Wednesday, December 7, 2016

एसवाईएल नहर का मामला संसद में गूंजा


हिसार, 7 दिसंबर : हरियाणा के हक में फैसला आने के बाद सतलुज-यमुना लिंक नहर का मुद्दा माननीय राष्ट्रपति के बाद लोकसभा तक भी पहुंच गया है। सतलुज-यमुना लिंक नहर बनाने का मामला बुधवार को लोकसभा में गूंजा। इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने इस मामले को आज सदन में उठाते हुए माननीय प्रधानमंत्री से पूछा कि  केंद्र सरकार एसवाईएल नहर का निर्माण तक तक पूरा करवाएगी।
इनेलो के युवा सांसद ने लोकसभा में कहा कि आज वह अति सदन में आज अति गंभीर विषय के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसवाईएल नहर हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली की लाइफ लाइन मानी जाती है। उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने प्रेसिडेंसियल रेफरेंस में यह आदेश दिया है कि पेरा-मिल्ट्री की मदद से इस नहर का निर्माण करे। उन्होंने सदन में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री सदन को बताए कि एसवाईएल नहर का निर्माण कब पूरा करेंगे। 
एसवाईएल नहर का निर्माण पूरा करवाने को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 11 नवंबर को अपने फैसले में पंजाब की तात्कालिक कांग्रेस सरकार द्वारा विधानसभा में रद्द किए गए जल समझौते को असंवैधानिक करार दिया था और वर्ष 2002 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरियाणा के हक में दिए गए फैसले को बरकरार रखा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी 2002 को हरियाणा के हक में फैसला दिया था। इस फैसले  में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को एसवाईएल का रुका हुआ काम पूरा करने के आदेश दिए थे। आदेश यह भी था कि अगर पंजाब सरकार एसवाईएल नहर का निर्माण नहीं करवाता है तो तो केंद्र सरकार एसवाईएल नहर को बनाने का काम पूरा करे। इसी संदर्भ में आज सांसद दुष्यंत चौटाला ने केंद्र सरकार से यह सवाल लोकसभा में पूछा था। 

 विधायक  नैना चौटाला ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर डबवाली शहर के लिए अलग पी.एच.सी. शुरू करने की  मांग की 


डबवाली, 7 दिसंबर : स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भारी परेशानियां झेल रहे डबवाली शहरवासियों की दिक्कतों को डबवाली की विधायक नैना सिंह चौटाला ने प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए डबवाली शहर के लिए अलग से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की मांग की है। इस विषय को लेकर विधायक नैना सिंह चौटाला ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पत्र लिखते हुए मामले में तुरंत प्रभाव से कदम उठाते हुए शहर में पी.एच.सी. शुरू करवाने की मांग की है। मंत्री को लिखे पत्र में विधायक नैना सिंह चौटाला ने डबवाली के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का मुददा उठाते हुए कहा है कि डबवाली शहर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए मुख्यत: शहर के चौटाला रोड़ पर स्थित सरकारी अस्पताल पर ही निर्भर है। डबवाली शहर में स्थित सामान्य अस्पताल क्षेत्र का एकमात्र बड़ा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला सरकारी अस्पताल है। जहां पर आस पास गांवों व पूरे शहर से लोग इलाज के लिए आते है। इस कारण मरीजों की बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। इसके अलावा भी अन्य कई कार्यो का बोझ होने के कारण शहर का सरकारी अस्पताल में भारी भीड़ रहती है। जिस कारण बहुत बार लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती व इससे बिमारियां गंभीर रूप धारण कर लेती है। इसके अलावा भी सामान्य अवस्था में भी दवाई लेने में मरीजों का बहुत समय लग जाता है व उनको भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान समय में शहर निवासियों की जरूरत को देखते हुए शहर के लोगों के लिए अलग से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की आवश्यकता महसूस की जा रही है। जिसकी शुरूआत शहर में अलग से ओ.पी.डी. शुरू करके की जा सकती है। विधायक नैना चौटाला ने कहा है कि इस विषय को लेकर शहर के प्रबुद्ध लोगों का सुझाव है कि एकबारगी शहर के पुराने अस्पताल में ओ.पी.डी. या पी.एच.सी. शुरू की जा सकती है, ताकि शहरवासियों को तुरंत प्रभाव से स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि इस विषय में जल्दी से कदम उठाते हुए शहर के पुराने अस्पताल या शहर में अन्य किसी उचित जगह पर अलग से ओ.पी.डी. व पी.एच.सी. शुरू करवाने का कष्ट करें ताकि शहरवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। 


Tuesday, December 6, 2016

गुरु गोबिंद सिंह के 350वें प्रकाशोत्सव पर 30 दिसम्बर को नाडा साहब से इनेलो शुरू करेगी नगर कीर्तन


चंडीगढ़, 6 दिसम्बर: इनेलो श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें प्रकाशोत्सव को बड़े स्तर पर मनाएगी और 30 दिसम्बर को ऐतिहासिक गुरुद्वारा नाडा साहब से नगर कीर्तन शुरू किया जाएगा जिसका समापन पहली जनवरी को सिरसा में होगा। इस नगर कीर्तन का आयोजन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया व पांच प्यारों के नेतृत्व में किया जाएगा। यह नगर कीर्तन प्रदेश के अनेक प्रमुख शहरों व कस्बों से होता हुआ जाएगा। सिरसा में श्री गुरु ग्रंथ साहब जी के अखण्ड पाठ के भोग के बाद गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्म स्थान पटना साहब के लिए 22 बसें जाएंगी जिसमें सिख श्रद्धालु पटना जाएंगे। यह निर्णय इनेलो विधायकों, हरियाणा से निर्वाचित एसजीपीसी सदस्यों, सिख समाज से जुड़े हुए इनेलो के प्रमुख पदाधिकारियों और सिख विद्वानों की मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में लिया गया। इसी बीच सिरसा में श्री गुरु ग्रंथ साहब जी के अखण्ड पाठ का प्रारम्भ 30 दिसम्बर को होगा और पहली जनवरी को पाठ का भोग डालने के अलावा शबद कीर्तन व लंगर का भी बड़े स्तर पर आयोजन किया जाएगा।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बताया कि देश, कौम और समाज के लिए दुनिया में सबसे बड़ी कुर्बानी देने वाले और अन्याय का डटकर मुकाबला करने वाले साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव पर आतिशबाजी की बजाय घरों पर दीपमाला जलाने और नगर कीर्तन के साथ-साथ कीर्तन दरबार और गुरु जी के जीवन के बारे में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 
इनेलो नेताओं ने बताया कि इस कार्यक्रम के आयोजन व नगर कीर्तन के लिए हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री जसविंदर सिंह संधू की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है और नगर कीर्तन में नेता प्रतिपक्ष व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सहित इनेलो के सभी विधायक, सांसद व वरिष्ठ पदाधिकारी भाग लेंगे। इसके अलावा नगर कीर्तन में हरियाणा से निर्वाचित सभी एसजीपीसी सदस्यों, सिख संगठनों, स्थानीय कमेटियों व प्रमुख संतों व महापुरुषों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 30 व 31 दिसम्बर को जहां नगर कीर्तन की संगत रात्रि विश्राम करेगी वहां पर कीर्तन दरबार व शबद कीर्तन के आयोजन के अलावा गुरु साहब के जीवन पर प्रमुख सिख विद्वान प्रकाश डालेंगे। 


इनेलो नेताओं ने कहा कि देश कौम को गुरु साहब की कुर्बानियों से अवगत करवाने और लोगों को ज्यादा से ज्यादा इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इनेलो ने बीड़ा उठाया है और यह पूरा कार्यक्रम सिख संगत व सिख समाज के नेतृत्व में ही आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर कीर्तन के रूट व अन्य सभी प्रबंधों को अंतिम रूप देने के लिए जसविंदर सिंह संधू की अध्यक्षता वाली कमेटी हरियाणा के एसजीपीसी सदस्यों व सिख समाज के प्रमुख बुद्धिजीवियों से व्यापक विचारविमर्श करके इसे जारी करेगी। आज की बैठक में इनेलो विधायकों के अलावा प्रदेश के ज्यादातर एसजीपीसी सदस्यों, सिख समाज के नेताओं, बुद्धिजीवियों व विद्वानों ने हिस्सा लिया और इस आयोजन को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए। 
इनेलो नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी सभी धर्मों का आदर व सत्कार करती है और जननायक चौधरी देवीलाल व इनेलो प्रमुख चौधरी ओमप्रकाश चौटाला हमेशा ही सभी संतों, महापुरुषों व गुरुओं के प्रकाश पर्व हमेशा बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते रहे हैं। उन्होंने बताया कि सिख पंथ की साजना के 300वें पर्व को भी इनेलो सरकार के दौरान सरकार की ओर से पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर मनाया गया था और समाज के अन्य महापुरुषों के जन्मदिवस भी पार्टी मनाती आ रही है ताकि देश व प्रदेश की जनता उन महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा ले सकें और युवा पीढ़ी व आने वाली पीढिय़ों को उन महापुरुषों के जीवन से परिचित करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता लोगों को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व पर आयोजित होने वाले नगर कीर्तन व धार्मिक आयोजनों में शामिल होने का निमंत्रण देने के लिए प्रदेशभर के प्रमुख शहरों व कस्बों का दौरा करेंगे और इस आयोजन को बड़े स्तर पर मनाने के लिए लोगों से आग्रह करेंगे।
गीता जयंती समारोह से कुरुक्षेत्र का नाम हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण - इनेलो


गीता जयंती के नाम से कुरुक्षेत्र का नाम हटाए जाने की कड़ी आलोचना करते हुए इनेलो नेताओं ने कहा कि आज प्रदेश के खजाने को मुख्यमंत्री अपनी निजी छवि चमकाने के लिए लुटाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो प्रमुख चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने सबसे पहले गीता जयंती कुरुक्षेत्र उत्सव को शुरू करवाया था और उस समय उस कार्यक्रम में उप-राष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत से लेकर उप-प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी तक कार्यक्रम में आए थे और हर साल इसी नाम से ही कार्यक्रम आयोजित होते थे। उन्होंने कहा कि अब सरकार द्वारा अगर एक मंदिर को सजाने के लिए 30 लाख रुपए के फूल मंगाए जा रहे हैं तो कुरुक्षेत्र के सभी मंदिरों के लिए कितने करोड़ों के फूल आएंगे और अगर पूरा साल मंदिरों को उसी तरह सजाना हो तो कितना पैसा खर्च होगा। उन्होंने इससे पहले स्वर्ण जयंती के नाम पर भी प्रदेश का 1700 करोड़ रुपए बर्बाद करने का सीएम पर आरोप लगाया।
सभी सांसदों, विधायकों व राजनीतिक दलों को जलयुद्ध में शामिल होने के लिए अभय चौटाला लिखेंगे पत्र


चंडीगढ़,  6 दिसम्बर: इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने एसवाईएल को लेकर राजनीति करने व भ्रामक प्रचार करने वाले नेताओं को आड़े हाथों लिया है। इनेलो नेताओं ने कहा कि एसवाईएल को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ पहले ही अपना फैसला सुना चुकी है और अब मामले को लटकाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के साथ-साथ कांग्रेस व भाजपा के नेता मात्र मीडिया के सवालों से बचने के लिए ऐसा भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। इनेलो नेताओं ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा 15 तारीख को एसवाईएल पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई का बहाना बनाकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता नहर निर्माण में इसलिए अड़चन लगा रहे हैं कि कहीं पंजाब में कांग्रेस कमजोर न हो जाए। उन्होंने कहा कि अगर हुड्डा जैसे नेता वास्तव में हरियाणा का हित चाहते हैं तो उन्हें तुरंत इस्तीफा देकर 23 फरवरी से शुरू होने वाले जलयुद्ध में शामिल होना चाहिए और नहर खुदाई में प्रदेश के लोगों के साथ आगे आना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वे एसवाईएल को लेकर उनके द्वारा शुरू किए गए जलयुद्ध में शामिल होने के लिए प्रदेश के सभी सांसदों व विधायकों को पत्र लिखेंगे और उनसे आग्रह करेंगे कि वे अपने-अपने आलाकमान पर दबाव डालकर एसवाईएल का निर्माण पूरा करवाने के लिए तुरंत कदम उठाएं और उनकी पार्टियों के पंजाब के जो नेता एसवाईएल का विरोध कर रहे हैं उन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपने-अपने आलाकमान पर दबाव डालें। इनेलो नेता ने कहा कि वे अपने पत्र की प्रतियां प्रदेश के सभी प्रमुख दलों के साथ-साथ राजनीतिक संगठनों को भी भेजेंगे और उनसे प्रदेश में एसवाईएल का पानी लाने के लिए 23 फरवरी को जलयुद्ध में शामिल होने का आग्रह करेंगे। इनेलो नेता ने कहा कि हरियाणा कांग्रेस के नेता एसवाईएल पर अगर सोनिया गांधी को सही वस्तुस्थिति से अवगत करवाने में असमर्थ हैं तो वे उनके साथ सोनिया को समझाने के लिए भी जा सकते हैं कि एसवाईएल का पानी उनकी सास व पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी ने हरियाणा को दिया था और इस फैसले का विरोध करने वाले पंजाब के कांग्रेसियों के खिलाफ व कार्रवाई करें।
इनेलो नेताओं ने पंजाब के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब के जो राजनेता हरियाणा को एक बूंद भी पानी देने की बात करते हैं और आए दिन आंखें दिखाते हैं उन्हें हरियाणा के लोगों को कमजोर नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा के जवान देश की सीमा पर सबसे ज्यादा कुर्बानियां देते हैं और बेहद स्वाभिमानी लोग हैं। उन्हें बड़े फैसले लेने के लिए मजबूर न किया जाए क्योंकि दिल्ली व पंजाब से बाहर जाने के रास्ते सिर्फ और सिर्फ हरियाणा से होकर गुजरते हैं और हरियाणा के लोगों को अगर अपने हितों के लिए दिल्ली व पंजाब के रास्ते बंद करने जैसे फैसलों पर सोचना पड़ा तो वे ऐसे कड़े फैसले भी ले सकते हैं। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री को बेहद कमजोर मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि तीन हफ्तों से सीएम एसवाईएल के मामले पर प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगने की बात कह रहे हैं लेकिन आज तक उन्हें मिलने का समय तक नहीं मिल पाया। 


बाबा साहब ने एक सभ्य समाज के निर्माण में अपना अहम योगदान दिया- डॉ सत्यनारायण


हिसार, 6 दिसम्बर : डॉ भीम राव अम्बेडकर के महान कार्यो व अथक प्रयासों से ही समाज में आज एकरूपता देखने को मिल रही है। जन नायक चौधरी देवीलाल भी बाबा साहब अम्बेडकर के कार्यो व प्रयासों से काफी प्रभावित थे। यह बात डॉ भीम राव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर चौधरी देवी लाल सदन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इनेलो अनुसूचित प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष डॉ सत्य नारायण मंगाली ने कही।
इस मौके पर इनेलो अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ मंगाली ने कहा कि डॉ भीम राव अम्बेडकर के द्वारा बताई गयी तीन बातें आज भी समाज के सभी लोगों के लिए बड़ी महत्वपूर्ण है। डॉ अम्बेडकर ने समाज के लोगो से संगठित रहो, शिक्षित रहो, संघर्ष करो का आह्वान किया था। पूर्व उप प्रधान मंत्री चौधरी देवीलाल के मन में डॉ आंबेडकर के प्रति अगाढ़ श्रद्धा थी। जब 1989 में उनके प्रयासों से केंद्र में जनता दल की सरकार बनी तो उन्होंने देश के प्रथम कानून मंत्री , संविधान निर्माण में अहम योगदान देने वाले व कमेरे वर्ग के हितों की रक्षा करने वाले भारत माता के महान सपूत को भारत रत्न देने के लिये प्रयास किया। उन्ही के प्रयासों से 1990 में देश के कमेरे वर्ग के लोगों की चिर परिचित मांग को पूरा करते हुए भारत रत्न के असली हकदार को भारत रत्न दिलवाया। इस मौके पर बहादुर सिंह नायक, डॉ उमेद खन्ना, शंकर गहलोत, मुकेश डुलक्च, जय भगवान इंदौरा, सतबीर मुंगेरिया, गोधू राम नायक रवि बंजारा सहित बहुत से कार्यकर्ता उपस्थित थे।
प्रकाश सिंह कमेटी के खिलाफ सांसद दुष्यंत चौटाला पहुंचे कोर्ट

हिसार, 5 दिसंबर : हिसार से इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने जाट आरक्षण की जांच के लिए गठित की गई प्रकाश सिंह कमेटी के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कमेटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में झूठा नाम शामिल करने के आरोप में कमेटी के प्रमुख प्रकाश सिंह, तात्कालिक डीजीपी (क्राइम) केपी सिंह सहित हरियाणा सरकार के अतिरिक्ति मुख्य सचिव विजय वर्धन के खिलाफ मानहानि का दावा किया है। इस मामले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट 10 फरवरी को सुनवाई करेगी।
 अदालत में किए दावे में सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि जाट आरक्षण के दौरान प्रदेश भर में हुई घटनाओं की जांच के लिए सरकार ने प्रकाश सिंह कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी द्वारा 13 मई 2016 को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में फ्यूल टू फायर नामक चैप्टर नंंबर 4 के पैरा नंबर 3 में इनेलो सांसद सांसद दुष्यंत चौटाला का नाम जोड़ा गया था। इस रिपोर्ट में दुष्यंत चौटाला के एक बयान का हवाला दिया गया है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिस कथित बयान और कार्यक्रम का जिक्र किया गया है, उस तर ह का उन्होंने न तो कोई बयान दिया और न ही वह किसी प्रकार के कार्यक्रम में शामिल हुए। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि वह इस अवधि के दौरान वह देश में नहीं थे बल्कि विदेश मे थे। इतना ही नहीं इस बयान को लेकर सांसद दुष्यंत चौटाला का न तो पक्ष जाना गया और न ही इस बारे में सूचित किया गया। सांसद दुष्यंत चौटाला का कहना है कि प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट में उनका नाम राजनैतिक द्वेष के चलते उन्हें बदनाम करने के लिए जोड़ा गया। इससे उनकी मानहानि हुई है। कोर्ट ने सांसद दुष्यंत चौटाला की मानहानि की याचिका स्वीकार कर ली है और सुनवाई के लिए 10 फरवरी निर्धारित की है।