Monday, November 30, 2015


शक्ति भवन के सामने इनेलो महिला प्रकोष्ट का धरना-प्रदर्शन




हरियाणा सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई बढ़ौतरी वापिस लिए जाने की मांग को लेकर इनेलो के महिला प्रकोष्ठ ने सोमवार को पंचकुला में बिजली बोर्ड मुख्यालय शक्ति भवन के समक्ष धरना दिया और सरकार की जमकर आलोचना करते हुए बिजली व फ्यूल सरचार्ज में की गई वृद्धि को वापिस लेने की मांग की। धरने का नेतृत्व डबवाली से इनेलो विधायक श्रीमती नैना सिंह चौटाला व महिला प्रकोष्ठ की प्रदेशाध्यक्ष शीला भयाण ने किया।


धरने को इनेलो के वरिष्ठ नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला व पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने संबोधित करते हुए सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार करीब सवा तीन रूपये यूनिट अडानी से बिजली खरीद कर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को करीब दस रूपये प्रति यूनिट की दर से सप्लाई कर रही है। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड में व्यापक भ्रष्टाचार, कुप्रबधंन व बिजली चोरी का बोझ प्रदेश के उन बिजली उपभोक्ताओं पर बेवजह ढाला जा रहा है जो इमानदारी से समय पर बिजली बिल अदा करते हैं। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में बिजली की दरें लगभग देश के अन्य सभी राज्यों से ज्यादा हैं और लोग इन दरों को चुकाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के प्रदेश में सत्ता में आने के बाद अब तक चार बार बिजली की दरों व फ्यूलसरचार्ज में वृद्धि की जा चुकी है। इनेलो नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे को आज से शुरू हो रहे हरियाणा विधानसभा के सत्र में भी प्रमुखता से उठाएंगे और सरकार से यह बढ़ोतरी वापस लेने की मांग करेंगे। 


धरने को संबोधित करते हुए श्रीमती नैना चौटाला ने कहा कि मौजूदा सरकार का प्रदेश के आम लोगों के हितों से कोई वास्ता नहीं है और सरकार के जनविरोधी फैसलों से प्रदेश का हर वर्ग बेहद निराश व परेशान है। इनेलो महिला प्रकोष्ठ की प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती शीला भ्याण ने कहा कि आज प्रदेश के लोगों को पहले के मुकाबले दो से तीन गुना बिजली के बिल आ रहे हैं और बिलों को लेकर पूरे प्रदेश में त्राहि-त्राहि मची हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली बिलों में बढ़ौतरी तुरंत वापस नहीं ली तो इनेलो का महिला प्रकोष्ठ सरकार के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन में भाग लेगा और बिजली दरों में की गई बढ़ौरती को वापस लेने के लिए बाध्य करेगा। 
प्रदर्शन में प्रदेश भर से महिला प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा विधायक जाकिर हुसैन, पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी, सीमा चौधरी सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारियों व महिला कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और बिजली बिलों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

Sunday, November 29, 2015

विधानसभा सत्र में रणनीति बनाने के लिए सोमवार को होगी इनेलो विधायक दल की बैठक

चंडीगढ़, 28 नवम्बर: हरियाणा विधानसभा के आगामी सत्र में जनहित के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने, प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर व्यापक विचारविमर्श कर उस पर पार्टी की आगामी रणनीति तैयार करने के लिए इनेलो विधायक दल की बैठक 30 नवम्बर सोमवार दोपहर 12 बजे चंडीगढ़ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में होगी। बैठक की अध्यक्षता इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा करेंगे। यह जानकारी देते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बताया कि आगामी विधानसभा सत्र में प्रदेश में हुए धान खरीद के घोटाले की उच्चस्तरीय जांच करवाए जाने, बिजली दरों में की गई बेहताशा वृद्धि वापिस लिए जाने, भाजपा द्वारा चुनाव के समय किए गए सभी चुनावी वायदे पूरे करने कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान व भत्ते दिए जाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने, गेस्ट टीचर व अन्य कच्चे कर्मचारियों को पक्के करने, 2000 रुपए महीना बुढ़ापा पेंशन देने और युवाओं को छह हजार व नौ हजार रुपए महीना बेरोजगारी भत्ता दिए जाने संबंधी अन्य सभी वायदे तुरंत पूरे किए जाने की मांग की जाएगी। 
श्री अरोड़ा ने बताया कि मौजूदा सरकार ने सत्ता में आने के बाद चार बार बिजली के दामों में व फ्यूरल सरचार्ज में बढ़ौतरी करके ईमानदारी से बिल अदा करने वाले लोगों पर भारी आर्थिक बोझ डाल दिया है। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार से विधानसभा में यह भी पूछेगी कि कांग्रेस सरकार के घपलों, घोटालों व भ्रष्टाचार के मामलों में अब तक मौजूदा सरकार में क्या कदम उठाए हैं, क्योंकि पिछली बार विधानसभा में मुख्यमंत्री ने सदन में ये भरोसा दिया था कि वे कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार के उन सभी मामलों की जांच करवाएगी जो सरकार के संज्ञान में लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने अभी तक न तो इनेलो द्वारा कांग्रेस सरकार के खिलाफ दी गई चार्जशीट पर कोई कार्रवाई की है और न ही भाजपा सरकार ने अपने चुनावी वायदों को पूरा करने के प्रति कोई गम्भीरता दिखाई है।
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज प्रदेश में किसानों की हालत बेहद खराब है। हरियाणा में बासमती धान जो पहले 4500 रुपए से लेकर पांच हजार रुपए प्रति क्विंटल तक बिकता रहा है वो इस बार सरकार की गलती नीतियों के कारण किसानों को 1200 रुपए से लेकर 1450 रुपए प्रति क्विंटल तक बासमती धान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि किसानों का सामान्य धान सरकारी खरीद के तहत 1450 रुपए प्रति क्विंटल की पर्ची काटकर किसानों को 1200 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया गया और इस तरह पूरे प्रदेश में धान खरीद में अरबों रुपए का घोटाला किया गया है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच करवाकर ही इसमें दोषी अधिकारियों व व्यापारियों को सामने लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने केंद्र ने प्रदेश में सरकार बनाने के लिए किसानों से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और किसानों को उनकी फसलों के लागत मूल्य के साथ 50 प्रतिशत मुनाफा देने का वादा किया था लेकिन आज भाजपा सरकार वादा पूरा करने की बजाय किसानों को उनका लागत मूल्य भी नहीं दे रही।
श्री अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने कर्मचारियों को पंजाब के बराबर वेतनमान व भत्ते देने और वेतन विसंगतियां दूर करने का वादा किया था लेकिन वादा पूरा करने की बजाय कर्मचारियों के धरने-प्रदर्शन, हड़ताल, आंदोलन व सामूहिक अवकाश पर भी रोक लगाकर न सिर्फ कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया है बल्कि सरकार का यह निर्णय सभी लोकतांत्रिक मर्यादाओं व परम्पराओं के भी खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अगर अपनी मांगों को लेकर कोई धरना-प्रदर्शन व आंदोलन करते हैं तो यह लोकतंत्र में उनका अधिकार है और अगर इन अधिकारों को छीनने का प्रयास किया जाए तो यह सीधे-सीधे अघोषित इमरजेंसी के समान होगा। इनेलो नेता ने कहा कि आज प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और कानून व्यवस्था की स्थिति भी बेहद खराब है। इनेलो इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से विधानसभा में उठाएगी और इनेलो के विधायक सोमवार से शुरू होने वाले हरियाणा विधानसभा के सत्र में अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याएं और लोगों की दिक्कतों व परेशानियों को भी प्रमुखता से उठाएंगे ताकि उन्हें सरकार के संज्ञान में लाया जा सके और लोगों को राहत मिल सके।

Saturday, November 28, 2015


सदन में सांसद दुष्यंत चौटाला द्वारा किसानों के लिए अलग कमीशन बनाने की मांग साबित करती है इनेलो किसानों के हितों के प्रति चिंतित है   - डाबड़ा

हिसार, 28 नवंबर : सांसद दुष्यंत चौटाला ने संसद में किसानो के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग बनाने की बात संसद में उठा कर सिद्ध कर दिया की वे वास्तव में किसानों की लगातार बिगड़ रही हालत के बारे में बेहद चिंतित है। ये बात इनेलो किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक पूर्ण सिंह डाबड़ा व इनेलो के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र लितानी ने एक सयुंक्त बयान में कही।
उन्होंने कहा कि जननायक चौधरी देवीलाल ने सबसे पहले इस देश व प्रदेश के किसानों के लिए आवाज़ उठाई थी तथा जब वे सत्ता में आये तो धरती पुत्र किसान के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं बनाकर किसानों को आर्थिक रूप से सदृढ़ बनाया था। उनके बाद उन्ही के पदचिन्हों पर चलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री औम प्रकाश चौटाला ने भी अपने शासनकाल में किसानो के उत्थान के लिए तत्पर रहते थे। इतिहास गवाह है व आंकड़े भी इस बात की गवाही देते है कि जितने टयूबवेल कनेक्शन चौधरी देवीलाल व औम प्रकाश चौटाला के मुख्यमंत्रित्व काल में किसानो को दिए उतने किसी भी अन्य सरकार में नहीं दिए गए। बिजली की आपूर्ति भी किसानों को समय के अनुसार पर्याप्त मात्रा में मिलती थी। इनेलो नेताओं ने कहा कि अब सांसद दुष्यंत चौटाला भी संसद में किसानों की आवाज़ बन चुके है। सरकार  उद्योगों के लिए तो बार बार नीतिया बनाने की बात करती है परन्तु पिछले कई वर्षो से किसानो को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से कोई नीति नही बनाई जा रही तथा बजट में भी कृषि को बढ़ावा देने के लिए कोई ज्यादा योजना नहीं रखी जा रही। किसानो के प्रति सरकार के इस उदासीन रवैये से देश का किसान आहत है। अब सांसद चौटाला ने जब केंद्र सरकार से राष्ट्रीय किसान आयोग बनाने की मांग संसद में उठाई है तो किसानो में एक आशा की किरण जगी है। प्रदेश ही नही बल्कि पुरे देश के किसानो को जननायक चौ0 देवीलाल के पड़पोत्र व ऊर्जावान सांसद दुष्यंत चौटाला से बड़ी उम्मीद है कि ये किसान की आवाज़ को दबने नही देगा। इनेलो नेताओ ने कहा कि मौजूदा प्रदेश सरकार के पास भी आर्थिक रूप से लगातार कमजोर हो रहे  किसानो की हालत को सुधारने के लिए कोई योजना नहीं है। न तो किसान को समय पर बिजली मिल रही तथा न ही सिचाई के लिए पर्याप्त पानी व खाद। इनेलो नेताओ ने सांसद चौटाला की मांग का समर्थन करते हुए व किसानो की आवाज़ को संसद में उठाने का धन्यवाद करते हुए केंद्र सरकार से भी माँग की कि सरकार जल्द से जल्द गौर करते हुए राष्ट्रीय किसान आयोग बनाये ताकि किसान की हालत सुधर सके।

Friday, November 27, 2015

इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने किसानों के लिए नेशनल कमीशन फॉर फार्मर्स की मांग संसद में उठाई


चंडीगढ़, 27 नवम्बर: इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने आज लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान किसानों को आर्थिक न्याय दिलाने के लिए नेशनल कमीशन फॉर फार्मर्स बनाए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि संविधान ने सभी को न्याय दिलाने का अधिकार दिया है लेकिन शायद हम पूरे देश के हर नागरिक को आर्थिक न्याय नहीं दिला पाए और दो दिन की चर्चा के दौरान अनेक वक्ताओं ने जातपात व मजहब की बात तो की लेकिन देश की उस 60 प्रतिशत जनसंख्या के वर्ग जिसकी जाति परिश्रम और धर्म ईमान है उस किसान की किसी ने चर्चा नहीं की। इनेलो सांसद ने कहा कि संविधान में किसानों के लिए कोई जगह नहीं है और अगर असली गुलामी किसी ने सहन की है तो वह 66 वर्षों में कमेरे व किसान वर्ग ने ही सहन की है। इनेलो सांसद ने मौलिक अधिकारों का जिक्र करते हुए हरियाणा के पंचायती चुनावों में शैक्षणिक योग्यता की शर्त लागू किए जाने का मामला उठाते हुए कहा कि आज प्रदेश में 64 प्रतिशत लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं और ऐसा कानून लागू कर दिया जा रहा है कि पंचायत चुनाव में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम शैक्षणिक योग्यता का कानून पारित करते हैं तो हमें यह भी देखना चाहिए कि क्या प्रदेशों की प्रत्येक पंचायत में इस योग्यता के लिए सभी जगह स्कूल भी हैं?
इनेलो सांसद ने कहा कि जिस तरह से देश में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन जाति राष्ट्रीय आयोग व वित्त आयोग कायम किए गए हैं ठीक उसी प्रकार किसानों को मजबूती देने के लिए नेशनल कमीशन फॉर फार्मर्स बनाया जाना चाहिए और उसके पास वित्त आयोग की तरह तमाम अधिकार हों और वे न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने का भी अधिकार रखता हो ताकि किसानों को मजबूती दे पाए। उन्होंने कहा कि संविधान में न्याय की बात है और राजनीतिक न्याय की बात होती है क्योंकि लोग हमें चुनकर यहां भेजते हैं और हम उनकी समस्याओं को इस सदन के माध्यम से दूर करने व उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करते हैं। इनेलो सांसद ने कहा कि आज देश में अपर क्लास, लोअर अपर क्लास, अपर मिडिल क्लास, मिडिल क्लास, लोअर मिडिल क्लास और लोअर क्लास जैसे अनेक वर्ग बना दिए गए हैं और अब तो ट्रेनों व जहाजों में भी ऐसी अलग-अलग क्लासें बांट दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अगले चार सालों के दौरान संसद का यह कर्तव्य होना चाहिए कि ये सभी वर्ग समाप्त कर सभी को बराबरी पर लाने का काम करना चाहिए।
देश के सबसे युवा सांसद ने कहा कि आज हम डॉ. भीमराव अम्बेदकर जिन्होंने संविधान लाने में अहम योगदान दिया उनका उल्लेख कर रहे हैं लेकिन यह भी एक विडम्बना है कि उन्हें सम्मानित करने में 41 साल लग गए और देश में जब चौधरी देवीलाल व वीपी सिंह की सरकार थी तो उस सरकार में बाबा साहेब को भारत रत्न देने का काम किया। उन्होंने संविधान दिवस हर साल मनाए जाने की बात कहते हुए कहा कि हर साल संविधान दिवस मनाने से आने वाली पीढ़ी संविधान के प्रति जागरूक होगी। उन्होंने भारतीय संविधान को दुनिया का सबसे गहन व विस्तृत संविधान बताते हुए कहा कि सैकड़ों संशोधनों के बावजूद इस संविधान ने मजबूती से देश को आगे ले जाने का काम किया और देश के हर नागरिक पर भारतीय संविधान लागू होता है और देश के हर सांसद, विधायक व नागरिक की यह जिम्मेदारी है कि वे संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा व भावना रखकर उसे आगे ले जाने का काम करे।
इनेलो सांसद ने राजस्थान व हरियाणा में कांग्रेस की सरकारों द्वारा 2008 व 2009 के दौरान संविधान की धारा 102 की भावना के खिलाफ विधायकों का दलबदल व खरीदोफरोख्त करके सरकार चलाने जैसे गम्भीर मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने संविधान की धारा 365 का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के लोगों को आज भी वो काला वाकया याद है जब इमरजेंसी के कारण लालकृष्ण आडवाणी, चौधरी देवीलाल व जयप्रकाश नारायण जैसे नेताओं को सलाखों के पीछे रहना पड़ा था। उन्होंने इन सब मुद्दों पर भी विचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सभी को आपस में मिलकर संविधान को और ज्यादा मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने संविधान दिवस मनाने और इस पर चर्चा के लिए भी संसद को बधाई दी और कहा कि संविधान एक पावन ग्रंथ है जिसे हमारे पूर्वजों ने मिलकर लिखा और हमारे लिए रास्ता बनाया कि इससे हमारा देश उन्नति की ओर जाए। उन्होंने अपने भाषण में एक शेयर भी कहा कि ‘वो लाए थे तूफान से किस्ती निकालकर, इस देश को रखना है अब हमें सम्भाल कर’।
धान खरीद घोटाले व कांग्रेस के भूमि घोटालों की जांच करवाए सरकार: रामपाल माजरा




पंचकूला, 27 नवम्बर: इनेलो के पूर्व नेता एवं पूर्व संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने भाजपा सरकार से अपने जनविरोधी निर्णय तुरंत वापिस लेने और धान खरीद घोटाले और कांग्रेस सरकार के भूमि घोटालों संबंधी दी गई चार्जशीट की जांच करवाने के साथ-साथ बिजली के बढ़े हुए दाम तुरंत वापिस लिए जाने की मांग की। इनेलो नेता ने कहा कि सरकार पूरी तरह से हठधर्मी अपनाए हुए है और प्रदेश के लोगों की जायज मांगें स्वीकार करने व उन्हें राहत देने की बजाय अपने असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक फैसलों को लागू करने पर तुली हुई है। इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा कर्मचारियों के धरने, प्रदर्शन, आंदोलन व हड़ताल और सामूहिक अवकाश पर रोक लगाकर अपने तानाशाहीपूर्ण रवैये का परिचय दिया है। बिजली बोर्ड मुख्यालय शक्ति भवन के समक्ष शुक्रवार को इनेलो अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राज्यभर से आए कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए श्री माजरा ने कहा कि आज पूरे देश में हरियाणा के बिजली दाम शायद सबसे ज्यादा हैं और उसके बावजूद सरकार लोगों को गुमराह करने के लिए सिर्फ बिजली के बेसिक रेट बताकर भ्रमित करने का प्रयास कर रही है और बिजली की दर पर लगाए जाने वाले एफएसए और अन्य दरों का लोगों के सामने उल्लेख तक भी नहीं कर रही जबकि लोगों को भारी भरकम बिलों ने परेशान कर रखा है। आज धरने में नरवाना के विधायक पिरथी सिंह नम्बरदार, पूर्व विधायक राजबीर बराड़ा, उकलाना के विधायक अनूप धानक, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बलदेव बाल्मीकि, विधायक प्रो. रविंद्र बलियाला रतिया, पूर्व विधायक मामू राम गोंदर, कालांवाली के विधायक बलकौर सिंह, पूर्व विधायक रमेश खटक के अलावा कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी, कुलभूषण गोयल, एनएस मल्हान, राम सिंह बराड़, मनमोहन भुरटाना, विजेंद्र शर्मा कामी, रामकरण गिदड़ांवाली, सुच्चा राम, आजाद मलिक, राजू मौली, महेश शर्मा, ईश्वर कैंथ, जीतराम ठेकेदार, सुरेश खटोली व विपन बागवाली सहित इनेलो अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेशभर से आए कार्यकर्ता, जिलाध्यक्ष व वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद थे। सभी इनेलो नेताओं ने भाजपा सरकार की तीखी आलोचना करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बढ़ाए गए बिजली के दाम वापिस लेने, धान खरीद घोटाले व कांग्रेस सरकार के भूमि घोटालों की जांच करवाए जाने की मांग की। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने कहा कि धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार बिजली की कीमतें वापिस नही लेगी क्योंकि आज भाजपा सरकार ने किसानों को बिलों में भारी वृद्धि करके आर्थिक नुकसान दिया है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार के गलत फैसलों की जनता शिकार हो रही है, जिन वायदों के दम पर भाजपा सत्ता में आई थी, उन वायदों से दूरी बनाए हुए है। आज महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ के रख दी, लेकिन केन्द्र और राज्य सरकार का महंगाई पर कोई नियंत्रण नही है। उन्होंने कहा कि जब किसान की धान मंडी में पहुंची थी तब तो 1500 के करीब खरीद की और जब वो ही बासमती धान पूंजीपतियों के पास पहुंची तो उसकी कीमत 3000 रूपये कर दी। जो सीधे तौर पर किसान से लूट है, सरकार की ऐसी नीतियों से लगता है कि सरकार प्रदेश की जनता के हित के लिए काम न करके पूंजीपतियों को भारी फायदा पहुंचाने की नीयत से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है और सरकार लोगों से जो वायदे करके सत्ता में आई थी आज उन वायदों के विपरीत काम कर रही है।
ड्रामेबाज़ी बन्द कर जीन्द जिले का विकास करवाए सरकार: ढुल
जुलाना से इनैलो विधायक परमेन्द्रसिंह ढुल ने आज प्रदेश सरकार को हल्के तथा जिले में विकास कीअनदेखी के लिए घेरते हुए कहा की सरकार के पिछलेएकवर्षकी कार्यवाही पर आगामीविधानसभा सत्र में पाईपाई का हिसाब मांगेंगे।सत्ता प्राप्ति के बाद से बीजेपी सरकार जीन्द जिले से किए अपनेतमाम चुनावी वायदे भूल गई है। विधायक ढुल आज यहां अपनेनिवास स्थान पर आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों तथा पार्टीकी रणनीति के बारे में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे।
पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा की पिछले लगभग चार सप्ताह से जुलाना के अधिकांश गांवों में अभूतपूर्व बिजली संकट चल रहा है। जिसके चलते मात्र दो घण्टे ही बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। पहले से ही पीने के पानी की परेशानी को झेल रहे ग्रामवासियों को अब पर्याप्त बिजली के आभाव ने गहरा संकट पैदा कर दिया है। जिसका पूर्ण रूप से दोषी प्रदेश सरकार तथा चण्डीगढ़ में बैठे आला अधिकारी हैं।विधायक ढुल ने कहा की जब से बीजेपी प्रदेश में सत्ता पर काबिज़हुई हैतब से सबसे ज्यादा नुक्सान जिले में किसान तथा कमेरे वर्गका हुआ है। बीजेपी को प्रदेश के आमजन की कोई चिंता तथा फ़िक्रनहीं है।हल्के तथा जिले में विकास के लिए कोई नयी रूपरेखातैयार करना तो दूरयह सरकार एक सोची समझी नीति के तहतकिसानकमेरे तथा आमजन को प्रताड़ित करने में लगी है। उन्होंनेकहा की इस सत्र के माध्यम से उनका उद्देश्य सरकार को हल्के तथाजिले से संबंधित परेशानियों तथा आमजन की जरूरतों पर सरकारको चेताना रहेगा।  इसके लिए उन्होंने पार्टी के अन्य विधायकों तथाकार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विशेष तैयारी भी की है।इस संबंध मेंउन्होंने माननीय स्पीकर महोदयकोलगभग 60 के करीब तारांकितवअतारांकित प्रश्न भी उन्होंने हल्के की तरफ सेभेजे हैं।  इसके अलावा उन्होंने मुख्यमन्त्री सहित अन्य मंत्रियों कोहल्के की जरूरतों संबंधित पुनः मांगपत्र भेजे हैं। इस सन्दर्भ में उनका प्रयास रहेगा की वर्षों से सिर्फ सरकारी कागज़ोंमें सिमटी हुई बिरौली माइनरकरेला माइनर,रजबाहा नंबर सात परगाँव बहबलपुरबीबीपुरघिमाणा इत्यादि के लिए लिंक माइनर कोयथाशीघ्र बनाया जाएहल्के में खेतीबाड़ी के पानी की व्यवस्थासुचारू हो इसके लिए अलग से डिवीज़न का गठनजुलाना तहसीलको सबडिवीज़न बनाया जायेजुलाना में म्युनिसिपल कॉउंसिलपार्कहल्के के तमाम हेल्थ सेंटरों का सुधारीकरण तथा दो नएबनाये जाने की मांगगर्ल्स कॉलेज की मांग,गाँव ललितखेड़ा,झमोलापढ़ानाराजगढ़ईगराहनिडानीढिग़ानाबुडाखेड़ा लाठर,क़िलाज़फ़रगढ़करेलामालवीलाइनपार कॉलोनीइत्यादि में पीनेके पानी की उचित व्यवस्थागाँव निडानाजुलानाहथवाला,रामराय इत्यादि में खेल स्टेडियम की मांगगाँव गतौली,ढिगाना,मालवीक़िलाज़फ़रगढ़घिमाणाइत्यादि में मल्टीपर्पस हालहल्केके तमाम मार्गों की मरम्मत के साथ नए मार्गों की मांग जैसेभैरोंखेड़ा से ढिगानानिडाना से बिरौलीअशरफगढ़ से बिरौली,खेड़ाबख्ता से राजगढ़राजगढ़ से जुलाना मण्डीगतौली सेकरसोलारामराय से बीबीपुरघिमाणा से बिशनपुरा रेलवे स्टेशन,गढ़वाली से जैजैवन्ती स्टेशनखेड़ाबख्ता से जैजैवन्ती स्टेशन,इत्यादि शामिल हैं।       

विधायक ढुल ने कहा की यह जगजाहिर तथा स्पष्ट है की जुलाना हल्के के साथ समूचे जीन्द जिले को विकास के लिए सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। इसी सन्दर्भ में मेरा यह प्रयास रहेगा की जीन्द जिले पर सरकार द्वारा लादा गया पिछड़ापन दूर करने के लिए प्रदेश सरकार से विशेष विकास के लिए अलग से 5000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग को पुख़्ता किया जाये। यह पैकेज सरकार द्वारा लागू की जाने वाली योजनाओं से अलग होना चाहिए।  इसके अतरिक्त उन्होंने कहा की वह जुलाना हल्के में नहरी पानी, पिने के पानी, ड्रेनों की सफाई, शिक्षा, हैल्थ, खेलकूद, बिजली की अपयुक्त व्यवस्था इत्यादि तमाम समस्याओं को बारीकी से सदन में सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखेंगे। हल्के में नयी सड़कों के साथ-साथ माइनरों और रजबाहों के नवनिर्माण तथा सुधारीकरण की तुरन्त आवश्यकता है।