधिक मतों से विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने जनता से कहा कि इनेलो जमीन से जुड़ी पार्टी है और लोगों के जनहित की लड़ाई लड़ती है। नगर परिषद चुनावों में इनेलो ने अच्छे और ईमानदार लोगों को चुनाव मैदान में उतारा है और इन प्रत्याशियों से अधिक से अधिक मतों से विजयी बनाएं ताकि जनहित काम करने वाले व्यक्ति को नगर परिषद चेयरमैन के पद पर बैठाया जा सके। आज इनेलो समर्थित प्रत्याशियों के समर्थन में हुई नुक्कड़ सभाओं में भारी भीड़ उमड़ी और लोगों का उन्हें जोरदार समर्थन मिल रहा है। अल्फाज ने कहा कि सभाओं में उमड़ी भीड़ से जाहिर है कि नगर परिषद चुनावों में इनेलो समर्थित प्रत्याशियों की भारी जीत होगी। 
दिग्विजय सिंह चौटाला व पंजाबी गायक ने आज डबवाली शहर में वार्ड नंबर 4, वार्ड नंबर 8, वार्ड नंबर 9, 19, 20, 12 में इनेलो समर्थित प्रत्याशियों को रिकार्डतोड़ मतों से जिताने का आह्वान किया। दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि वार्ड की समस्याओं को हल करवाने में पार्षदों की बड़ी भूमिका है। वही आपकी समस्याओं को हल करवाते हुए सडक़, सीवरेज, पानी, पीले कार्ड, पेंशन जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान करवा सकता है, इसलिए आप अच्छे लोगों को चुन कर नगर परिषद में भेजें। उन्होंने कहा कि इनेलो ने कर्मठ और लोगों के बीच रहने वाले लोगों को चुनाव मैदान में उतारा है। चुनाव प्रचार में पूर्व विधायक डा. सीताराम, हलका प्रधान सर्वजीत मसीतां, ंसरदार जगरूप सिंह, रणबीर राणा, एसपीजीसी सदस्य जगसीर मांगेआना, ब्लाक समिति सदस्य रणदीप मटदादू, नरेंद्र बराड़, बिट्टू मौजगढ़, जग्गा बराड़ आदि साथ थे। 
जुलाना में पानी किल्ल्त के लिए सरकार की सुस्ती जिम्मेदार: ढुल


जीन्द, 20 मई : जुलाना से विधायक परमेन्द्र सिंह ढुल ने हल्के के विकास को लेकर ढुलमुल रवैया अपना रही प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए निडाना हादसे के लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया। अपने निवास पर बुलाई पत्रकार वार्ता में विधायक ढुल ने कहा की वह पिछले 15 महीनों से भी ज्यादा समय से विधानसभा के सदन में व बाहर दोनों जगह प्रदेश सरकार के मुखिया महोदय को बारम्बार धरातल की स्थिति की गम्भीरता से लगातार अवगत करवाते आ  रहे हैं जिसे लेकर वह मांगपत्र व पेयजल प्रोजेक्ट प्रपोजल भी सौंप चुके हैं। मगर लम्बी नींद सोई प्रदेश सरकार ने उन प्रपोजल्स पर यदि समय रहते कदम उठाये होते तो निडाना जैसा हादसा टल सकता था।
उन्होंने कहा की उनके मुताबिक हल्के के 50 से अधिक गाँवों में पेयजल की भारी कमी है जिसे जड़ ख़त्म करने के लिए तीन बड़े कलस्टरों सहित कुछ छोटे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का बनाया जाना अतयंत आवश्यक है। पिछले 15 महीनों से यह फाइल सरकारी विभागों के चक्कर काटती हुई मुख्यमंत्री के कार्यालय में अप्रूवल के लिए अधर में लटकी है। क्षेत्र में पेयजल की किल्ल्त को जड़ से समाप्त करने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत आएगी। ऐसे में जब सरकारी अधिकारी जुलाना हल्के की मदद करना चाहते हैं तो सरकार को क्या परेशानी है? हैरानी की बात है की उनके द्वारा भेजी गयी क्लस्टर परियोजना को भारत सरकार के पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्रालय (एमडीडब्‍ल्‍यूएस) तक से भी ग्रीन सिग्नल मिल चुका है तथा वर्ल्ड बैंक से लोन स्वीकृति की बात भी हो चुकी है मगर प्रदेश सरकार को मानो तो कोई चिंता ही नहीं है। 15 महीनों से प्रदेश सरकार की चुप्पी सरकारी मंशा पर सवालिया निशान लगाते हैं। अब जबकि पानी सर से उपर हो चुका है तो माहौल को भांप रखी गई अपनी प्रस्तावित रैली में मुख़्यमंत्री महोदय को अपनी इस देरी तथा सुस्ती के कारण को स्प्ष्ट करना चाहिए। चुकीं निडाना में हुआ हादसा सरकार की विफलता का ही नतीजा है तो ऐसे में हम सरकार से मांग करते हैं की पीड़ित परिवारों को न सिर्फ सरकारी सहायता प्रदान की जाए बल्कि पक्की नौकरियां भी दी जाएं।
विधायक ढुल ने बताया की उनके द्वारा भेजे गए प्रपोजल में गाँव देशखेडा, राजगढ़, झमोला, देवरड़, करेला, मालवी आदि गाँवो का क्लस्टर और गाँव बुराडेहर, बुआना, बराड़खेड़ा, बहबलपुर, घिमाना, बीबीपुर, ईगराह आदि गाँवो का क्लस्टर तथा गाँव ढिगाना, निडाना, पड़ाना, निडानी, रधाना, अनूपगढ़, खेमाखेड़ी, शामलोखुर्द आदि गाँवो का क्लस्टर शामिल है।  इसके अलावा गाँव किलाज़फ़रगढ़, पौली, हथवाला, बुढाखेड़ा लाठर, जुलाना कस्बा व लाइनपार कॉलोनी के लिए विशेष प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इन सब पर 200 करोड़ रुपए से उपर की लागत आएगी।
इसी के साथ विधायक ढुल ने कहा की हैरानी का विषय है की प्रदेश सरकार आज तक प्रशासन को आपातकालीन आपदा से निपटने के लिए जरूरी साधनों को उपलब्ध नहीं करवा पाई है जबकि वर्ष 2011 से वह खुद कैग रिपोर्ट में प्रकाशित तथ्यों का हवाला देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा की हल्के केविकास संबन्धित खेती  पीने के पानी से जुड़े तमाम मुद्दों पर वह बार-बार विधानसभा में सरकार का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं  प्रत्येक प्रजातांत्रिकहथियार का इस्तेमाल कर चुके हैं मगर सरकार की निद्रा कुम्भकर्णी है जिससे सरकार की मंशा  सोच का पता चलता है। प्रदेश सरकार ग्रामीण आँचलमें बसने वाले कृषक  मज़दूरकमेरे समाज का नीतिबद्ध तरीके से शोषण करती है। यदि प्रदेश सरकार हमारी इन आमजन की मांगों को स्वीकार करकेव्यापक घोषणा नहीं करती है तो हमारी पार्टी आंदोलन करने पर फिर से मज़बूर होगी  आगामी विधानसभा सत्र में पुरज़ोर रूप से जवाबतलब करेगी।
इस अवसर पर विधायक ढुल के साथ हल्का अध्यक्ष प्रताप लाठरपण्डित विशवनाथ शर्माकैप्टेन रणधीर चहलओमप्रकाश चेयरमैनराम सिंह ढांडा,पालाराम निडानागुरदीप सांगवानसत्येन्द्र सिंह ढुलसंजय घिमाणा, संजीव दुहन आदि उपस्थित रहे।