Thursday, April 30, 2015

सरकार ने गिरदावरी में किया किसानों के साथ धोखा : ढुल



प्रदेश सरकार द्वारा जिले में हाल ही में जारी बेमौसमी बरसात के कारण खराब हुई फसलों की मुआवजा राशि की जारी लिस्ट पर तिखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्य विपक्षी दल इनेलो ने कहा कि यह जिले के अन्नदाताओं के साथ सरासर धोखा है। जींद में इनेलो विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी इस लिस्ट में जिले के लगभग 150 गांवों को शामिल नहीं किया गया है जबकि प्रशासन से बार-बार मुलाकात कर इनेलो ने ऐसे तमाम गांवों की सूची जिला प्रशासन को सौंपी थी, जिसके हिसाब से लगभग एक लाख 22 हजार एकड़ में खड़ी फसल को नुकसान हुआ था लेकिन सरकार ने मात्र 50 फीसदी गांवों में ही नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है। 
इस मौके पर नरवाना से विधायक पृथ्वी सिंह नंबरदार ने कहा कि उनके हलके के केवल मात्र 38 गांवों को इसमें शामिल किया गया है, जो कि सरासर गलत है। विधायक ढुल ने कहा कि जुलाना हलके से 25 गांवों को बेमौसम हुए नुकसान की भरपाई के लिए लिस्ट में नाम ही नहीं लिया गया है। ढुल ने आरोप लगाया कि सरकार ने मनघडं़त तरीके से बिना जमीनी हकीकत का दौरा किए यह सूची तैयार की है जोकि बिलकुल नाकाफी है। क्योंकि सूची में जो गांव शामिल किए गए हैं, वह भी महज औपचारिकता पूरी करने के लिए किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि देवरड़, करेला, राजगढ़, करसोला, जुलाना, बीबीपुर, बुआना, किलाजफरगढ़, बूढ़ाखेड़ा लाठर, गोसाई खेड़ा, बहबलपुर आदि ऐसे गांव हैं, जहां बेमौसम बरसात से किसानों पर भरपूर मार हुई थी लेकिन हैरानी की बात है कि सरकार द्वारा आनन-फानन में तैयार की गई सूची में इस नुकसान का कहीं जिक्र तक नहीं है। उन्होंने गांव अनूपगढ़ का भी जिक्र किया, जिसे माननीय गवर्नर महोदय ने स्वयं गोद लिया हुआ है तथा इस गांव का भी लिस्ट में कोई जिक्र नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ने बकायदा आदेश देकर जिले में सूखे से हुए नुकसान की मुआवजा राशि को बिना किसी कारण रोक दिया है। इस विषय पर विधायक ढुल ने इसकी न्यायिक जांच की मांग की है। 
उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीने के सरकार के कार्यकाल से साबित होता है कि यह सरकार सीधे तौर पर किसान तथा मजदूर वर्ग के खिलाफ एक नीतिबद्ध तरीके से काम कर रही है। जब से यह सरकार बनी थी, तभी से किसानों तथा मजदूरों पर चौरतफा मार करने पर उतारू है। पहले बीज की कमी से लेकर, फिर नहरी पानी के असमान बंटवारे, खाद की अभूतपूर्व कमी तथा मारामारी तथा इसके बाद अब गिरदावरी को लेकर हुई बंदरबांट यह सब सरकार की मंशा पर सवालिया निशान लगाती हैं। विधायक ढुल ने कहा कि इनेलो अपनी पार्टी के नेताओं से संपर्क कर इस विषय पर जींद जिले के साथ हुई अनदेखी पर विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय करेगी। उन्होंने कहा कि इनेलो जननायक के दिखाए रास्ते पर चलते हुए आम जन के हकों की लड़ाई लडऩे में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इस मौके पर कुलदीप गिल, कैप्टन रणधीर सिंह चहल, दयानंद पहल, सूरजभान सिहाग, नफे सिंह मलिक, गुरदीप सांगवान भी मौजूद रहे। 
भाजपा की क्षेत्रवाद नीति की भेंट चढ़े फतेहाबाद-रतिया के किसान : बलवान दौलतपुरिया

इनेलो विधायक बलवान दौलतपुरिया ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला पर किसानों को प्राकृतिक आपदाओं की मुआवजा राशि वितरित किए जाने के मामले में क्षेत्रवाद व द्वेष भावना अपनाने का आरोप लगाया है। दौलतपुरिया ने कहा कि पिछले दिनों जिला में ओलावृष्टि और बेमौसमी बरसात से जिन किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, उन्हें सही स्वरूप में मुआवजा राशि का हकदार नहीं बनाया गया। मुआवजा केवल मात्र भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के गृह क्षेत्र टोहाना तक ही सीमित रखा गया, जबकि फतेहाबाद-रतिया विधानसभा क्षेत्र के प्रभावित किसानों की पूरी तरह से अनदेखी की गई।
विधायक बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि बीते दिनों इनेलो ने जिला के विभिन्न गांवों में हुए नुकसान का आंकलन करते हुए राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन जिला उपायुक्त को सौंपा था। इस ज्ञापन में चिन्हित किए गए जिला के विभिन्न गांवों के प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान किए जाने की मांग उठाई गई थी। लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार ने सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करते हुए मुआवजा राशि को केवल मात्र टोहाना क्षेत्र के लिए ही जारी किया, जबकि फतेहाबाद-रतिया के चिन्हित किए गए किसानों को ओलावृष्टि के नुकसान मामले में किसी तरह की राशि नहीं जारी की गई। इनेलो विधायक ने इसे सीधे तौर पर भाजपा की किसान विरोधी नीति का हिस्सा करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की इस तरह की क्षेत्रवाद द्वेष भावना से ग्रस्त सोच और सरकार के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ जैसे नेताओं का किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने को कायरतापूर्ण ड्रामा करार दिया जाना स्पष्ट करता है कि भाजपा नेताओं को कृषि और किसान से दूर-दराज तक का कोई रिश्ता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी क्षेत्र के किसानों के विरोधी नहीं है, लेकिन किसान कहीं का भी हो यदि उसके साथ अन्याय हुआ है, उसका नुकसान हुआ है तो उसे भी बिना किसी भेदभाव के न्याय का हकदार बनाया जाना चाहिए। यदि भाजपा सरकार ने फतेहाबाद-रतिया क्षेत्र के किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि जारी नहीं की तो इनेलो एक बार फिर प्रभावित किसानों को साथ लेकर बड़े आंदोलन के जरिए उनका हक दिलाने का ठोस कदम उठाएगी।

Wednesday, April 29, 2015

इनेलो सांसद ने संसद में रखी अग्रोहा में कैंसर रिसर्च इंस्टीच्यूट खोलने की मांग 

इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने अग्रोहा मेडिकल कालेज में कैंसर रिसर्च इंस्टीच्यूट खोलने की मांग की। बुधवार को लोकसभा में एक्सेस डिमांड फार हैल्थ पर बोलते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यदि केंद्र सरकार महाराजा अग्रसेन मेडिकल कालेज में कंैंसर रिसर्च इंस्टीच्यूट खोलती है तो इसका लाभ हरियाणा के साथ राजस्थान व पंजाब के कैंसर पीडि़त मरीजों को भी मिलेगा। 
सांसद दुष्यंत चौटाला ने सदन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन मेडिकल कालेज के लिए सरकार की ओर से 250 एकड़ से अधिक भूमि दी गई और वहां 200 एकड़ से अधिक भूमि खाली है जिसे ट्रस्ट कैंसर रिसर्च इंस्टीच्यूट खोलने के लिए निशुल्क लीज पर देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सिरसा, हिसार भठिंडा व अन्य क्षेत्रों में कैंसर रोग तेजी से फैल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जगह-जगह ऐम्स खोलने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार अग्रोहा में कैंसर रिसर्च इंस्टीच्यूट खोले तो हिसार के आसपास क्षेत्र के सात जिलों सहित तीन प्रदेशों के कैंसर पीडि़त रोगियों के इलाज में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कैंसर पीडि़त रोगियों के लिए आसपास कोई इलाज की व्यवस्था नहीं है और रोगियों को इलाज के लिए बीकानेर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रोगियों की बड़ी संख्या के चलते भठिंडा से बीकानेर जाने वाली ट्रेन को भी इस कैंसर एक्सप्रेस ट्रेन के नाम से पुकारा जाने लगा है।
इनेलो ने कृषि मंत्री के बयान को बेहद निंदनीय बताया

इनेलो ने हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ द्वारा आत्महत्या करने वाले परेशान किसानों को कायर बताए जाने की निंदा करते हुए कहा कि हरियाणा का किसान कायर नहीं बल्कि बेहद बहादुर व स्वाभिमानी है जो पूरे देश का न सिर्फ अन्न से पेट भरता है बल्कि उसका एक बेटा जहां खेत में काम करता है वहीं दूसरा बेटा सीमा पर देश की रक्षा में अपने प्राण भी न्यौछावर करता है। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि लगातार कर्जे के बोझ तले दबे हुए किसान की जब सारी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो जाती हैं तो लाचारी व बेबसी में उसके द्वारा उठाए गए आत्महत्या जैसे कदम को कायरता कहना बेहद निंदनीय है। इनेलो नेता ने कहा कि सरकार में उच्च पदों पर बैठे कृषि मंत्री द्वारा ऐसे बयान देना शोभनीय नहीं है और परेशान किसानों के जख्मों पर इससे मरहम नहीं लगेगी बल्कि उन्हें और ज्यादा पीड़ा पह़़ुंचेगी।
श्री अरोड़ा ने किसानों से अपील की कि वे हौसला बनाए रखें और इस संकट की घड़ी में इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी पूरी तरह किसानों के साथ है और हरियाणा का हर नागरिक भी किसानों की पीड़ा में उनके साथ शामिल है। इनेलो नेता ने सरकार से भी आग्रह किया कि इस बार बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से प्रदेश का कोई भी किसान अथवा खेत अछूता नहीं है इसलिए सरकार सभी किसानों को पूरे प्रदेश में 15 हजार रुपए प्रति एकड़ राहत पैकेज प्रदान करने के साथ-साथ जिन किसानों की विशेष गिरदावरी हो गई है उन्हें 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने के अलावा गेहूं पर 300 रुपए प्रति क्विंटल बोनस प्रदान करने का भी काम करे। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि  सरकार द्वारा जिन किसानों की फसलें बर्बाद होने पर सदमे से मौत हुई है अथवा जिन परेशान किसानों ने आत्महत्या की है उनके परिवारों को तुरंत दस-दस लाख रुपए राहत राशि प्रदान की जाए। 

Tuesday, April 28, 2015

दुष्यंत चौटाला ने बंद पड़े पहाड़ों में खनन कार्य का मुद्दा फिर संसद में उठाया , सरकार से खनन नियमों में ढील देने की मांग

दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार को लोकसभा में खनन का मुद्दा उठाते हुए हरियाणा की पहाडिय़ों में खनन के लिए दी जाने वाली एनओसी  में ढील देने की  सरकार से मांग की। उन्होंने हरियाणा में यमुना नदी में रेत खनन में अनुमति देने की भी मांग की ताकि हरियाणा में बाढ़ की संभावना कम हो तथा हजारों लोगों को रोजगार मिल सके। 
सांसद दुष्यंत चौटाला ने आज लोकसभा में एन्वायरमेंट फारेस्ट चेंज विषय पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि भवन निर्माण में काम आने वाली रेत यमुना नदी में बहुत मात्रा में बहकर आती है परन्तु हरियाणा में इसके खनन की अनुमति नहीं है जबकि उत्तर प्रदेश में जाने वाली यमुना नदी में रेत का खनन होता है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि खनन के लिए अनुमति के मानदंडों में ढील देती है तो हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। 
इनेलो सांसद ने कहा कि महेंद्रगढ़, भिवानी, हिसार , फरीदाबाद, गुडग़ांव में ऐसी पहाडिय़ां हैं जो अरावली श्रृंखला का हिस्सा नहीं है और उन पर माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश भी लागू नहीं होते। इन क्षेत्रों में खनन केवल केंद्र सरकार के एनओसी देने के कड़े नियमों के कारण खनन कार्य बंद पड़ा है। इसके चलते भवन निर्माण में काम आने वाली बजरी-क्रेशर का मूल्य 10 रूपये से बढ़ कर 40 रूपये प्रति फुट तक पहुंच गया है। सांसद ने उपरोक्त क्षेत्रों की एनओसी देने के थोड़ा नरम रूख अपनाने की मांग की जिससे कि यूपीए सरकार से बंद पड़ी इन पहाडिय़ों में खनन कार्य शुरू हो सके और लोगों को सस्ती दर पर बजरी क्रेशर मिल सके। 
युवा सांसद ने वातावरण संतुलन विषय पर बोलते हरियाणा में कम वन क्षेत्र का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में सबसे कम वन क्षेत्र है जोकि केवल सवा 3 प्रतिशत है। उन्होंने सरकार से हरियाणा में वन क्षेत्र बढ़ाने की मांग की। दुष्यंत चौटाला ने सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए सुझाव देते हुए कहा कि महेंद्रगढ़, भिवानी, हिसार जैसे रेतीले तथा बेकार पड़ी भूमि हैं जहां पर सरकार द्वारा सौर उर्जा के प्रोजेक्ट लगाए जाने चाहिए। उन्होंने फारेस्ट टयूरिज्म के लिए मोरनी हिस्स टयूरिज्म के लिए विकसित करने की मांग की। 

Monday, April 27, 2015

मिट्टी जांच के लिए कृषि वैज्ञानिक गांवों में शिविर लगाएं-दुष्यंत चौटाला


कृषि उपज बढ़ाने के लिए मिट्टी जांच कर जरूरत अनुसार उर्वरक व खनिज डालने चाहिए। बिना मिट्टी की जांच करवाए खाद व रसायन डालना नुकसानदायक हो सकता है। मिट्टी जांच की किसानों को आदत डालने व जागरूकता के लिए कृषि वैज्ञानिकों को खंड स्तर पर मृदा जांच शिविरों का आयोजन किया करें। यह आह्वान सांसद दुष्यंत चौटाला ने किया। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के फैकल्टी गेस्ट हाउस में हकृवि के अधिकारियों व वैज्ञानिकों से रूबरू हो रहे थे। कृषि वैज्ञानिकों व अधिकारियों ने लुवास को केंद्रीय पशु विश्वविद्यालय की मांग में उठाने के लिए सांसद दुष्यंत का आभार जताया। 


दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अक्सर किसान बिना मिट्टी की जांच करवाए दूसरे किसानों की देखदेखी खाद व खनिजों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करना न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है बल्कि पैदावार व मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि मिट्टी जांच करवाने को लेकर किसान अक्सर उदासीन रहते हैं और उनमें जागरूकता का अभाव है। इसलिए चाहिए कि किसानों की बजाय वैज्ञानिक स्वयं किसानों तक जाएं और मिट्टी जांच कर उनमें जागरूकता लाएं। सांसद दुष्यंत चौटाला ने हकृवि के अधिकारियों को उनके सुझाव व मांग सांझा की और विश्वास दिलवाया कि आईसीएआर का सदस्य होने के नाते वे उनकी हर संभव मदद करेंगे। सांसद दुष्यंत चौटाला ने हकृवि अधिकारियों को गांव मखंड में कपास के सीजन में किसानों के लिए एक शिविर का आयोजन करने का आह्वान किया ताकि किसान कपास की बेहतर उपज ले सकें। उन्होंने कहा कि हकृवि के छात्र वैज्ञानिकों का इंटर्नशिप के दौरान शिविर भी मखंड गांव में लगवाएं। 


इससे पहले दुष्यंत चौटाला ने हकृवि परिसर में जननायक स्व. चौधरी देवीलाल की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर उन्हें यार किया। वे हकृवि के विद्यार्थियों से भी रूबरू हुए और उनकी समस्याएं जानी। इस अवसर पर नलवा के विधायक रणबीर सिंह प्रजापति, विधायक अनूप धानक, विधायक वेद नारंग, हकृवि के रजिस्ट्रार डा. एमएस दहिया, लुवास के रजिस्ट्रार डा. प्रदीप बामल, एसोसिएट रजिस्ट्रार डा. सुरेंद्र ढाका, बेसिक साइंस कालेज के डीन डा. आरके जैन सहित अन्य वैज्ञानिक उपस्थित थे। 

दुष्यंत चौटाला ने वन एमपी वन आइडिया विजेताओं को बांटे पुरस्कार


वन एमपी वन आइडिया स्कीम को धरातल पर उतारते हुए आज सांसद दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा कृषि विश्वविद्याल के बेसिक सांई कालेज के सभागार में आयोजित एक समारोह में विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस योजना के तहत छात्र विक्रम पंघाल ने प्रथम स्थान, उषा रानी ने द्वितीय तथा महेंद्र ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सांसद दुष्यंत चौटाला ने पुरस्कार के तौर पर प्रथम विजेता को अढ़ाई लाख रूपये, द्वितीय पुरस्कार विजेता को डेढ़ लाख रूपये था तृतीय पुरस्कार विजेता को एक लाख रूपये का चैक तथा प्रशसस्ति पत्र प्रदान किया। इसके अलावा आठ लोगों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए जिसमें रामकुमार खर्ब, सुरज सिंह, नरेश कुमार, सुरेद्र नागपाल, चंद्र शर्मा, सुरेंद्र, चंद्रमोहन व विवेक शर्मा हैं। हरियाणा में यह पहला मौका है जब भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एव एमपी वन आइडिया स्कीम के तहत किसी सांसद द्वारा इस योजना की शुरूआत की है।  इसके अलावा आज इस स्कीम के एक विजेता रामकुमार खर्ब ने सांसद दुष्यंत चौटाला द्वारा गोद लिए गए गांव मखंड में जैविक खाद के अपने आईडिया को लागू करने के लिए गोद लेने की घोषण की।
इनेलो ने राहत सामग्री के दो ट्रक भूकम्प पीडि़तों के लिए किए रवाना

नेपाल में भूकंप के चलते हुए विनाश में पीडि़तों को मदद देने के उद्देश्य से आज इनेलो की ओर से कंबल, बिस्कुट, पीने का पानी व खाद्य सामग्री से  भरे दो ट्रकों को सिरसा स्थित चौटाला हाउस से रवाना किया गया। राहत सामग्री से भरे इन ट्रकों को हिसार के सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उनके साथ इस अवसर पर सिरसा के सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, डबवाली की विधायक नैना सिंह चौटाला, सिरसा के विधायक मक्खनलाल सिंगला, कालांवाली के विधायक बलकौर सिंह, पूर्व चेयरमैन अमीर चावला, विनोद दड़बी, प्रदीप मेहता, कृष्णा फौगाट, डॉ. हरिसिंह भारी, तरसेम मिढा, विजय सिंह खोड, सुखमंदर सिहाग, भगवान कोटली व देवराज आदि पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे।
इस अवसर पर सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला ने कहा कि इनेलो केवल एक राजनीतिक दल ही नहीं बल्कि सामाजिक कार्यों को भी प्राथमिकता से करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया कि वे अपने सामथ्र्य अनुसार पीडि़तों की मदद के आगे आएं और अधिक से अधिक प्रभावित लोगों की मदद करें। सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला ने नेपाल के मुख्य पीडि़तों की मदद के लिए अपना एक महीने का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा करते हुए अन्य सभी सांसदों से भी अपना एक-एक महीने का वेतन भूकंप पीडि़तों की मदद में देने का आग्रह किया। उन्होंने समाजसेवी संस्थाओं के साथ-सााि सभी देश व प्रदेशवासियों से भी इस संकट की घड़ी में भूकंप पीडि़तों की ज्यादा से ज्यादा मदद करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मदद का सिलसिला आज सिरसा से आरंभ हुआ है और यह आगे भी जारी रहेगा।
भाजपा विधायकों की कमेटियां पूरी तरह से असंवैधानिक व गैर कानूनी: अशोक अरोड़ा


इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष एवं हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर अशोक अरोड़ा ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला द्वारा हरियाणा के विभिन्न विभागों के कामकाज को लेकर गठित की गई भाजपा विधायकों की विभिन्न कमेटियों को पूरी तरह से असंवैधानिक बताते हुए कहा कि इन कमेटियों की कोई कानूनी हैसियत अथवा वैधता नहीं है। श्री अरोड़ा ने कहा कि कोई भी विभागीय अधिकारी इन तथाकथित राजनैतिक कमेटियों के प्रति न तो जवाबदेह है, न ही इन कमेटियों की कथित सिफारिशें मानने को बाध्य है। इनेलो नेता ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जिन्होंने इन कमेटियों का गठन किया है उनकी खुद की सरकार में कहीं कोई सुनवाई नहीं तो उनके द्वारा बनाई गई किसी कमेटी के सदस्य की किसी विभाग में क्या सुनवाई होगी, इसका महज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा विधायक जो काफी समय से मंत्री बनने की उम्मीद में निराश व हताश बैठे थे और उनमें बढ़ रहे आक्रोश को देखते हुए इन कमेटियों के माध्यम से मात्र उन्हें बहकाने का और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा संवैधानिक तरीके से गठित की गई हरियाणा विधानसभा की सब कमेटियों के महत्व को कम करने का यह एक प्रयास मात्र है।
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार के छह महीने के कामकाज को पूरी तरह से विफल बताते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के कामकाज से समाज का हर वर्ग पूरी तरह निराश व हताश है और सरकार ने अपना कोई भी चुनावी वायदा पूरा नहीं किया। श्री अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा विधानसभा द्वारा अधिकृत किए जाने पर विस के स्पीकर सदन की विभिन्न उप-कमेटियों का संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत गठन करते हैं और उन कमेटियों में सत्तापक्ष व विपक्ष के विधायक अध्यक्ष एवं सदस्य होते हैं। प्रदेश के लगभग सभी विभाग इन कमेटियों के अधीन आते हैं और ये संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत गठित की गई कमेटियां न सिर्फ नियमित रूप से विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा करती हैं बल्कि इन कमेटियों के पास सभी अधिकार भी प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूरे हरियाणा की सरकार होती है न कि किसी एक राजनीतिक दल भाजपा की सरकार मात्र। इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने विस द्वारा गठित संवैधानिक कमेटियों के समानांतर भाजपा विधायकों की कमेटियों का गठन करके न सिर्फ हरियाणा विस का महत्व कम करने का प्रयास किया है बल्कि सदन द्वारा गठित कमेटियों को महत्वहीन बनाने का भी प्रयास है जो केवलमात्र सत्तापक्ष के विधायकों में निरंतर पैदा हो रहे असंतोष को कम करने का प्रयासमात्र है। उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय केबिनेट मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जींद जिले में खुलेआम यह कहा गया था कि आज सत्ता का पूरी तरह से केंद्रीयकरण हो गया है और किसी मंत्री, विधायक अथवा केंद्रीय मंत्री की भी कोई सुनवाई नहीं है।
प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार के छह महीनों के कामकाज पर प्रतिक्रिया जताते हुए श्री अरोड़ा ने कहा कि सरकार ने अपना कोई भी चुनावी वायदा पूरा नहीं किया। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, बेरोजगारों को छह हजार व नौ हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता दिए जाने, बुढ़ापा पेंशन दो हजार रुपए देने, 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को निशुल्क लैपटॉप देने, कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने और गेस्ट टीचरों को पक्का करने जैसे किसी भी चुनावी वायदे को मौजूदा सरकार ने पूरा नहीं किया। यह सरकार अब अपने चुनावी वायदों को राजनीतिक जुमला बताने लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सत्ता सम्भालने के बाद किसानों को नरमे, कपास व धान का मूल्य पिछले साल के मुकाबले करीब दो हजार रुपए प्रति क्विंटल कम मिला। गेहूं की बिजाई के समय खाद नहीं मिली और महिलाओं को पुलिस थानों में लाइनें लगाकर राशन कार्ड पर खाद लेनी पड़ी। प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलें खराब होने पर अभी तक कोई राहत नहीं दी गई और किसानों को बोनस व मुआवजा भी नहीं दिया गया। किसानों के गेहूं को खरीदने में निरंतर आनाकानी की जाती रही और अभी भी मंडियों में गेहूं के अंबार लगे पड़े हैं और आए दिन किसानों, व्यापारियों व मजदूरों को जगह-जगह जाम लगाकर रास्ते रोकने पड़ रहे हैं। आए दिन परेशान किसानों द्वारा आत्महत्या करने अथवा सदमे से किसानों की मौत होने की चिंताजनक खबरें आ रही हैं और प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को सुधारने में भी मौजूदा सरकार पूरी तरह विफल रही है। 
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आमतौर पर किसी भी सरकार के चार साल पूरे होने के बाद कर्मचारी वर्ग अपनी मांगों को लेकर धरने प्रदर्शन जैसे कदम उठाने को मजबूर होते हैं लेकिन मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आए दिन कर्मचारी धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार ने कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने, वेतन विसंगतियां दूर करने, गेस्ट टीचरों को पक्के करने जैसे अनेक लुभावने चुनावी वायदे किए थे लेकिन किसी भी वायदे को पूरा नहीं किया और गेस्ट टीचरों से लेकर कम्प्यूटर टीचरों तक सभी धरनों पर बैठे हैं। बुजुर्गों को दो हजार रुपए पेंशन देने का वायदा किया था लेकिन वादा पूरा करना तो दूर समय पर पेंशन भी नहीं मिल रही। पिछली सरकार पर प्रदेश की आर्थिक हालत खराब करने और इनेलो सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की आर्थिक हालत बेहद सुदृढ़ होने का दावा करते हुए मौजूदा सरकार ने श्वेतपत्र जारी किया था और उम्मीद की जा रही थी कि सरकार प्रदेश की आर्थिक हालत को ठीक करने का काम करेगी। मौजूदा सरकार में प्रदेश पर कर्जे का बोझ 80 हजार करोड़ से बढक़र 99 हजार करोड़ तक पहुंच रहा है और कर्मचारियों को वेतन, भत्ते व पेंशन देने और कर्ज पर ब्याज चुकाने के लिए भी सरकार कर्ज ले रही है।

Friday, April 24, 2015

Local bench of the Punjab and Haryana High Court should be set up in Gurgaon - MP Dushyant Chautala


Leader of INLD in Lok Sabha Sh. Dushyant Chautala has raised the demand of setting up a local bench of the Punjab and Haryana High Court in Gurgaon for the speedy disposal of the court cases of Haryana. Sh. Dushyant, who also represents Hisar parliamentary constituency, tabled a private bill –The High Court of Punjab-Haryana (Establishment of the separate Bench Act Gurgaon) 2015 in the Lok Sabha.
Speaking on the matter Sh. Dushyant pointed out that because of a common High Court for the states of Punjab and Haryana, lot many cases of Haryana are pending in the HC. “Because of the extreme load of the cases in the Punjab and Haryana HC, it takes lot of time, rather decades in disposal of the cases pending to the state of Haryana. Because of the prolonged period opf the court cases, the petitioners have to face a harrowing time”, argued Sh. Dushyant.
Sh. Dushyant also said that not only the petitioner has to suffer but the load of the cases in the HC also increases. “In order to provide respite to the petitioners and for the early disposal of the cases, the demand of setting up a local bench of the Punjab and Haryana High Court in Gurgaon has been pending from long time”, said Sh. Dushyant. 
Sh. Dushyant further said that if a local bench of HC comes in Gurgaon, it would help delivering speedy justice for the petitioners pertaining to the areas of Mewat, Faridabad, Gurgaon, Mahendragarh, Palwal, Rewari, Rohtak, Bhiwani and Ghajjar. “Presently, petitioners from these areas have to travel a distance varying between 200-400 km while going to the HC in Chandigarh”, he said.
Sh. Dushyant said that because of the long distance, lot of time of the petitioner is consumed in traveling besides putting monetary burden of transportation as well. “If a local bench of the Punjab and Haryana High Court in Gurgaon, the number of the cases in the HC would come down drastically (30-40 per cent)”, he said, while adding that he would be rigorously pursuing the matter at the concerned level.  
सदन में सांसद दुष्यंत चौटाला ने गुडगाँव में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट की स्थायी बैंच स्थापति करने की मांग की 


इनेलो संसदीय दल के नेता दुष्यंत चौटाला ने शुक्रवार को हरियाणा में मुकद्दमों के निपटाने के लिए गुडग़ांव में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की एक स्थायी बैंच स्थापित करने की मांग लोकसभा में रखी की। इस कड़ी में हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने आज दोहपर बाद लोकसभा में प्राईवेट बिल के तौर पर गुडग़ांव में अलग बैंच स्थापित करने के लिए द हाईकोर्ट आफ पंजाब-हरियाणा (इस्टेबलिशमेंट आफ ए सैपरेट बैंच एट गुडग़ांव) बिल, 2015 रखा। 
सांसद दुष्यंत चौटाला का कहना है कि वह यह इस बिल को प्राइवेट बिल के तौर पर इसलिए लेकर आए हैं क्योंकि हमारा उच्च न्यायालय पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ में है और इसमें हरियाणा के साथ पंजाब प्रांत से संबंधित मामलों की भी सुनवाई होती है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में केसों की भारी संख्या के कारण हरियाणा से संबंधित मुकद्दमों का निपटान होने में दशकों बीत जाते हैं और याचिकाकर्ताओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इससे न केवल याचिकाकर्ताओं का समय बर्बाद होता है बल्कि उच्च न्यायालय में केसों का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है। इसके मद्देनजर हरियाणा के लोगों की गुडग़ांव में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट की एक स्थायी पीठ स्थापित करने की मांग लंबे समय से रही है। 
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गुडग़ांव में इस तरह की बैंच स्थापित होती है तो मेवात, फरीदाबाद, गुडग़ांव, महेंद्रगढ़, पलवल, रेवाड़ी, रोहतक व भिवानी, झज्जर क्षेत्र को इससे जोड़ा जा सकता है और  लोगों को जल्द न्याय मिलेगा। सांसद का कहना है कि इन जिले के लोगों को चंडीगढ़ जाने के लिए 200से 400 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। ऐसा होने से समय बर्बाद होने के साथ साथ लोगों को की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। प्रत्येक जिले से आने वाले अदालती मुकद्दमों की संख्या से लिहाज से पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में दायर होने वाले केंसोंकी संभावना है।ख्या 30 से 40 प्रतिशत कम होने जाएंगे। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अगल बैंच बनने से लोगों को जहां जल्द न्याय मिलेगा वहीं पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट पर भी केसों का बोझ कम हो जाएगा और अन्य लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। 
विधायक नैना चौटाला ने अनाज मंडी का दौरा कर सरकार से किसान के एक एक दाने की खरीद करने की अपील की 


विधायक नैना सिंह चौटाला ने वीरवार को स्थानीय अनाज मंडी का दौरा किया गेंहू व सरसों खरीद का जायजा लिया। यहां पहुंची विधायिका के समक्ष किसानों और आढ़तियों ने गेंहू का उठान व खरीद को लेकर शिकायत की। किसानों की शिकायत की थी सरकार गेहूं खरीदने में आनकानी कर रही है। जो गेहूं खरीदी गई है उसका उठान नहीं हो रहा है। किसानों की शिकायतें सुन नैना चौटाला ने मार्केट कमेटी के स्टाफ को मौके पर बुलवाया और गेहूं व सरसों की फसल खरीद न होने कारण पूछा। विधायिका ने मार्केट कमेटी के अधिकरियों को निर्देश दिए कि किसानों को गेहूं को लेकर किसी प्रकार की समस्या न आए, इसके लिए वे समुचित प्रबंध करे। नैना चौटाला ने कहा कि गेंहू का एकएक दाना खरीद जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को किसानों का एक एक दाना खरीदने को कहा। उन्होंने कहा कि  गेहूं कि खरीद में किसी प्रकार की कोताही इनेलो बर्दाश्त नहीं करेगी और गेहूं खरीद में नमी का बहाना न करे अधिकारी। उन्होंने कहा कि गेहूं का उठान व तौल को लेकर किसानों में अंसतोष है और गेंहू रखने के लिए मंडी में जगह नहीं है। उन्होंने सरकार द्वारा मंडी में किसानों उपज रखने के लिए समुचित संसाधन व शेड उपलब्ध न करवाने पर अंसंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार का यह रवैये बेहद अफसोस जनक है। उन्होंने कहा सरकार को चाहिए था कि वह खरीद के लिए समुचित प्रबंध करे। 
नैना सिंह चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार केवल भाषणों में ही अच्छी बातें करती हैं और नीति व नीयत से उनकी ये बातें कोसों दूर हैं। उन्होंने गेेहूं खरीद में मानकों में छूट देने को ढकोसला बताया। दौरे में उनके साथ डा. सीताराम, आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान टेकचंद छाबड़ा,रणबीर राणा, सर्वजीत मसीतां, महेंद्र डूडी, जगसीर मांगेआना सहित अन्य इनेलो नेता भी थे। 
किसानों की जली फसलों का मुआवजा दिलाने को लेकर डीसी को सौंपा ज्ञापन



डबवाली की विधायक नैना सिंह चौटाला ने आज डबवाली के विभिन्न गांवों राजपुरा, गोविंदगढ़, लखुआना, मसीतां आदि में किसानों की गेहूं की फसल जलने से हुई क्षति का राज्य सरकार की ओर से मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में डबवाली की विधायक नैना सिंह चौटाला ने कहा कि उपरोक्त गांवों में आगजनी की घटना के चलते किसानों की सारी गेहूं की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। सरकारी उदासीनता का हवाला देते हुए विधायक ने कहा कि फसल में आग लगने पर न तो क्षेत्र में कोई प्रशासनिक अधिकारी ही मौके पर पहुंचा और न ही कोई दमकल गाड़ी। विधायक ने अपने ज्ञापन में कहा कि जब वे स्वयं डबवाली में एसडीएम कार्यालय में उपरोक्त मुद्दे को लेकर पहुंची तो उन्हें न तो कार्यालय में एसडीएम ही मिले और न ही तहसीलदार। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से आग्रह किया है कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह से जलकर बर्बाद हो गई है उन्हें मदद देने के उद्देश्य से स्पेशल गिरदावरी करवाकर उन्हें 30 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा गांव चौटाला को जाने वाली लिंक रोड एवं चौटाला से गांव आसाखेड़ा को जाने वाली रोड पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, उन्हें भी अविलंब ठीक कराने की व्यवस्था की जाए। इस अवसर पर उनके साथ सिरसा के विधायक मक्खनलाल सिंगला, कालांवाली के विधायक बलकौर सिंह, जिला परिषद सिरसा के अध्यक्ष डॉ. सीताराम, कृष्णा फौगाट, सर्वजीत मसीतां, मनोहर मेहता, तरसेम मिढा, डॉ. हरिसिंह भारी, पूर्व सरपंच हीरालाल, अमीचंद, बृजलाल, जगदीश, कृष्णलाल, पूर्व सरपंच मंजीत सिंह व इकबाल सिंह सरां आदि पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। 

Thursday, April 23, 2015

हरियाणा में खाद की कमी का मुद्दा लोकसभा में गूंजा


हरियाणा में खाद के संकट का मुद्दा आज लोकसभा में गूंजा। सिरसा से इनेलो सांसद चरणजीत सिंह रोडी ने आज हरियाणा में इस बार किसानों को जो खाद संकट का सामना करना पड़ा उसका मुद्दा उठाते हुए सिरसा अथवा हिसार में एक और अतिरिक्त खाद प्लांट स्थापित किए जाने की मांग की। इनेलो सांसद ने आज लोकसभा में खाद पर चर्चा के दौरान कहा कि पिछली फसल पर हरियाणा में खाद की काफी कमी सामने आई और खाद लेने के लिए किसानों को न सिर्फ राशन कार्ड की जरूरत पड़ी बल्कि लम्बी-लम्बी लाइनें लगाकर महिलाओं को भी पुलिस थानों से पर्ची कटवानी पड़ी। इनेलो सांसद ने कहा कि पिछली बार खाद संकट की तरह इस बार अब जो नरमे, कपास व धान की फसल की बुआई शुरू होने जा रही है उसमें फिर से खाद की कमी न आए और जो पहले हुआ वो फिर न दोहराया जाए इसलिए न सिर्फ खाद के सभी जरूरी बंदोबस्त किए जाएं बल्कि हरियाणा में एक और खाद प्लांट भी स्थापित किया जाए।
इनेलो सांसद ने केंद्र सरकार व उर्वरक मंत्री से आग्रह किया कि हरियाणा एक बहुत बड़ा प्रदेश है और प्रदेश में इस समय केवलमात्र पानीपत में ही एक खाद कारखाना लगा हुआ है। प्रदेश के किसानों की खाद की मांग को पूरा करने और पेश आने वाली कमी को दूर करने के लिए हरियाणा के किसान लम्बे समय से एक और अतिरिक्त खाद प्लांट स्थापित किए जाने की मांग कर रहे हैं जिसे सिरसा अथवा हिसार में लगाकर इस कमी को तुरंत दूर किया जाए। 
परेशान हैं किसान व व्यापारी, समाधान न होने पर सडक़ों पर उतरेगी इनेलो : दौलतपुरिया

इनेलो विधायक बलवान दौलतपुरिया ने आज पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ फतेहाबाद की अनाज मंडी में व्यापारियों व किसानों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों से गेंहू खरीद, जगह की दिक्कत इत्यादि समस्याओं बारे चर्चा की और उनके निदान हेतु जल्द प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान उनके साथ पार्टी जिलाध्यक्ष बलविन्द्र कैरों, वरिष्ठ नेता राजेन्द्र चौधरी काका, शहरी प्रधान पवन चुघ आदि भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
व्यापारियों से बातचीत उपरांत बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि भले ही सरकार किसान, व्यापारी, मजदूर हर वर्ग के अच्छे दिन लाने के खोखले दावे कर रही हो, लेकिन खेतों में किसान और मंडियों में व्यापारी वर्ग की परेशानी सरकार और प्रशासन के निक्कमेपन को खुद-ब-खुद ब्यां कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक मंडियों में गेंहू की खरीद तक का कोई ठोस प्रबंध प्रशासनिक स्तर पर नहीं किया गया है। जिनकी फसल की खरीद हो चुकी है, उन्हें बारदाने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। ठेकेदारों के पास लिफ्टिंग के लिए वाहन तक नहीं है, जिसके चलते व्यापारियों को मजबूरीवश ठेकेदारों की मनमानी तक का शिकार होना पड़ रहा है। यहां तक की ठेकेदारों को लिफ्टिंग के लिए गाडिय़ां तक व्यापारी वर्ग अपने स्तर पर मुहैया करवा रहे हैं। 
विधायक बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि यदि इसी प्रकार के गंभीर हालात मंडियों में व्यापारी और किसान वर्ग के सामने लगातार बने रहे तो इसे इनेलो हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि जल्द से जल्द मंडियों में प्रशासनिक स्तर पर बोली सुचारू तरीके से नहीं करवाई गई, लिफ्टिंग का पुख्ता प्रबंध नहीं हुआ और बारदाने की समस्या का स्थाई समाधान न किया गया तो इनेलो सडक़ों पर उतर विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाने को मजबूर हो जाएगी। व्यापारियों-किसानों को राहत पहुंचाने के लिए यदि प्रशासनिक अधिकारियों तक का घेराव करना पड़ा तो ऐसे ठोस कदम भी उठाएं जाएंगे।
पिहोवा कुरूक्षेत्र सडक़ मार्ग राष्ट्रीय राज मार्ग घोषित हो :जसविन्द्र संधू


इनेलो विधायक दल के उपनेता एवं पूूर्व कृषि मंत्री जसविन्द्र सिंह संधू ने कहा कि धार्मिक दृष्टि से पिहोवा नगरी विश्व में प्रसिद्ध है, जहंा पूरे भारत वर्ष से श्रद्धालू अपने पूर्वजों के पिंड दान करवाने के लिए आते है। उन्होंने जनता की मांग पर प्रदेश व केन्द्र में भाजपा सरकार से पिहोवा को रेल लाइन से जोडऩे व पिहोवा कुरूक्षेत्र सडक़ मार्ग को राष्ट्रीय राज मार्ग घोषित करने की मांग की। श्री संधू ने कहा कि लम्बे अरसे से पेहवा को रेल लाइन से जोडऩे की मांग श्रद्धालुओं द्वारा की जा रही है जिसको लेकर पूर्व स्थानीय सांसद लगातार दस वर्ष तक मात्र ब्यानबाजी करते रहे और कैथल से अम्बाला सडक़ मार्ग एनएच 65 को फोर लाइन करने की बात भी ब्यान बाजी तक सीमित रही। उन्होंने कहा कि पिहोवा कुरूक्षेत्र सडक़ मार्ग पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ता है, इससे न केवल श्रद्धालुओं को लाभ  होगा बल्कि व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने पिहोवा कुरूक्षेत्र मार्ग पर लगे टोल टैक्स बैरियर को भी हटाने की मांग की।

सांसद दुष्यंत चौटाला ने एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करने और सांसदों को आरओ सिस्टम के लिए ग्रांट देने की मांग की

लोकसभा में एसवाईएल का निर्माण पूरा करने, हांसी बुटाना नहर व यमुना नदी पर बांध का मुद्दा फिर गूंजा। इनेलो संसदीय दल के नेता दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा में पानी का संकट टालने के लिए एसवाईएल नहर का निर्माण जल्द करने, हांसी बुटाना नहर में पानी चलाने व यमुना नदी पर बांध बनाने के काम में तेजी लाने की मांग की। दुष्यंत चौटाला ने राष्ट्रीय राजमागों पर पीने की पानी व यात्रियों के लिए शौचालयों की सुविधा न होने की ओर भी सरकार का ध्यान खींचा वहीं लोगों को आरओ का पानी देने के लिए सभी सांसदों व राज्य सरकारों को अलग से ग्रांट मंजूर करने की भी मांग की। उन्होंने उचाना हलके में पानी की समस्या भी उठाई।
सांसद दुष्यंत चौटाला ने आज पीने के पानी व सेनिटेशन के लिए रखी गई अतिरिक्त मांग पर बोलते हुए कहा कि देश में करोड़ों रूपये पानी की व्यवस्था सुधारने के लिए खर्च किया जाता है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा बीमारियां भी पीने के पानी के माध्यम से होती हैं। सांसद ने कहा कि बेहद अफसोसजनक है कि केंद्र सरकार के अनुसार हर व्यक्ति को 70 लीटर पानी हर व्यक्ति देने की बात करती है परन्तु कई इलाकों में तो 10 लीटर पानी भी नहीं मिलता। ऐसे हैं जहां दस लीटर उन्होंने हिसार संसदीय क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि चालीस गांव के लोग पीने के पानी की मांग को लेकर छह महीने तक धरने पर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के गांव के पास 12 गांव ऐसे हैं जहां आज भी पीने के पानी की किल्लत है।
उन्होंने कहा कि सरकार को केवल पानी पहुंचाने तक ही नहीं बल्कि पानी के पर्याप्त उपलब्धता की भी जिम्मेवारी है। आज करोड़ों लीटर जल नदियों से समुद्र में जाता है। इसकी वजह हमारे पास पर्याप्त साधन नहीं होना है। उन्होंने कहा कि नदियों पर बांध बना कर सूखे क्षेत्रों तक नहरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि गंगा नदी के सफाई पर हर सांसद ने अपनी राय रखी है पर यमुना नदी भी हरियाणा, दिल्ली व उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए पेयजल के महत्वपूर्ण स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि जैसे ही यमुना दिल्ली से निकल कर पलवल फरीदाबाद होते हुए राजस्थान तक जाती है तो इसका पानी इतना गंदा हो जाता है कि इस पानी का प्रयोग करने वाले लोग कैंसर व हैपेटाइटस जैसी जानलेवा बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। यही हालत पंजाब से निकल कर हरियाणा में सिरसा जिले में पहंचने वाली घग्घर नदी के हैं। इस नदी से भी बीमारियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मामला केवल गंगा नदी की सफाई का नहीं है बल्कि देश की हर नदी में बड़े उद्योगों से निकलने वाले रसायनयुक्त पानी मिल रहा है। उन्होंने मांग केंद्र सरकार से इस दिशा में कदम उठाने की मांग की। ताकि  हर व्यक्ति को 70 लीटर पानी मिले। 
युवा सांसद ने आरओ सिस्टम का जिक्र करते हुए कहा कि सदन में सरकार द्वारा एक सवाल के जवाब में बताया गया था कि देश भर में केवल 2961 आरओ सिस्टम हैं जिसमें 1876 आरओ सिस्टम पंजाब में हैं और हरियाणा में केवल 10 आरओ सिस्टम हैं जिन्हें डबवाली विधानसभा क्षेत्र में उनके पिता डा. अजय सिंह चौटाला के प्रयासों से जिला परिषद की ग्रांट से लगाए गए थे। उसके बाद हरियाणा सरकार ने एक भी आरओ सिस्टम नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों के लिए भी आरओ सिस्टम उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि आरओ सिस्टम लगाने के लिए राज्य सरकारों, सांसदों को अलग से गांट दी जाए ताकि लोगों को स्वच्छ पानी मिले। उन्होंने स्वच्छता का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर एक पर सरकार द्वारा एक भी शौचालय या पीने के स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं करवाया है जिससे राजमार्ग के यात्री पानी व शोचालय की सुविधा का लाभ उठा सके।
उन्होंने कहा कि विदेशों में सरकारें राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के लिए निशुल्क शौचालय व पीने के पानी की सुविधा प्रदान करती हैं परन्तु भारत में ऐसा कहीं नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजमागों पर ऐसी पानी व शोचालयों सुविधा देने की मांग की। युवा सांसद ने हरियाणा में पानी की किल्लत को लेकर एक बार फिर से यमुना सतलुज लिंक नहर, हांसी बुटाना नहर व यमुना नदी पर तीन बांध बनाने के काम में तेजी लगाने की मांग की। उन्होंने जींद नगर पालिका द्वारा चालित शौचालयों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार से शौचालयों के लिए जमीन नहीं मिली तो उन्होंने पोर्टेबल शोचालय रेहडिय़ों पर बना कर चलाई जो कि सभी के लिए उदाहरण है।

Wednesday, April 22, 2015

सूर्य नगर रेलवे लाइन पर अंडरपास का मामला सदन में गूंजा, दुष्यंत चौटाला ने शताब्दी सहित तीन रेलगाडिय़ों को हिसार से जोडऩे की रखी मांग



इनेलो संसदीय दल के नेता दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार को लोकसभा में जहां हिसार संसदीय क्षेत्र के लिए नई रेलगाडिय़ां चलाने व रेलवे लाइनों से जुड़े मुद्दे को उठाया वहीं उन्होंने रेलवे कर्मचारियों के आवासों की दयनीय स्थिति को भी सदन में प्रमुखता से रखा। लोकसभा में एक्सेस ग्रांट पर चर्चा में भाग लेते हुए युवा सांसद दुष्यंत चौटाला ने मांग की कि हिसार-अग्रोहा-फतेहाबाद-सिरसा रेलवे लाइन, हांसी-महम व रोहतक रेलवे लाइन, हांसी-जींद तथा उकलाना रेलवे लाइन का जल्द निर्माण करने व भिवानी तक आने वाली रेलगाडिय़ों को सिरसा तक बढ़ाया जाए। 
इनेलो सांसद ने कहा कि इन रेलवे लाइनों की केवल घोषणा हुई है इन पर अभी काम शुरू नहीं हुआ। इसके अलावा इनेलो सांसद ने सूर्य नगर रेलवे लाइनों पर अंडरपास बनाने का मुद्दा लोकसभा में प्रमुखता से उठाया। सांसद दुष्यंत ने कहा कि हिसार जंक्शन 110 वर्ष से ज्यादा पुराना है। यहां कर्मचारियों के लिए बने आवास जर्जर हालत में हैं। बरसात आने पर इन आवासों में एक-एक फुट पानी भर जाता है। यहां पीने का पानी व शौचालय तक नहीं है। उन्होंने कहा कि माननीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु हरियाणा से राज्यसभा सांसद हैं, उनसे अपील करता हूं कि हिसार में रेलवे जंक्शन पर नया आवासीय परिसर बनाया जाए। 
उन्होंने कहा कि भिवानी में एकता एक्स पे्रस, कालिंदी एक्सप्रेस व भिवानी-मथुरा रेलगाडिय़ां  दस घंटे तक यहां खड़ी रहती हैं। उन्होंने मांग की कि इन ट्रेनों को सिरसा तक बढ़ाया जाए, ऐसा करने के बाद भी इन ट्रेनों की सफाई के लिए तीन घंटे का समय बचेगा और हरियाणा का हर कोना रेलवे से जुड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसान एक्सप्रेस में भारी भीड़ रहती है, इसमें चार बोगियां जोड़ी जाएं। सांसद दुष्यंत ने भठिंडा-दिल्ली शताब्दी को रेवाड़ी भिवानी, हिसार-सिरसा होते हुए भठिंडा चलाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि सिरसा, भिवानी व गुडग़ांव के सांसदों ने भी मांग की थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान बजट में इस रूट के विद्युतीकरण का प्रस्ताव है, इसलिए शताब्दी एक्सप्रेस को इस रूट पर जरूर चलाया जाए। हिसार-धूरी रेलगाड़ी को हरिद्वार तक, हिसार-अमृतसर को जम्मू तक चलाने की भी मांग हिसार के सांसद ने रखी।
युवा सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हिसार शहर में सूर्य नगर में दस हजार की आबादी रहती है और सूर्य नगर के दोनों तरफ रेलवे लाइन हैं। उन्होंने कहा कि मैं पिछले एक वर्ष इस रेलवे लाइनों के लिए अंडरपास बनवाने के लिए प्रयासरत हूं। उन्होंने रेलवे मंत्री  से मांग की कि इस अंडरपास बनाए ताकि दस हजार लोगों को सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 पर खेदड़ पावर प्लांट के पास चार वर्ष पर ओवजब्रिज मंजूर हुआ था परन्तु अब तक नहीं बना। उन्होंने कहा कि खेदड़ पावर प्लांट के पास कोयले की आपूर्ति के लिए ट्रेन आती है तो 45 मिनट से एक घंटा तक वाहनों को खड़ा रहना पड़ता है, इसलिए इस पर जल्द से जल्द ओवरब्रिज बनाया जाए।

Friday, April 17, 2015

प्राकृतिक आपदा घोषित कर सभी किसानों को 15 हजार रुपए प्रति एकड़ पैकेज दिया जाए

इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा व विधायक दल के उपनेता जसविंदर सिंह संधू ने सरकार से मौजूदा प्राकृतिक बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि को प्राकृतिक आपदा घोषित करते हुए बिना गिरदावरी करवाए प्रभावित किसानों को तुरंत 15 हजार रुपए प्रति एकड़ आर्थिक पैकेज दिए जाने और जिन किसानों की बर्बाद हुई फसलों की विशेष गिरदावरी हुई है उन्हें 25 हजार रुपए प्रति एकड़ फौरी मुआवजा दिए जाने की मांग की। इनेलो नेताओं ने भाजपा सरकार द्वारा बार-बार गिरदावरी की तारीख आगे बढ़ाए जाने की आलोचना करते हुए किए आज सरसों व गेहूं की ज्यादातर क्षेत्रों में फसलें कट चुकी हैं तो ऐसे में अब सरकार कहां से गिरदावरी करवाएगी? जिन किसानों की गिरदावरी नहीं हुई उन्हें राहत नहीं मिल पाएगी इसलिए प्रदेश के प्रत्येक किसान को आर्थिक पैकेज के रूप में 15 हजार रुपए प्रति एकड़ सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत राहत का पैकेज दिया जाए। उन्होंने सरकार द्वारा युद्धस्तर पर बर्बाद हुई फसलों की विशेष गिरदावरी करवाने की बजाय अपनाए गए टालमटोल वाले उदासीन रवैये की तीखे शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश का कोई एक किसान भी ऐसा नहीं बचा है जिसकी फसलें व्यापक स्तर पर बर्बाद न हुई हों और कोई खेत ऐसा नहीं है जो बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित न हुआ हो।
इनेलो नेताओं ने कहा कि शुरआती बारिश के दौरान ही किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था और यह मामला इनेलो ने लोकसभा व विधानसभा में भी जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार से किसानों को विशेष गिरदावरी करवाकर राहत देने की मांग की थी। पिछले डेढ महीने से जहां प्रकृति की मार से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा वहीं सरकार की किसान विरोधी सोच के चलते भी किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। आए दिन प्रदेशभर से किसानों की सदमें से मौत होने अथवा सरकार के निराशाजनक व्यवहार से हताश होकर किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में लोकसभा विधानसभा के अलावा राज्यपाल को ज्ञापन देकर भी सरकार से तुरंत किसानों को राहत देने का आग्रह किया गया था। इनेलो नेताओं ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने युद्धस्तर पर किसानों की बर्बाद हुई फसलों की विशेष गिरदावरी करवाने की बजाय पूरी तरह टरकाऊ रवैया अपनाया और अब जब किसानों की खराब हुई फसलें लगातार खेतों से काटकर मंडियों में आनी शुरू हो गई हैं तो अब भी सरकार यही कह रही है कि विशेष गिरदावरी की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। उन्होंने सवाल किया कि जब खेतों से फसलें कट गई तो ऐसे में विशेष गिरदावरी कैसे सम्भव हो सकती है? 
इनेलो नेताओं ने कहा कि शुक्रवार को प्रदेशभर में इनेलो के नेतृत्व में जिस तरह से भारी संख्या में किसानों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में खुलकर भाग लिया और किसान वर्ग व विशेषकर महिलाएं सडक़ों पर आई, इससे सरकार को लोगों के रोष व गुस्से का अंदाजा लग जाना चाहिए। इनेलो नेताओं ने कहा कि इससे पहले कि किसानों का गुस्सा सरकार के खिलाफ लावा बनकर फूट पड़े समय रहते सरकार को तुरंत बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि को प्राकृतिक आपदा घोषित करते हुए बिना गिरदावरी करवाए प्रभावित किसानों को तुरंत 15 हजार रुपए प्रति एकड़ आर्थिक पैकेज देना चाहिए ताकि किसानों को बर्बादी से बचाया जा सके।
किसानों की मांगों को लेकर इनेलो का जिला मुख्यालयों पर राज्यव्यापी जोरदार प्रदर्शन

इनेलो ने शुक्रवार को किसानों की मांगों को लेकर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भारी विरोध प्रदर्शन करते हुए संबंधित उपायुक्तों के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन देकर बेमौसमी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा व गेहूं पर 300 रुपए क्विंटल बोनस देने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और पशु धन बचाए रखने के लिए सरकार की ओर से मुफ्त चारा उपलब्ध करवाए जाने सहित किसानों की अन्य मांगें शामिल हैं। कुरुक्षेत्र में इनेलो के प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा एवं विधायक दल के उपनेता जसविंदर सिंह संधू के अलावा हिसार में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व इनेलो संसदीय दल के नेता दुष्यंत चौटाला ने किया। प्रदेश के अन्य सभी जिलों में पार्टी विधायकों, सांसदों, जिलाध्यक्षों, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्रियों, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किए गए। सीएम के नाम दिए गए ज्ञापन में इनेलो के प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्राकृतिक प्रकोप की मार झेल रहे किसानों की हालत सरकार की संवेदनहीनता के कारण और ज्यादा दयनीय हो गई है। ऐसे में इनेलो किसानों पर आए संकट से उन्हें राहत देने के लिए सरकार से तुरंत जरूरी सकारात्मक कदम उठाने की मांग करती है। इनेलो ने अपने ज्ञापन में कहा कि एक तरफ हरियाणा सरकार केंद्रीय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग को गेहूं की लागत कीमत 1950 रुपए प्रति क्विंटल के बारे में सूचित करती है और दूसरी तरफ गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1450 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित होने के कारण किसान का लागत खर्च भी पूरा नहीं होता। इनेलो ने गेहूं में नमी का प्रतिशत 14 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी नमी वाले गेहूं को सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदे जाने की मांग करते हुए कहा कि सरकार अपने चुनावी घोषणा पत्र की गरिमा को बनाए रखने की दिशा में कदम उठाते हुए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट तुरंत लागू करने की मांग की है।
कुरुक्षेत्र में अशोक अरोड़ा व जसविंदर सिंह संधू के नेतृत्व में इनेलो कार्यकर्ताओं व किसानों ने नए बस अड्डे से लेकर लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की। इस अवसर पर बूटा सिंह लुखी, कुलदीप सिंह मुलतानी, ओमप्रकाश हथीरा, ईश्वर पूजम, कंवलजीत सिंह अजराना, प्रहलाद शर्मा, धर्मपाल चौधरी, बलजीत सिंह, पवन शर्मा पहलवान व रामकरण काला ने भी संबोधित किया। कैथल में पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा के नेतृत्व में इनेलो नेताओं ने प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताते हुए सरकार की तीखी आलोचना की गई। इस अवसर पर श्री माजरा के अलावा कैलाश भगत, अशोक जैन, कंवरपाल करोड़ा, पूर्व मंत्री सुरेंद्र मैदान, पूर्व विधायक तेजबीर सिंह पुण्डरी, बूटासिंह, पारस मित्तल, बलराज नोच, ईश्वर महला व शशि वालिया सहित अनेक प्रमुख नेता मौजूद थे।
हिसार में सांसद दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व मेें कृषि विवि से लेकर लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया गया और उपायुक्त को ज्ञापन के साथ-साथ बर्बाद हुई गेहूं व सरसों की फसलों के नमूने भी सौंपे गए। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिले के करीब सवा सौ गांवों में अभी तक गिरदावरी नहीं हुई। इस अवसर पर पूर्ण सिंह डाबड़ा, पूर्व मंत्री सुभाष गोयल, राजेंद लितानी, शीला भ्याण, विधायक रणबीर सिंह गंगवा, विधायक वेद नारंग, विधायक अनूप धानक  सहित अन्य इनेलो नेताओं ने भी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सिरसा में इनेलो के प्रदर्शन का नेतृत्व सांसद चरणजीत सिंह रोडी, विधायक मक्खन लाल सिंगला, बलकौर सिंह कालांवाली,रामचंद्र कम्बोज रानिया, पूर्व मंत्री भागीराम, जिला परिषद चेयरमैन डॉ. सीता राम सहित अनेक नेताओं ने किया और सरकार से किसानों को तुरंत राहत देने की मांग की। पंचकूला में प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने किया और इस अवसर पर कुलभूषण अग्रवाल, अशोक शेरवाल, प्रवीन आत्रेय, दीनानाथ शर्मा, दिलबाग नैन, हरबंस सिंगला, रमेश मांदना सहित अनेक प्रमुख नेता मौजदू थे। गुडग़ांव में प्रदर्शन में अनन्तराम तंवर, पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचन्द गहलोत, जिलाध्यक्ष गंगाराम, रमेश दहिया, शैलेश खटाणा, राव मानसिंह, शशी दुआ सहित सैकड़ों कार्यकर्ता व किसान उपस्थित थे।
जींद में विधायक परमिंद्र सिंह ढुल, पिरथी नम्बरदार, डॉ. हरिचंद मिड्ढा के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए इनेलो कार्यकर्ताओं ने अतिरिक्त उपायुक्त गौरी परासर जौशी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा और अन्य मांगों के अलावा नमी के मापदण्ड को 14 से बढ़ाकर 20 फीसदी किए जाने की मांग की। फतेहाबाद में विधायक बलवान दौलतपुरिया, रविंद्र बलियाला, प्रदेश प्रवक्ता निशान सिंह, युद्धवीर आर्य, राम सिंह बैनीवाल, बलविंद्र कैरों, कुलजीत कुलउिय़ा व बिक्कर सिंह हड़ौली के अलावा सरोज सांगा व हरि सिंह डांगरा ने भी प्रदर्शन में भाग लिया और सरकार की किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की। सोनीपत के प्रदर्शन में डा. के. सी. बांगड़, ब्रिगेडियर ओ. पी. चौधरी, वेद सिंह मलिक, तेलूराम जोगी, रणबीर दहिया, राजकुमार रिढ़ाउ, रमेश खटक, कुलदीप मलिक, रामकुवार सैनी,रामफल चिढाना, सुरेन्द्र दहिया, अनीता खाण्डा, प्रोमिला मलिक, इन्द्रजीत दहिया, रामकिशन तुषीर, डा0 कपूर नरवाल, रोहतास दहिया जगबीर खरब सहित अनेक नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
रोहतक में जिलाध्यक्ष सुनील लाम्बा के नेतृत्व में पार्टी कार्य कर्ताओं व किसानों ने भारी संख्या में प्रदर्शन में हिस्सा लिय और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी और महिलाओं ने गिरदावरी को लेकर अधिकारियों को खूब खरी-खरी सुनाई और कहा कि अगर सही हालात देखने हैं तो उनके साथ जाकर अभी देखा तभी पता चलेगा कि किसानों की फसलों की क्या हालत हो गई है? करनाल में इनेलो के प्रदर्शन का नेतृत्व जसवीर राणा ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक मामूराम गोंदर, नरेंद्र सांगवान, रामकुमार ऐबला, इंद्रजीत गोराया, हरपाल रोड़ व कंवरजीत प्रिंंस सहित अनेक प्रमुख नेता मौजूद थे। पानीपत में सुरेश मित्तल के नेतृत्व में इनेलो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और सीएम के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर बहन फूलपती, ओमप्रकाश माटा, देंवेंद्र कादियान, निशान सिंह मलिक, बलवान बाल्मीकि, शेर सिंह खरब, नरेश जैन व लेखराज खट्टर सहित अनेक प्र्रमुख नेता मौजूद थे। भिवानी के प्रदर्शन मेें सुनील लांबा, विधायक राजदीप फौगाट, ओमप्रकाश गोरा, कर्नल रघबीर सिंह छिल्लर, धर्मपाल ओबरा, विजय पंचगावा, बलदेव घनघस, राज सिहं गागड़वास, मनमोहन बुरटाना, कुलदीप मनसरवास, कुलवंत कोटिया, भगवती देवी, सिलोचना पोटलिया, राजू मेहरा समेत अनेक इनेलो कार्यकर्ता मौजूद थे।
किसान खुदखुशी कर रहे है और भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार के लिए व्यस्त है - सांसद दुष्यंत चौटाला 




पकी फसल और किसान की मेहतन पर बरसात-औले पडऩे के बाद खटर सरकार की किसानों के प्रति बेरूखी के विरोध में आज इनेलो सड़कों पर उतर आई। इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में इनेलो ने भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इनेलो कार्यकर्ता किसान मोदी व खटर सरकार के विरोध में नारे लगाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटर को ज्ञापन सौंपा। वे प्रदेश सरकार से बेमौसमी बारिश व ओलों से बर्बाद हुई फसलों के लिए 25 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा व 300 रूपये गेहूं पर बोनस देने की मांग कर रहे थे। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में बेमौसमी बारिश से किसान पूरी तरह से कंगाल हो गया है और प्रदेश सरकार किसानों के कर्ज माफ करे। प्रदर्शन में किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष पूर्ण सिंह डाबड़ा, पूर्व मंत्री सुभाष गोयल, जिला प्रधान राजेंद लितानी, महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष शीला भ्याण, विधायक रणबीर सिंह गंगवा, विधायक वेद नारंग,  विधायक अनूप धानक  सहित अन्य इनेलो नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 



इससे पहले इनेलो कार्यकर्ता व किसान हकृवि के चार नंबर गेट के पास एकत्रित हुए और वे सांसद दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय गए। प्रदर्शन में महिलाओं ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। आर्य नगर से  एक किसान अपनी बैलगाड़ी में बरसात से बर्बाद हुई गेहूं व सरसों की फसल लेकर प्रदर्शन में पहुंचा था। सांसद दुष्यंत चौटाला ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मौसम के कहर बरपाने के बाद भाजपा सरकार भी किसानों पर कहर बरपाने से बाज नहीं आ रही है। प्रदेश का किसान लगातार कुदरती कहर के चलते बुरी तरह से घुटने टेक चुका है और किसान अपनी जान दे रहे हैं परन्तु खटर सरकार अपना नकारात्मक रवैया छोड़ा नहीं है। ओलों व बरसात के बची गेहूं को दो दिनों की बरसात ने मंडियों में पानी-पानी कर दिया है। उन्होंने कहा कि अनाज मंडियों में सरकारी संसाधानों के अभाव में किसान अपनी मेहनत को अपनी आंखों से बर्बाद होती देखता रहा और सरकार हाथ पर हाथ धरी बैठी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा सरकार पिछले ढेड़ माह से हो रही बारिश से चेती नहीं है और मंडियों में शेड व तिरपाल की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि नमी वाली गेहंू की खरीद नहीं कर रही है और सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश के किसान तिल-तिल मर रहे हैं और खट्टर सरकार अपने विधायकों को खुश करने के लिए मंत्रीमंडल के विस्तार की खुमारियों में खोयी है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिले के चार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने कघोषणा की कि वे पीडि़त परिवारों की गेहूं की बोरियां देकर मदद करेंगे और इसके बाद अन्य किसान भी उनकी मदद के लिए आगे आए। 


सांसद दुष्यंत चौटाला ने आज ज्ञापन के साथ उपायुक्त को बर्बाद हुई गेहूं व सरसों की फसलों के नमूने सौंपे। उन्होंने उपायुक्त से ये नमूने भेज कर सरकार की आंखों खोलने की मांग की। इससे पहले ज्ञापन लेने के लिए एसडीएम पहुंचने परन्तु सांसद दुष्यंत चौटाला ने उन्हें ज्ञापन सौंपने से मना कर दिया। इसके बाद उपायुक्त  शेखर खरे स्वयं ज्ञापन लेने के लिए बैलगाड़ी तक पहुंचे। सांसद दुष्यंत चौटाला ने उपायुक्त को बताया कि हिसार जिले के करीब सवा सौ गांवों में अभी तक गिरदावरी नहीं हुई है और उन्होंने उकलाना हलके के 15 गांवों में भी अभी तक गिरदावरी न होने की शिकायत की। उपायुक्त ने इनेलो की मांगों को सरकार तक पहुंचाने व गिरदावरी जल्द करवाने का भरोसा दिलवाया। 



प्रदर्शन में इनेलो के वरिष्ठ चतर सिंह, नेता राजेश गोदारा, रमेश गोदारा, सतबीर सिसाय, सतबीर वर्मा, हरफूलखान भट्टी, होशियार सिंह सिंघरान, पूर्व एसपी राज सिंह मोर, सत्यवान बिपचड़ी, राजेंद्र चुटानी, डा. अनंतराम,  रणधीर कौथ,बहादुर सिंह नायक, रवि लांबा, राजीव शर्मा रमेश चुघ, मैडम राज हसीना, यशपाल गोदारा, दलबीर धीरणवास, भूपेंद्र बोबुआ, अमित बूरा, सिल्क पूनिया, बाली भाटोल, डा. श्रीराम, रामप्रसाद गढ़वाल,  ललिता टाक सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। 
ओलावृष्टि और बेमौसमी बरसात को प्राकृतिक आपदा घोषित कर बिना गिरदावरी किसानों को दिया जाए आर्थिक पैकेज- अशोक अरोड़ा



किसानों की समस्याओं को लेकर इनैलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा तथा पिहोवा के विधायक जसविंद्र सिंह संधू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नए बस अड्डे से लेकर लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। देश व प्रदेश की भाजपा सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए भारी संख्या में इनैलो कार्यकर्ता लघु सचिवालय पर पहुंचे। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इनैलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा तथा विधानसभा में विधायक दल के उपनेता जसविंद्र सिंह संधू ने सरकार से मांग की कि हरियाणा में बेमौसमी बरसात और ओलावृष्टि को प्राकृतिक आपदा घोषित करके बिना गिरदावरी करवाए तुरंत प्रभाव से प्रभावित किसानों को आर्थिक पैकेज दिया जाए।  इनैलो नेताओं ने कहा कि प्रदेश में ऐसा कोई किसान नहीं जिसकी फसल खराब न हुई हो। इसलिए प्रत्येक किसान को कम से कम 15 हजार रुपये प्रति एकड़ का आर्थिक पैकेज दिया जाए और जिन किसानों की गिरदावरी करवाई गई है, उन्हें कम से कम 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने का काम सरकार करे। इसी के साथ साथ गेहूं पर 300 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को पार्टी के प्रदेश महासचिव बूटा सिंह लुखी, जिला प्रधान कुलदीप सिंह मुलतानी, हलका प्रधान ओमप्रकाश हथीरा, प्रदेश कार्यकारी सदस्य ईश्वर पूजम, कंवलजीत सिंह अजराना, प्रहलाद शर्मा, युवा इनैलो के प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मपाल चौधरी, कुंटिया के पूर्व महासचिव बलजीत सिंह, ब्राह्मण नेता पवन शर्मा पहलवान, शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र से गत चुनावों में पार्टी प्रत्याशी रामकरण काला ने भी संबोधित किया। इनैलो ने किसानों की मांगों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया। 
अरोड़ा तथा संधू ने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश की भाजपा सरकार किसान व गरीब की विरोधी है। दोनों नेताओं ने कहा कि भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल बड़े बड़े पूंजीपतियों के हितों के लिए लाया गया है। यह बिल किसान के लिए काला कानून है, क्योंकि इसमें किसानों की जमीन उनकी बिना सहमति के लेने का प्रावधान रखा गया है, जबकि पहले कानून में सरकारी सैक्टर के लिए 70 प्रतिशत किसानों की तथा प्राइवेट सैक्टर के लिए 80 प्रतिशत किसानों की सहमति के बिना जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता। इनैलो नेताओं ने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का वायदा किया था, लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा नेता अपने इस वायदे से मुकर गए। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने हल्फनामा दिया कि सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं करेगी, इससे भाजपा का किसान विरोधी चेहरा सामने आ गया है। इनैलो नेताओं ने भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल वापिस लेने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इनैलो नेताओं ने कहा कि भाजपा झूठे वायदे करके सत्ता में आई है। एक भी चुनावी वायदा पूरा नहीं किया गया। कर्मचारी, किसान और गरीब आदमी इस सरकार से दुखी है। उन्होंने कहा कि 2000 रुपये वृद्धावस्था पेंशन देने का वायदा करने वाली भाजपा सरकार ने इनैलो के दबाव के कारण ही 1200 रुपये महीना पेंशन की है। 

हजारों की तादाद में इनेलो कार्यकर्ता उतरे सड़क परए डीसी को सौंपा ज्ञापन 




प्रदेश के किसान वर्ग की दुर्दशा और किसानों पर हुई कुदरती मार के बाद प्रदेश सरकार की अनदेखी और लापरवाही ने किसान वर्ग की कमर तोड़ने का काम किया है एकतरफ बेमौसमी बरसात व ओलावृष्टि से प्रदेश में फसल की पैदावार को नुक्सान पहुंचा है तो वहीँ प्रदेश सरकार द्वारा समय पर गिरदावरी न होने और फसल की मुआवजा राशि भी निश्चित न किये जाने से किसान वर्ग पर दोहरी मार हुई है। किसान वर्ग के हितों की आवाज उठाते हुए तय कार्यक्रम अनुसार आज जिला रोहतक की इनेलो इकाई के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उत्तर आये और छोटू राम चौक पर एकत्रित हुए। 


इनेलो जिलाध्यक्ष सतीश नांदल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन की शुरुआत छोटूराम धर्मशाला में स्थापित सर छोटूराम की प्रतिमा पर फूलमाला अर्पण करके हुई जिसके बाद हजारों की तादाद में एकत्रित हुए इनेलो कार्यकर्ता हाथों में झंडे व त ती उठाये हुए विशाल जुलूस के रूप में सरकार विरोधी नारे लगाते हुए लघु सचिवालय की तरफ कुच कर गए जहाँ उपायुक्त रोहतक ने स्वयं अपने कार्यालय से नीचे उतरकर इनेलो नेताओं की मांग को सुना व ज्ञापन लिया। लघु सचिवालय में मौजूद इनेलो कार्यकर्ताओं को स बोधित करते हुए इनेलो के जिलाध्यक्ष सतीश नांदल ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा की किसानों को हुई फसल हानि के बदले उन्हें मुआवजे के रूप में पच्चीस हजार रूपये प्रति एकड़ व तीन सौ रूपये प्रति क्विंटल दिया जाए। उन्होंने कहा की प्रदेश व केंद्र की बीजेपी सरकार को भूमिअधिग्रहण बिल वापिस लेना चाहिए और किसान हिट को ध्यान में रखते हुए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना चाहिए।


नांदल ने कहा की यदि सरकार और प्रशासन नही जागे तो उन्हें जगाने का काम इनेलो पार्टी करेगी इनेलो कार्यकर्ता किसान के हितों की लड़ाई के  सदैव संघर्ष के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा की मंडियों में सरकारी खरीद एजेंसियां गेहूं में नमी के बहाने बनाकर किसानों को टाल रही है जहाँ एक तरफ  किसान के दवारा दिन रात मेहनत कर के बोया गया अनाज का एक एक दाना आज मंडियों में सड़ रहा है वहीं सरकार और प्रशासन लापरवाही की सभी हदें लांघ रहे हैं यदि मंडियों में रखे गेहूँ की खरीद जल्द से जल्द शुरू  तो इनेलो कार्यकर्ता मंडी के बाहर सड़क पर बैठकर विरोध स्वरूप धरने प्रदर्शन करेंगे।    
इस अवसर पर कैप्टेन इंद्र सिंहए बलवंत मायनाए महंत सतीश दासए सतीश भालोटए धर्मपाल मकड़ौलीए राजेश सैनीए संदीप हुड्डाए सूरत सिंह खटकए डॉ नफे लाहलीए डॉ प्रेम सिंह हुड्डाए मास्टर मु त्यार सिंहए हैप्पी जांगड़ाए कृष्ण कौशिकए रणबीर हुड्डाए इंद्र सिंह ढुलए राजकुमार शर्माए सुशील शर्माए नागाराम वाल्मीकिए सरिता नारायणए बल्लू माजराए सतप्रकाश बिस्लाए जयसिंह शिमलीए बलराम मकड़ौलीए कुल्फी पहलवानए मीना मकड़ौलीए प्रेम लता खत्रीए शीला खरेंटीए संतोष हुड्डाए रतनु पांचालए रणबीर पाकस्माए करतार कान्हीए यादराम सरपंचए सुखमेंद्र खत्रीए जगदीश खत्रीए जगदीश सरपंचए दलेल ढ़ाकाए कृष्ण घणघसए जोगिंद्रए सुभाष शर्माए स मी प्रधानए हरिरामए कृष्ण कटेसराए जितेंद्र गहलौतए रामकिशनए राजबीरए श्रीभगवानए ईश्वर सिंहए तनवीर सरपंचए सतबीर जांगड़ाए महावीर कुंडूए  जयभगवान लाढ़ोतए पवन ककरानाए वेद इस्माईलए वृन्द नांदलए अजय इन्दौराए भीम कुंडूए कृष्ण सांगवानए रामदिया राठीए टेकरामए शीलक मकड़ौलीए जयभगवान इस्माईलाए संजय बल्हाराए अभिजीत खुरानाए रविन्द्र बखेताए अजय मलिकए विकास यादवए नीरजए सूरज देहराजए कुलवंत  इत्यादि मौजूद थे।  

इनेलो ने सरकार से किसानो के लिए उचित मुआवजा और बोनस की मांग की  



बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का 25000 रूपये प्रति एकड़ मुआवजा दिये जाने, गेंहू पर 300 रूपय प्रति क्विंटल बोनस देने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के जरीय किसानों के हितो पर किये जा रहे कुठाराघात को तुरन्त बन्द किये जाने की मांग को लेकर इंडियन नैशनल लोकदल गुड़गांव इकाई की ओर गुड़गांव जिला मुख्यालय पर विशाल रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के उपरान्त मुख्यमंत्री महोदय के नाम एस0डी0एम0 गुड़गांव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन इस 
इंडियन नैशनल लोकदल प्रदेश में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि की वजह से हुए फसलों के नुकसान के कारण किसानों की दुर्दशा की ओर आपका ध्यान दिलाना चाहती है। एक लम्बे समय से कृषि और कृषक संकट के दौर से गुजर रहे हैं, परन्तु पिछले कुछ महीनों से उन पर हुए प्राकृतिक प्रकोप और सरकार की संवेदनहीनता के कारण अब उनकी स्थिति और भी दयनीय हो गई है। इंडियन नैशनल लोकदल उन पर आये संकट से उन्हें राहत देने के लिए सकारात्मक कदम उठाने की मांग करती है। ओलावृष्टि, तेज हवाओं एंव निरन्तर बारिश के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर रबी की फसलें तबाह हई है। इनेलो ने बार-बार सरकार से आग्रह किया है और मांग भी की है कि बारिश व ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल का मुआवजा कम से कम 25 हजार रूपये प्रति एकड़ दिया जाए। वर्ष 2014-15 में हरियाणा सरकार ने केन्द्रीय कृषि लागत एंव मूल्य आयोग को गेहूं की लागत मूल्य 1950 रूपये प्रति क्विंटल होने के बारे में सूचित किा था। इनेलो ने गेहूं के लागत मूल्य को ध्यान में रखते हुए कम से कम 25 हजार रूपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की थी। 


यह देखते हुए कि गेहूं का न्यनतम समर्थन मूल्य 1450 रूपये निर्धारित किया गया है और यह हरियाणा सरकार द्वारा आंकलन की गई लागत मूल्य से बहुत कम है, इसलिए इनेलो ने 300 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिए जाने की मांग की थी। ऐसा इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि अभी तक की सभी केन्द्रीय सरकारें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने में असमर्थ रही है परन्तु समय की मांग को देखते हुए किसानों को राहत देना अनिवार्य है। वर्ष 2014 के लोकसभा और हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा ने भी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का वायदा किया था। अतः इनेलो यह भी मांग करती है कि सरकार तुरन्त प्रभाव से अपने इस वायदे को पूरा कर चुनावी घोषणा पत्र की गरिमा को बनाये रखने की दिशा में कदम उठाए।



इसी संदर्भ में इनेलो आपका ध्यान अभी हाल में गेहूं की खरीद से जुड़े मुद्दे की ओर भी दिलाना चाहती है। अभी हाल में केन्द्र सरकार द्वारा इसकी खरीद के मानदंडो में कुछ रियायतों की घोषणा की है किन्तु प्राकृतिक प्रकोप और लम्बे समय तक चलने वाली बेमौसमी बारिश के कारण इस दिशा में सबसे गम्भीर समस्या गेहूं में नमी की है। किसान का गेहूं मंडियों में पड़ा सड़ रहा है और सरकारी खरीद ऐजेंसियां नमी का बहाना बनाकर समर्थन मूल्य पर गेहूं नही खरीद रही है। इनेलो की मांग है कि गेहूं में 14 प्रतिशत नमी की बजाय 20 प्रतिशत नमी तक की गेहूं की खरीद सरकारी ऐजेंसियां करें, तब जाकर किसान को कुछ राहत प्राप्त होगी।
हरियाणा सरकार गौ रक्षा और उसकी सेवा की दिशा में अनेको घोषणाएं पिछले कुछ सम से कर रही है परन्तु इस वर्ष लम्बी और बेमौसमी बारिश के कारण राज्य में पशुओं के चारे की उपलब्धता में कमी आना सम्भावित है। इस कमी को दूर करने और यह देखते हुए कि किसान पहले ही फसलों के नुकसान से आहत है। अतः उन्हें राहत देने और प्शुधन को बचाए रखने के लिए सरकार द्वारा उनके लिए मुफ्त चारा प्रचूर मात्रा में उपलब्ध करवाया जाना अति आवश्यक है। इनेलो को आशा है कि मुख्यमंत्री इन सभी मांगों को गम्भीरता से लेते हुए उन्हें स्वीकार करेंगे और प्रदेश के किसानों को राहत दिलवाने की दिशा में ठोस कदम उठायेंगे।
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनन्तराम तंवर, पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचन्द गहलोत, जिलाध्यक्ष गंगाराम, रमेश दहिया पूर्व जिलाध्यक्ष, शैलेश खटाणा, राव मानसिंह, शशी दुआ, रीषिराज राणा, किशोर यादव, शमशेर कटारिया, रमेश सेठी, ओमकार धनखड़, शशी धारीवाल, सुदेश यादव एडवोकेट, सतबीर तंवर एडवोकेट, सुरेन्द्र तंवर, भूपेन्द्र सुखराली, मांगेराम चौहान, सतपाल पांचाल, स्वर्ण धनखड़, हरिकिशन सरपंच, मेहरचन्द दायमा, राजू बोहरा, नाहर फौजी, राजेश यादव, कर्मबीर सरपंच, राजेश सरपंच, बलवान ठाकराण, सुखबीर तंवर, सतपाल पांचाल, ओमप्रकाश हंस, सन्तोष ठाकुर, सुशील सहरावत, सतबीर यादव, प्रताप कदम, नरेश गोयल, गोरधन, अत्तर सिंह दहिया सरपंच, नरेश दहिया, गजराज, राजबीर सरपंच, सतीश राघव, अनिल तंवर, राजेश डागर, सुरेश खटाणा, ओमकार धनखड़, रणसिंह ठाकराण, चेतन मल्होत्रा सहित सैंकड़ों कार्यकर्ता व किसान उपस्थित थे।
 भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर डीसी को सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन  




भाजपा सरकार का गठन हुए करीब 6 माह बीत चुके है, लेकिन इस किसान विरोधी सरकार की वायदा खिलाफी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता में आज हाहाकार मचा हुआ है, हर मोर्चे पर ठप्प सरकार अपने वायदों से मुकरती जा रही है। ये बात शुक्रवार को पंचकूला जिला के इनैलो कार्यकत्र्ताओं व समर्थकों के साथ माजरी चौंक के पास से जिला लघुसचिवालय तक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे इनैलो के पूर्व विधायक एवं जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने कहीं।  इससे पूर्व जिला भर से आए सैंकड़ों की तादाद में कार्यकत्र्ताओं व समर्थकों के साथ पंचकूला डी.सी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सोंपा, ज्ञापन में बे-मौसमी बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों की भरपाई हेतू फसली मुआवजा 25 हजार रूपये प्रति एकड़ व फसल पर बोनस 300 रूप्ये प्रति क्विंटल देने के अलावा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने सहित अन्य कई मांगों पर लघुसचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि  बे-मौसमी बारिश और ओलावृष्टि की वजह से हुए फसलों के नुकसान के कारण इनैलो किसानों की दूर्दशा की ओर आपका ध्यान दिलाना चाहती है। एक लम्बे समय से कृषि और कृषक संकट के दौर से गुजर रहे हैं, परंतु पिछले कुछ महीनों से उन पर हुए प्राकृतिक प्रकोप और सरकार की संवेदनहीनता
के कारण अब उनकी स्थिति और भी दयनीय हो गई है। 



इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) उन पर आए संकट से उन्हें राहत देने के लिए सकारात्मक कदम उठाने की मांग करती है। ओलावृष्टि, तेज हवाओं एवं निरंतर बारिश के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर रबी की फसलें तबाह हुई है। इनेलो ने बार-बार सरकार से आग्रह किया है और मांग भी की है कि बारिश व ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल का मुआवजा कम से कम 25 हजार रूपये प्रति एकड़ दिया जाए। वर्ष 2014-15 में हरियाणा सरकार ने केन्द्रीय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग को गेहूं की लागत मूल्य 1950 रूपये प्रति क्विंटल होने के बारे में सूचित किया था। इनेलो ने गेहूं के लागत मूल्य को ध्यान में रखते हुए कम से कम 25 हजार रूपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की थी। यह देखते हुए कि गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1450 रूपये निर्धारित किया गया है और यह हरियाणा सरकार द्वारा आंकलन की गई लागत मूल्य से बहुत कम है, इसलिए इनेलो ने 300 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिए जाने की मांग की थी। ऐसा इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि अभी तक की सभी केन्द्रीय सरकारें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने में असमर्थ रही है परंतु समय की मांग को देखते हुए किसानों को राहत देना अनिवार्य है। वर्ष 2014 के लोकसभा और हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा ने भी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का वायदा किया था। अत: इनेलो यह भी मांग करती है


सरकार तुरंत प्रभाव से अपने इस वायदे को पूरा कर चुनावी घोषणा पत्र की गरिमा को बनाए रखने की दिषा में कदम उठाए। किन्तु प्राकृतिक प्रकोप और लम्बे समय तक चलने वाली बे-मौसमी बारिश के कारण इस दिशा में सबसे गम्भीर समस्या गेहूं में नमी की है। किसान का गेहूं मंडियों में पड़ा सड़ रहा है और सरकारी खरीद ऐजंसियां नमी का बहाना बनाकर समर्थन मूल्य पर गेहूं नहीं खरीद रही हैं। इनेलो की मांग है कि 20 प्रतिशत् नमी तक की गेहूं की खरीद सरकारी ऐजेंसियां करें, तब जाकर किसान को कुछ राहत प्राप्त होगी। क्योंकि  कल 16 अप्रैल की भी बारिश होने की वजह से कई जगह खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है, वहीं खेत में  कटी  हुई रबी की फसल का भी नुकसान होने से किसान बेहद परेशान है।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता कुलभुषण अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता अशोक शेरवाल, प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण आत्रेय, पूर्व जिलाध्यक्ष ग्रामीण दीनानाथ शर्मा, दिलबाग नैन, हरबंस सिंगला, बलवंत भींवर, रमेश मांधना, महेन्द्र लाकड़ा, लाभ सिंह, मदन जस्सल, विजेन्द्र कामी, उमेद ढुल, जनक सैणी, कर्ण नंबरदार, डा. साहब ककराली, पूर्व चेयरमैन रूपचंद, जितेन्द्र सैणी, सुभाष निषाद, डा. पदम, गफूर मोहम्मद, अशोक समलेहड़ी, राजू मौली, नरेन्द्र टाबर, रूलदू कोना,अमरजीत हरीपुर, बंता सिंह, तेग कर्णपुर, रामपाल, मलकीत गुडू, बलबीर दुधगढ़, गुरदास अलीपुर, सुरेन्द्र कूंडू, देशराज पोसवाल, राजू मौली, आजाद मलिक, मुखराम, जितेन्द्र संधु, अमन जैलदार, पाला, लज्जा, पवन, रामकरण, अकबर खान, शशी अरोड़ा, चमन, सोनू हरयौली, पवन सैणी, रविन्द्र, कौशल्या, बिल्ला, मान सिंह, राजकुमार, जयसिंह, बलदेव सहित काफी संख्या में जिला भर से कार्यकत्र्ताओं व पदाधिकारियों ने विरोध प्रर्दशन में हिस्सा लिया।
 
25 हजार रूपये एकड मुआवजा व 300 प्रति क्विंटल बोनस के लिए इनेलो उतरी सडक पर-पद्म सिंह दहिया



आज इण्डियन नैशनल लोकदल पार्टी ने जिलाध्यक्ष चौ0 पद्म दहिया की अध्यक्षता में बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि की हानि की भरपाई हेतु फसली मुआवजा 25 हजार प्रति एकड, बोनस 300 प्रति क्विंटल किसानों को मिलना चाहिए। इण्डियन नैशनल लोकदल पार्टी के कार्यकर्ता शनि मन्दिर के सामने पार्क में सुबह 10 बजे इक्टठा  हुए और शनि मन्दिर अडरपास, छोटूराम चौक से केन्द्र और प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के नारे लागते हुए मिनि सचिवालय में पुहचे और उपायुक्त सोनीपत को ज्ञापन सौपा। ज्ञापन में इण्डियन नैशनल लोकदल पार्टी ने माँग की ओलावृष्टि, तेज हवाओ एव्म निरन्तर बारिस से राज्य में बडे पैमाने पर रबी की फसल तबाह हुई है।  इनेलो ने बार-2 सरकार से आग्रह किया है और माँग भी की है कि बारिस व ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा कम से कम 25 हजार प्रति एकड हो और रबी की फसल का मुल्य 1950 रूपय प्रति क्विंटल हो और इनेलो ने माँग की कि 14 प्रतिशत नमी की बजाय 20 प्रतिशत नमी की गेहँू की खरीद सरकार दरा की जानी चाहिए।  


इस मौके डा. के. सी. बांगड़, ब्रिगेडियर ओ. पी. चौधरी, वेद सिंह मलिक, तेलूराम जोगी, रणबीर दहिया, राजकुमार रिढ़ाउ, रमेश खटक, कुलदीप मलिक, रामकुवार सैनी,रामफल चिढाना, सुरेन्द्र दहिया, अनीता खाण्डा, प्रोमिला मलिक, इन्द्रजीत दहिया, रामकिशन तुषीर,  डा0 कपूर नरवाल, रोहतास दहिया, भानेराम, राजू भठगांव, कृष्ण मलिक, अजित आन्तिल, मुकेश बागडी,सजंय मलिक,फुलकुवार चौहान, सूमित राणा, विकास नरवाल, प्रदीप बडवासनी, जोगिन्द्र मलिक, महेन्द्र मेहता हरेन्द्र राठी, सन्दीप गहलावत,बूबलु मलिक, मा0  बलराज,अजाद मलिक,पूर्णमल राठी, हरिप्रकाश मण्डल, डा. कुलबीर, सतरा मलिक, सुनिता दहिया,सुरेश राणा, सुरेश दहिया, सजीव, रामेहर राठी साबर मलिक, सुरत सिंह, जगबीर खरब आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।