Tuesday, February 21, 2017

कांग्रेस-भाजपा दोगली नीति छोड़ एसवाईएल के लिए इनेलो के साथ आएं - अभय चौटाला

 
इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा सरकार में बैठे लोगों को आज हरियाणा के हितों से कोई सरोकार नहीं है। एसवाईएल के मुद्दे पर जहां भाजपा का चेहरा बेनकाब हुआ है वहीं पर कांग्रेस का भी दोहरा चरित्र हरियाणावासियों के सामने आ गया है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तंज कसते हुए अभय चौटाला ने कहा कि हुड्डा एसवाईएल मुद्दे पर मेरा नाम लेकर नोटंकी करने की बात कहते हैं जबकि मैंने पहले भी भूपेंद्र हुड्डा सहित प्रदेश के सभी सांसदों व विधायकों को पत्र लिखकर राजनीति से ऊपर उठकर इस मामले में मिलकर 23 फरवरी को नहर खुदाई करने का न्यौता दिया था और आज भी मैं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को निमंत्रण देता हूं कि अगर वो हरियाणा प्रदेश के लोगों के हितैषी हैं तो अपने कांग्रेस के सभी साथियों को लेकर 23 फरवरी को अंबाला में आए और हमारे साथ नहर खुदाई में शामिल हों। उन्होंने आज कैथल में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस की नीयत तो पंजाब मैनिफैस्टो जारी करते हुए ही साफ हो गई थी जब कैथल के कांग्रेसी विधायक रणदीप सिंह सुर्जेवाला की उपस्थिति में पंजाब का पानी पंजाब के वास्ते वायदा किया गया था।


इसी बीच नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला व इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने मंगलवार को जलयुद्ध के लिए शुरू किए गए जनसंपर्क अभियान के अंतिम दौर में आज कैथल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व अम्बाला में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित कर 23 फरवरी को लेकर तैयारियों का जायजा लिया और कार्यकर्ताओं से ज्यादा से ज्यादा संख्या में नहर खुदाई के लिए गुरुवार को अम्बाला शहर की नई सब्जी मंडी में एकत्रित होने का आह्वान किया। इनेलो नेताओं ने कहा कि एसवाईएल हरियाणा की जीवनरेखा है और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बावजूद अभी तक नहर की खुदाई न होना न सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना है बल्कि पंजाब के नेता निरंतर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को भी निरंतर ठेस पहुंचा रहे हैं। इनेलो नेताओं ने कहा कि हरियाणा किसी से किसी का कोई हक नहीं छीनना चाहता बल्कि अपने हिस्से का पानी मांग रहा है जिस पर सर्वोच्च न्यायालय भी हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है। इनेलो नेता ने कहा कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह आज दूसरों को संविधान की नसीहत देते हैं जबकि सबसे पहले पंजाब विधानसभा में नदी जल समझौते रद्द करने वाला असंवैधानिक बिल पारित करके कांग्रेसी नेता ने ही संविधान की धज्जियां उड़ाने का काम किया था।


इनेलो नेता ने कहा कि हम निश्चित तौर पर लाखों कार्यकत्र्ताओं के साथ नहर की खुदाई करने जाएंगे और यदि वहां पर कोई विषम परिस्थिति पैदा होती है तो कांग्रेस व भारतीय जनता पार्टी और पंजाब के राजनीतिक दलों के लोग इस बात के लिए बड़े जिम्मेवार होंगे। उन्होंने एक ओर जल समझौते की बात याद करवाते हुए कहा कि कावेरी जल समझौता इस देश में हुआ था, तमिलनाडू और कर्नाटक का आपसी समझौता था उसमें भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था उसके बावजूद तमिलनाडू की सरकार ने पानी में रूकावट बनने की कोशिश की लेकिन किसान के लिए ही नहीं बल्कि पानी हर इंसान के लिए जरूरी है। इस पानी की लड़ाई के लिए वहां तो 240 लोगों ने बलिदान दिया था लेकिन हरियाणा में उससे कहीं ज्यादा लोग भी बलिदान देने को आज तैयार बैठे है। अगर किसी ने रोकने, जबदस्ती करने की कोशिश की तो उसका खमियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।


उन्होंने कहा हम कोई भी ऐसा असंवैधानिक कदम नहीं उठाएंगे जिसकी वजह से लोगों के सामने कोई दिक्कत व परेशानी आएं। हम अपना अधिकार मांगने जा रहे हैं। हम अपने अधिकार की लड़ाई लड़ेंगे, हमें अपने अधिकार लेने आते हैं अगर कोई हमारे अधिकारों पर डाका डालेगा तो उसको उसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने केंद्र व पंजाब सरकार से मांग करते हुए कहा कि हरियाणा के हिस्से का 38 लाख एकड़ फुट पानी जो बंटवारे में आया है उसे हरियाणा को देने का कार्य जल्द से जल्द करना चाहिए। कैथल व कुरुक्षेत्र की बैठक में नेता प्रतिपक्ष के अलावा इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा, पूर्व मंत्री सुरेंद्र मोहन, पूर्व विधायक बूटा सिंह सहित पार्टी के अनेक नेता व कार्यकर्ता भी मौजूद थे। यमुनानगर की बैठक में अभय सिंह चौटाला व अशोक अरोड़ा के अलावा पूर्व विधायक दिलबाग सिंह, पूर्व विधायक ईश्वर पलका, जाहिद खान, अश्वनी दत्ता, दलमीरा राम सैनी, राज कुमार बुबका, चरण सिंह, राज कुमार सैनी, सेवा सिंह, राम पल, डिप्टी मेयर अजय बिल्लू, मधु सूदन शर्मा, राजिंदर बजाज, गुरजिंदर खेड़ी, गुरप्रीत सिंह चावला, जसबीर, बिट्टू, इंदर मोहन पप्पी, जरनैल सिंह पंजेटा, कमल कंबोज, राम चंद्र जग्गा, सुरेश बुडिय़ा, माणिक बुडिय़ा व रंजीत सिंह भी उपस्थित थे। अम्बाला की बैठक में नेता प्रतिपक्ष व अशोक अरोड़ा के अलावा अशोक शेरवाल, जिलाध्यक्ष शीशपाल जंधेड़ी, पूर्व विधायक राजबीर बराड़ा, जगमाल सिंह रौलों, मक्खन सिंह लबाणा, अमरेंदर सिंह सोंटा, सुरजीत सिंह सोंडा, हरपाल कम्बोज व शम्मी सोंडा सहित पार्टी के अनेक प्रमुख नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

इनेलो विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने जनसंपर्क अभियान के तहत कई गाँवों का दौरा किया


सभी गाँवों में विधायक चौ0 ज़ाकिर हुसैन का फूलमालाएँ डालकर व पगड़ी बाँधकर शानदार स्वागत किया गया। लोगों में इनेलो विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन के प्रति भारी जौश व उत्साह देखने को मिला।
विधायक चौ0 ज़ाकिर हुसैन ने गाँववासियों द्वारा किए गए शानदार स्वागत का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपका यह प्यार व सम्मान मुझे मरहूम चौ0 तय्यब हुसैन साहब के समय से ही बढ़ चढकर मिलता रहा है। 
ज़ाकिर हुसैन ने भाजपा व कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस व भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। पहले तो प्रदेश को कांग्रेस ने जमकर लूटा और अब भाजपा लूटने का काम कर रही है। आज प्रदेश के लोग चारों तरफ त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। भाजपा ने झूठ बोलकर लोगों से वोट लेने का काम किया।
हुसैन ने कहा कि उन्होंने विधानसभा के अंदर व बाहर खेलरत्न चौ0 अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में मेवात क्षेत्र की माँगें व समस्याएँ जोरदार तरीके से उठाईं तथा उन्हें विधानसभा की कमेटी की बैठकों तथा इनेलो की रैलियों में भी रखा और सरकार के साथ पुरजोर तरीके से इन माँगों की पैरवी की,जिससे उन्होंने सरकार से कुछ माँगें मनवाने में सफलता प्राप्त की और मुख्यमंत्री ने स्वंय चंडीगढ़ व नूँह रैली में उनकी मँजूरी की घोषणा की,लेकिन भाजपा व कांग्रेस के कुछ नेताओं को मेवात का विकास नहीं भा रहा है,क्योंकि भाजपा के कुछ नेता पूर्व मंत्री आफताब अहमद के समर्थक हैं। और वे नहीं चाहते कि जिन कार्यों को आफताब अहमद अपने मंत्रीतत्वकाल  में असंभव बताते थे, वे कार्य अब विपक्ष में होते हुए भी इनेलो विधायक चौ0 ज़ाकिर हुसैन के प्रयासों से क्यों संभव हो रहे हैं? वो नहीं चाहते कि इसका श्रेय उन्हें मिले। इसके अनेकों उदाहरण प्रमुखतः हैं:- 1. मुख्यमंत्री द्वारा मेवात विकास बोर्ड की बैठक में 4 अप्रैल 2016 को हैवी ड्राईविंग लाईसेंस के नवीनीकरण को मँजूर होने के बाद भी आज हैवी ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण क्यों नहीं हो रहा है? 2. नूँह सब-ब्रांच/ नूँह डिस्ट्रीब्यूटरी के किनारों को उठाने के लिए हरियाणा सरकार ने 12 दिसंबर 2015 को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करके 2 करोड़ 83 लाख की मँजूरी प्रदान की थी,  जिसका राज्यपाल की स्वीकृति के बाद टेंडर भी हो गया था। इससे 36 बिरादरी के लगभग 50-55 गाँवों की सिँचाई के लिए फायदा होगा। जिला इसकी मँजूरी की घोषणा मुख्यमंत्री ने 23 अक्तूबर को नूँह विकास रैली में की थी लेकिन इस पर अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है और इसमें कुछ नेताओं द्वारा अड़चनें की जा रही हैं, जिससे पूरे इलाके में काफी रौष है। 


विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन ने खुलासा किया कि भाजपा नेता नूँह ड्रैन में घासेड़ा के निकट मँजूरशुदा क्राॅस रेगुलेटर का काम रुकवाना चाहते हैं,जबकि इसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी। इसका काम अब शुरू भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष का यह आरोप निराधार है कि इससे सिर्फ मेव बाहूल्य गाँवों को फायदा है। हुसैन ने कहा कि मेवात में हिन्दू-मुसलमान मिल जुलकर रहते हैं गाँवों कि स्थिति भी ऐसी है। नूँह ड्रैन पर छपेड़ा,खेड़ली दौसा,कुतुबगढ़,मेलावास, मानूवास,भिरावटी, कालियाकी, सिलानी आदि अनेक हिन्दु बाहूल्य गाँव स्थित है,जिन्हें क्राॅस रेगुलेटर की स्थापना से बहुत फायदा होगा। हुसैन ने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष को यह बातें शोभा नहीं देती। वे मुख्यमंत्री की विकास घोषणा को पूरा करवाए ना कि रुकवाऐं। अभी सिँचाई के क्षेत्र में बहुत से काम होने हैं जैसे: दुबालू व उलेटा माईनर जल्द खोली जानी चाहिए।  
श्री हुसैन ने कहा कि वे झूठ व धोखे की राजनीति नहीं करते। उनका राजनीति का मकसद धन कमाना नहीं बल्कि 36 बिरादरी की सेवा करना है। मेरे लिए विधायक व सांसद बनना बहुत छोटी चीज है। मेवात की 36 बिरादरी ने चौधर की पगड़ी बाँधकर जो सम्मान दिया है वो मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
उन्होंने कहा कि अगर इंसान की नीयत जनहित के कार्य करने की हो तो, कोई भी कार्य असंभव नहीं है। आपका यह बेटा और भाई विपक्ष में रहते हुए भी खेलरत्न चौ0 अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में आपकी माँगों को लगातार मँजूर करा रहा है। आपके इस बेटे और भाई ने ठान रखी है कि मेवात के विकास के लिए वे मरते दम तक लड़ाई लड़ेंगे तथा इस लड़ाई में उन्हें अपनी जान भी देनी पड़ी तो उसे देने से भी वो पीछे नहीं हटेंगे।
श्री हुसैन ने कहा कि हरियाणा में इनेलो सुप्रीमो चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में सरकार बनने पर मेवात में सरकारी नौकरियाँ इस तरह लगेंगी जैसे ड्रैनों में पानी आया है। उन्होंने कहा कि पूर्व परिवहन मंत्री अपने शासनकाल में कहा करते थे कि ड्रैनों में पानी छोड़ने का कोई कानून नहीं है। लेकिन आज हमारी ड्रैन लबालब भरी हुई हैं, यह भी आप लोगों की दुआओं व मेरे द्वारा किए गए संघर्ष से संभव हुआ है।
उन्होंने कहा कि चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में उन्होंने विधानसभा के अंदर तथा बाहर मेवात की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया है। उन्होंने लोगों से वादा किया कि वे नूँह विधानसभा ही नहीं बल्कि पूरी मेवात क्षेत्र के विकास व बेरोजगारी को दूर करने के लिए दिन-रात लड़ाई लड़ेंगे। इसकी प्रेरणा उन्हें उनके पिता मरहूम चौधरी तय्यब हुसैन साहब से मिली है। आपका यह बेटा और भाई आज आपसे वादा करके जा रहा है कि इनेलो की सरकार बनने पर मेवात के युवाओं को सरकारी नौकरियाँ अन्य जिलों की तुलना में दोगुनी लगेंगी तथा विकास के मामले में मेवात जिला किसी भी जिले से पीछे नहीं रहेगा।
विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन, जिलाध्यक्ष मास्टर बदरुद्दीन,इनेलो नेता किशोर यादव ने लोगों को 23 फरवरी को इस्लामपुर जिला अंबाला में एस वाई एल की खुदाई के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में पँहुचनें का निमंत्रण भी दिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता किशोर यादव,हाजी सुबराती,संतलाल सरपंच,श्री चंद सरपंच कुर्थला, देवी सिँह प्रधान, रणजीत नंबरदार, ब्रह्मा पंडित, धर्मेंद्र सरपंच,मास्टर दयानंद,अजमत सरपंच बसई, हाजी शौकत सरपंच, आसफ अली सरपंच,हाजी अब्दुल्ला सरपंच, हाजी शोकत, मौ0 खाँ सरपंच,अल्ली प्रधान,शहनाज हुसैन घासेड़ा, असगर हुसैन,हरीश शर्मा,जयपाल सिंह कुर्थला,हितेश आटा,नयपाल आटा, वहीद सरपंच महरोला,पहलू कंवरसीका,हाजी आसम रायसीका,ताहिर ऊदाका,रुक्कू ऊदाका,झड़मल, जाकिर भड़ंगाका, लियाकत सरपंच, हाजी शौकत, जफरूद्दीन बाबूपुर,शमसुद्दीन,हाजी शम्मी,जुहुर खाँ नंबरदार आदि गणमान्य व्यक्तियों के अलावा सैंकड़ों गाँव की महिलाएँ व बच्चे मौजूद थे।
भाजपा मंत्री इनेलो कार्यकर्ताओ पर टिपण्णी करने की बजाए अपने महकमे की तरफ ध्यान दे- बिश्नोई

हिसार : भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार एसवाईएल पर कोई गम्भीर कदम उठा नहीं रही बल्कि उल्टा भाजपा के बड़बोले मंत्री इनेलो कार्यकर्ताओ पर अनर्गल टिपण्णी करके अख़बार की सुर्खियों बटोर रहे है। इनेलो जिला प्रवक्ता एडवोकेट मनदीप बिश्नोई ने स्वास्थ्य मंत्री के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया की है जिसमे उन्होंने इनेलो कार्यकर्ताओ द्वारा एसवाईएल की खुदाई को ड्रामा बताते हुए फोटो सेशन बताया है। इनेलो प्रवक्ता ने बताया कि फोटो सेशन करना तो बीजेपी के मंत्रियों का काम है, जिससे स्वयं प्रधानमंत्री भी अछूते नही है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने मंत्री बनते ही प्रदेश के कई जिलों के सरकारी हस्पतालों में जाकर उनकी पानी की टँकियो पर चढ़कर फोटो खिंचवाएं थे तब प्रदेश की जनता तो उम्मीद जगी थी कि अब प्रदेश के अस्पतालों की हालात सुधर जाएगी। परंतु आज तक हस्पतालों की हालत सुधरना तो दूर अस्पतालों में जरूरी स्वास्थ्य उपकरण व चिकित्सक भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है।
एसवाईएल हरियाणा के किसानों की जीवन रेखा है, जो पूर्व उपप्रधान मंत्री का सपना था, जिन्होंने सबसे पहले पंजाब को एस वाई एल के लिए प्रयोग की जाने वाली जमीन के लिए मुआवजा दिया था। उसके बाद ही एसवाईएल को धरातल पर काम शुरू हुआ था। बाद की कांग्रेस सरकार की राजनीती की वजह से यह मामला अदालतों में लटक गया तो पूर्व मुख्यमंत्री औम प्रकाश चौटाला की सरकार की जोरदार पैरवी से 2002 में इसका फैसला प्रदेश के हक में आया था। जिसमे कहा गया था कि अगर एक साल में पंजाब सरकार इस नहर का निर्माण नहीं करती तो केंद्र सरकार इसका निर्माण कराए। परन्तु कांग्रेस की सरकार ने इस मामले को फिर से लटका दिया। अब जब सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आ चुका है तो बीजेपी की केंद्र सरकार भी इस पर चुप्पी साधे हुए है। ऊपर से बीजेपी के मंत्री इस को लेकर उलटी सीधी बाते कर रहे है। बिश्नोई ने स्वास्थ्य मंत्री को अपने मंत्रालय कीतरफ ध्यान देने की सलाह दी है। आज इनेलो के द्वारा  नहर खुदाई को लेकर प्रदेश के किसानों में जबरदस्त उत्साह है। और आज बीजेपी के मंत्रियों को प्रदेश के किसानों को हतोत्साहित करने की बजाए केंद्र सरकार पर एस वाई एल के लिए दवाब बनाना चाहिए।
एसवाईएल के लिए जलयुद्ध अभियान में हिसार से जाएंगे 15 हजार कार्यकर्ता व किसान - लितानी
हिसार, 21 फरवरी : इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष राजेंद्र लितानी ने राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा के उन बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने युगपुरुष ताऊ देवीलाल को आरक्षण विरोधी बताया है। इनेलो जिलाध्यक्ष लितानी ने कहा कि जब हुकुम सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री और चौधरी देवीलाल देश के उपप्रधानमंत्री थे तो उन्होंने खुद दिशा निर्देश देकर गुरनाम सिंह आयोग का गठन किया था। उन्होंने कहा कि ताऊ देवीलाल ने इस गुरनाम सिंह आयोग का गठन करवाकर जाट, बिश्राई, सैनी, अहीर, गुज्जर सहित दस जातियों को आरक्षण दिलाया था। लेकिन इसके बाद प्रदेश में चौधरी भजनलाल की सरकार बनने के बाद उक्त में से पांच जातियों का आरक्षण रखकर जाट व बिश्रोई सहित अन्य पांच जातियों का आरक्षण समाप्त कर दिया था। इसलिए आरक्षण मामले में चौधरी देवीलाल पर उंगली उठाकर सांसद चंद्रा ने अपनी ओछी सोच का परिचय दिया है। इससे यह भी साबित होता है कि सांसद चंद्रा बिना तथ्यों व ज्ञान के ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं और उन्हें वास्तविकता का कोई ज्ञान नहीं है। लितानी ने कहा कि जब गुरनाम सिंह आयोग के माध्यम से जाट व बिश्रोई सहित अन्य जातियों को आरक्षण दिया गया था तो उस समय खेती पर आधारित जातियां अपनी घटती जोत व आय के कम साधन होने की परेशानी से जूझ रही थी। आज के समय में तो यह स्थिति और भी खराब हो चुकी है। क्योंकि खेती की जोत लगातार घटती जा रही है। सिंचाई का पूरा पानी न मिलने व बढ़ती महंगाई के कारण किसान और अधिक गरीब होता जा रहा है। इनेलो नेता लितानी ने डॉ. चंद्रा के उन बयानों को भी हास्यास्पद करार दिया, जिसमें उन्होंने देश के एक प्रतिशत अमीर लोगों में खुद को शामिल करने का दावा करते हुए अपना दुर्भाग्य करार दिया है। लितानी ने कहा कि अगर डॉ. चंद्रा को वास्तव में ही गरीब व जरूरतमंद लोगों से हमदर्दी और अपने आप पर अमीर होने का दुख है तो उन्हें अपनी सारी संपत्ति गरीब लोगों को दान कर देनी चाहिए। उन्होनें कहा कि इनेलो तो पूर्व की भांति आज भी इस बात की पक्षधर है कि जिन जातियों को आरक्षण से वंचित किया गया था, उन्हें पुन: आरक्षण दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि 23 फरवरी को हिसार के सातों विधानसभा क्षेत्रों से 1300 गाडिय़ां में 15 हजार से ज्यादा युवा, महिलाएं, पुरुष व किसान एसवाईएल को लेकर लड़े जा रहे जल युद्ध में शिरकत करेंगे। 
रोहतक जिले से भारी संख्या में कार्यकर्ता जायेंगे एसवाईएल नहर की खुदाई के लिए - सतीश नांदल

रोहतक : इनेलो पार्टी सदैव किसान हितैषी रही है और जब भी किसान की आवाज को दबाने की कोशिश की गयी उनके हकों को छीनने की बात हुई तो इनेलो ने सदैव हरियाणा के किसान वर्ग की आवाज को विधानसभा ही नही अपितु देश की सबसे बड़ी पंचायत में उठाने का काम किया है। उक्त बातें आज जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता व रोहतक के जिलाध्यक्ष सतीश नांदल ने कही। उन्होंने कहा कि आज एसवाईएल नहर केवल अपने दक्षिणी हरियाणा ही नही अपितु पुरे हरियाणा के लिए लाइफ लाइन के सामान है इसलिए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने बरसों से चल रही कानूनी लड़ाई का पटाक्षेप करते हुए और हरियाणा के किसानों के दुःख दर्द को समझते हुए हरियाणा प्रदेश के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाने का काम किया इतना ही नही माननीय सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की मौजूदा बीजेपी सरकार को भी यह आदेश जारी करने का काम किया कि जल्द से जल्द नहर खुदाई के कार्य को पूरा करवाने में अहम भूमिका निभाए और हरियाणा के किसानों को उनके हक का पानी दिलवाए।
इनेलो नेता सतीश नांदल ने कहा कि बंटवारे के समय तय की गयी शर्तों के अनुसार ही हरियाणा प्रदेश आज पंजाब से अपने हिस्से के पानी की मांग कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि यदि हरियाणा के किसानों को उनके हिस्से का पानी नही मिला तो हरियाणा वासी अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही किया जायेगा। उन्होंने बताया कि रोहतक जिले से भारी संख्या में पार्टी के महिला व पुरुष कार्यकर्ता दिनांक 23 फरवरी को अम्बाला शहर के राजपुरा रोड स्थित नयी अनाज मंडी में सुबह दस बजे पहुंचेंगे जिसके बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा प्रदेश के कोने कोने से आये कार्यकर्ता को संबोधित किया जायेगा तदुपरांत विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में लाखों की तादाद में कार्यकर्ताओं का हुजूम एक जनसैलाब की शक्ल धारण किये हुए ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर इस्माइलपुर गांव की तरफ कूच करेगा। सतीश नांदल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में पार्टी कार्यकर्ता साथी अम्बाला में पहुँच कर हरियाणा के हितों की लड़ाई लड़ने का काम करें।

Monday, February 20, 2017

अभय चौटाला ने डिग्री कॉलेज का नाम शहीद मेजर दहिया के नाम पर रखे जाने की मांग की



इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने सोमवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल को एक पत्र लिखकर शहीद मेजर सतीश दहिया के नाम पर डिग्री कॉलेज की स्थापना किए जाने और उनकी विधवा श्रीमती सुजाता दहिया को उनकी योग्यतानुसार अच्छी सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव बनिहाडी निवासी भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल के शहीद मेजर सतीश दहिया ने देश के दुश्मनों से लोहा लेते हुए जम्मू कश्मीर में अपनी जान न्यौछावर कर दी। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखण्डता और सुरक्षा के लिए हरियाणा के युवा अपनी जान न्यौछावर करने में हमेशा सबसे आगे रहे हैं। ऐसे में इन शहीदों व इनके परिजनों को मान-सम्मान व हर सम्भव सहायता देने में हमें पीछे नहीं रहना चाहिए।
इनेलो नेता ने कहा कि मैं जब शहीद मेजर सतीश दहिया के पैतृक गांव बनिहाडी उनकी शहादत को श्रद्धासुमन अर्पित करने व उनके परिजनों को सांत्वना देने गया तो वहां यह आम भावना पाई गई कि शहीद की कुर्बानी को चिरस्थायी बनाए जाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए और सरकारी डिग्री कॉलेज का नाम उनके नाम पर  रखे जाने से उन्हें न सिर्फ सम्मान दिया जा सकेगा बल्कि इससे उनकी शहादत इस क्षेत्र के युवाओं के लिए हमेशा एक प्रेरणा देने व हमारी उच्च परंपराएं एक मार्गदर्शक का काम करेगी। मुझे शहीद मेजर के परिजनों से यह भी पता चला कि उनकी पत्नी श्रीमती सुजाता दहिया न सिर्फ एक अच्छी पढ़ी-लिखी, सुशिक्षित महिला हैं बल्कि वह अपनी दो वर्षीय बेटी की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ समाज को आगे बढ़ाने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम है। इनेलो नेता ने कहा कि श्रीमती सुजाता दहिया की शैक्षणिक योग्यताओं को देखते हुए उन्हें सरकार  एक अच्छी सरकारी नौकरी प्रदान करे। उन्होंने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताई कि वे इस मामले में जल्द उचित कदम उठाएंगे ताकि मेजर सतीश दहिया के परिजनों को यह लगे कि उनकी कुर्बानी को पूरा मान-सम्मान व प्रतिष्ठा प्रदान की गई है।
इनेलो एसवाईएल की खुदाई अवश्य करेगी चाहे सरकार सेना ही क्यों न तैनात कर दे - अभय चौटाला


प्रदेश के किसानों के हित के लिए एसवाईएल नहर की खुदाई अवश्य की जायेगी चाहे सरकार सेना को ही क्यों न तैनात कर दें। यह बात नेता प्रतिपक्ष एंव ऐलनाबाद के विधायक चौधरी अभय सिंह चौटाला ने सिरसा स्थित अपने आवास पर इनेलो पदाधिकारियों की बैठक से पूर्व पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहीं। चौधरी अभय चौटाला ने इनेलो के पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 23 फरवरी को सभी कार्यकर्ता अम्बाला की नई सब्जी मंडी में पहुंचें। उन्होंने फिर से दोहराया कि एसवाईएल नहर का पानी हरियाणा के किसानों की जीवनरेखा है जिसे हम अनदेखा नही कर सकते। नहर का पानी लेना हमारा हक है और हम भीख नहीं अपना हक मांग रहे हैं। बैठक का मंच संचालन राज्यकार्यकारिणी सदस्य जसबीर सिंह जस्सा ने किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के राजनितिक दलों ने बेशक नहर खोदने में अड़ंगा डालने की घोषणा की है लेकिन इनेलो किसी भी कीमत पर नहर खुदाई का अपना फैसला वापिस नही लेगी। नेता प्रतिपक्ष ने सोमवार को सिरसा के अलावा फतेहाबाद, हिसार व जींद में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठकों को सम्बोधित करते हुए 23 फरवरी को एसवाईएल नहर खुदाई के संबंध में तैयारियों का जायजा लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं व प्रदेशवासियों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में 23 फरवरी को अम्बाला की नई सब्जी मण्डी में पहुंचने का आह्वान किया ताकि नहर खुदाई शुरू हो सके।


इनेलो नेता ने मुख्यमंत्री पर वार करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी जिससे उन्होंने सभी राजनितिक दलों से राजनिति से उपर उठकर नहर का पानी हरियाणा में लाने की अपील की थी और बैठक में प्रधानमंत्री से मिलने का भी फैसला हुआ था। उन्होंने कहा कि आज तक प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को तीन महीने बीत जाने पर भी समय नही दिया जिससे यह साफ है कि केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकारों को प्रदेश के किसानों की कोई चिन्ता नही है जबकि हरियाणा का किसान खेत में पूरा पानी न मिलने के कारण आर्थिक संकट झेल रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने हरियाणा के सभी राजनितिक दलों से दलगत राजनीति से उपर उठकर नहर खुदाई में सहयोग देने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों के नेताओं ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है जो उन नेताओं की मंशा दर्शाती है।


पत्रकारों के पूछने पर उन्होंने बताया कि 6800 से ज्यादा ग्राम पंचायतों ने एसवाईएल निर्माण के पक्ष में प्रस्ताव पास करके पत्र मुझे सौंप दिए है जिसे प्रधानमंत्री से मिलकर इन पत्रों को सौंपकर उनसे नहर का पानी हरियाणा में लाने हेतू आग्रह किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में पार्टी ने गावों व शहरों में नहर खुदाई हेतु जनजागरण अभियान चलाया था जिसके अन्तिम चरण में 21 तारीख को यह अभियान सम्पन्न हो जाएगा। एक प्रश्न के उतर में उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में नहर की  खुदाई की तैयारियां पूरी कर ली गई है तथा कदम पिछे हटाने का प्रश्र ही पैदा नही होता। नहर खुदाई हेतु प्रदेश के सभी सांसदो, विधायकों, को पत्र लिखकर नहर की खुदाई में सहयोग देने की अपील की थी लेकिन किसी भी राजनितिज्ञ ने उनसे आज तक सम्र्पक नही किया। उन्होंने केन्द्र सरकार को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि केन्द्र सरकार का फर्ज बनता है कि वह नहर खुदाई हेतु आदेश दे लेकिन केन्द्र की भाजपा सरकार ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है और अभी तक उनकी और से कोई प्रयास नही किया गया। जाटों को आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार एक षडयंत्र के तहत जातपात में बांटकर प्रदेश को अस्थिर करना चाहती है। उन्होंने अधिकारियों की कमेटी गठित करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस कमेटी का कोई फायदा नही। सरकार ने जाटों की मांगें लागू न करके उनसे अन्याय किया है। जिनके बच्चे आरक्षण के दौरान शहीद हुए उनके परिवारों क जख्मों पर उनके आश्रितों को नौकरी दे कर मरहम लगाया जा सकता था। तब जाटों द्वारा धरना लगाने की नौबत न आती।


सिरसा की बैठक में जिलाध्यक्ष पदम जैन, सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, विधायक मक्खन लाल सिंगला, बलकौर सिंह, रामचंद्र कम्बोज, पूर्वमंत्री भागीराम, कृष्णा फौगाट, डा. सीताराम, जसवीर सिंह जस्सा, कश्मीर सिंह करीवाला, महेन्द्र बाना, धर्मवीर नैन, अभय सिंह खोड़, सर्वजीत मसीता, विनोद दड़बी, सुभाष नैन, अजब ओला, महावीर शर्मा भी मौजूद थे। फतेहाबाद की बैठक में अन्य नेताओं के अलावा विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, प्रो. रविंद्र बलियाला, पूर्व विधायक निशान सिंह, रणसिंह बेनिवाल, जिलाध्यक्ष बलविंदर सिंह कैरों, कुलजीत कुलडिय़ा, युद्धवीर आर्य, बिक्कर सिंह हड़ौली, हरि सिंह मेहरिया, भरत सिंह परिहार, विद्यारती व सुमनलता सिवाच भी मौजूद थीं। हिसार की बैठक में पूर्व मंत्री सुभाष गोयल, विधायक रणबीर सिंह गंगवा, अनूप धानक, वेद नारंग, जिलाध्यक्ष राजिंद्र लितानी, शीला भ्यान, अमित बूरा, सज्जन लावट, राजिंद्र चुटानी, रवि लाम्बा, राजेश गोदारा, रमेश गोदारा व हरफूल खान भट्टी सहित अनेक प्रमुख नेता मौजूद थे। जींद की बैठक में विधायक परमेंद्र सिंह ढुल, पिरथी सिंह नंबरदार, प्रदीप गिल, पूर्व विधायक रामफल कुंडू, दयानंद कुंडू, सूरजभान काजल, डॉ. कृष्ण मिढ़ा, भगवान दास, हलका प्रधान भूपेंद्र जुलानी, सुभाष देशवाल, सुदेश चौपड़ा, प्रताप लाठर, सूबे सिंह लौहान, विश्ववीर नंबरदार, बलराज नंगूरा, बिजेंद्र रेढू, बलवंत जोगी, कैप्टन रणधीर सिंह चहल, सतीश जैन, डॉ. रामचंद्र जांगड़ा, बलदेव वाल्मीकि, गुरदीप सांगवान भी मौजूद थे।