Tuesday, March 31, 2015

किसानों की बर्बाद हुई फसलो के दाने दाने का मुआवजा दे सरकार- प्रमेन्द्र सिंह ढुल



केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार हवाई बातों की धरातल पर उतर कर किसानों की सुध ले तथा बेमौसम वर्षा औरओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रो की स्पेशल गिरदावरी करवा कर किसानों की नष्ट हुई फसलों के दाने दाने का मुआवजा मुहैया करवाया जाए ताकि पीडि़त किसान इस सदमे से उभर सके। यह बात जुलाना से इनेलो विधायक प्रमेन्द्र सिंह ढु़ल ने आज जिला सचिवालय में जुलाना हलके के ओलावृष्टि प्रभावित गांव मेहरड़ा तथा बेमौसम बारिश की मार से प्रभावित गांवों नन्दगढ,सिरसाखेड़ी,फतेहगढ़,गतौली,बिरोली,शामलों,राजपुरा,गुलकनी,रामराय,भैरोखेड़ा,गढवाली,अकालगढ इत्यादि ओलावृष्टि प्रभावित गांवों का मुआयना करने के बाद जिला अधिकारियों को ज्ञापन देते हुए कही। इस अवसर पर उन्होने डीसी तथा तहसीलदार से मुलाकात कर समुचे इलाके की विशेष गिरदावरी करवाने की मांग भी की। 
उन्होने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी किसान हितैषी होने का झुठा दम भर रहे है जबकि प्रदेश का किसान पिछले छह महिने से बिजली,पानी व खाद बीज के लिए तरस रहा है और रही सही कसर ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ कर पूरी कर दी। आज किसान की सुध लेने केे लिए केवल गिरदावरी से काम नही चलेगा बल्कि किसानो को विशेष पैकेज देना चाहिए ताकि उनकी आने वाली पीढी का भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होने कहा कि कांग्रेस व भाजपा केवल पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रहे है जबकि आज धरातल पर किसान सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। केन्द्र सरकार के भूमि अधिग्रहण बिल के मौजुदा प्रस्ताव हो या कृषि क्षेत्र में डा स्वामीनाथन आयोग की सिफारशों को लागू करने की बात हो इनेलो हर जगह किसान के साथ खड़ी है और केन्द्र सरकार को इन दोनों मागों पर झुकने को मजबुर कर देगी। सरकार को प्रभावित किसानों को 25 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा व गेंहू की खरीद पर 300 रूपये प्रति किंवटल बोनस देना चाहिए ।
 इस अवसर पर उन्होनें पीडित किसानों से मुलाकात की तथा उनको आश्वास्त किया कि इनेलो इस मुद्दे को लोकसभा व विधानसभा में उठाने के अलावा महामहिम राज्यपाल कप्तान सिंह सौलकी को ज्ञापन देकर स्पेशल गिरदावरी व पीडि़त किसानों को तत्काल मदद की मांग कर चुकी है और सरकार ने समय रहते सुध नही ली और मुआवजा वितरित नही किया तो इनेलो बड़े आंदोलन से पीछे नही हटेगी। इस अवसर पर उनके साथ जगबीर मलिक,कैप्टन रणधीर चहल, कपुरा नम्बरदार,रामकुमार मेहरड़ा,चतरा बिरौली,वेदपाल लाठर,देवेन्द्र,कृष्ण नम्बरदार,प्रेम पटवारी लिजवाना,रोहताश दलाल,जिला कार्यालय सचिव गुरदीप सांगवान इत्यादि मौजुद थे।
1 अप्रैल से जिला स्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत 



इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला और वरिष्ठ नेता अशोक अरोड़ा द्वारा पार्टी के सगंठन को मजबूत करने के लिए व आगामी रणनीति तैयार करने के लिए 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश भर में पार्टी कार्यकर्ताओ के बीच जाकर बैठके करके उन पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा जनता को उनके जिन हको से दूर रखा जा रहा है जनता के उन हको की लड़ाई लडऩे के लिए भी  आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इसी कड़ी को लेकर आगामी 3 अप्रैल को सुबह सवा 9 बजे पंचकूला के सैक्टर-16 स्थित अग्रवाल भवन में इसी मुद्दे को लेकर इनेलो वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला व अशोक अरोड़ा पचंकूला में कार्यकर्ताओ के साथ बैठक करेगें। पूर्व विधायक एवं इनैलो जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने कहा कि जल्द ही वो इनेलो की जिला कार्यकारिणी का गठन भी करेगें और पार्टी सगठंन को मजबूत करने के लिए जिम्मेवारियां सौंपेगें। चौधरी ने कहा कि जिस उम्मीद के साथ देश की जनता ने केन्द्र में भाजपा और प्रदेश में भाजपा सरकार को बहुमत देकर सता सौंपी थी परिणाम जनता की उम्मीदे के मुताबिक नही मिले। अच्छे दिनो के सपना दिखाकर भाजपा ने केन्द्र व हरियाणा में सता तो ले ली परन्तु जनता को अभी तक उनके विकास व मूलभूत सुविधाओ के सपने को साकार करने से दूर रखा हुआ है।
जिला कार्यकर्ताओ की विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर हुई बैठक 



इंडियन नेशनल लोकदल के जिला कार्यकर्ताओं की एक बैठक मंगलवार को तोशाम रोड स्थित जिला कार्यालय पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजेंद्र लितानी ने की। बैठक में तीन अप्रैल को सांसद दुष्यंत चौटाला द्वारा अपने जन्मदिवस पर रेलवे स्टेशन पर चलाए जाने वाले स्वच्छता अभियान, पांच अप्रैल को जाट धर्मशाला में जिला कार्यकर्ता सम्मेलन व छह अप्रैल को जननायक स्वर्गीय चौधरी देवीलाल की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाली सर्वधर्म प्रार्थना सभा की तैयारियों को लेकर विस्तार से विचार विमर्श किया गया। 



बैठक की शुरूआत में दिल्ली विधानसभा से इनेलो के पूर्व विधायक भरत सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर वर्मा के पुत्र गौतम वर्मा एवं युवा नेता रामप्रसाद गढवाल के पिता के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष लितानी ने कहा कि संकट व संघर्ष की इस घड़ी में पार्टी के कर्मठ व निष्ठावान कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी ओर ज्यादा बढ़ जाती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी के संगठन को वार्ड व बूथ स्तर पर मजबूत बनाने बाबत विशेष अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को इनेलो ने एक वर्ष का समय देने का निर्णय लिया था, लेकिन मौजूदा सरकार बीते पांच महीनों में एक भी जनहित का कार्य करना तो दूर, उलटा जनता के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। यहां तक की अपने घोषणा पत्र के माध्यम से भाजपा ने जनता से जो बड़े बड़े वादे किए थे, उनको तो मौजूदा भाजपा सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जिस स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाने के लिए प्रदेश के मौजूदा कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने रेल तक रोकी थी, परंतु आज केंद्र व प्रदेश में दोनों जगह उनकी पार्टी की सरकार होने के बावजूद इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। वहीं बेमौसमी बरसात व ओलावृष्टि ने किसानों की फसल को पूरी तरह से बरबाद कर दिया है। सरकार आए दिन गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की बात तो करती है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि सरसों फसल की कटाई शुरू चुकी है व गेहूं की कटाई सप्ताह भर में शुरू हो जाएगी। ऐसी स्थिति में गिरदावरी कराने के कोई मायने नहीं रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीदने का लक्ष्य 75 लाख टन से घटाकर 65 लाख टन किया है, जो किसानों के साथ धोखा है। क्योंकि किसानों की गेहूं का एक एक दाना खरीदने की जिम्मेदारी सरकार की होती है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को गेहूं पर तीन सौ रुपए प्रति क्विंटन बोनस देने की भी मांग की। जिलाध्यक्ष लितानी ने तीन अपै्रल को सांसद दुष्यंत चौटाला द्वारा चलाए जाने वाले स्वच्छता अभियान में पार्टी कार्यकर्ताओं विशेषकर युवाओं से ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने का आग्रह किया। वहीं पांच अपै्रल को होने वाली जिला स्तरीय मीटिंग के लिए हलका व वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी। इस मौके पर विधायक रणबीर सिंह गंगवा, वेद नारंग, अनूप धानक, पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी, सुभाष गोयल, पूर्व विधायक पूर्ण सिंह डाबड़ा, शीला भ्याण, राजसिंह मोर, राजेश गोदारा, सतबीर वर्मा, चतर सिंह, बहादुर सिंह नायक, सिद्धार्थ गोदारा, हरफूल खान भट्टी, सतबीर सिसाय, होश्यिार सिंह सिंघरान, सत्यवान बिछपड़ी, राव इंद्र फौजी, राजीव शर्मा, राजेंद्र चुटानी, रवि लांबा, राजमल काजल, डॉ. अनंतराम बरवाला, डॉ. राजकुमार दिनौदिया, सत्यनारायण मंगाली, दलबीर धीरणवास, रणपत राम नूनिया, राजकुमारआर्य, एचएस भादू, राजपाल यादव, कृष्णा खरब, दर्शना लाठर, विनोद ढांडा, अनूप धनखड़, प्रवीन ढांडा, मास्टर ताराचंद, शंकर गहलोत, रवि आहूजा, रणधीर कौथ सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। 

Monday, March 30, 2015

फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट जल्द सीएम व केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपेगी इनेलो 

बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलों के हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए इनेलो की पांच सदस्यीय टीम ने प्रभावित जिलों का दौरा कर लिया है और अशोक अशोक अरोड़ा के नेतृत्व वाली यह टीम जल्द ही हरियाणा के मुख्यमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात कर उन्हें फसलों को हुए नुकसान का ब्यौरा देते हुए अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिए जाने की मांग करेगी। इस टीम में श्री अशोक अरोड़ा के अलावा सांसद दुष्यंत चौटाला, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, विधायक जाकिर हुसैन, रणबीर गंगवा के अलावा पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत, पूर्व विधायक गंगा राम और पार्टी के स्थानीय नेता, विधायक व पूर्व विधायक भी शामिल थे। इस टीम ने 27 व 28 मार्च को पलवल, मेवात, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ व भिवानी जिलों का दौरा कर फसलों के नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से बातचीत की। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बताया इनेलो की इस टीम ने देखा कि इन जिलों के किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और आज भी हजारों एकड़ फसलें पानी में डूबी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को जल्द से जल्द 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा और गेहूं पर कम से कम 300 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी प्रदान करे ताकि किसानों को पूरी तरह से बर्बाद होने से बचाया जा सके।
इनेलो की जिलास्तरीय बैठकें एक अप्रैल से: प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बताया कि इनेलो ने पार्टी कार्यकर्ताओं की जिलास्तरीय बैठकें पहली अप्रैल से शुरू करने का निर्णय लिया है और पहले चरण में ये बैठकें 7 अप्रैल तक चलेंगी। इन बैठकों को नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला व प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा सहित पार्टी के अनेक प्रमुख नेता सम्बोधित करेंगे। पहली अप्रैल को सोनीपत व पानीपत, 2 अप्रैल को कुरुक्षेत्र व यमुनानगर, 3 अप्रैल को पंचकूला, अम्बाला व करनाल, 4 अप्रैल को कैथल व जींद, 5 अप्रैल को भिवानी व हिसार और 7 अप्रैल को फतेहाबाद व सिरसा में पार्टी की जिलास्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी।
हजारों नम आंखों ने भरत सिंह को दी अंतिम विदाई


दिल्ली के नजफगढ़ से विधायक रहे एवं इनेलो के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भरत सिंह को हजारों नम आंखों ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए और अंतिम विदाई दी। इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला, इनेलो संसदीय दल के नेता एवं हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला, राई के पूर्व विधायक पदम सिंह दहिया एवं पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को चौधरी भरत सिंह की अंत्येष्टि में हजारों लोगों के साथ भाग लिया और उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। चौधरी भरत सिंह की रविवार रात उनके विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा व पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली प्रदेश इनेलो के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक चौधरी भरत सिंह की निर्मम हत्या पर दुख जताते हुए इस हत्याकांड के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की। उन्होंने चौधरी भरत सिंह को एक संघर्षशील राजनेता बताते हुए कहा कि दिल्ली ने जमीन से जुड़ा हुआ जुझारू एवं लोकप्रिय नेता खो दिया है। 
ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों पर इनेलो ने जताई चिंता , उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर की भरपाई की अपील



इंडियन नेशनल लोकदल जिला सिरसा ने बीती रात सिरसा जिला के विभिन्न गांवों में हुई भारी ओलावृष्टि से फसलों से हुए नुकसान को लेकर आज गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन देकर फसलों के नुकसान की भरपाई करने की अपील की है। आज पार्टी के जिलाध्यक्ष पदम जैन की अध्यक्षता में चौ. देवीलाल सदन में आकस्मिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सिरसा के विधायक मक्खन लाल सिंगला, रानियां के विधायक रामचन्द्र कंबोज, कालांवाली के विधायक बलकौर सिंह, पूर्व मंत्री भागीराम, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जसवीर सिंह जस्सा, जिला शहरी प्रधान प्रदीप मेहता, शहरी प्रधान मनोहर मेहता, हलका प्रधान रणधीर जोधकां, कश्मीर सिंह करीवाला, सुरेन्द्र मेहरिया, वीरेन्द्र न्यौल, राजेन्द्र गिरि, अरविंद इंदौरा, सतपाल छतरियां, अमित रानियां सहित पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष पदम जैन ने बताया कि जिले के गांव केलनिया, झोरडऩाली, ढाणी 400, चामल, सुल्तानपुरिया, धोत्तड़, थिराज, मलड़ी, रानियां, नानूआना, धनूर, बुढ़ीमेडी, मोहर सिंह थेड़ी, ढाणी बंगी, नगराना, शमीन्द्र सिंह थेड़, नकौड़ा, भडोलियांवाली, रामपुर थेड़ी, लेहरांवाली ढाणी, सुखचैन, नेजाडेला खुर्द, बुर्जभंगू, वनसुधार सहित अनेक गांवों में हुई ओलावृष्टि से लगभग सौ फीसदी फसलें नष्ट हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इस समय किसान अपनी फसलों पर लगने वाली पूरी लागत लगा चुका था और करीब एक सप्ताह बाद इन फसलों की कटाई होनी थी किंतु उससे पहले ही कुदरत के कहर ने तमाम फसलों को नष्ट कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देते हुए अपील की कि इस नुकसान की जल्द से जल्द गिरदावरी करवाकर भरपाई की जाए ताकि किसान फिर से बहाल हो सकें। उन्होंने सरकार से अपील की है कि किसानों की बहाली के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर तुरंत क्षतिपूर्ति करने का काम करे ताकि केवल फसलों पर आधारित किसान को हौसला मिल सके। 
इनेलो का जिलास्तरीय सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला करेगें शिरकत


इनेलो जिला कार्यालय सचिव गुरदीप सांगवान ने यहां जारी ब्यान में बताया कि 4 अप्रैल को दोपहर बाद अर्बन एस्टेट स्थित जाट धर्मशाला में पार्टी का जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन होगा। इस सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि प्रतिपक्ष नेता अभय सिंह चौटाला और प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा शिरकत करेंगे जबकि अध्यक्षता के तौर पर जिलाध्यक्ष कलीराम पटवारी मुख्य तोर पर उपस्थित होगें। सांगवान ने बताया कि इस सम्मेलन की तैयारियों को लेकर जिलाध्यक्ष कलीराम पटवारी हल्का स्तरीय बैठके  लेकर क ार्यकर्ताओं को विशेष दिशा-निर्देश भी देगें। इसमे जिलाध्यक्ष 1 अप्रैल को सुबह 11 बजे नरवाना में ही, दोपहर बाद 1 बजे उचाना और शाम 4 बजे जींद कार्यालय में बैठके  लेगें। इनेलो कार्यालय सचिव ने कहा कि जिला स्तरीय सम्मेलन  और हल्का स्तरीय बैठकों में पदाधिकारी और कार्यकर्ता बढ़चढ़ कर भाग ले। 
2 अप्रैल को अभय चौटाला कुरुक्षेत्र में लेंगे जिला कार्यकर्ताओं की बैठक

इनेलों के वरिष्ट नेता एवं हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय चौटाला 2 अप्रैल को प्रात: 10 बजे पुराने बस अड्डे के निकट ब्राह्मण धर्मशाला में जिला इनेलों कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे। यह जानकारी इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोडा ने जिला इनेलो कार्यालय में पत्रकारों से वार्तालाप करते हुए दी। इस अवसर पर पिहोवा के विधायक जसविंद्र सिंह संधू,प्रदेश महासचिव  बुटा सिंह लुक्खी, जिला इनेलो प्रधान कुलदीप सिंह मुल्तानी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य माया राम, शहरी प्रधान रामस्वरूप  चोपड़ा तथा जिला प्रवक्ता रामपाल शर्मा भी उपस्थित  थे।
अरोडा ने बताया कि 1 अप्रैल से अभय चौटाला तथा वे स्वंय पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकों को संबोधित करेंगे। इसी कड़ी में 2 अप्रैल को अभय चौटाला कुरुक्षेत्र में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करने आ रहे है। इस बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला व  अन्य नेताओं की सजा बरकरार रखने के बाद पैदा हुए हालात पर कार्यकर्ताओं के साथ मंथन किया जाएगा। अरोडा ने कहा कि विधानसभा सत्र में अभय  चौटाला ने जनहीत के मुद्दों , किसानों की समस्याओं व कांग्रेस राज के घोटालों को प्रमुखता के साथ उठाया है। पिछले दिनों ओलावृष्टि व बरसात के कारण किसानों की फसलों के नुकसान का जायजा लेने के लिए उनकी अध्यक्षता में इनेलों की 5 सदस्यीय टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। अरोडा ने कहा कि जिस उम्मिद के साथ प्रदेश की जनता ने भाजपा को बागडोर सौंपी थी भाजपा सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं  उतरी है। जिस मोदी के नाम पर जनता ने भाजपा को वोट दिए थे आज मोदी का जादू भी लोगोंं के सिर से उतर चुका है। उन्होंने भाजपा को पूंजीपतियों की समर्थक बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार बडे-बडे पंूजीपतियों के दबाव में ही भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल लेकर आई है । यह बिल किसान विरोधी है। इनेलों ने इस बिल का संसद  में भी विरोध किया था।उन्होंनेे कहा कि इनेलो किसानों के साथ अन्याय नहंी होने देेंगी।



किसानों की बर्बाद हुई फसलों के तिनके-तिनके का मुआवजा दे सरकार:  अशोक अरोड़ा



केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार हवाई बातों की बजाए धरातल पर उतर कर किसानों की सुध ले तथा ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों की स्पेशल गिरदावरी करवा कर किसानों की नष्ट हुई फसलों के तिनके-तिनके का मुआवजा मुहैया करवाया जाए ताकि पीडि़त किसान इस सदमे से उबर सके। यह बात इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने शनिवार को भिवानी जिले के बाढड़ा हलका के ओलावृष्टि प्रभावित भांडवा, ढाणी सुरजा, हंसावास इत्यादि ओलावृष्टि प्रभावित गांवों में किसानों का मुआयना करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। अशोक अरोड़ा के नेतृत्व वाली इनेलो की टीम ने शनिवार को भिवानी, महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी जिलों के करीब 45 गांवों का दौरा कर वहां बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी किसान हितैषी होने का झूठा दम भर रहे हैं जबकी प्रदेश का किसान पिछले छह माह से बिजली, पानी व खाद बीज के लिए त्रस्त रहा और रही सही कसर ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ कर पूरी कर दी। आज किसान की सुध लेने के नाम पर केवल गिरदावरी से काम नहीं चलेगा बल्कि किसानों को विशेष पैकेज देना चाहिए ताकि उसकी आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व भाजपा केवल पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रहे हैं जबकी धरातल पर आज किसान सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।  केन्द्र सरकार के भूमि अधिग्रहण बिल के मौजूदा प्रस्ताव हो या कृषि क्षेत्र में डा. स्वामिनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की बात हो इनेलो हर जगह किसान के साथ खड़ी है और केन्द्र सरकार को इन दोनों मांगों पर झूकने पर मजबूर कर देगी। सरकार को प्रभावित किसानों को पच्चीस हजार रूपये प्रति एकड़ कर दर से मुआवजा व गेहू की खरीद पर 300 रूपये प्रति किवंटल बोनस देना चाहिए। 
इस अवसर पर उन्होंने पीडि़त किसानों से मुलाकात की तथा उनको आश्वस्त किया कि इनेलो इस मुद्दे को लोकसभा व विधानसभा में उठाने के अलावा महामहिम राज्यपाल कप्तान सिंह सौलंकी को ज्ञापन देकर स्पेशल गिरदावरी व पीडि़त किसानों को तत्काल मदद की मांग कर चुकी है और सरकार ने समय रहते सुध नहीं ली और मुआवजा वितरित नहीं किया तो इनेलो बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी। उनके अलावा विधायक जाकिर हुसैन, विधायक राजदीप फौगाट, पूर्व संसदीय सचिव रामपाल माजरा, पूर्व विधायक रणबीर सिंह मंदौला, जिलाध्यक्ष सुनील लांबा, हलकाध्यक्ष महेन्द्र शास्त्री, युवा जिलाध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा, पूर्व चेयरमेन विजय पंचगावां,  नरेश द्वारका, बलदेव घनघस, रवि महमिया, पार्टी प्रवक्ता ऋषिपाल उमरवास, राजेन्द्र सिंह हुई, राज सिंह गागड़वास, शशीप्रभा नांधा, पार्षद नरवेन्द्र धोलिया, सिलोचना पोटलिया, हरपाल हंसावास, धर्मबीर बडराई, विरेन्द्र पहलवान, भूपसिंह मांढी, कुलवंत कोटिया, दरियाव सिंह एडवोकेट, सुरेश मांढी, योगेश उमरवास, विकास नंबरदार बाढड़ा, संदीप सिरसली, नरेन्द्र हंसावास, विकास मिश्रा, सत्येंद्र बिंद्राबन इत्यादि मौजूद थे।



इससे पहले इनेलो की उच्चस्तरीय विशेष टीम ने रेवाड़ी जिलें में कोसली हल्के के पाल्हावास, गुरावड़ा, पहराजवासं, सुर्खपुर, शादीपुर व गुडिय़ानी गांव में जाकर ओलावृष्टि से प्रभावित गांवो का दौरा किया । विशेष टीम मेें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत, विधायक जाकिर हुसैन, पूर्व विधायक गंगाराम आदि नेताओं ने गांवो में जाकर खेतों में बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का मुआयना किया, जिसमें उन्होने पाया कि गांवो में फसल पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुकी है और किसान आज पूरी तरह बर्बादी के कगार पर आ गया है । इस दुख की घड़ी में इनेलो पार्टी पूर्ण रूप से उनके साथ खड़ी है और यह बात लोकसभा व विधानसभा में उठाई गई थी और किसानोंं को प्रति एकड़ 25 हजार रूपये मुआवजे की मांग की गई थी और किसानों को जल्दी से जल्दी मुआवजा दिलाए जाने की मांग भी इनेलो ने रखी। इस अवसर पर हल्का अध्यक्ष जगफूल यादव, रामफल कोसलियां, कैलाश राव, किरणपाल यादव, भूप सिंह, राजकुमार, धर्मवीर गामडिय़ां, राजेन्द्र मोतलियां, सेठ घमण्ड़ी लाल, रोशनलाल पंच, सत्यनारायण सैन, यशवीर, हरीराम सुधराना व लख्मीचन्द गुडिय़ानी के अलावा भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थें । 



इनेलो की 5 सदस्य टीम ने आज जिला महेन्द्रगढ़ के अनेक गांव सिहोर, उच्चत, छितरोली, मंढिय़ाली व सतनाली आदि गावों का दौरा कर ओलावृष्टि व भारी बारिश से हुए फसल के भारी नुकसान का जायजा लिया तथा स्थानीय किसानों से रूबरू होकर उनका हाल चाल जाना। इनेलो की इस 5 सदस्य टीम में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचन्द गहलोत, विधायक जाकिर हुसैन, पूर्व विधायक गंगाराम और पूर्व विधायक रामपाल माजरा भी शामिल थे।




प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने किसानों से बातचीत करते हुए कहा कि जिला महेन्द्रगढ़ के अनेक गावों में बेमौसमी बारिश व भारी ओलावृष्टि से फसलों का काफी नुकसान हुआ है और अचानक आई इस आपदा से किसान पूर्णतया बर्बाद हो चुके हैं। आपदा की इस धड़ी में इनेलो पार्टी पूरी तरह उनके साथ है। बारिश व भारी ओलावृष्टि होने पर फसल पूरी तरह गलकर नष्ट हो चुकी है। उन्होने किसानों को इस बाबत भरोसा दिलाया कि वे सरकार से बातचीत कर हरसम्भव मदद करवाने व उचित मुआवजा दिलाने का भरसक प्रयास करेेंगे। इस अवसर पर जिला प्रधान सतवीर यादव, पूर्व जिला प्रधान राव बहादुर सिंह, कंवर सिंह कलवाड़ी, विद्यानन्द लांबा, भाना राम सैनी, रमेश पालड़ी, सतबीर बडेसरा, बीर सिंह गहली, अशोक सैनी, होशियार सिंह गोदारा, सुदेश ढिल्लो, निर्मला तंवर, मंजू चौधरी, संजीव तंवर, रति राम आर्य, जसबीर ढिल्लो, बल्ली शेखावत सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इनसो चंडीगढ़ की नई इकाई का गठन 

इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी की छात्र इकाई इनसो की चंडीगढ़, यूटी की नई टीम की घोषणा कर दी गई है। इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने वरिष्ठ इनसो नेता सोमवीर सिंह व अनिल ढुल सहित वरिष्ठ छात्र नेताओं के साथ व्यापक विचारविमर्श के बाद छात्र संगठन इनसो को और ज्यादा प्रभावी व सक्रिय बनाने के लिए नए पदाधिकारियों की नियुक्त की गई है। उन्होंने बताया कि मनोज जोरासी को इनसो यूटी चंडीगढ़ का अध्यक्ष एवं तनु दीप सिंह मोंटी को चंडीगढ़, यूटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मनोज पाल लालवास इनसो के चुनाव प्रभारी होंगे। 
दिग्विजय सिंह चौटाला ने बताया कि प्रदीप पंघाल को चंडीगढ़ के सभी कॉलेजों का चेयरमैन व रजत नैन को सभी कॉलेजों का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा संदीप बूरा व संजीव बिश्नोई को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, विकास मलिक को उपाध्यक्ष, दिलबाक मलिक को महासचिव, विवेक संघा, जगमोहन सिंह पंवार व कश्मीर राणा को सचिव व सुभम वर्मा को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि आदर्श हुड्डा इनसो चंडीगढ़, यूटी के मीडिया प्रभारी व मोहित लाठर मीडिया को-आर्डिनेटर होंगे।



Friday, March 27, 2015

इनेलो की पांच सदस्यीय टीम ने बर्बाद हुई फसलों का लिया जायजा



 इनेलो की पांच सदस्यीय टीम ने आज पलवल, मेवात व सोहना जिले के करीब तीस गांवों का दौरा कर बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का जायजा लिया और किसानों से बातचीत करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि वे उन्हें सरकार से पूरा मुआवजा दिलाने के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे। इनेलो की इस पांच सदस्यीय टीम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, इनेलो संसदीय दल के नेता सांसद दुष्यंत चौटाला, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, विधायक जाकिर हुसैन व नलवा के विधायक रणबीर गंगवा भी शामिल थे। इनके अलावा इन जिलों में पार्टी विधायक नसीम अहमद, पूर्व मंत्री जगदीश नैयर, पूर्व विधायक सुभाष चौधरी के अलावा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बॉबी व पार्टी के अन्य जिलाध्यक्ष एवं मौजूदा विधायक और पूर्व विधायक भी उनके साथ थे। 




इनेलो की टीम ने हथीन हलका के गांवों मानपुर, मिंडोकला, मंडनाका, उटावड़ सहित सबसे पहले पलवल जिले के एक दर्जन से ज्यादा गांवों का दौरा किया और बर्बाद हुई फसलों को देखा। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा व सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पलवल जिले में आज भी करीब पांच हजार एकड़ फसलों में पानी खड़ा होने से फसलें पूरी तरह गल चुकी हैं और किसान प्राकृतिक आपदा से पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। इनेलो नेताओं ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उन्होंने बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से हुए फसलों को नुकसान का मुद्दा हरियाणा विधानसभा व लोकसभा में भी जोर शोर से उठाया था और पार्टी के सभी विधायकों ने मिलकर प्रदेश के राज्यपाल को एक ज्ञापन देकर बर्बाद हुई फसलों का 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने और किसानों को कम से कम 300 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं पर बोनस दिए जाने की मांग के साथ-साथ स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट भी लागू किए जाने की मांग की थी।



इनेलो नेताओं ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की फसलों को हुए नुकसान का मेवात जिले के करीब एक दर्जन से ज्यादा गांवों और गुडग़ांव जिले के सोहना हलके के प्रभावित किसानों की फसलों का भी जायजा लिया और भरोसा दिलाया कि उनकी टीम जल्दी ही मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने की मांग दोहराएगी। उन्होंने कहा कि इनेलो इस प्राकृतिक आपदा के समय प्रदेश के किसानों के पूरी तरह साथ है और जरूरत पड़ी तो इनेलो प्रतिनिधिमण्डल जल्द ही केंद्रीय कृषि मंत्री से भी मिलकर किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग करेगा। इनेलो की टीम शनिवार को महेंद्रगढ़, भिवानी व रेवाड़ी जिलों का दौरा कर वहां पर खराब हुई फसलों का जायजा लेगी और प्रभावित किसानों से बात कर पूरी वस्तुस्थिति का जायजा लेगी।

Thursday, March 26, 2015

इनेलो की जिलास्तरीय बैठकें पहली अप्रैल से

प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बताया कि इनेलो ने पार्टी कार्यकर्ताओं की जिलास्तरीय बैठकें पहली अप्रैल से शुरू करने का निर्णय लिया है और पहले चरण में ये बैठकें 7 अप्रैल तक चलेंगी। इन बैठकों को नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला व प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा सहित पार्टी के अनेक प्रमुख नेता सम्बोधित करेंगे। पहली अप्रैल को सोनीपत व पानीपत, 2 अप्रैल को कुरुक्षेत्र व यमुनानगर, 3 अप्रैल को पंचकूला, अम्बाला व करनाल, 4 अप्रैल को कैथल व जींद, 5 अप्रैल को भिवानी व हिसार और 7 अप्रैल को फतेहाबाद व सिरसा में पार्टी की जिलास्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। 
फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेगी इनेलो की पांच सदस्यीय टीम

 बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलों के हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए इनेलो की एक टीम नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला व प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा के नेतृत्व में 27 व 28 मार्च को विभिन्न जिलों का दौरा कर प्रभावित किसानों से मिलेगी और फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेगी। इस टीम में अभय सिंह चौटाला व अशोक अरोड़ा के अलावा पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, विधायक जाकिर हुसैन व रणबीर गंगवा शामिल है। टीम 27 मार्च को पलवल, मेवात व रेवाड़ी जिलों का और 28 मार्च को महेंद्रगढ़ व भिवानी जिलों का दौरा कर फसलों के नुकसान का जायजा लेगी। पार्टी के  प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बताया इनेलो की इस टीम के साथ इस दौरे के दौरान संबंधित जिलों के विधायक व पार्टी के जिलाध्यक्ष और अन्य प्रमुख नेता भी साथ होंगे।



वाड्रा-डीएलएफ सहित हुड्डा सरकार के सभी घोटालों की उच्चस्तरीय जांच करवाए सरकार: अभय चौटाला


 इनेलो ने कैग की रिपोर्ट में हुड्डा सरकार द्वारा वाड्रा की कंपनी सहित कुछ अन्य कम्पनियों को करोड़ों रुपए का फायदा पहुंचाने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया जताते हुए नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने इनेलो के आरोपों की पुष्टि कर दी है। ऐसे में प्रदेश सरकार को तुरंत डीएलएफ-वाड़ा भूमि घोटाले सहित हुड्डा सरकार के कार्यकाल में किए गए हरियाणा के सभी भूमि घोटालों की उच्चस्तरीय जांच सर्वोच्च न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय के किसी कार्यरत न्यायधीश की देखरेख में करवाए जाने और इन घोटालों के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यह मामला सबसे पहले इनेलो ने ही उठाया था और सीएजी की रिपोर्ट के बाद अब यह बात साफ हो गई है कि वाड्रा सहित सरकार के चहेतों की कंपनियों  को हुड्डा सरकार ने अरबों रुपए का फायदा पहुंचाने के लिए किस तरह से सारे नियम कायदे तोडऩे का काम किया। उन्होंने कहा कि इनेलो ने इस संबंध में हुड्डा सरकार के भूमि घोटालों के विस्तृत ब्यौरे सहित राज्यपाल को एक चार्जशीट भी सौंपी थी जिसमें कांग्रेसी नेताओं के घोटालों का तथ्यों व दस्तावेजों सहित उल्लेख किया गया था। इनेलो नेता ने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री ने पिछले विधानसभा सत्र में सदन को यह आश्वासन भी दिया था कि इन सभी घोटालों व आरोपों की सरकार द्वारा जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मामला उन्होंने मौजूदा विस सत्र में भी उठाया था और अब विस के बजट सत्र के आखिरी दिन सदन में रखी गई कैग रिपोर्ट ने इस घोटाले के कुछ हिस्से से पर्दा हटा दिया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर हुड्डा सरकार के सभी भूमि घोटालों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच करवाई जाए तो यह देश का सबसे बड़ा भूमि घोटाला उजागर होगा। इनेलो नेता ने कहा कि हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने भी डीएलएफ वाड्रा भूमि घोटाले को उजागर करते हुए न सिर्फ इस सौदे में संलिप्त कथित भूमि का इंतकाल रद्द किया था बल्कि अपनी रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया था कि हुड्डा सरकार के कार्यकाल में इन भूमि घोटालों के माध्यम से करीब तीन लाख करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। इनेलो नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने मामले की जांच करवाने की बजाय घोटाले पर पर्दा डालने और दोषियों को बचाने का काम किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे में मौजूदा सरकार को चाहिए कि वे पूरे घोटाले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों को सामने लाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का काम करे ताकि देश व प्रदेश की जनता को इन घोटालों के पीछे की असलियत का पता चल सके और लोग यह भी जान सकें कि ये घोटाले मात्र चंद करोड़ के नहीं बल्कि अरबों-खरबों रुपए के घोटाले हैं। इनेलो नेता ने कहा कि हुड्डा सरकार ने अपने दस साल के कार्यकाल दौरान किसानों की जमीनें लूटने और सिर्फ सीएलयू व लाइसेंस देकर बिल्डरों का फायदा पहुंचाने और अपना व कांग्रेसी नेताओं का घर भरने का काम किया था। अब इन घोटालों से धीरे-धीरे परतें हटने लगी हैं।
 चर्च विवाद पर निष्पक्ष जाँच को लेकर सांसद दुष्यंत चौटाला ने उपायुक्त से की मुलाकात  




कैमरी गांव में चर्च विवाद को लेकर आज सांसद दुष्यंत चौटाला ने एक प्रतिनिधि मंडल के साथ जिला उपायुक्त से मुलाकात की। सांसद दुष्यंत चौटाला जिला उपायुक्त से इस मामले की गहन जांच करने और गांव वासियों की ओर से दी गई शिकायत पर भी कार्रवाई करने की मांग की। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वे इस मामले में कल दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से भी मुलाकात कर वस्तु स्थिति से अवगत करवाएंगे। 



आज प्रात: सांसद दुष्यंत चौटाला गांव कैमरी के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ जिला उपायुक्त से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस प्रशासन केवल एक तरफा शिकायत की जांच कर रही है। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इस मामले में गांव कैमरी में 7 फरवरी को एक पंचायत हुई थी और इस पंचायत में सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ था कि इस पूरे प्रकरण की जानकारी प्रशासन को दी जाए ताकि कोई घटना न घटित हो। इसके बाद 17 फरवरी को गांव कैमरीवासी एक व्यक्ति ने मंगाली पुलिस चौकी में भी एक शिकायत दी जिसपर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 
जिला उपायुक्त ने सांसद दुष्यंत चौटाला व प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलवाया कि इस मामले की गहनता से निष्पक्ष जांच करवाएंगे और गांववासियोंं के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। इस अवसर पर नलवा के विधायक रणबीर सिंह प्रजापति, जिला प्रधान राजेंद्र सिंह लितानी, हलका प्रधान होशियार सिंह सिंघरान, तरूण जैन सहित कैमरी का एक प्रतिनिधि मंडल शामिल था। 

Wednesday, March 25, 2015

चंडीगढ़ पर दावा नहीं छोड़ेगा हरियाणा: अभय चौटाला



इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत व चौधरी बीरेंद्र सिंह द्वारा चंडीगढ़ पर हरियाणा का दावा छोड़े जाने संबंधी दिए गए बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की बयानबाजी करने की बजाय हरियाणा के हितों के लिए जोरदार पैरवी करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को केंद्र सरकार से लागू करवा एसवाईएल के अधूरे निर्माण को जल्दी से जल्दी पूरा करवाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करना चाहिए। इनेलो नेता ने कहा कि एसवाईएल के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला पहले ही हरियाणा के पक्ष में आ चुका है और अदालती फैसले के अनुसार इसे पूरा करवाने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। उन्होंने कहा कि आज संयोग से केंद्र, हरियाणा के साथ-साथ पंजाब में भी भाजपा गठबंधन की सरकार है और ऐसे में केंद्रीय मंत्रियों को प्रदेश के हितों को कुर्बान करने व प्रदेश के मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने वाली बयानबाजी करने की बजाय प्रदेश का पक्ष केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखना चाहिए और इसका समाधान करवाना चाहिए।
चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि शाह आयोग की रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ हरियाणा का है और जब तक अबोहर, फाजिल्का सहित 107 हिन्दी भाषीय गांव हरियाणा को नहीं मिल जाते तब तक चंडीगढ़ पर हरियाणा अपना दावा नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि एसवाईएल मुद्दे का चंडीगढ़ के साथ कोई संबंध नहीं है और एसवाईएल के बारे में चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली इनेलो सरकार की जोरदार पैरवी के चलते पहले ही फैसला सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हरियाणा के पक्ष में दिया जा चुका है। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले पर कहीं कोई स्थगन आदेश नहीं है और इस फैसले को लागू करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों की बयानबाजी पर कहा कि ऐसा लगता है मानों केंद्र के इशारे पर ही यह सब बयानबाजी हो रही है।
चौधरी अभय सिंह चौटाला ने हजकां विधायक कुलदीप बिश्नोई को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनके पिता भजनलाल ने मुख्यमंत्री रहते हुए राजीव-लौंगोवाल समझौते के माध्यम से हरियाणा के हितों को पूरी तरह गिरवी रख दिया था और उस फैसले के अनुसार चंडीगढ़ पंजाब को दिए जाने के साथ-साथ हरियाणा के हिस्से का पानी भी पंजाब को दे दिया गया था। उन्होंने कहा कि जब यह समझौता हुआ तो उस समय भजनलाल की कांग्रेस सरकार में राव इंद्रजीत व बीरेंद्र सिंह भी मंत्री थे।  उन्होंने कहा कि उस समय जननायक चौधरी देवीलाल ने न्याययुद्ध शुरू कर प्रदेश के हितों की रक्षा करने का काम किया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा चौधरी देवीलाल के संघर्ष से अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया था और उनकी पार्टी हरियाणा के हितों के साथ कोई भी खिलवाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए हरियाणा को उसका हक दिलाना चाहिए और ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए जिससे प्रदेश के हितों को नुकसान पहुंचता हो।
हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वे भी इस बात के पक्षधर हैं कि सारे विवाद जल्द से जल्द हल हो जाएं और हरियाणा को उसका पूरा हक मिल सके व लोगों का ध्यान भी रोज-रोज इस तरह से बेवजह की बयानबाजी करके मुख्य मुद्दों से नहीं हटाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2004 में पंजाब की कैप्टन अमरेंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने विधानसभा में नदी जल समझौते रद्द करने संबंधी एक प्रस्ताव पारित करके हरियाणा के हितों को कुठाराघात पहुंचाने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ द्वारा पिछले साल मुल्लापेरियर डैम संबंधी दिए गए महत्वपूर्ण फैसले अनुसार किसी राज्य विधानसभा को ऐसे एकतरफा प्रस्ताव पारित करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अब इस फैसले से यह साफ हो गया है कि पंंजाब विधानसभा द्वारा पारित किया गया नदी जल समझौते रद्द करने वाला प्रस्ताव पूरी तरह से गैर कानूनी व असंवैधानिक है, ऐसे में हरियाणा से संबंधित केंद्रीय मंत्रियों को केंद्र सरकार के समक्ष हरियाणा के हितों की जोरदार पैरवी करनी चाहिए और बेवजह की बयानबाजी करने की बजाय एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा को जब तक अबोहर-फाजिल्का सहित 107 हिन्दी भाषीय गांव नहीं मिल जाते तब तक हरियाणा चंडीगढ़ पर अपना दावा किसी भी सूरत में नहीं छोड़ेगा?
किसानों को 25 हजार रुपए एकड़ मुआवजा और 300 रुपए क्विंटल बोनस की मांग को लेकर इनेलो ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन



 इनेलो ने प्राकृतिक आपदा से किसानों की नष्ट हुई फसल का 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने और गेहूं पर तीन सौ रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिए जाने की मांग करते हुए बुधवार को हरियाणा के राज्यपाल महामहिम कप्तान सिंह सोलंकी को एक ज्ञापन सौंपा। इनेलो प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने किया। प्रतिनिधिमण्डल ने बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के बैंकों व सहकारी संस्थाओं के कर्ज व ब्याज माफ किए जाने की भी मांग की। इनेलो प्रतिनिधिमण्डल में पार्टी विधायक दल के उपनेता जसविंदर सिंह संधू, रामपाल माजरा, विधायक रणबीर गंगवा सहित पार्टी के सभी विधायक व वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
इनेलो प्रतिनिधिमण्डल में विधायक जाकिर हुसैन, परमिंद्र ढुल, राजदीप फोगाट, मक्खन लाल सिंगला, बलवान दौलतपुरिया, पिरथी सिंह नम्बरदार, वेद नारंग, रामचंद्र कम्बोज, ओमप्रकाश बरवा, अनूप धानक, डॉ. हरिचंद्र मिड्ढा, नसीम अहमद, प्रो. रविंद्र बलियाला, केहर सिंह रावत, बलकौर सिंह कालांवाली के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरएस चौधरी, एमएस मलिक, बीडी ढालिया, पूर्व मंत्री सुभाष गोयल, तेलू राम जोगी, सतबीर कादियान, शीला भ्यान, निशान सिंह, राम सिंह बराड़, प्रवीण आत्रेय, एनएस मल्हान, बलदेव बाल्मीकि व अशोक शेरवाल सहित सभी प्रमुख नेता मौजूद थे।



इनेलो ने राज्यपाल को दिए ज्ञापन में कहा कि प्रदेश के किसान दोहरी मार सहते हुए आर्थिक तौर पर टूटने के कगार पर पहुंच गए हैं। एक तरफ तो केंद्र व राज्य सरकार द्वारा स्वामीनाथन रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने से इनकार किए जाने के कारण किसानों को निराशा हुई है वहीं दूसरी तरफ प्राकृतिक आपदा के निरंतर प्रहारों के कारण किसानों में हताशा की स्थिति बन गई है। इस बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि के कारण रबी की सभी फसलें नष्ट हुई हैं लेकिन गेहूं व सरसों उत्पादक किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इनेलो प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा केंद्र को इस वर्ष की फसल के लिए प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रति क्विंटल गेहूं की लागत 1943 रुपए आंकी गई थी। प्रदेश में प्रति एकड़ करीब 20 क्विंटल उत्पादन होता है जिससे प्रति एकड़ गेहूं का लागत मूल्य लगभग 39 हजार रुपए बनता है। 



इनेलो ने अपने ज्ञापन में कहा कि राज्य के संवैधानिक मुखिया होने के नाते महामहिम किसानों को कम से कम 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिलवाएं। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के किसानों का देश को अन्न सुरक्षा प्रदान करने में विशेष योगदान रहा है लेकिन यह देखते हुए कि सरकारें उन्हें उत्पाद के लागत मूल्य की तुलना में कम न्यूनतम समर्थन मूल्य देती रही है। सरकार किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने को तैयार नहीं है तो कम से कम किसानों को गेहूं पर मुआवजे के अतिरिक्त 300 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाए। इनेलो प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को बताया कि 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा से किसान बड़ी मुश्किल से अपना लागत मूल्य ही प्राप्त करेंगे जिसका अर्थ यह होगा कि फसल बिजाई के लिए बैंकों व सहकारी संस्थाओं से लिए गए कर्जों का भुगतान नहीं हो पाएगा। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए यह भी जरूरी है कि बैंकों एवं सहकारी संस्थाओं को यह निर्देश दिए जाएं कि किसानों द्वारा फसलों के वास्ते लिए गए कर्ज और उस पर ब्याज को माफ किया जाए।
इनेलो प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि संसद और विधानसभा से लेकर प्रत्येक वैचारिक मंच से देश के अन्नदाता किसान की दशा पर चिंता व्यक्त की जाती है परंतु उसका समाधान नहीं किया जाता। इनेलो नेताओं ने कहा कि किसानों की दुर्दशा को देखते हुए हरियाणा सरकार पहल करे और किसानों को 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने के साथ-साथ कर्ज एवं ब्याज माफी की राहत और गेहूं पर 300 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी दिलवाया जाए। इनेलो नेता ने बताया कि उन्होंने किसानों की फसलों का 25 हजार एकड़ मुआवजा दिए जाने और गेहूं पर किसानों को बोनस दिए जाने का मुद्दा, काम रोको प्रस्ताव/ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से विधानसभा में भी उठाया था लेकिन सरकार द्वारा कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर उन्हें यह मामला प्रदेश के संवैधानिक मुखिया के समक्ष उठाना पड़ा है ताकि किसानों को समय पर मुआवजा व बोनस मिल सके।
जींद पार्टी कार्यालय में सांसद दुष्यंत चौटाला ने की कार्यकर्ताओ से मुलाकात



इनेलो जिला पार्टी कार्यालय जींद में मंगलवार सुबह को हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने कार्यकर्ताओं की समस्या सुनकर उनका समाधान किया। इस अवसर पर उनके साथ इनेलो जिलाप्रधानकलीराम पटवारी भी मौजूद थे। सांसद ने कार्याकर्ताओं से मिलकर पार्टी संगठन को और अधिक मजबुत बनाने के लिए करने के दिशा निर्देश दिए। सांसद ने कहा कल महामहिम राष्ट्रपति से ज्ञापन के माध्यम से बताया कि हरियाणा एक कृषि प्रधान देश है और केंद्रीय अन्न भण्डार में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। कृषि उत्पादन के लिए सिंचाई महत्वपूर्ण होती है और आज भी प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा सिंचाई के अभाव में है। फिलहाल प्रदेश में 58 प्रतिशत सिंचाई ट्यूबवैल के माध्यम से होती है और ट्यूबवैल भी पूरी तरह कामयाब न होने के कारण अधिकांश भूमि असिंचित रह जाती है। ऐसे में  अधूरी पड़ी सतलुज-यमुना जोड़ नहर का जल्द निर्माण बेहद जरूरी है।
2002 में सर्वोच्च न्यायालय ने एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करने संबंधी हरियाणा के पक्ष में फैसला देते हुए केंद्र को इसे पूरा करने के निर्देश दिए थे। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद पंजाब विधानसभा ने अंतर्राज्यीय जल समझौते रद्द करने संबंधी 2004 में एक विधेयक पारित कर दिया जो हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान व दिल्ली भी प्रभावित करता है। इसके बाद संविधान की धारा 143 के अंतर्गत यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के पास प्रेजिडेंशियल रैफे्रंस के तौर पर भेजा गया। ऐसे ही एक अन्य मामले में सर्वोच्च न्यायालय की संविधानिक पीठ ने 2014 में मुल्लापेरियर डैम संबंधी एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है और इसके बाद हरियाणा के किसानों में भी एक आशा व उम्मीद कायम हुई है लेकिन न्याय में देरी को न्याय से इनकार के रूप में देखा जाता है। इस मामले में भी मामला संदर्भ के रूप में भेजे गए। दस साल से ज्यादा हो गए हैं। इस अवसर पर सुबेसिंह लोहान,कृष्ण राठी,सुभाष देशवाल,सत्येन्द्र ढुल,अजमेर रेढु,कर्मपाल ढुल,कैप्टन रणधीर चहल,सुमित्रा देवी,कृष्णा बधाना,मौजी खान,प्रदीप दालमवाला,सुनील कंडेला,हर्ष मित्तल,मनोज शर्मा,अनुराग खटकड़,सुरजभान सिहाग, दलबीर खटकड़,सोनू गुलिया,सुशील टुर्ण,जिला पार्टी कार्यालय सचिव गुरदीप सांगवान इत्यादि अनेको कार्यकर्ता मौजुद थे। 
सांसद दुष्यंत चौटाला ने दी शहीद सतीश कुमार को श्रद्धाजंलि


इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला जम्मू कश्मीर में आंतकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए गांव छात्तर के सैनिक सतीश कुमार को श्रद्धाजंलि देने उनके गांव पहुंचे। सांसद शहीद के परिजनों से मिले और उन्हें ढांडस बंधाया।  दुष्यंत चौटाला ने सतीश कुमार के पिता शिवलाल व शहीद की बेटियां पूनम, मनीषा व शिक्षा से मिले और उन्हें सांत्वना दी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सतीश कुमार की शहादत पर प्रदेश को ही नहीं बल्कि पूरे देश को नाज है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में इनेलो पार्टी शहीद सतीश के परिजनों के साथ है।

Tuesday, March 24, 2015

विधायकों ने कटमोशन के माध्यम से विस में रखी अपने-अपने हलकों की मांगें

इनेलो विधायकों ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में विभिन्न विभागों के लिए रखी गई आर्थिक मांगों पर दिए गए कटमोशन के माध्यम से न सिर्फ अपने-अपने हलकों से जुड़ी लोगों की दिक्कतें और समस्याएं उठाई बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों की मांगों के साथ-साथ प्रदेश की टूटी सडक़ों, बिजली-पानी की दिक्कत, किसानों की खराब आर्थिक हालत, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाए जाने और सरकार के गैर जरूरी खर्चों को कम किए जाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की भी मांग की। कटमोशन के माध्यम से चर्चा में भाग लेने वालों में हरियाणा विधायक दल के उपनेता व पूर्व कृषि मंत्री जसविंदर सिंह संधू, इनेलो विधायक परमिंद्र सिंह ढुल, जाकिर हुसैन व केहर सिंह रावत सहित इनेलो के ज्यादातर विधायक शामिल थे।
जसविंदर सिंह संधू ने कठुआ के पास उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में मारे गए छात्तर गांव के निवासी सीआरपीएफ जवान सतीश को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार से उनके परिवार की आर्थिक मदद किए जाने और उस क्षेत्र की किसी सडका का नाम शहीद के नाम पर रखे जाने की मांग की। श्री संधू ने पीजीआई रोहतक के डायरेक्टर पद पर वरिष्ठता क्रम को नजरअंदाज कर लगाए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हुकम सिंह की चिकित्सा जांच में हुई लापरवाही से निधन की करवाई गई जांच में निदेशक को दोषी पाया गया था लेकिन स्वास्थ्य मंत्री द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की सिफारिश के बावजूद सरकार उन्हें बचाने में लगी हुई है।
नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला व विधायक परमिंद्र ढुल ने भाजपा विधायक सुभाष बराला द्वारा लाए गए एक धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि किसानों के फायदे के लिए इनेलो हमेशा साथ है लेकिन इस मुद्दे पर खाली धन्यवाद प्रस्ताव लाने की बजाय व्यापक चर्चा भी करवाई जानी चाहिए कि प्रधानमंत्री द्वारा किसानों को पांच हजार रुपए महीना पेंशन दिए जाने की घोषणा से क्या सभी किसान लाभांवित होंगे अथवा कुछ चुनिंदा या वर्ग विशेष के किसानों को ही इसका लाभ मिल पाएगा। उन्होंने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए इस पर व्यापक चर्चा करवाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसमें यह भी चर्चा होनी चाहिए कि क्या खेती से जुड़े हुए सभी लोगों को भी इसका लाभ मिल पाएगा।
जुलाना के विधायक परमिंद्र ढुल ने पिछली सरकार द्वारा रिटायर्ड अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर लगाए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अब भी सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर राजनीतिक आधार पर गैर जरूरी लोगों को नियुक्तियां दी जा रही हैं जिससे आर्थिक संकट से जूझ रही प्रदेश सरकार के खजाने पर बेवजह बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने पिछली सरकार द्वारा किसानों के कथित रूप से माफ किए गए 1600 करोड़ रुपए के बिजली बिलों और प्रदेश में स्थापित किए गए ताप बिजली घरों की मशीनरी की खरीद में हुए व्यापक घोटालों के आरोपों के संबंध में एक श्वेत पत्र जारी किए जाने की मांग की ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।

एसवाईएल पूरा करवाने को लेकर इनेलो सांसदों ने राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन



पिछले कई दशकों से बंद पड़े सतलुज यमुना संपर्क नहर (एसवाईएल कैनाल) का काम शुरु करवाने और इस मामले पर राष्ट्रपति द्वारा पिछले 11 सालों से उनके पास विचाराधीन मामले पर तुरंत निर्णय सुनाने की मांग को लेकर आज इंडियन नैशनल लोकदल के सांसद श्री दुष्यंत चौटाला राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी से मिले। श्री चौटाला ने राष्ट्रपति को बताया कि हरियाणा के किसानों को उनके हिस्से का पानी न मिलने से भारी आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ रहा है और इस दिशा में तुरंत निर्णय किया जाना जरूरी है। इस पर राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने इस विषय पर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। इस भेंट के दौरान श्री चौटाला के साथ इनैलो सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी व डा. रामकुमार कश्यप भी मौजूद थे।
श्री चौटाला ने बताया कि हरियाणा और पंजाब के बीच चले आरहे सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद पर निर्णय सुनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2002 में इसका फैसला हरियाणा के हक में किया और पंजाब को एसवाईएल नहर निर्माण के आदेश दिए। पंजाब सरकार ने इस निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया और पंजाब सरकार को सख्ती से आदेश देकर नहर बनाने को कहा।
इस बीच वर्ष 2004 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर अन्य राज्यों के साथ हुए सभी जल समझौतों को रद्द कर दिया। पंजाब सरकार के उक्त कदम को सर्वोच्च न्यायालय ने पंजाब सरकार के कदम को यह कहते हुए अमान्य करार दिया कि कोई एक राज्य अपने स्तर पर पांच राज्यों के साथ हुए समझौते को किस तरह रद्द कर सकता है और न्यायालय ने सैक्शन 143 के तहत मामला राष्ट्रपति के पास विचार के लिए भेजा।
लोकसभा में सांसद श्री दुष्ययंत चौटाला ने इस संबंध में लोकसभा में प्रश्न उठाया तो केंद्रीय जल संसाधन विकास मंत्री सुश्री उमा भारती ने जवाब दिया कि उक्त मामला अभी राष्ट्रपति के विचाराधीन है और सरकार को उनके निर्णय का इंतजार है। इसी संबंध में आज सांसद श्री चौटाला ने राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी से भेंट कर उन्हें इस मामले में तुरंत निर्णय लेने का आग्रह किया।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में सांसद श्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि उचित मात्रा में सिंचाई के लिए पानी न मिलने से हरियाणा के किसानों को हर साल भारी नुक्सान झेलना पड़ रहा है और यह उनके साथ अन्याय है। उन्होंने राष्ट्रपति महोदय से आग्रह किया है कि वे इस विषय पर तुरंत निर्णय लेकर हरियाणा के किसानों से हो रहे अन्याय के क्रम को समाप्त करवाएं। इस पर राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने इस मामले पर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
श्री चौटाला ने बताया कि राष्ट्रपति के पास विचाराधीन उक्त मामले से केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि दिल्ली, राजस्थान राज्य भी प्रभावित हैं और वहां के किसान भी हर वर्ष भारी नुक्सान झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही वे तीनों राज्यों के मुख्मंत्रियों से भेंट करेंगे और उन्हें इस विषय पर दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर किसानों के हित में एकजुट करने का प्रयास करेंगे।

INLD MP Dushyant Chautala meets President Pranab Mukherjee


Lok Sabha MP and INLD leader Sh. Dushyant Chautala today met the Hon'ble President of India Sh. Pranab Mukherjee on the crucial issue of the Sutlej Yamuna Link (SYL) Canal. Sh. Chautala urged the President to immediately take call on the matter. He said that because of the decade long delay, the farmers in the Haryana are suffering a lot. In his meeting with the Hon'ble President Sh. Pranab Mukherjee, the Hisar MP Sh. Dushyant Chautala pointed out that the presidential reference to the Supreme Court over a the SYL water dispute between Punjab and Haryana is now pending for ten years.
Giving the details of his meeting with the President, Sh. Dushyant said that Sh. Mukherjee listened to him in detail. "President said that the matter is very important and assured that he will go through it and will give a speedy decision", disclosed Sh. Dushyant. The MP also said that since the matter affects the states of the Haryana, New Delhi and Rajasthan, he would meet the Chief Minister's of all the three states. "I would request the CM's that politics should not be done on the crucial issue. I would also make them aware as the matter is though pending in the Apex Court but since a Presidential Reference is required, all of them should press in the President for an early decision", he said.    
Notably, the matter is of extreme significance to the state of Haryana and INLD has been persistently taking it up at the every level. Sh. Dushyant had earlier raised this issue in the Parliament. Subsequent to that, the Union Minister for Water Resources, River Development and Ganga Rejuvenation Shmt. Uma Bharti had examined the matter and had told in writing that any further action on the SYL canal issue would depend upon the decision of the Supreme Court on the Presidential Reference pending in the matter.
Sh. Dushyant brought to the notice of the President that agriculture is the main occupation in Haryana but larger part of the state is still un-irrigated because of which the SYL canal assumes great significance. "In year 2002, when the then Chautala government had taken the matter to the Apex Court, the latter had decided the matter in favour of the Haryana and had directed the centre to ensure the completion of the one fourth of the SYL work. But, in year 2004, the Punjab Legislative Assembly terminated the Water Agreements Act, following which the matter was then referred to Supreme Court as the Presidential Reference under Article 143 of the constitution", he briefed the President.
Strongly urging that it has been ten years since the matter was referred to the SC, Sh. Dushyant pleaded before the President that he should ensure early decision in the case so that the farmers of the Haryana should no longer suffer. It is pertinent to mention here that on the directions of the SC, the Union government had entrusted the work of the SYL Canal to CPWD during June 2004. An empowered Committee having representatives from Punjab and Haryana to monitor the work was also constituted. However, the Punjab Legislative Assembly passed the Punjab Termination of Water Act, 2004, terminating 1981 agreement and all other agreements related to Ravi Beas Waters, but protecting all existing and actual utilisation through the existing system.  
सरकार भगत सिंह को  शहीद का दर्जा दे- दुष्यंत चौटाला




इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने केंद्र सरकार से शहीदेआजम भगत सिंह को सरकारी रिकार्ड में भी शहीद का दर्जा देने की मांग की है। इस संबंध में युवा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमवार को एक पत्र लिखा है। 
सांसद दुष्यंत चौटाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा है देश भर में 23 मार्च का दिन हमें उन शहीदों की याद दिलाता है जिन्होंने अपनी मातृभूमि को अंग्रेजों के चंगुल से निकालने के लिए अपने आप को कुर्बान कर दिया था। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते सूली पर चढऩे वाले शहीद भगत सिंह को आज तक सरकार ने अपने रिकार्ड में शहीद का दर्जा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की शहादत से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है और उनके जन्म दिवस को हम शहीदी दिवस के रूप में तो मनाते हैं परन्तु आज तक भगत सिंह को सरकारी रिकार्ड में शहीद का दर्जा हासिल नहीं है। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह को रिकार्ड में शहीद का दर्जा देने को लेकर वर्ष 2013 में राज्यसभा में मुद्दा उठा था और तात्कालिक संसदीय कार्यमंत्री राजीव शुक्ला ने सदन को आश्वसस्त किया था कि यदि भगत सिंह का रिकार्ड में शहीद का दर्जा नहीं है, उसे सरकार इस बारे में कदम उठाएगी परन्तु आज तक सरकार ने शहीद का दर्जा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की शहादत कोई बहस का विषय नहीं है और वह युवाओं के बीच हमेशा देश के हीरो रहेंगे। 
इनेलो सांसद ने पत्र में कहा है कि माननीय प्रधानमंत्री आज भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां गए थे तो पूरा देश उम्मीद कर रहा था कि माननीय प्रधानमंत्री इसकी सरकारी रिकार्ड में शहीद का दर्जा देने की घोषणा करेंगे, पर ऐसा नहीं हुआ। युवा सांसद ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि भगत सिंह को सरकार के रिकार्ड में भी शहीद का दर्जा दे। 

Monday, March 23, 2015

इनेलो चुनाव आयोग का पूरा सहयोग करेगी -  जिलाध्यक्ष राजेंद्र लितानी


इनेलो के जिलाध्यक्ष राजेंद्र लितानी ने कहा कि इनेलो ने हमेशा चुनाव आयोग के निर्देशों का बखूबी पालन किया है। जब जब भी चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूचियों को लेकर कोई नया दिशा निर्देश आता है तो इनेलो कार्यकर्ता उसमें प्रशासन का सहयोग करते हैं। हाल ही में चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची को आधार कार्ड से लिंक करने की योजना बनाई गई है। इसमें इनेलो भी अपना पूर्ण सहयोग करेगी। लितानी सोमवार को तोशाम रोड स्थित जिला कार्यालय पर हलकाध्यक्षकों व पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। 
इस मौके पर बोलते हुए लितानी ने कहा कि पिछले दिनों इसी विषय को लेकर जिला चुनाव अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने सभी पार्टी प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर अवगत कराया था। उन्होंने सभी हलकाध्यक्षों को प्रशासन की नीति व दिशा निर्देश के बारे में बताया व उन्हें निर्देश दिए कि वे अपने अपने हलके में अपने बूथ लेवल एजेंट के माध्यम से इस कार्य में प्रशासन को अपना पूर्ण सहयोग दें। इससे चुनाव में पूर्ण रूप से पारदर्शिता आएगी।
बैठक में बोलते हुए लितानी ने आगामी तीन अपै्रल को इनेलो संसदीय दल के नेता व सांसद दुष्यंत चौटाला द्वारा अपने जन्मदिवस के अवसर पर हिसार रेलवे स्टेशन पर सफाई अभियान चलाए जाने को लेकर युवा सांसद की भूरि भूरि प्रशंसा की गई। उन्होंने कहा कि इनेलो युवा सांसद एक सच्चे जनप्रतिनिधि के रूप में अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। हिसार लोकसभा क्षेत्र की जनता के साथ साथ पूरे प्रदेश की जनता के हितों की बात वे लोकसभा में बड़े बखूबी ढंग से उठाते हैं। युवा सांसद द्वारा अपने जन्मदिन पर सामाजिक कार्य करने को एक अच्छा कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर है जब हिसार लोकसभा क्षेत्र का कोई सांसद रेलवे स्टेशन पर आ रही आम जनता व यात्रियों को आ रही समस्याओं को लेकर गंभीर हो। युवा सांसद के द्वारा चलाए जा रहे इस सफाई अभियान में इनेलो कार्यकर्ता पूर्ण रूप से योगदान दें। इस अवसर पर प्रहलाद सैनी, होशियार सिंह, सत्यवान बिछपड़ी, यशपाल गोदारा, सतबीर सिसाय व राव इंद्र फौजी आदि मौजूद थे। 

इनेलो ने विस में दो दर्जन से ज्यादा ध्यानाकर्षण व काम रोको प्रस्ताव दिए: जसविंदर संधू

इनेलो विधायक दल के उपनेता एवं पूर्व कृषि मंत्री जसविंदर सिंह संधू ने बताया कि इस बार मौजूदा विधानसभा सत्र में इनेलो विधायकों ने प्रदेश के किसानों, कर्मचारियों, अनुसूचित जाति के छात्रों, कर्मचारी वर्ग एवं स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट से लेकर शिक्षा का अधिकार, फसलों पर प्राकृतिक आपदा की मार, सुरक्षा कर्मचारियों को बहाल करने, भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक से किसानों को होने वाले नुकसान, प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति, कम्प्यूटर शिक्षकों की मांगों, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की मांगों, गन्ना उत्पादक किसानों की बकाया राशि का भुगतान, खस्ताहाल सिंचाई खालों की मुरम्मत, विकास के मामलों में पिछली सरकार द्वारा अपनाई गई भेदभावपूर्ण नीति, स्वाइन फ्लू जैसी बीमारी, किसानों को गेहूं पर बोनस की मांग, केंद्रीय पद्धति पर कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने, पीने के स्वच्छ पानी के लिए आरओ लगाए जाने जैसे प्रदेश से जुड़े करीब दो दर्जन से ज्यादा महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, काम रोको प्रस्ताव और गैर सरकारी संकल्प दिए ताकि इन पर व्यापक चर्चा हो सके।
पूर्व कृषि मंत्री ने कहा कि विस में इनेलो विधायकों ने ही सबसे ज्यादा प्रश्न पूछे और इन सवालों के माध्यम से सरकार से अहम् प्रश्नों के जवाब भी जाने गए ताकि प्रदेश के लोगों के हितों से जुड़ी सभी अहम् बातों, समस्याओं व मुद्दों को सरकार के समक्ष लाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश हित से जुड़े हुए हर मुद्दे को इनेलो विधायकों ने जोर शोर से विस में उठाया है और सत्र की शेष अवधि के दौरान भी प्रदेश से जुड़े हर मुद्दे को इनेलो मजबूती से सदन में उठाएगी।
 इनेलो विधायक दल के उपनेता ने बताया कि इनमें से करीब आधा दर्जन प्रस्ताव मंजूर भी हुए और उन पर सरकार द्वारा अपनी स्थिति भी स्पष्ट की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू, भारी बारिश व ओलावृष्टि से फसलों के हुए नुकसान, गन्ना उत्पादक किसानों का चीनी मिलों की ओर बकाया राशि का अभी तक भुगतान न होने और प्रदेशभर में गावों के तालाबों में गंदे पानी की समस्या को लेकर दिए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव अब तक सदन में प्रस्तुत होने के साथ ही इनमें चर्चा हो सकती है। इसके अलावा हरियाणा भूमि सिलिंग एक्ट और भूमि अधिग्रहण कानून के अलावा किसानों को गेहूं पर बोनस दिए जाने की मांग पर इनेलो की ओर से दिए गए काम रोका प्रस्तावों में से गेहूं पर बोनस दिए जाने की मांग का प्रस्ताव 25 मार्च के लिए मंजूर किया जा चुका है। 
जसविंदर सिंह संधू ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला के अलावा इनेलो के अधिकांश विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण पर रखे गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान और प्रदेश के बजट पर विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान प्रदेश से जुड़े अनेक प्रमुख मुद्दों को जोर शोर से उठाया और  प्रदेश की जनता का पक्ष सरकार के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इनेलो के लगभग सभी विधायकों ने प्रदेश से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को भी विस में पूछे गए प्रश्नों के माध्यम से उठाया और सरकार से उन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट सहित अहम् मुद्दों पर नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में इनेलो विधायक मंगलवार को प्रदेश के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन देकर केंद्र सरकार से किसानों के हितों की रक्षा करने और चुनाव के समय किए गए वायदे पूरे करने और किसानों को तुरंत राहत प्रदान करने की मांग करेंगे। पूर्व कृषि मंत्री ने कहा कि इनेलो के कई विधायकों ने बजट में अलग-अलग विभागों की मांगों पर कुछ कटमोशन भी दिए हैं और उन्हें उम्मीद है कि इन कटमोशनों के माध्यम से भी इनेलो विधायकों को सरकार के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।
डबवाली रेलवे फुट ओवरब्रिज विस्तार के लिए इनेलो सांसद व विधायक ने रेल मंत्री को लिखा पत्र

सिरसा से इनेलो सांसद चरणजीत सिंह रोडी व डबवाली से इनेलो विधायक श्रीमती नैना सिंह चौटाला ने केंद्रीय रेल मंत्री को अलग-अलग दो पत्र लिखकर डबवाली रेलवे स्टेशन के मौजूदा फुट ओवरब्रिज का एक तरफ मुख्य बाजार और दूसरी तरफ मीना बाजार व बस स्टेंड की तरफ विस्तार किए जाने और शहर के दोनों हिस्सों को आपस में जोड़े जाने की मांग की है। डबवाली की विधायक व सिरसा के सांसद ने केंद्रीय रेल मंत्री सुभाष प्रभु को लिखे पत्र में इस ओवरब्रिज के विस्तार के साथ-साथ डबवाली में कॉलोनी रोड व नई अनाज मंडी रोड पर अंडरपास अथवा ओवरब्रिज बनवाए जाने की भी मांग की है।
इनेलो नेताओं ने केंद्रीय रेल मंत्री को लिखे पत्र में बताया कि रेलवे विभाग ने प्लेट फार्म नम्बर एक से दो पर जाने के लिए और रेलवे द्वारा शहर के दोनों तरफ जाने वाले सारे रास्ते बंद कर दिए जाने से डबवाली पूरा शहर दो हिस्सों में बंट गया है। इस नए ओवरब्रिज बनने से शहर का कोई भी व्यक्ति मेन बाजार से रेलवे स्टेशन पर नहीं आ सकता और बस स्टेंड व मीना बाजार की तरफ से आने वाली यात्री प्लेट फार्म नम्बर-2 दो सीधे नहीं जा सकते। रेलवे द्वारा शहर के दोनों तरफ जाने वाले लगभग सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं और जो दो फाटक हैं वे भी 24 घण्टे में से15-16 घण्टे बंद रहते हैं।
इनेलो नेताओं ने केंद्रीय रेल मंत्री का ध्यान शहर के लोगों की समस्या की ओर दिलाते हुए कहा कि रेलवे स्टेशन के एक तरफ शहर के सभी स्कूल, कॉलेज, मेन बाजार, मंदिर, गुरुद्वारा जैसे धार्मिक संस्थान हैं और दूसरी तरफ शहर की ज्यादातर आबादी है। स्कूली बच्चों को भी अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल में जाना पड़ रहा है। इसके दृष्टिगत रेलवे के मौजूदा फुट ओवरब्रिज को एक तरफ बाजार की तरफ और दूसरी तरफ बस स्टेंड व मीना बाजार की तरफ बढ़ाया जाए ताकि रेल यात्रियों के साथ-साथ शहर के लोगों को भी इधर से उधर आने-जाने में सुविधा हो सके। इसके अलावा डबवाली में कॉलोनी रोड व नई अनाज मंडी रोड पर भी अंडरपास अथवा ओवरब्रिज भी बनवाए जाएं। 
उल्लेखनीय है कि डबवाली रेलवे स्टेशन पर पहले जो फुट ओवरब्रिज था वह दोनों प्लेटफार्म को आपस में जोडऩे के साथ-साथ शहर को रेलवे स्टेशन के साथ और आपस में भी जोडऩे का काम करता था। अब मौजूदा ओवरब्रिज सिर्फ प्लेट फार्म नम्बर एक व दो को जोडऩे तक सीमित हो गया है और रेलवे द्वारा सभी रास्ते बंद कर दिए जाने से पूरा डबवाली शहर दो हिस्सों में बंट गया है और लोगों को इससे भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इनेलो नेताओं का कहना है कि अगर मौजूदा फुट ओवरब्रिज को पहले की तरह थोड़ा एक्सटेंड कर दिया जाएगा तो लोगों को भारी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस समय शहर में दो अन्य फुट ओवरब्रिज बनाए जाने की भी जरूरत है। इनेलो नेताओं के अनुसार केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु हरियाणा से राज्यसभा सांसद हैं और प्रदेश के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री होने के नाते उन्हें लोगों की दिक्कतों, परेशानियों व जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए।
इनेलो विधायकों ने सवालों के माध्यम से विधानसभा में उठाए जनहित के मुद्दे

नलवा से इनेलो विधायक रणबीर सिंह गंगवा द्वारा हरियाणा विधानसभा में आवारा पशुओं से किसानों की फसलों को बचाने के लिए सरकार के विचाराधीन कोई प्रस्ताव होने संबंधी पूछे गए एक सवाल के जवाब में हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री ने बताया कि इस समस्या की जटिलता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा एक विस्तारयुक्त नीति बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा गऊ अभ्यारणों, गऊ सदन व गऊगृहों की स्थानों का प्रस्ताव भी विचाराधीन है जो इस समस्या का समाधान करने में दूरगामी साबित होगा। विकास एवं पंचायत मंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान में आवारा पशुओं को नगर निकायों एवं निजी संगठनों द्वारा संचालित की जा रही 408 गऊशालाओं में रखा जाता है।
दादरी के विधायक राजदीप फोगाट द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ने बताया कि गांव लोहारवाड़ा, मिर्च, साहूवास, नरसिंहवास, खातीवास तथा कासनी में पशु चिकित्सालय खोले जाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है जबकि गांव डोहकी में सरकारी पशु औषधालय पहले से ही मौजूद है। इनेलो विधायक दल के उपनेता जसविंदर सिंह संधू, परमिंद्र सिंह ढुल व नसीम अहमद द्वारा हरियाणा सरकार द्वारा दिल्ली को दिए जाने वाली पानी की मात्रा संबंधी पूछे गए एक सवाल के जवाब में हरियाणा के सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने बताया कि सरकार यह सुनिश्चित करती है कि दिल्ली को उसके अधीकृत हिस्से से ज्यादा पानी न छोड़ा जाए एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की भी पालना हो।
इनेलो विधायक नगेंद्र भड़ाना द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में हरियाणा के शिक्षा मंत्री ने बताया कि एनआईटी फरीदाबाद में महिला महाविद्यालय खोलने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। सिरसा के विधायक मक्खन लाल सिंगला द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में हरियाणा के सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने बताया कि बणमंदोरी रजवाहा और कुसुम्बी माइनर के अंतिम छोर तक ज्यादा जरूरत और अधिक चोरी की अवधि को छोडक़र ज्यादातर दिनों में पानी पूरा रहता है। सिरसा हलके में पानी की चोरी रोकने के लिए दिन और रात को गश्त लगाई जाती है और पानी चोरी करने वालों पर कार्रवाई भी की जाती है। बरवाला के विधायक वेद नारंग द्वारा बरवाला, हिसार में राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे उपरी पुल के निर्माण संबंधी पूछे गए एक सवाल के जवाब में हरियाणा के लोकनिर्माण मंत्री ने बताया कि राष्टीय राजमार्ग 65 के चार मार्गीय कार्य को शुरू करने की तारीख अभी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्धारित की जानी है इसलिए बरवाला में रेलवे उपरगामी पुल को पूरा करने की समय सीमा, इस कार्य का हिस्सा होने के कारण अभी निर्धारित नहीं की जा सकती।
रतिया के विधायक प्रो. रविंद्र सिंह बलियाला द्वारा रतिया निर्वाचन क्षेत्र में घग्गर नदी के दूषित पानी के कारण पीलिया (हैपेटाइटस सी) बीमारी को रोकने के लिए सरकार के विचाराधीन प्रस्ताव पर पूछे गए सवाल के जवाब में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि रतिया हलके में हैपेटाइटस सी घग्गर नदी के दूषित पानी की वजह से नहीं है। हैपेटाइटस जिगर की सूजन है, जो वायरल संक्रमण के कारण होता है। हैपेटाइटस वायरस पांच प्रकार का होता है ए,बी,सी,डी और ई इनमें हैपेटाइटस ए और ई दूषित खाना खाने और दूषित पानी पीने से होता है। हैपेटाइटस बी,सी और डी शरीर के संक्रमित तरल पदार्थों के साथ संपर्क में आने से, दूषित रक्त या रक्त उत्पादों की प्राप्ति से अथवा दूषित सूई और सिरेंज के उपयोग से होता है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तिवर हैपेटाइटस में बहुत ही सीमित या कोई भी लक्षण नहीं हो सकता अथवा इसमें पीलिया (त्वचा व आंखों का पीला होना), गहरा पीला मूत्र आना, अत्यधिक थकान, उबकाई, उल्टी व पेट में दर्द हो सकता है। उन्होंने बताया कि बी के लिए टीका उपलब्ध है और यह भी टीकाकरण अनुसूची में शामिल किया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा हैपेटाइटस सी के प्रबंधन के लिए एक नीति तैयार की गई है। इस नीति के अनुसार हैपेटाइटस सी का उपचार अनुसूचित जाति व बीपीएल वर्ग के हरियाणा निवासी रोगियों के निशुल्क प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि पीजीआई एमएस का गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग हैपेटाइटस सी रोगियों के प्रबंधन के लिए नोडल केंद्र है। नोडल केंद्र से सामान्य श्रेणी के रोगियों के लिए भी रियायती दरों पर उपचार उपलब्ध है।

Friday, March 20, 2015

24 को इनेलो प्रतिनिधिमण्डल किसान हितों के लिए राज्यपाल को देगा ज्ञापन: अभय चौटाला

इनेलो स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम में किए जा रहे संशोधन वापिस लेने, बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा देने, किसानों को गेहूं पर बोनस देने का एक प्रतिनिधिमण्डल 24 मार्च को नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में हरियाणा के राज्यपाल महामहिम कप्तान सिंह सोलंकी से मिलकर उन्हें प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन देगा। हरियाणा विधानसभा की पे्रस दीर्घा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि आज प्रदेश का किसान वर्ग दुखी है और कांगे्रेसी विधायक प्रदेश से जुड़े अहम मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए जानबूझकर ऐसे मुद्दों को उठा रहे हैं ताकि पिछले दस साल के कांग्रेस सरकार के काले कारनामों पर पर्दा डाला ला सके। प्रेस दीर्घा में चर्चा के दौरान जुलाना के विधायक परमिंद्र सिंह ढुल भी मौजूद थे। 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज एक तरफ सरकार खुद मान रही है कि किसानों की फसलें बेमौसमी बारिश व आलोवृष्टि से बर्बाद हुई हैं और मुख्यमंत्री से लेकर अन्य मंत्री भी हवाई सर्वे कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का गेहूं पर लागत मूल्य करीब 1700 रुपए आता है इसलिए किसानों को कम से कम 300 रुपए प्रति क्विंटल सरकार द्वारा बोनस दिया जाना चाहिए ताकि प्रदेश के किसानों को भी लगे कि सरकार उनके हितों की सोच रही है। उन्होंने कहा कि जब वे इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कर रहे थे तो कांग्रेस वाले सदन का ध्यान किसानों के मुद्दों से हटाकर अपने नेताओं और पार्टी के मुद्दों को बनाने में लगे हुए थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी यह प्रस्ताव दिया था कि विधानसभा दो लाइनों का एक प्रस्ताव पारित करके केंद्र सरकार को भेजे जिसमें स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और भूमि अधिग्रहण बिल में किए जा रहे संशोधन वापिस लेकर किसानों के हितों की रक्षा की जाए। इस पर प्रदेश सरकार ने कहा कि यह मामला केंद्र से जुड़ा है इसलिए अब इनेलो इस मुद्दे पर राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को भिजवाएगी जिसमें फसलों को बारिश व ओलावृष्टि से नुकसान व गेहूं पर बोनस दिए जाने का मुद्दा भी शामिल होगा।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर उनके आग्रह को नहीं स्वीकार किया गया तो वे जननायक चौधरी देवीलाल की तर्ज पर प्रदेशभर में जनआंदोलन चलाकर सरकार को इसे मानने के लिए बाध्य करेंगे अन्यथा इनका हश्र भी कांग्रेस की तरह ही होगा। इनेलो नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार के पिछले दस सालों के काले कारनामे उजागर हो रहे हैं इसलिए उनसे ध्यान हटाने के लिए कांग्रेसी विधायक बेवजह के मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल सदन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो रही थी लेकिन कांग्रेसी बहाना बनाकर भाग गए ताकि उन्हें इस पर चर्चा में भाग न लेना पड़े और पिछले दस साल की अपनी कारगुजारियों का जवाब न देना पड़े। उन्होंने कहा कि अब जब गेहूं पर बोनस की मांग को हम सदन में उठा रहे थे तो उस समय कांग्रेसी विधायक नारेबाजी करने में लगे हुए थे ताकि किसानों के बोनस का मुद्दा नजरअंदाज हो सके।
गेहूं पर 300 रुपए बोनस देने की मांग पर 25 को होगी चर्चा: विधायक परमिंद्र ढुल ने बताया कि उनकी पार्टी के उपनेता जसविंदर सिंह संधू, स्वयं उनके व पार्टी विधायक जाकिर हुसैन, राजदीप फोगाट, प्रो. रविंद्र बलियाला व बलकौर सिंह कालांवाली की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को एक काम रोको प्रस्ताव दिया गया था जिसमें किसानों को गेहूं पर 300 रुपए क्विंटल बोनस दिए जाने की मांग की गई थी। इस प्रस्ताव को 25 मार्च को चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया गया है। श्री ढुल ने बताया कि विधानसभा के नियम 66 व 67 के अंतर्गत दिए गए इस काम रोको प्रस्ताव में सरकार से किसानों के सभी सहकारी व राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्जों को एक साल के लिए स्थगित किए जाने और उनके कर्ज का ब्याज माफ किए जाने की भी मांग की गई।
इनेलो विधायक परमिंद्र ढुल ने विस में उठाया गन्ना उत्पादक किसानों के बकाया भुगतान का मामला

 इनेलो विधायक परमिंद्र ङ्क्षसह ढुल द्वारा गन्ना उत्पादक किसानों को चीनी मिलों द्वारा उनके गन्ने का अभी तक भुगतान न किए जाने संबंधी दिए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सहकारिता राज्य मंत्री ने बताया कि इस समय प्रदेश की सहकारी व निजी चीनी मिलों द्वारा इस साल 10 मार्च तक 612 करोड़ 61 लाख रुपए की बकाया राशि का अभी भुगतान किया जाना बाकी है। जिनमें 431 करोड़ 55 लाख रुपए सहकारी मिलों ने और 181 करोड़ निजी चीनी मिलों द्वारा भुगतान किया जाना है। नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने सरकार से बंद होने जा रही यमुनानगर की सरस्वती चीनी मिल का मामला सुलझाने और मिल को बंद होने से बचाने के लिए उसे अपने अधिकार क्षेत्र में लेकर चलाने की मांग की। जबकि विधायक परमिंंद्र ढुल ने कहा कि उन्होंने सरकार से यह पूछा था कि किसानों को बकाया गन्ने की कीमत का भुगतान कब तक कर दिया जाएगा लेकिन मंत्री ने इसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि उनकी सरकार के समय भी नारायणगढ़ चीनी मिल जब बंद होने लगी थी तो सरकार ने मिल के मालिक को बुलाकर उसे हरियाणा के सरकारी संस्थानों से ऋण उपलब्ध करवाकर न सिर्फ किसानों को गन्ने के बकाया का भुगतान दिलाया बल्कि नारायणगढ़ मिल को बंद होने से बचाया था। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार अब मौजूदा सरकार को यमुनानगर मिल बंद होने से बचाने के लिए इसे अपने अधिकार में लेकर चलाना चाहिए ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके। विधायक परमिंंद्र ढुल ने यमुनानगर की सरस्वती सुगर मिल का मामला उठाते हुए कहा कि मिल बंद होने जा रही है और इस संबंध में किसानों को नोटिस दे दिए गए हैं। मिल के बंद होने से लाखों किसानों की बर्बादी के आसार बन रहे हैं इसलिए सरकार को इस बारे में तुरंत कदम उठाने चाहिए।
इनेलो नेता ने चीनी मिलों की तरफ किसानों की बकाया राशि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों को समय पर भुगतान न होने से अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने मंत्री से कहा कि क्या वे सदन को आश्वस्त करेंगे कि मौजूदा विस सत्र के दौरान क्या किसानों की सारी बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा? लेकिन मंत्री ने इस बारे में कोई समय सीमा तय न करते हुए कहा कि किसानों को उनके बकाया का जल्दी ही भुगतान हो जाएगा। मंत्री ने यह भी बताया कि जींद सहकारी चीनी मिल की तरफ किसानों का 34 करोड़ 54 लाख रुपए बकाया है इसके अलावा रोहतक मिल की तरफ 65.91 करोड़, गोहाना की तरफ 47.74, महम की तरफ 47.58, शाहबाद की तरफ 44.98, करनाल 44.03, कैथल 42.45, पानीपत 40.12, सोनीपत 31.11 और पलवल मिल की तरफ 27.94 करोड़ की राशि बकाया है जबकि निजी चीनी मिलों में यमुनानगर मिल की तरफ 97.08 करोड़, नारायणगढ़ मिल की तरफ 59.95 व भादसो मिल की तरफ 24.03 करोड़ रुपए राशि किसानों की बताया है।